एक साल से भवन विहीन प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना, जर्जर बताकर गिराया, बनाना भूल गए टीन शेड के नीचे शिक्षा पाने को मजबूर नौनिहाल, बारिश में ठप हो रही पढ़ाई; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। सब पढ़ें, सब बढ़ें का ढोल पीटने वाला शिक्षा विभाग नौनिहालों को एक सुरक्षित छत तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। ब्लॉक पाल देवल के अंतर्गत ग्राम गरदुना (पीईईओ शिशोद) के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना की तस्वीर विभागीय उपेक्षा और बदहाली की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। करीब एक वर्ष पूर्व विद्यालय के पुराने भवन को जर्जर घोषित कर जमींदोज तो कर दिया गया, लेकिन आज साल बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। नतीजा यह है कि इस कड़कड़ाती ठंड, चिलचिलाती धूप और अब मूसलाधार बारिश के मौसम में मासूम बच्चे खुले आसमान और ग्रामीणों द्वारा अस्थाई रूप से लगाए गए टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। - सुरक्षा और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा वर्तमान में जारी मानसूनी बारिश ने मासूम विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। बारिश होते ही टीन शेड के नीचे पानी भर जाता है और बौछारें अंदर तक आती हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि टपकते टीन शेड और गीली जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने से बच्चों के बीमार पड़ने का लगातार खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, खुले वातावरण में विषैले जीव-जंतुओं के निकलने का डर भी हमेशा सताता रहता है। - कागजी दावों में उलझा नया भवन, ग्रामीणों में भारी रोष भवन गिराए जाने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही नया सुसज्जित भवन बनकर तैयार होगा, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण एक साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य को लेकर अब तक कोई ठोस बजटीय स्वीकृति या जमीनी कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग के इस अड़ियल और उदासीन रवैये को लेकर क्षेत्र के विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। - उग्र आंदोलन की चेतावनी समस्त ग्रामवासियों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा के नवीन भवन के निर्माण कार्य को अविलंब स्वीकृति प्रदान कर कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल मिल सके। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि विभाग ने शीघ्र ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो समस्त ग्रामीण सड़कों पर उतरकर तीव्र धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की स्थिति और प्रशासनिक अव्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।
एक साल से भवन विहीन प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना, जर्जर बताकर गिराया, बनाना भूल गए टीन शेड के नीचे शिक्षा पाने को मजबूर नौनिहाल, बारिश में ठप हो रही पढ़ाई; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। सब पढ़ें, सब बढ़ें का ढोल पीटने वाला शिक्षा विभाग नौनिहालों को एक सुरक्षित छत तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। ब्लॉक पाल देवल के अंतर्गत ग्राम गरदुना (पीईईओ शिशोद) के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना की तस्वीर विभागीय उपेक्षा और बदहाली की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। करीब एक वर्ष पूर्व विद्यालय के पुराने भवन को जर्जर घोषित कर जमींदोज तो कर दिया गया, लेकिन आज साल बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। नतीजा यह है कि इस कड़कड़ाती ठंड, चिलचिलाती धूप और अब मूसलाधार बारिश के मौसम में मासूम बच्चे खुले आसमान और ग्रामीणों द्वारा अस्थाई रूप से लगाए गए टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। - सुरक्षा और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा वर्तमान में जारी मानसूनी बारिश ने मासूम विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। बारिश होते ही टीन शेड के नीचे पानी भर जाता है और बौछारें अंदर तक आती हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि टपकते टीन शेड और गीली जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने से बच्चों के बीमार पड़ने का लगातार खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, खुले वातावरण में विषैले जीव-जंतुओं के निकलने का डर भी हमेशा सताता रहता है। - कागजी दावों में उलझा नया भवन, ग्रामीणों में भारी रोष भवन गिराए जाने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही नया सुसज्जित भवन बनकर तैयार होगा, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण एक साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य को लेकर अब तक कोई ठोस बजटीय स्वीकृति या जमीनी कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग के इस अड़ियल और उदासीन रवैये को लेकर क्षेत्र के विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। - उग्र आंदोलन की चेतावनी समस्त ग्रामवासियों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा के नवीन भवन के निर्माण कार्य को अविलंब स्वीकृति प्रदान कर कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल मिल सके। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि विभाग ने शीघ्र ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो समस्त ग्रामीण सड़कों पर उतरकर तीव्र धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की स्थिति और प्रशासनिक अव्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।
