भीलवाड़ा शहर में लगातार बढ़ते तापमान और नौतपा की भीषण गर्मी के असर को देखते हुए नगर निगम ने आम जनता को राहत पहुँचाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे, नगर निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर दमकल वाहनों से पानी का छिड़काव कराया। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच किए गए इस छिड़काव से राहगीरों, दुकानदारों और बाजार में आने वाले लोगों को काफी राहत महसूस हुई। नगर निगम की टीम ने शहर के मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। दोपहर के समय सड़कें अत्यधिक गर्म होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा था, ऐसे में सड़क पर पानी डालने से वातावरण में ठंडक बनी और गर्मी का असर कुछ कम हुआ। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर आमजन को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने निगम की इस पहल की सराहना करते हुए इसे गर्मी से राहत दिलाने वाला एक सकारात्मक कदम बताया।
भीलवाड़ा शहर में लगातार बढ़ते तापमान और नौतपा की भीषण गर्मी के असर को देखते हुए नगर निगम ने आम जनता को राहत पहुँचाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे, नगर निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर दमकल वाहनों से पानी का छिड़काव कराया। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच किए गए इस छिड़काव से राहगीरों, दुकानदारों और बाजार में आने वाले लोगों को काफी राहत महसूस हुई। नगर निगम की टीम ने शहर के मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। दोपहर के समय सड़कें अत्यधिक गर्म होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा था, ऐसे में सड़क पर पानी डालने से वातावरण में ठंडक बनी और गर्मी का असर कुछ कम हुआ। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर आमजन को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने निगम की इस पहल की सराहना करते हुए इसे गर्मी से राहत दिलाने वाला एक सकारात्मक कदम बताया।
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में महलों के चौक स्थित राजमहल का ऐतिहासिक मुख्य द्वार कल रात आए तेज अंधड़ और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। यह दरवाजा नीचे से टूटकर सड़क पर टिका हुआ है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। यह परिसर संवेदनशील है क्योंकि इसके अंदर एक बैंक, उप जेल और नगर पालिका का पुराना कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इसके अतिरिक्त, यहां सुबह की सब्जी मंडी और दो विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिसके चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का यहां से आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस क्षतिग्रस्त दरवाजे की तत्काल मरम्मत कर इस धरोहर को संरक्षित करने की मांग की है।1
- भीलवाड़ा में नौतपा के अवसर पर भेरुनाथ मंदिर में पंच धुना अग्नि तप का आरंभ हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान के शुरू होते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।1
- 30 मई 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है, जिसके चलते व्यापक स्तर पर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इस मौसमी आपदा के कारण कई जगहों पर बिजली गुल होने की संभावना है, साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुँच सकता है। तूफान की वर्तमान स्थिति और उसकी तीव्रता को देखते हुए, यह संभावना नहीं दिख रही कि यह शांतिपूर्वक थम जाएगा। इसी बीच, राजस्थान के भीलवाड़ा में भी बारिश के साथ तेज तूफान आया है, जिसने राज्य के कुछ जिलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।1
- भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ क्षेत्र के नवलपुरा के निकट स्थित अनवासा बांध में रातों-रात हज़ारों की संख्या में मछलियां मृत मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बांध के पानी में विषाक्त पदार्थ मिलाया गया है, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई है। इस गंभीर मामले को लेकर पर्यावरण सारथी संस्थान ने मांडलगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संस्थान के सचिव, एडवोकेट परबत सिंह शक्तावत ने बताया कि अनवासा बांध का पानी सैकड़ों लोग रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं, वहीं हज़ारों पशु भी यहां पानी पीने आते हैं। ऐसे में पानी में ज़हरीला पदार्थ मिलाना मानव जीवन और पशुओं दोनों के लिए एक गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। संस्थान ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, मृत मछलियों की चिकित्सीय जांच करवाने और पूरे मामले की ज़िला स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर बांध के पानी की जांच करवाने और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।1
