संतकबीरनगर के मेंहदावल स्थित बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़हरा में जिलाधिकारी (डीएम) आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीणा ने एक जनकल्याण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य शासन की उपलब्धियों और जनहितकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना था। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, स्वरोजगार योजनाओं सहित केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। कार्यक्रम में 'बहू-बेटी सम्मेलन' का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता, महिला अधिकार एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक रहने और महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। एसपी संदीप कुमार मीणा ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सुरक्षा और सम्मान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया, और उनसे अपने परिवार एवं समाज के बुजुर्गों का सम्मान करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करने की अपील की गई। कार्यक्रम के दौरान, ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को रखा, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता अभियान की सराहना की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, संबंधित विभागों के अधिकारीगण, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री, आशा बहुएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
संतकबीरनगर के मेंहदावल स्थित बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़हरा में जिलाधिकारी (डीएम) आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीणा ने एक जनकल्याण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य शासन की उपलब्धियों और जनहितकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना था। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, स्वरोजगार योजनाओं सहित केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक
पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। कार्यक्रम में 'बहू-बेटी सम्मेलन' का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता, महिला अधिकार एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक रहने और महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट
किया कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। एसपी संदीप कुमार मीणा ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सुरक्षा और सम्मान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया, और उनसे अपने परिवार एवं समाज के बुजुर्गों का सम्मान करने तथा उनकी
समस्याओं के समाधान में सहयोग करने की अपील की गई। कार्यक्रम के दौरान, ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को रखा, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता अभियान की सराहना की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, संबंधित विभागों के अधिकारीगण, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री, आशा बहुएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ। शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं। अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
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- मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सरकार की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने इस अवसर पर सरकार के विभिन्न कार्यों और सफलताओं के बारे में जानकारी दी।1
- बस्ती जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से गुजरने वाले व्यस्त हाईवे पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराती दिख रही है, जहाँ रात 10:00 बजे के बाद खुलेआम अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। आरोप है कि यह गोरखधंधा पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। स्थानीय सूत्रों और निवासियों के अनुसार, हाईवे किनारे स्थित ढाबों और अवैध अड्डों पर ग्राहकों से 100-50 रुपये अतिरिक्त 'सुविधा शुल्क' लेकर शराब बेची जा रही है। यह महज एक अवैध व्यापार नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा है, जिसे स्थानीय प्रशासन और पुलिस का मौन संरक्षण प्राप्त है। इस अवैध धंधे के कारण स्थानीय लोग और राहगीर भारी दहशत में हैं। जब भी किसी ने इसका विरोध करने की कोशिश की, तो उसे दबंगों और शराब माफियाओं द्वारा जान से मारने या गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दी गई हैं। आम जनता सवाल उठा रही है कि एक जिम्मेदार नागरिक को कानून का पालन करने की अपेक्षा करने पर क्यों डराया-धमकाया जा रहा है, और क्या माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून को अपने जेब में लेकर घूम रहे हैं? लोगों के बीच यह चर्चा का विषय है कि क्या कप्तानगंज पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी इस बड़े पैमाने पर हो रही अवैध बिक्री से अनभिज्ञ हैं। इतने बड़े कारोबार को स्थानीय बीट सिपाहियों और गश्ती दलों द्वारा न देख पाना उनकी कार्यशैली और मंशा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, जिससे यह संदेह गहराता है कि ये विभाग अपनी जेबें भरने के लिए इस अवैध धंधे को फलने-फूलने दे रहे हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनाई गई सख्त नीति के दावों को धज्जियां उड़ा रही है। हाईवे पर देर रात बिकती शराब न केवल अवैध है, बल्कि यह नशे में धुत होकर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को भी न्योता दे रही है। स्थानीय निवासियों ने उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अवैध धंधे को संरक्षण देने वाले पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो किसी बड़ी अनहोनी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह देखना बाकी है कि क्या बस्ती प्रशासन इस 'सुविधा शुल्क' वाले अवैध कारोबार पर लगाम कसने का साहस दिखा पाएगा, या फिर पुलिस की चुप्पी इसी तरह आम जनता पर भारी पड़ती रहेगी।1
- भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में आज (13 जून) होने वाले पहले वनडे मुकाबले से पूर्व भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विराट कोहली की अनुपस्थिति से लेकर जसप्रीत बुमराह के बैकअप प्लान, हार्दिक पंड्या की भूमिका और अफगानिस्तान के चैलेंज पर विस्तार से चर्चा की। मोर्कल ने 'आजतक' से बातचीत में स्वीकार किया कि विराट कोहली की कमी खलेगी, क्योंकि वह लंबे समय से टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे हैं और उनका अनुभव टीम को अतिरिक्त मजबूती देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और कोहली की गैरमौजूदगी यंग खिलाड़ियों, जैसे ईशान किशन, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और अन्य बल्लेबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच है। जसप्रीत बुमराह के विकल्प के सवाल पर मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट भविष्य को देखते हुए अधिक से अधिक विकल्प तैयार करना चाहता है। 2027 वर्ल्ड कप और साउथ अफ्रीका टूर को ध्यान में रखते हुए गुरनूर और प्रिंस जैसे युवा पेसर्स को टीम में शामिल कर मौका दिया जा रहा है, जिनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हार्दिक पंड्या की भूमिका पर उन्होंने कहा कि हार्दिक भारतीय टीम के लिए बेहद खास हैं और बल्ले व गेंद दोनों से योगदान देकर टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। मोर्कल ने माना कि हार्दिक जैसे ऑलराउंडर का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान के चैलेंज को लेकर मोर्कल ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम विपक्षी टीम को किसी भी हाल में हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान ने हाल ही में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराया था और उनके खिलाड़ी लगातार बेहतर हो रहे हैं, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने से उनके खेल में परिपक्वता आई है। यही वजह है कि भारतीय टीम पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य की भी तारीफ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के गेंदबाजों का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है और यह दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट का तेज गेंदबाजी विभाग मजबूत हाथों में है। धर्मशाला के मौसम और बारिश की संभावना पर मोर्कल ने बताया कि हाल के दिनों में लगातार बारिश हुई है और मैच के दिन भी मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि मौसम पर नियंत्रण न होने के बावजूद भारतीय टीम हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है और खिलाड़ी बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारतीय टीम अब अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी, जबकि टीम प्रबंधन की नजर केवल मौजूदा मैच पर नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मजबूत विकल्प तैयार करने पर भी है। भारतीय स्क्वॉड में रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव शामिल हैं।4
- पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (NERMU) ने रेल कर्मचारियों की अनेक समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन के सदस्यों ने इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए एक बाइक रैली निकाली और जुलूस भी निकाला। विरोध प्रदर्शन के बाद, NERMU ने संबंधित मांगों को लेकर पीसीपीओ को एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।1
- स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि गाँव के प्रधान विकास कार्यों के लिए आवंटित धन का गबन कर रहे हैं और गाँव में कोई काम नहीं करवा रहे हैं। इन आरोपों के बीच, निवासियों ने विशेष रूप से गहाना गांव की सड़क का निर्माण किए जाने की पुरजोर मांग की है।2
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