- एक साल से भवन विहीन प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना, जर्जर बताकर गिराया, बनाना भूल गए टीन शेड के नीचे शिक्षा पाने को मजबूर नौनिहाल, बारिश में ठप हो रही पढ़ाई; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। सब पढ़ें, सब बढ़ें का ढोल पीटने वाला शिक्षा विभाग नौनिहालों को एक सुरक्षित छत तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। ब्लॉक पाल देवल के अंतर्गत ग्राम गरदुना (पीईईओ शिशोद) के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना की तस्वीर विभागीय उपेक्षा और बदहाली की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। करीब एक वर्ष पूर्व विद्यालय के पुराने भवन को जर्जर घोषित कर जमींदोज तो कर दिया गया, लेकिन आज साल बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। नतीजा यह है कि इस कड़कड़ाती ठंड, चिलचिलाती धूप और अब मूसलाधार बारिश के मौसम में मासूम बच्चे खुले आसमान और ग्रामीणों द्वारा अस्थाई रूप से लगाए गए टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। - सुरक्षा और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा वर्तमान में जारी मानसूनी बारिश ने मासूम विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। बारिश होते ही टीन शेड के नीचे पानी भर जाता है और बौछारें अंदर तक आती हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि टपकते टीन शेड और गीली जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने से बच्चों के बीमार पड़ने का लगातार खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, खुले वातावरण में विषैले जीव-जंतुओं के निकलने का डर भी हमेशा सताता रहता है। - कागजी दावों में उलझा नया भवन, ग्रामीणों में भारी रोष भवन गिराए जाने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही नया सुसज्जित भवन बनकर तैयार होगा, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण एक साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य को लेकर अब तक कोई ठोस बजटीय स्वीकृति या जमीनी कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग के इस अड़ियल और उदासीन रवैये को लेकर क्षेत्र के विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। - उग्र आंदोलन की चेतावनी समस्त ग्रामवासियों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा के नवीन भवन के निर्माण कार्य को अविलंब स्वीकृति प्रदान कर कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल मिल सके। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि विभाग ने शीघ्र ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो समस्त ग्रामीण सड़कों पर उतरकर तीव्र धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की स्थिति और प्रशासनिक अव्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 टीएडी एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी एक दिवसीय जिले के दौरे पर दोवड़ा में आयोजित जिला स्तरीय वनमहोत्सव कार्यक्रम में की शिरकत। भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 टीएडी एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी एक दिवसीय जिले के दौरे पर दोवड़ा में आयोजित जिला स्तरीय वनमहोत्सव कार्यक्रम में की शिरकत। ग्राम पंचायत दोवड़ा में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव में पंच गौरव के तहत लगी प्रदर्शनी का किया अवलोकन, पर्यावरण के संरक्षण के लिए उत्कर्ष कार्य करने वाले वन मित्र को प्रशस्ति पत्र देकर किया प्रोत्साहित कार्यक्रम में जिला प्रभारी एवं टीएडी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्षों के संरक्षण एवं अधिकाधिक पौधारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इनसे हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन), लकड़ी, औषधियां सहित अनेक आवश्यक संसाधन प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत की राम जी योजना’ के तहत किए जाने वाले कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएंगे तथा सभी लाभार्थियों को भुगतान ऑनलाइन माध्यम से उनके खातों में किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ‘पांच गौरव योजना’ के तहत राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आमजन को विभिन्न विकास कार्यों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। आम का पौधा लगाकर दिया हरियालो राजस्थान एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान, उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता, समाज सेवी अशोक पटेल राणोली, पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ समाजसेवी बंसीलाल कटरा, समाजसेवी हंसमुख पंड्या, शांतिलाल पंड्या, प्रभु पंड्या, सुरेश फैलेजिया, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनू कुमार गुर्जर, पंचायत समिति दोवड़ा ब्लॉक विकास अधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।2
- किशोर-किशोरी युवा दिवस पर 93 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच एवं एनीमिया स्क्रीनिंग किशोर किशोरी युवा दिवस कार्यक्रम राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बथड़ी में आज क्लास छठी से आठवीं तक के छात्र व छात्राओं का स्वास्थ्य जांच करते हुए स्क्रीनिंग हुई जिसमें हेल्थ वेलनेस सेंटर सेCHO जन्मेय डामोर एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रीति भट्ट जिनके द्वारा 93 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई जिनमें सामान्य से कम हीमोग्लोबिन होने पर उन्हें नीली ब्लू टैबलेट खाना खाने के पश्चात खिलाते हुए विद्यालय में नीली ब्लू टैबलेट संख्या (450)अध्यापकों को दी गई जिसे सप्ताह में एक बार खाना खाने के पश्चात खिलाने को बताया गया साथी स्वास्थ को और भी बेहतर करने के लिए खाने में मौसम अनुसार हरी सब्जियां एवं फलों का साथ ही अंकुरित दालों का सेवन करने को कहा गया इस प्रकार इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य दिग्पाल सिंह चौहान, मंगल राम पारगी और अन्य अध्यापकों द्वारा भी इस कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग दिया गया.1