- भीलवाड़ा शहर में लगातार बढ़ते तापमान और नौतपा की भीषण गर्मी के असर को देखते हुए नगर निगम ने आम जनता को राहत पहुँचाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे, नगर निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर दमकल वाहनों से पानी का छिड़काव कराया। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच किए गए इस छिड़काव से राहगीरों, दुकानदारों और बाजार में आने वाले लोगों को काफी राहत महसूस हुई। नगर निगम की टीम ने शहर के मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। दोपहर के समय सड़कें अत्यधिक गर्म होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा था, ऐसे में सड़क पर पानी डालने से वातावरण में ठंडक बनी और गर्मी का असर कुछ कम हुआ। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर आमजन को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने निगम की इस पहल की सराहना करते हुए इसे गर्मी से राहत दिलाने वाला एक सकारात्मक कदम बताया।1
- शाहपुरा में 'जिला बहाल करो संघर्ष समिति' का आंदोलन पिछले एक साल पांच महीने से लगातार जारी है, जिसमें शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है। 28 मई को ईद के राजकीय अवकाश के कारण, 29 मई को सुबह 10:15 बजे उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति के सदस्यों, अधिवक्ताओं और आमजन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान 'शाहपुरा जिला बहाल करो' के नारे लगाते हुए नारेबाजी की गई। संघर्ष समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के तहत शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा और संयोजक रामप्रसाद के नेतृत्व में शाहपुरा को जिला बहाल करने की मांग का बारहवां स्मरण पत्र शाहपुरा के उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम सौंपा गया। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को शाहपुरा को वापस जिला बनाने के लिए किए गए वादे की याद दिलाई गई। समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने बताया कि एक साल पहले जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था। हालांकि, इस आश्वासन को बारह महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया है, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश है। 28 दिसंबर, 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता हर महीने की 28 तारीख को 'ब्लैक डे' मनाती आ रही है। संयोजक रामप्रसाद जाट ने सरकार से शाहपुरा की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द जिले का दर्जा बहाल करने की अपील की। इस मौके पर जिला बहाल करो संघर्ष समिति के सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक और हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डे और अजय मेहता, उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी, कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा, सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक, सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू, संघर्ष समिति सदस्य रामेश्वर लाल धाकड़, रमेशचंद्र मालू, मदनलाल कंडारा, सुनील मिश्रा, महावीर कुमावत, जगदीशचंद्र जाट, रामचंद्र नायक, रामरतन धाकड़, शंकर लाल खटीक, सुनील पाराशर, अरुण राव, राजू, अभय गुर्जर, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा और अनिल शर्मा, तथा अधिवक्ता नमन ओझा, अंकित शर्मा, वीरेंद्र पत्रिया, राहुल पारीक, मधुसूदन शर्मा, अखिल व्यास और निखिल व्यास सहित कई सदस्य एवं शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।2
- एक माँ अपनी बेटी को मर्यादा का पाठ पढ़ा रही है, जिसके साथ यह संदेश दिया गया है कि बच्चों को संस्कार बचपन में ही दिए जाने चाहिए।1
- भीलवाड़ा में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शहर की सड़कें मानो आग उगल रही हैं। दोपहर के समय स्थिति ऐसी हो जाती है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है, जिससे गर्मी और लू से आमजन खासे परेशान हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए, नगर निगम भीलवाड़ा ने लोगों को राहत पहुँचाने के प्रयास शुरू किए हैं। इसी क्रम में, नगर निगम के निर्देश पर फायर ब्रिगेड के माध्यम से शहर की प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया गया। फायर ब्रिगेड की 10 हजार लीटर क्षमता वाली गाड़ी ने सिटी कंट्रोल रूम-रेलवे स्टेशन चौराहे से सूचना केंद्र चौराहे तक सड़क पर पानी डाला, जिससे गर्म सड़कें कुछ हद तक ठंडी हुईं और राहगीरों व वाहन चालकों को काफी राहत महसूस हुई।1