रूपबास कस्बे के रेलवे स्टेशन स्थित देवी मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शनिवार को भव्य पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। यह पवित्र भागवत कथा 14 जून तक श्रद्धा और धूमधाम से चली। कथा के अंतिम दिन विधि-विधान से हवन की सभी क्रियाएं संपन्न की गईं, जहाँ मुख्य आचार्यों ने वेदमंत्रों का उच्चारण करते हुए हवन कुंड में विशेष आहुतियां दिलवाईं। इसके बाद विश्व कल्याण के लिए पूर्णाहुति दी गई। इस ज्ञान यज्ञ में कथावाचक विक्रम सिंह ने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। इस दौरान परीक्षित महंत राजगीरी भी उपस्थित रहे और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजकों ने बताया कि कथा और महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य समाज में सुख-शांति स्थापित करना, मन को शुद्ध करना और पर्यावरण को पवित्र बनाना था। उनका कहना था कि श्रीमद्भागवत कथा व्यक्ति को मोह-माया त्यागकर सच्चा और शाश्वत जीवन जीने की प्रेरणा देती है। यज्ञ के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर ओम प्रकाश शास्त्री, सुरेश चंद्र, रमेश चंद शर्मा, देवेंद्र गौड़, हरिशंकर शर्मा, ओमकार शुक्ला, मटोली राम शर्मा, उमेश कामवार, राकेश शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, बंटी शर्मा, उमा शर्मा, पार्वती, बबली, ज्योति, पुष्पा, प्रिया, गुंजन, राधा मित्तल, नीतू सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने सेवा कर पुण्य अर्जित किया।
रूपबास कस्बे के रेलवे स्टेशन स्थित देवी मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शनिवार को भव्य पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। यह पवित्र भागवत कथा 14 जून तक श्रद्धा और धूमधाम से चली। कथा के अंतिम दिन विधि-विधान से हवन की सभी क्रियाएं संपन्न की गईं, जहाँ मुख्य आचार्यों ने वेदमंत्रों का उच्चारण करते हुए हवन कुंड में विशेष आहुतियां दिलवाईं। इसके बाद विश्व कल्याण के लिए पूर्णाहुति दी गई। इस ज्ञान यज्ञ में कथावाचक विक्रम सिंह ने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। इस दौरान परीक्षित महंत राजगीरी भी उपस्थित रहे और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजकों ने बताया कि कथा और महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य समाज में सुख-शांति स्थापित करना, मन को शुद्ध करना और पर्यावरण को पवित्र बनाना था। उनका कहना था कि श्रीमद्भागवत कथा व्यक्ति को मोह-माया त्यागकर सच्चा और शाश्वत जीवन जीने की प्रेरणा देती है। यज्ञ के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर ओम प्रकाश शास्त्री, सुरेश चंद्र, रमेश चंद शर्मा, देवेंद्र गौड़, हरिशंकर शर्मा, ओमकार शुक्ला, मटोली राम शर्मा, उमेश कामवार, राकेश शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, बंटी शर्मा, उमा शर्मा, पार्वती, बबली, ज्योति, पुष्पा, प्रिया, गुंजन, राधा मित्तल, नीतू सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने सेवा कर पुण्य अर्जित किया।
- रूपबास कस्बे के रेलवे स्टेशन स्थित देवी मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शनिवार को भव्य पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। यह पवित्र भागवत कथा 14 जून तक श्रद्धा और धूमधाम से चली। कथा के अंतिम दिन विधि-विधान से हवन की सभी क्रियाएं संपन्न की गईं, जहाँ मुख्य आचार्यों ने वेदमंत्रों का उच्चारण करते हुए हवन कुंड में विशेष आहुतियां दिलवाईं। इसके बाद विश्व कल्याण के लिए पूर्णाहुति दी गई। इस ज्ञान यज्ञ में कथावाचक विक्रम सिंह ने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। इस दौरान परीक्षित महंत राजगीरी भी उपस्थित रहे और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजकों ने बताया कि कथा और महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य समाज में सुख-शांति स्थापित करना, मन को शुद्ध करना और पर्यावरण को पवित्र बनाना था। उनका कहना था कि श्रीमद्भागवत कथा व्यक्ति को मोह-माया त्यागकर सच्चा और शाश्वत जीवन जीने की प्रेरणा देती है। यज्ञ के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर ओम प्रकाश शास्त्री, सुरेश चंद्र, रमेश चंद शर्मा, देवेंद्र गौड़, हरिशंकर शर्मा, ओमकार शुक्ला, मटोली राम शर्मा, उमेश कामवार, राकेश शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, बंटी शर्मा, उमा शर्मा, पार्वती, बबली, ज्योति, पुष्पा, प्रिया, गुंजन, राधा मित्तल, नीतू सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने सेवा कर पुण्य अर्जित किया।1
- भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने अपने एक दिवसीय भरतपुर दौरे के दौरान कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए गहलोत के एक हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें पूनिया ने कहा कि गहलोत ने अपना बयान देकर देश और भाजपा दोनों पर उपकार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस में कुछ नेता अपने बयानों और आचरण से पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। डॉ. पूनिया ने गहलोत की बात में सच्चाई मानी कि यदि इंदिरा गांधी होतीं तो देश में आपातकाल जैसी परिस्थितियां देखने को मिलतीं, जहाँ लोगों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जाता, सेंसरशिप लागू होती और जनता की आस्था पर प्रहार होता। उन्होंने याद दिलाया कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू किया था, जिसके दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ और हजारों लोगों को जेल में डाल दिया गया। पूनिया ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस आज भले ही लोकतंत्र और संविधान की बात करती हो, लेकिन आपातकाल लगाने का इतिहास उसी का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था, और उस दौर की पीड़ा को उस समय की पीढ़ी अच्छी तरह जानती है जबकि नई पीढ़ी को इसकी जानकारी नहीं है। राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि अशोक गहलोत और कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 का सबसे अधिक दुरुपयोग किसने किया। पूनिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने 100 से अधिक बार अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर चुनी हुई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया है। उन्होंने निष्कर्ष के तौर पर कहा कि गहलोत के बयान से देश को एक बार फिर कांग्रेस के शासनकाल की उन घटनाओं की याद आ गई है, जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया था। पूनिया के अनुसार, जनता इतिहास को भूली नहीं है और कांग्रेस को लोकतंत्र पर उपदेश देने से पहले अपने अतीत पर भी नजर डालनी चाहिए।1
- धौलपुर जिले के कोलारी थाना क्षेत्र के कुरेन्ध ग्राम पंचायत अंतर्गत कुरेन्ध गाँव में स्थित धर्मशाला में किसी भी तरह का कोई काम या विकास कार्य नहीं हुआ है। शिकायत के अनुसार, इस धर्मशाला में अच्छी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण इसमें विवाह-शादी जैसे आयोजन भी नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय लोगों को धर्मशाला की इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- राजस्थान के लोहा सर गाँव में सड़क टूटी हुई है, जिसे बनवाने के लिए स्थानीय सरपंच द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। एक नागरिक ने सभी संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और सरपंच से बात करके सड़क का निर्माण करवाएँ। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाने और सड़क बनवाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम एक दर्दनाक रेल हादसे में चार लोगों की जान चली गई। उत्तर मध्य रेलवे के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने की अफवाह के बाद यात्रियों में अचानक दहशत फैल गई। इस अफरा-तफरी के माहौल में किसी यात्री द्वारा चेन पुलिंग कर ट्रेन को बीच ट्रैक पर रोक दिया गया और कई यात्री नीचे उतर गए। ट्रेन के रुकने पर कुछ यात्री पास की दूसरी रेल लाइन पर पहुँच गए, तभी तेज गति से आ रही फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन में मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा तेजी से फैली थी, जिससे यात्री घबरा गए, हालांकि मोबाइल फटने की घटना की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है, वहीं रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, रेलवे ने यात्रियों से अपील भी की है कि वे किसी भी स्थिति में बिना अनुमति ट्रेन से नीचे न उतरें और रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करें।1
- एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने उपखंडाधिकारी पर आरोप लगाया है कि उन्हें 10 बजे फोन पर सूचना दिए जाने के बावजूद भी वे ज्ञापन लेने के लिए नहीं रुके। यह आरोप वरिष्ठ कांग्रेसी नेता द्वारा खुद लगाए गए हैं।1
- जनपद प्रयागराज में शरीफ अहमद नामक व्यक्ति ने एक भूमाफिया अनिल कुमार चतुर्वेदी और अतीक अहमद गैंग से जुड़े लोगों पर उनकी पुश्तैनी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रार्थी शरीफ अहमद, जो ग्राम बीका उर्फ पूरामुफ्ती (पुरानी बाजार), थाना पूरामुफ्ती, जिला प्रयागराज के निवासी हैं, ने शिकायत की है कि उनकी आराजी संख्या 1209, रकबा 0.4570 हेक्टेयर की खाली पड़ी जमीन, जो ग्राम कटहुला (गौरानगर), परगना व तहसील सदर, थाना एयरपोर्ट, जिला प्रयागराज में स्थित है, पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पहले जब उन्होंने अपनी जमीन पर ईंट के छोटे खंभे देखे थे, तब उन्होंने थाना एयरपोर्ट में इसकी लिखित शिकायत की थी, जिसके बाद उन खंभों को हटा दिया गया था। हालांकि, दिनांक 03/07/2025 को जब वह अपनी जमीन दोबारा देखने गए, तो पाया कि पूरी जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर दी गई है और एक पक्का मकान भी बन गया है। जब उन्होंने मकान बनाने वाले व्यक्ति से उसका नाम पूछा, तो उसने मोबाइल से प्रार्थी की फोटो खींचनी शुरू कर दी और गाली देते हुए धमकी दी कि "भाग जाओ यहीं से नहीं तो इतना गाड़ूंगा की जमीन भूल जाओगे" तथा कहा कि उनके पक्ष में रजिस्ट्री कर दें। जब शरीफ अहमद ने इसका विरोध किया, तो उन लोगों ने उन्हें मारने के लिए पीछा किया और बताया कि वे अनिल कुमार चतुर्वेदी को नहीं जानते, जो प्लाटिंग करवा रहा है और जिसने उन्हें यह जमीन दी है। उन्होंने आगे धमकी दी कि अनिल कुमार चतुर्वेदी की "थाना पुलिस से लेकर सरकार तक" पहुंच है और वे शरीफ अहमद को "अतीक का करीबी" बताकर जेल भिजवा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रार्थी अपने भाइयों को लेकर उनके पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री/बैनामा नहीं करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्रार्थी इस घटना से दिनांक 17.12.2025 को बेहद व्यथित होकर श्रीमान जी से इस मामले में जांच कर जमीन कब्जा करने तथा अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है ताकि उनकी जमीन सुरक्षित रह सके।1
- एटा के जलेसर स्थित पटना पक्षी विहार में रविवार को कछवाहा महासभा की छमाही बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर वीर बहादुर सिंह कुशवाहा ने की, जबकि राष्ट्रीय महासचिव वासुदेव प्रसाद कुशवाहा ने इसका संचालन किया। बैठक का मुख्य जोर संगठन को मजबूत करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक एकजुटता स्थापित करने पर रहा। इस महत्वपूर्ण आयोजन में राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रामहेत कुशवाहा, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा, दिल्ली के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कुशवाहा, बिहार के अध्यक्ष अमन कुशवाहा, झारखंड के अध्यक्ष नंदकिशोर कुशवाहा सहित कई राज्यों के पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। दिल्ली के प्रशासनिक पदाधिकारी महेंद्र सिंह कुशवाहा, फिरोजाबाद से एडवोकेट रमेश चंद्र कुशवाहा, मैनपुरी से रमेश चंद्र कुशवाहा और राम प्रकाश कुशवाहा, आगरा से बिहारी सिंह कुशवाहा और मोहन कुशवाहा, गाजियाबाद से प्रकाश चंद कुशवाहा तथा गुड़गांव से डालचंद सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में सभी अतिथियों का माला और पटका पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान एटा के भीष्म पाल कुशवाहा ने संगठन का विस्तार करने की बात कही, वहीं इटावा की जिला अध्यक्ष अर्चना कुशवाहा ने संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। सासनी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्मेश कुशवाहा ने युवाओं की एक अलग टीम बनाने का सुझाव दिया। राष्ट्रीय महासचिव वासुदेव कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी पार्टी से टिकट मिलने पर संगठन के सदस्य को चुनाव लड़ना होगा और संगठन को उसका पूरा साथ देना होगा। बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि आगामी अक्टूबर माह में एक राष्ट्रीय महा अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।1