- डूंगरपुर में झमाझम बारिश से बदला मौसम, सीमलवाड़ा में दिनभर बरसे बादल काले बादलों ने दिन में कर दिया रात जैसा एहसास, सड़कें जलमग्न; गलियाकोट में 43 एमएम बारिश, किसानों को बांध-तालाबों में पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद डूंगरपुर। जिले में बुधवार को सुबह से ही मौसम ने करवट ली और बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह दिन खुलने के साथ रिमझिम फुहारें शुरू हुईं, जिसके बाद करीब 7 बजे से बारिश ने जोर पकड़ लिया। दोपहर तक जिले के कई हिस्सों में रुक-रुककर हल्की से तेज बारिश होती रही। आसमान में दिनभर घने काले बादल छाए रहने से कई इलाकों में दिन में भी अंधेरा छाया रहा। बारिश के कारण सड़कें पानी से लबालब हो गईं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सीमलवाड़ा में दिनभर चलता रहा बारिश का दौर सीमलवाड़ा क्षेत्र में बुधवार को सुबह से लेकर दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होने से मौसम पूरी तरह बदल गया। लगातार बारिश के कारण कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर जगह-जगह पानी जमा हो गया। बारिश के बीच बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम नजर आई। हालांकि, गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से बड़ी राहत मिली। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहने और बारिश के चलते मौसम सुहावना बना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लगातार बारिश से क्षेत्र के तालाबों, नालों और छोटे जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने जारी किया था येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को डूंगरपुर जिले के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था। अलर्ट के बीच सुबह से ही जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। कई इलाकों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बारिश हुई। बारिश का दौर रुक-रुककर जारी रहने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। गलियाकोट में सर्वाधिक 43 एमएम बारिश जिले में बुधवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान सर्वाधिक 43 एमएम बारिश गलियाकोट में दर्ज की गई। इसके अलावा सागवाड़ा में 22 एमएम, चिखली में 19 एमएम, धंबोला में 18 एमएम और निठाउवा में 11 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर भी बारिश का असर दिखाई दिया। उमस से मिली राहत, मौसम हुआ सुहावना लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने के साथ ही लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। सुबह से बादलों के छाए रहने और बारिश होने के कारण मौसम सुहावना हो गया। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। जलस्रोतों में बढ़ेगी पानी की आवक जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से तालाबों और बांधों में पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का पानी खेतों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा तो क्षेत्र के जलस्रोतों में पर्याप्त पानी जमा हो सकेगा। फिलहाल जिले के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर हल्की से तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम के बदले मिजाज ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं अच्छी बारिश की उम्मीद से किसानों में भी उत्साह है।1
- टीएडी एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी एक दिवसीय जिले के दौरे पर वन महोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया टीएडी एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी एक दिवसीय जिले के दौरे पर पंचायत समिति दोवड़ा की ग्राम पंचायत दोवड़ा में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में की शिरकत। ग्राम पंचायत दोवड़ा में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव में पंच गौरव के तहत लगी प्रदर्शनी का किया अवलोकन, पर्यावरण के संरक्षण के लिए उत्कर्ष कार्य करने वाले वन मित्र को प्रशस्ति पत्र देकर किया प्रोत्साहित कार्यक्रम में जिला प्रभारी एवं टीएडी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्षों के संरक्षण एवं अधिकाधिक पौधारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इनसे हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन), लकड़ी, औषधियां सहित अनेक आवश्यक संसाधन प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत की राम जी योजना’ के तहत किए जाने वाले कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएंगे तथा सभी लाभार्थियों को भुगतान ऑनलाइन माध्यम से उनके खातों में किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ‘पांच गौरव योजना’ के तहत राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आमजन को विभिन्न विकास कार्यों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। आम का पौधा लगाकर दिया हरियालो राजस्थान एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान, उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता, समाज सेवी अशोक पटेल राणोली, पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ समाजसेवी बंसीलाल कटरा, समाजसेवी हंसमुख पंड्या, शांतिलाल पंड्या, प्रभु पंड्या, सुरेश फैलेजिया, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनू कुमार गुर्जर, पंचायत समिति दोवड़ा ब्लॉक विकास अधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।1
