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Jatashankar nayagaon nal ki samasya aur sadak ki samasya
Rohan karma
Jatashankar nayagaon nal ki samasya aur sadak ki samasya
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- Post by Rohan karma1
- इंदौर के संभागीय PWD कार्यालय पर तीन अफसरों पर एक साथ हुई कार्रवाई1
- महिलाओं को स्वयं के बल पर आगे आना होगा : न्यायाधीश अमित निगम् कन्नौद। प्रधान जिला न्यायाधीश माननीय अजय प्रकाश मिश्रा, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा समिति, देवास के निर्देशानुसार जनपद पंचायत कन्नौद, तहसील कन्नौद, जिला देवास में दिनांक 22.04.2026 को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य महिलाओं ने भाग लिया। उक्त शिविर में जिला न्यायाधीश श्री अमित निगम ने अपने मुख्य संबोधन में व्यक्त किया कि महिलाओं को सशक्त बनने के लिये उन्हें स्वयं आगे आना पड़ेगा। भारत में उनके संरक्षण के विभिन्न कानून बनाये गये हैं। किसी देश में महिलाओं की सुरक्षाके लिये इतने कानून नहीं हैं। घर में होने वाली घटनाओं के लिये घरेलू हिंसा अधिनियम, क्रूरता और दहेज के संबंध में कानून और कार्य स्थल पर होने वाले भेदभाव के संबंध में भी विभिन्न कानून अस्त्तिव में हैं। इसके अलावा महिलाओं के संपत्ति में भी समान अधिकार प्रदान किये गये हैं। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कानूनी जानकारी के महत्व को समझाया। श्री अमित निगम ने महिलाओं के प्रश्नों के भी उत्तर दिये। महिलाओं को अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिये अभिप्रेरण की भी आवश्यकता बताई। शैलेन्द्र पांचाल अधिवक्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का सफल संयोजन दिलीप बेनीवाल एवं कार्यक्रम में कन्नौद बार संघ की ओर से अभिभाषकगण श्री मनोज भंवर, सादिक खान, संतोष जायसवाल, अंकुश शारडा, शोभित व्यास, अमन सेठी, संस्कृति जैन, दीपाली सिलावट, रूचिका जायसवाल, शाहरूख खान एवं अभिजीत भंवर अधिवक्तागण ने इस अवसर पर अपने विचार भी व्यक्त किये। विधिक साक्षरता शिविर कार्यक्रम में जनपद पंचायत के सी.ई.ओ. दीपक मुजाल्दे, एन.आर.एल.एम. समन्वय रेखा मोरे, आंगनवाड़ी सुपरवायजर सपना जाट, एवं अन्य शिविर में उपस्थित रहे। सी.ई.ओ. जनपद पंचायत ने आभार प्रकट किया। विधिक साक्षरता शिविर कार्यक्रम में न्यायालय के अन्य स्टाफ के सदस्य शाहरूख खान, विनोद खाण्डेगर एवं सुनीत मेहरा, कर्मचारी रोशन मकवाना एवं रोहुल बोहरे ने सकीय भूमिका निभाई।2
- जय बाबा केदार' के उद्घोष से गूँजी देवभूमि: पंचमुखी डोली ने किया धाम के लिए प्रस्थान उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया विधि-विधान से शुरू हो गई है। आज शीतकालीन प्रवास स्थल उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने अपने धाम के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान हजारों भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति और उल्लास का माहौल तस्वीर में डोली के भव्य दर्शन हो रहे हैं, जिसे फूलों और विशेष आभूषणों से सजाया गया है। उत्सव के मुख्य बिंदु: प्रथम दर्शन: श्रद्धालुओं ने पंचमुखी विग्रह के प्रथम दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरी घाटी 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान रही। पारंपरिक वाद्ययंत्र: डोली यात्रा के साथ स्थानीय ढोल-दमाऊ और सेना के बैंड की धुनों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। फूलों की वर्षा: यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने बाबा की डोली पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। यात्रा का मार्ग यह डोली विभिन्न पड़ावों (जैसे गुप्तकाशी और फाटा) से होते हुए गौरीकुंड पहुँचेगी, जहाँ से पैदल मार्ग के ज़रिए बाबा केदारनाथ अपने मुख्य मंदिर में विराजमान होंगे। डोली के मंदिर पहुँचने के साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासनिक तैयारी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं। चारधाम यात्रा को लेकर इस बार भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। हैशटैग्स: #Kedarnath #PanchmukhiDoli #CharDhamYatra #Uttarakhand #Devbhoomi #Mahadev #KedarnathYatra20261
- सभी किसान भाई मेरे साथ में जुड़े हैं तो सभी आपका विचार इसमें टाइप कीजिए1
- *डॉक्टर दंपति का ओवरब्रिज पर जश्न! नियम-कानून की धज्जियां उड़ी।* रीवा के सिरमौर चौराहा ओवरब्रिज पर देर रात डॉक्टर निकिता सेन और पति राहुल सेन ने फोर व्हीलर बीच सड़क पर खड़ी कर शादी की सालगिरह मनाई। केक काटा, आतिशबाजी की और बड़ी स्क्रीन पर लाइव प्रसारण किया। वीडियो वायरल होते ही शहर में आक्रोश! क्या डॉक्टरों के लिए कानून अलग है? प्रशासन अब कार्रवाई करेगा या मामला शांत हो जाएगा?1
- कभी-कभी प्रशासनिक कार्रवाई की जल्दबाजी आम नागरिकों के अधिकारों पर भारी पड़ जाती है, लेकिन न्यायपालिका ऐसे मामलों में संतुलन कायम करने का काम करती है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया, जहां माननीय न्यायालय ने एक कर्मचारी को बड़ी राहत प्रदान की। प्रकरण के अनुसार, संबंधित कर्मचारी के बैंक खाते में यूपीआई के माध्यम से एक राशि प्राप्त हुई थी, जिसे उसने तत्परता दिखाते हुए तत्काल वापस कर दिया। इसके बावजूद जांच एजेंसी ने बिना किसी पूर्व सूचना के उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया, जिससे उसे अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस कार्रवाई के विरुद्ध कर्मचारी ने न्यायालय की शरण ली, मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि बिना ठोस आधार और उचित प्रक्रिया का पालन किए किसी व्यक्ति के बैंक खाते को फ्रीज करना न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश देते हुए जांच एजेंसी को कहा कि वे अनावश्यक रूप से खाते को होल्ड न रखें और तत्काल प्रभाव से खाते का संचालन बहाल किया जाए। साथ ही, विवादित राशि को नियमानुसार जमा कराने के लिए याचिकाकर्ता को तीन माह की समयावधि प्रदान की गई है।न्यायालय के इस निर्णय को न केवल पीड़ित पक्ष के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह प्रशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत भी माना जा रहा है।1
- स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश की टॉप टेन नगर परिषदो में शामिल खातेगांव नगर परिषद के स्वच्छता अभियान की धज्जियां उडाते नगर के मध्य स्थित इमली बाजार में कुछ इस तरह उड़ रही है,1