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देश के जाने-माने उद्योगपति अनंत अंबानी हाल ही में छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम पहुँचे। यहाँ उन्होंने बागेश्वर बालाजी सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
Sitaram rai
देश के जाने-माने उद्योगपति अनंत अंबानी हाल ही में छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम पहुँचे। यहाँ उन्होंने बागेश्वर बालाजी सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
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- बारिश के मौसम में अधूरी पड़ी एक पुलिया पन्ना जिले में बच्चों की शिक्षा के लिए बड़ी बाधा और उनके जीवन के लिए एक गंभीर सुरक्षा जोखिम बन गई है। इस समस्या के चलते छोटे बच्चे स्कूल या आंगनबाड़ी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनके पोषण और भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। यह स्थिति वास्तव में चिंताजनक है। इस गंभीर समस्या के त्वरित समाधान के लिए ग्रामीण और अभिभावक एकजुट होकर कदम उठा सकते हैं। उन्हें तत्काल 'बाल सुरक्षा' को आधार बनाकर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार की 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करते समय स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि अधूरी पुलिया के कारण स्कूली बच्चों और गर्भवती महिलाओं की जान को खतरा है। ऐसी शिकायतों को उच्च प्राथमिकता पर लिया जाता है। साथ ही, ग्रामीणों का एक समूह, जिसमें विशेषकर महिलाएं और अभिभावक शामिल हों, हर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर होने वाली कलेक्टर जनसुनवाई में जाएं। वहां अधूरी पुलिया की तस्वीरें दिखाकर तुरंत काम शुरू करने या एक वैकल्पिक सुरक्षित रास्ता बनाने की मांग की जाए। जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों पर दबाव बनाना भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों को यह पता लगाना चाहिए कि पुलिया किस विभाग (जैसे लोक निर्माण विभाग PWD, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा RES, या ग्राम पंचायत) के अंतर्गत आती है, और फिर उन पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाना चाहिए। जनपद पंचायत के CEO या संबंधित विभाग के इंजीनियर को लिखित शिकायत सौंपी जाए। स्थानीय सरपंच और सचिव से भी यह कहा जाए कि जब तक पक्की पुलिया नहीं बन जाती, तब तक बच्चों के निकलने के लिए मिट्टी-मुरम डलवाकर या पाइप डालकर एक अस्थायी सुरक्षित रास्ता तुरंत तैयार करवाया जाए। इसके अतिरिक्त, स्कूल के प्रधानाध्यापक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी इस संबंध में एक लिखित रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारियों (जैसे बीआरसी BRC, डीपीसी DPC या महिला बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर) को भेजने के लिए कहा जाना चाहिए। जब यह बात विभागीय रिकॉर्ड में आएगी कि रास्ते के अवरुद्ध होने के कारण बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है, तो प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई में तेजी आएगी। जब तक प्रशासन कोई स्थायी कदम नहीं उठाता, तब तक ग्रामीण स्तर पर भी तात्कालिक सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं। गांव के कुछ युवाओं या पंचों को सुबह और दोपहर (बच्चों के स्कूल आने-जाने के समय) अधूरी पुलिया के पास मौजूद रहना चाहिए, ताकि छोटे बच्चों को हाथ पकड़कर सुरक्षित रूप से नाला या रास्ता पार कराया जा सके।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी की तरफ से एक बधाई संदेश जारी किया गया है। यह बधाई पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेन्द्र राय द्वारा दी गई है।1
- सतना बेला मार्ग पर स्थित बगहा में रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के मरम्मत का कार्य प्रगति पर है। इस दौरान आरओबी के एक्सपेंशन ज्वाइंट को बदलने का काम किया जा रहा है। वाहनों के सुविधाजनक और सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए, मरम्मत अवधि के दौरान एक वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग का निर्माण किया गया है।1
- ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से आधुनिक दुग्ध संग्रह केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। इन नए केंद्रों के माध्यम से दूध की गुणवत्ता की जाँच, डिजिटल रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था और एक संगठित संग्रह प्रणाली किसानों तथा दुग्ध उत्पादकों को प्रदान की जाएगी। ऐसी उम्मीद है कि इन उन्नत सुविधाओं से उत्पादकों को बेहतर लाभ मिलेगा। डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है, और इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।1