- हरियाली अमावस्या पर खंडेश्वर महादेव को चढ़ाई ध्वजा हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्री पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज की ओर से बुधवार को सीमलवाड़ा हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्री पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज की ओर से बुधवार को सीमलवाड़ा से खांडिया खंडेश्वर महादेव मंदिर तक धार्मिक यात्रा निकाली गई। समाज के महिला-पुरुष एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंदिर पहुंचकर समाजजनों ने भगवान खंडेश्वर महादेव को ध्वजा चढ़ाई तथा भजन-कीर्तन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान देवेंद्र दर्जी, मोहनलाल दर्जी, सागरमल दर्जी, सुखलाल दर्जी, शंकरलाल दर्जी, मांगीलाल दर्जी, सुनील, हेमंत, पवन, गोपाल, नितेश, दिनेश, हार्दिक, राजा एवं कुंदन सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।2
- मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन बारिश में बाइक रैली निकाल कलेक्ट्रेट पर की नारेबाजी, मानगढ़ की ऐतिहासिक उपेक्षा का लगाया आरोप संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। राजस्थान के जलियांवाला बाग के नाम से विख्यात ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर बुधवार को शहर में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर में बाइक रैली निकाली। बारिश के बीच यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा दिए गए कथित बयान के विरोध में उनका पुतला दहन कर रोष जताया गया। बुधवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से बड़ी संख्या में बाइक पर सवार होकर रैली रवाना हुई। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। - राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा देने की उठी मांग प्रदर्शन के दौरान विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि मानगढ़ धाम आदिवासी समाज की आस्था और अमर बलिदान का प्रतीक है, जहाँ गुरु गोविंद गिरी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सैकड़ों आदिवासियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग से भी बड़े इस ऐतिहासिक नरसंहार स्थल को अब तक राष्ट्रीय स्मारक घोषित न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को अविलंब राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग दोहराई ताकि शहीदों के बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिल सके। - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर गहराया आक्रोश ज्ञापन सौंपने के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। विधायक घोगरा ने आरोप लगाया कि विश्व आदिवासी दिवस जैसे गरिमामय अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिया गया बयान आदिवासी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के स्वाभिमान और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और इस तरह की बयानबाजी का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस अवसर पर आसपुर विधायक प्रत्याशी राकेश रोत, आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवशंकर ननोमा, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द पटेल ‘सबका’, जिला परिषद सदस्य गुलशन मनात, गोकुलपुरा सरपंच हरीश डेंडोर सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- *सिद्धि विनायक मंदिर में हरियाली अमावस्या पर सजी गणपति की भव्य झांकी** *सिद्धि विनायक मंदिर में हरियाली अमावस्या पर सजी गणपति की भव्य झांकी** ब्रह्म स्थली कॉलोनी डूंगरपुर में स्थित सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पंडित गीतेश पंड्या द्वारा भगवान गणेश की भव्य मनोरम झांकी सजाई गई। सर्वप्रथम गणपति जी का गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद मंदिर व प्रतिमा को हरे केले और आसव-पालव (अशोक) के पत्तों से प्राकृतिक रूप में सजाया गया। पंडित गीतेश पंड्या ने क्षेत्र में अच्छी बारिश और सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। साप्ताहिक आयोजन मंदिर में प्रत्येक बुधवार को विशेष झांकी सजाई जाती है तथा शाम 7:30 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण होता है। इस दौरान मंदिर कमेटी अध्यक्ष पूनमचंद लबाना, सतीश शाह, प्रवीण श्रीमाल, ओमजी व्यास और सुमित्रा चौबीसा सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।3
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 सायरा तहसील सुआवतों का गुड़ा पंचायत में प्रशासन सख्त, चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 सायरा तहसील सुआवतों का गुड़ा पंचायत में प्रशासन सख्त, चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण । उदयपुर की सायरा तहसील के नाहरों का गुड़ा (पं. सुआवतों का गुड़ा) में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। वर्षों से कब्जे में पड़ी लगभग 100 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जेसीबी से बाड़ाबंदी और अवैध निर्माण हटाए गए। ग्रामीणों में खुशी, पशुपालकों को मिली राहत। प्रशासन की चेतावनी - सार्वजनिक भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं आज सुबह 11 बजे प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। विरोध की आशंका को देखते हुए [सायरा] थाने का जाब्ता भी तैनात किया गया था। टीम की कार्रवाई में सभी अवैध निर्माण ध्वस्त कर जमीन को पूरी तरह खाली करा दिया। उपखंड अधिकारी ने बताया कि चारागाह भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुक्त कराई गई भूमि को वापस ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दिया गया है और भविष्य में यहाँ पशुओं के लिए चारा विकास का कार्य किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ राजस्व अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार सुरेश मेहता RI सोहन लाल ग्राम विकास अधिकारी महेन्द्र सिंह बिश्नोई पटवारी, अमित जैन पुलिस थाना सायरा जाप्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।2