उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ उरई तहसील क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने प्रशासनिक हल्कों में खलबली मचा दी है। वायरल वीडियो में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में स्थानीय लेखपाल ने उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। महिला का कहना है कि वह यह बड़ी रकम देने में असमर्थ थी, जिसके बाद लेखपाल ने कथित तौर पर उसे 'अपात्र' घोषित कर दिया। पीड़िता के मुताबिक, उसका घर अभी भी पूरी तरह से कच्चा और जर्जर हालत में है, जिससे किसी भी समय खतरा हो सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद से ही जनता में भारी आक्रोश है। उच्चाधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कड़ी कार्रवाई करने की जोरदार मांग की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ उरई तहसील क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने प्रशासनिक हल्कों में खलबली मचा दी है। वायरल वीडियो में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में स्थानीय लेखपाल ने उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। महिला का कहना है कि वह यह बड़ी रकम देने में असमर्थ थी, जिसके बाद लेखपाल ने कथित तौर पर उसे 'अपात्र' घोषित कर दिया। पीड़िता के मुताबिक, उसका घर अभी भी पूरी तरह से कच्चा और जर्जर हालत में है, जिससे किसी भी समय खतरा हो सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद से ही जनता में भारी आक्रोश है। उच्चाधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कड़ी कार्रवाई करने की जोरदार मांग की जा रही है।
- जालौन पुलिस ने कालपी और आटा क्षेत्रों में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा करते हुए कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कालपी पुलिस, आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त भागीदारी से की गई। कालपी कोतवाली क्षेत्र में अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस ने सनी, पुष्पेन्द्र कुशवाहा उर्फ बाबा और पुष्पेन्द्र उर्फ राजा को गिरफ्तार किया। इस मामले में अभी एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 9,200 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन तथा एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। वहीं, थाना आटा क्षेत्र में एक चोरी के मामले का खुलासा करते हुए मिठ्ठू उर्फ शिवकुमार और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 135 ग्राम सोना और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।1
- कानपुर देहात में थाना भोगनीपुर, थाना अकबरपुर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरजनपदीय चोरों के गिरोह का पर्दाफाश कर उसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मोहम्मदपुर गांव के पास स्टैंड पर चेकिंग और गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति एक काली पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर मूसानगर मलासा रोड की तरफ से आ रहे हैं और कानपुर देहात व आसपास के क्षेत्रों में चोरी व नकबजनी की वारदातों को अंजाम देते हैं। इन्हीं अपराधियों ने भोगनीपुर और अन्य थाना क्षेत्रों में भी चोरियां की थीं। पुलिस बल ने मलासा रोड पर अकबरनगर मोड़ से देवीपुर की तरफ संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग शुरू की। मलासा की तरफ से आ रही एक मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया गया तो पुलिस को देखकर वे अचानक मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास करने लगे, जिससे उनकी गाड़ी फिसल कर गिर गई। तीनों व्यक्ति मोटरसाइकिल समेत जमीन पर गिर गए और पुलिस बल पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों व्यक्तियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम चांदबाबू (उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी भगवंतपुर, घाटमपुर, कानपुर नगर), उमर (उम्र करीब 35 वर्ष, निवासी मलिकपुर, जहानाबाद, फतेहपुर) और अरवाज उर्फ राजा (उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी निबियाखेड़ा, सजेती, कानपुर नगर) बताए। उन्होंने बताया कि चांदबाबू उनके चोरों के गिरोह का सरगना है और वे कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर व औरैया जैसे आसपास के जिलों में चोरियां करते हैं। उनका तरीका था कि दिन में सूने या बंद घरों की पहचान कर रात में मौका देखकर चोरी करते थे और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार साथ लेकर चलते थे। उन्होंने कानपुर देहात के ग्राम पिलखिनी, नारायणपुर, चौकी, आलमचंद्रपुर, विवाईन और घाटमपुर के ग्राम रामसारी में चोरियां करना स्वीकार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की मौके पर जामा तलाशी के दौरान उनके कब्जे से विभिन्न चोरियों से संबंधित कुल 1,18,200/- रुपये नकद, लगभग 9 लाख रुपये के सोने व चांदी के आभूषण, एक चोरी की मोटरसाइकिल (ग्राम विवाईन से चोरी की गई थी), दो 315 बोर के देसी तमंचे, एक खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और चोरी में प्रयोग किए जाने वाले उपकरण (जैसे सब्बल, लोहा) बरामद हुए। