गोरखपुर जनपद के बेलघाट ब्लॉक में 'हर घर जल' योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद गाँव की मुख्य आरसीसी सड़क को अत्यंत खराब स्थिति में छोड़ दिया गया है। इस स्थिति को प्रशासनिक विफलता, घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का स्पष्ट प्रमाण बताया गया है, जिससे विकास के नाम पर बुनियादी सुविधाओं के नुकसान का आरोप लगाया जा रहा है। इस बदहाल सड़क के कारण अब चलना दूभर हो गया है, आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, और बुजुर्गों के लिए तो घर से निकलना भी असंभव हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है, सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्हें विकास के नाम पर अपनी बुनियादी सुविधाएं खोने पर मजबूर किया जा रहा है। प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर सड़क की मरम्मत या निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाता, तो मजबूरन सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह मांग जनता के गुस्से और जवाबदेही की आवश्यकता को दर्शाती है।
गोरखपुर जनपद के बेलघाट ब्लॉक में 'हर घर जल' योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद गाँव की मुख्य आरसीसी सड़क को अत्यंत खराब स्थिति में छोड़ दिया गया है। इस स्थिति को प्रशासनिक विफलता, घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का स्पष्ट प्रमाण बताया गया है, जिससे विकास के नाम पर बुनियादी सुविधाओं के नुकसान का आरोप लगाया जा रहा है। इस बदहाल सड़क के कारण अब चलना दूभर हो गया है, आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, और बुजुर्गों के लिए तो घर से निकलना भी असंभव
हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है, सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्हें विकास के नाम पर अपनी बुनियादी सुविधाएं खोने पर मजबूर किया जा रहा है। प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर सड़क की मरम्मत या निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाता, तो मजबूरन सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह मांग जनता के गुस्से और जवाबदेही की आवश्यकता को दर्शाती है।
- मऊ जिले के मोहम्मदपुर चंदापार गांव में पिछले चार से पांच सालों से गांव की नाली बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह गांव फतेहपुर ताल रतोई से इब्राहिम पट्टी जाने वाले मार्ग के बीच में स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय से नाली बंद होने के बावजूद इसकी सफाई या समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द निष्कर्ष निकालने की अपील की है।4
- शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने पुलिस लाइन मऊ में साप्ताहिक परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च कोटि के अनुशासन, वर्दी के टर्नआउट, तथा शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बल को ब्रीफ किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तत्पर रहने का निर्देश देते हुए यह भी कहा कि दंगा नियंत्रण के सभी उपकरण सक्रिय दशा में अपने साथ रखें, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेंसिक वैन, चारपहिया और दोपहिया पीआरवी वाहनों की साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर और एंटी-राइट इक्विपमेंट जैसी चीजों की जांच की गई। पीआरवी कर्मियों को विशेष रूप से गंभीर और महिला संबंधित घटनाओं की सूचना पर मौके पर तत्काल पहुंचकर प्राथमिक कार्यवाही करने, घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए क्राइम सीन किट का सही तरीके से प्रयोग करने, तथा रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस परसेंटेज में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं और परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक और मेस में भोजन व अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ पुलिस सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर से चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे।1
- मऊ (रानीपुर) विकास खंड रानीपुर की ग्राम सभा सरसेना में लाखों रुपये की सरकारी लागत से निर्मित 'संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्र' (RRC केंद्र) अब कचरा घर और आवारा पशुओं का अड्डा बन चुका है। यह केंद्र सरकार के ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के दावों की जमीनी हकीकत को दर्शाता है, जहाँ जिस जगह को गांव के कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए इस्तेमाल होना था, वह खुद गंदगी का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है और अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों के अनुसार, केंद्र के भीतर सूखे और गीले कचरे को रीसायकल करने के लिए बनाए गए कंक्रीट के केबिनों में प्लास्टिक की बोतलें, फटे हुए बैग, दवाइयों के खाली रैपर और मलबे का ढेर भरा पड़ा है। केंद्र का निर्माण अधूरा प्रतीत होता है, जहाँ दीवारों पर प्लास्टर और पेंट का काम तो दिख रहा है, लेकिन गेट और बाउंड्री वॉल के पास की जमीन उबड़-खाबड़ और धूल से भरी है। मुख्य द्वार पर लगे लोहे के चैनल गेट खुले होने के कारण यह आवारा पशुओं का ठिकाना भी बन गया है। इस आरआरसी सेंटर का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांव से निकलने वाले प्लास्टिक और अन्य कचरे को प्रोसेस करके दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और उचित देखरेख के अभाव में यह पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि केंद्र तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन यहाँ न तो कोई कर्मचारी तैनात किया गया है और न ही गांव से कचरा उठाने की कोई नियमित व्यवस्था की गई है। उन्होंने सरकारी पैसे के इस दुरुपयोग को दुखद बताया है।4
- स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि गाँव के प्रधान विकास कार्यों के लिए आवंटित धन का गबन कर रहे हैं और गाँव में कोई काम नहीं करवा रहे हैं। इन आरोपों के बीच, निवासियों ने विशेष रूप से गहाना गांव की सड़क का निर्माण किए जाने की पुरजोर मांग की है।2
- गोरखपुर में Lifeone Wellness द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन के दौरान Bio Magnet Mattress की खासियतों पर चर्चा की गई, और कार्यक्रम में सौरभ गुप्ता का साक्षात्कार भी प्रस्तुत किया गया।1
- देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शुक्रवार को जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से थाना सलेमपुर क्षेत्र में पैदल गश्त किया। इस दौरान उनके साथ क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार और थाना सलेमपुर का पुलिस बल भी मौजूद रहा। पैदल गश्त के तहत, पुलिस अधीक्षक ने सलेमपुर कस्बे के प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों और मुख्य मार्गों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से निरीक्षण किया, साथ ही आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी की। गश्त के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों, दुकानदारों, युवाओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुझाव लिए। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि जनपद पुलिस उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, तथा कानून-व्यवस्था को बाधित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील करते हुए, उन्होंने किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारी को सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। पुलिस के इस अभियान को क्षेत्र में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- गोरखपुर में डॉ. संपूर्णानंद मल्ल की गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी ने एक बड़ा आरोप लगाया है। पत्नी के मुताबिक, पुलिस उन्हें धोखे से अपने साथ ले गई।1
- रुद्रपुर में पहली बारिश के दौरान ही लाखों रुपये की लागत से बना एक नाला ढह गया। इस घटना ने नाले के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1