- सतना के बिरसिंहपुर में स्थित न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल अपने बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने की तलाश कर रहे अभिभावकों के लिए एक समाधान प्रस्तुत करता है। हाल ही में एक वीडियो के माध्यम से विद्यालय का पूरा परिसर दौरा कराया गया है, जिसमें इसकी आधुनिक सुविधाओं और शैक्षिक वातावरण को उजागर किया गया है। इस दौरे में विद्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार, आधुनिक एवं आकर्षक कक्षाएँ, सुव्यवस्थित कार्यालय, स्मार्ट लर्निंग एन्वॉयरनमेंट, कंप्यूटर एवं एक्टिविटी एरिया, और स्वच्छ व सुरक्षित वॉशरूम जैसी सुविधाएँ शामिल थीं। इसके साथ ही, खेल और अन्य सुविधाएँ भी विद्यालय परिसर में उपलब्ध हैं। न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल LKG से लेकर 8वीं कक्षा तक के बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है। विद्यालय का घोषित उद्देश्य केवल पढ़ाई कराना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक बेहतर इंसान और उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करना है, जिसे उनके आदर्श वाक्य "आज की बेहतर शिक्षा, कल का उज्ज्वल भविष्य" में दर्शाया गया है। अधिक जानकारी एवं प्रवेश संबंधी पूछताछ के लिए अभिभावक 9109050582 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- देश के जाने-माने उद्योगपति अनंत अंबानी हाल ही में छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम पहुँचे। यहाँ उन्होंने बागेश्वर बालाजी सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- पन्ना जिले के पुरैना स्थित जेके सीमेंट प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलना और बढ़ती बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा बन गया है। जब भी कोई बड़ा औद्योगिक प्लांट स्थापित होता है, तो स्थानीय विस्थापितों और युवाओं की यह पहली और उचित मांग होती है कि उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए। स्थानीय बेरोजगार युवा, जो अपने हक और रोजगार के लिए आवाज़ उठाना चाहते हैं, उन्हें रणनीतिक और शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी मांगें प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के सामने रखने की सलाह दी गई है। इसके तहत, अकेले आवाज उठाने के बजाय क्षेत्र के सभी बेरोजगार युवाओं, आईटीआई, डिप्लोमा और डिग्री धारकों को संगठित होकर 'रोजगार मंच' या 'युवा मोर्चा' बनाने का सुझाव है। संख्या बढ़ने पर कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को बात सुनने पर मजबूर होना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं को क्षेत्र के विधायक, सांसद और जनपद/जिला पंचायत सदस्यों जैसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपनी समस्या बतानी चाहिए, ताकि वे विधानसभा या जिला स्तर की बैठकों में कंपनी द्वारा सीएसआर और स्थानीय रोजगार नियमों का पालन न करने का मुद्दा उठा सकें। युवाओं का एक प्रतिनिधिमंडल पन्ना कलेक्टर या स्थानीय एसडीएम को एक औपचारिक ज्ञापन भी सौंप सकता है। इस ज्ञापन में मुख्य मांगें शामिल होनी चाहिए, जैसे प्लांट में कुल कर्मचारियों में कम से कम 70-80% स्थानीय युवाओं (विशेषकर पन्ना जिले के) को रोजगार मिले, अकुशल और अर्ध-कुशल कार्यों में पूरी तरह स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, और स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि वे प्लांट की तकनीकी नौकरियों के योग्य बन सकें। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो प्लांट के गेट के बाहर या जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन या क्रमिक अनशन की रूपरेखा बनाई जा सकती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रदर्शन पूरी तरह कानूनी और शांतिपूर्ण हो। डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए, युवाओं को सोशल मीडिया (X/ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब) पर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाना चाहिए, वीडियो पोस्ट करके मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Madhya Pradesh), श्रम मंत्री और पन्ना प्रशासन को टैग करना चाहिए। एक महत्वपूर्ण सुझाव यह भी दिया गया है कि युवाओं को अपनी शैक्षणिक योग्यताओं (जैसे आईटीआई, वेल्डर, फिटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, या साधारण स्नातक) की एक सूची (डेटाबेस) तैयार रखनी चाहिए, जिससे प्रबंधन से बातचीत के दौरान वे ठोस आंकड़ों के साथ योग्य युवाओं की उपलब्धता दर्शा सकें।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने नगर निगम पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी ने व्यंग्यात्मक ढंग से कहा कि नगर निगम ने 'बिना होल खोले ही सफाई करने का अविष्कार' किया है, और इस 'अविष्कार' के लिए उन्हें इनाम दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने ऐसा करके 'भारत देश का नाम रोशन' करने का कार्य किया है। पार्टी ने इस स्थिति को 'भ्रष्टाचार का सुन्दर नमूना' बताया। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी सरकार होती, तो नगर निगम के इस 'कार्य' के लिए इनाम के तौर पर 'जेल का टिकट' दिया जाता।1
- अजयगढ़ को बरियारपुर कुर्मियान से जोड़ने वाला गड़डपुर पुल पिछले एक वर्ष से टूटा पड़ा है। पिछले साल भारी बारिश में क्षतिग्रस्त हुए इस पुल की अब तक मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं हो सका है, जिसके कारण बरसात शुरू होते ही पुल पर आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है और जलस्तर बढ़ने पर लोगों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि फरवरी माह में इसी पुल से गिरने के कारण एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत भी हो चुकी है, लेकिन इस हादसे के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायतें की गईं, मगर हर बार केवल कोरा आश्वासन ही मिला। बरसात के मौसम में यह टूटा पुल किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है। ग्रामीणों ने पन्ना कलेक्टर और स्थानीय विधायक से तत्काल पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1