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि यह एक अच्छी कार्रवाई है, जिसमें भोगनीपुर, अकबरपुर और एसओजी की संयुक्त टीम ने इन नकबजनों को पकड़ा है, जिन्होंने हाल ही में कानपुर देहात के भोगनीपुर, अकबरपुर और घाटमपुर में कुल 6 चोरियां की हैं। अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है, जिसमें चांदबाबू पर 18, उमर पर 7 और अरवाज पर 6-7 मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्य फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास जारी हैं। डीआईजी सर ने भी इस टीम के लिए इनाम घोषित किया है। पुलिस का कहना है कि इस घटना से जुड़े कुछ और तथ्य सामने आने पर आगे की जानकारी दी जाएगी।1
- कानपुर देहात के फत्तेपुर मुशनागर से मिली जानकारी के अनुसार, शिया ने केतन की मौत की साजिश कई बार रची थी। इस मामले में मोहम्मद अनीश कुरैशी का भी उल्लेख है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के अमौली कुर्मियान गाँव में गाली-गलौज का विरोध करना एक युवक को महंगा पड़ गया, जिसके बाद पड़ोसी ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और फिर मुकदमा दर्ज किया गया। ग्राम अमौली कुर्मियान निवासी कल्लू पुत्र तुलाराम ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि 24 जून की रात करीब 10:30 बजे वह अपने घर पर भोजन कर रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले राहुल और उसके भाई राजेश ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब कल्लू ने इस बात का विरोध किया, तो आरोप है कि राहुल गाली-गलौज करते हुए उसके घर में घुस आया और उसके साथ मारपीट करने लगा। पीड़ित के अनुसार, इस मारपीट में उसके चेहरे पर चोटें आईं। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि राहुल के पिता रामप्रसाद ने भी मारपीट के लिए उकसाया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने थाने पहुँचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने गुरुवार शाम करीब पाँच बजे जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।1
- मोहर्रम पर्व के अवसर पर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे संदलपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को शरबत पिलाकर राहत पहुँचाने का प्रयास किया गया। संदलपुर कस्बे के हिंसावा मार्ग, मेला मैदान, हवासपुर चौराहा तथा अहिल्याबाई होलकर इंटर कॉलेज के पास शरबत वितरित किया गया। इस दौरान आयोजकों ने सड़क से गुजर रहे वाहन चालकों और राहगीरों को रोक-रोककर शरबत पिलाया, जिससे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शरबत ग्रहण कर गर्मी से राहत महसूस की। बताया जा रहा है कि मोहर्रम के अवसर पर संदलपुर कस्बे में लगातार सेवा कार्यों के तहत शरबत वितरण किया जा रहा है। इसी क्रम में हवासपुर चौराहे पर और अहिल्याबाई होलकर इंटर कॉलेज के प्रबंधक साकेत पाल द्वारा भी शरबत वितरित कराया गया। साकेत पाल ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत पहुँचाने और सामाजिक सेवा की भावना से यह आयोजन किया गया है। शरबत वितरण कार्यक्रम की क्षेत्रीय लोगों ने सराहना की और इसे जनसेवा का सराहनीय तथा मानव सेवा का अनूठा प्रयास बताया।1
- कानपुर देहात में भोगनीपुर और अकबरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरजनपदीय शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से विभिन्न चोरी की घटनाओं से संबंधित करीब 1.18 लाख रुपये नकद, लगभग 9 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, एक चोरी की मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे, कारतूस और चोरी में प्रयुक्त होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गुरुवार को चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल से क्षेत्र में आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की, जिसके बाद आरोपियों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया और उनकी बाइक फिसलकर गिर गई। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांदबाबू निवासी भगवंतपुर थाना घाटमपुर, उमर निवासी मलिकपुर थाना जहानाबाद फतेहपुर और अरवाज उर्फ राजा निवासी निबियाखेड़ा थाना सजेती कानपुर नगर के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान, इन आरोपियों ने कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर और औरैया सहित कई जनपदों में चोरी तथा नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह दिन में बंद या सुनसान मकानों की रेकी करता था और रात में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। बरामद सामान के संबंध में पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।3
- कानपुर देहात में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) टीम की प्रभारी निरीक्षक रीना गौतम ने अपनी टीम के साथ, श्रम विभाग के श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजेश श्रीवास्तव और बाल संरक्षण अधिकारी धर्मेंद्र ओझा के साथ मिलकर बालश्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह के विरुद्ध एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान जनपद के भीड़भाड़ वाले स्थानों, चौराहों और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण किया गया। गुरुवार शाम करीब सात बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 26 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें 10 निरीक्षण टिप्पणियां अंकित की गईं। अभियान में 13 नाबालिग बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराते हुए उनका रेस्क्यू किया गया, जिन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु आवश्यक काउंसलिंग भी प्रदान की गई। थाना एएचटी टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों और आमजन को बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के संबंध में जागरूक किया। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कार्य पर लगाना कानूनन अपराध है। इसके अतिरिक्त, शासन एवं प्रशासन द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 181, 1076, 1090 और 108 के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी गई। कानपुर देहात पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति अथवा बाल विवाह जैसी घटनाओं की जानकारी प्राप्त होती है, तो वे तत्काल संबंधित हेल्पलाइन अथवा निकटतम पुलिस इकाई को सूचित करें, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के तेजपुर कंचौसी गांव की एक महिला ने अपने देवर पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में महिला ने थाना मंगलपुर में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायती पत्र के अनुसार, सुषमा देवी पत्नी धर्मेन्द्र ने बताया कि उनके देवर अखिलेश पुत्र राजा सिंह अलग घर में रहते हैं, लेकिन आए दिन उनके दरवाजे पर आकर विवाद करते हैं। महिला का आरोप है कि 29 मई 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे अखिलेश उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने डंडे से मारपीट की, जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला ने अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस घटना के बाद, सुषमा देवी ने 30 मई को थाना मंगलपुर में पहली तहरीर दी थी। इसके बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ। महिला द्वारा 4 जून 2026 को दिए गए दूसरे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि शिकायत किए जाने से नाराज होकर उनके देवर और सास उनसे रंजिश रखने लगे हैं। महिला का आरोप है कि 4 जून की सुबह करीब 5:30 बजे फिर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी आंख की पलक और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। उन्होंने अपने 9 वर्षीय पुत्र के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। मंगलपुर पुलिस ने गुरुवार शाम करीब 6 बजे बताया कि दोनों पक्षों से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है, जो उरई कोतवाली के कंट्रोल रूम से जुड़ा बताया जा रहा है। इस वीडियो में ड्यूटी के दौरान कंट्रोल रूम में एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी के दिखाई देने का दावा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक के संज्ञान के बाद संबंधित मुंशी/सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, जबकि महिला सिपाही के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग अब वायरल वीडियो की सत्यता और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच में जुट गया है। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि क्या कंट्रोल रूम जैसे संवेदनशील स्थान में अनुशासन का उल्लंघन हुआ है, क्या यह वीडियो पूरी तरह वास्तविक है या इसके पीछे कोई और सच्चाई है, और क्या जांच के बाद और भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह खबर वायरल वीडियो और सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है, और वीडियो की प्रामाणिकता तथा पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित अधिकारियों का विस्तृत बयान अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है और शुरू ऐप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।1