बांका जिले के चांदन प्रखंड अंतर्गत भैरोगंज बाजार में एनएच-333ए के किनारे बने नाले के टूटने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 3 वर्ष पूर्व निर्मित यह नाला कई स्थानों पर टूटकर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिससे नाले का गंदा पानी और बरसात का पानी मुख्य सड़क पर फैल रहा है। बाजार में गंदे पानी के जमाव से तीव्र दुर्गंध फैल रही है, जिसके चलते दुकानदारों और ग्रामीणों में संक्रमण फैलने की गंभीर आशंका बनी हुई है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण लोग कचरा इधर-उधर फेंकने को मजबूर हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नाला निर्माण के दौरान संवेदक द्वारा भारी लापरवाही बरती गई और बेहद घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। उस समय ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता और तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई थी, लेकिन संवेदक ने उनकी बातों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर थाना मोड़ से लेकर उच्च विद्यालय के समीप तक मनमाने ढंग से नाला बना दिया। इस कमजोर निर्माण के कारण भारी वाहनों के लगातार आवागमन के दबाव से नाला जगह-जगह से टूट गया है। इसके चलते सड़क पर जलजमाव की समस्या खड़ी हो रही है और सड़क के दूसरी ओर रहने वाले लोगों को अपने घरों का पानी निकालने के लिए सड़क काटकर नाले से जोड़ने को विवश होना पड़ रहा है। इस बदहाली से नाराज ग्रामीणों और दुकानदारों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से नाले के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने जिम्मेदार संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाले को दुरुस्त नहीं किया गया, तो बरसात के दिनों में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
बांका जिले के चांदन प्रखंड अंतर्गत भैरोगंज बाजार में एनएच-333ए के किनारे बने नाले के टूटने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 3 वर्ष पूर्व निर्मित यह नाला कई स्थानों पर टूटकर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिससे नाले का गंदा पानी और बरसात का पानी मुख्य सड़क पर फैल रहा है। बाजार में गंदे पानी के जमाव से तीव्र दुर्गंध फैल रही है, जिसके चलते दुकानदारों और ग्रामीणों में संक्रमण फैलने की गंभीर आशंका बनी हुई है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण लोग कचरा इधर-उधर फेंकने को मजबूर हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नाला निर्माण के दौरान संवेदक द्वारा भारी लापरवाही बरती गई और बेहद घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। उस समय ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता और तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई थी, लेकिन संवेदक ने उनकी बातों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर थाना मोड़ से लेकर उच्च विद्यालय के समीप तक मनमाने ढंग से नाला बना दिया। इस कमजोर निर्माण के कारण भारी वाहनों के लगातार आवागमन के दबाव से नाला जगह-जगह से टूट गया है। इसके चलते सड़क पर जलजमाव की समस्या खड़ी हो रही है और सड़क के दूसरी ओर रहने वाले लोगों को अपने घरों का पानी निकालने के लिए सड़क काटकर नाले से जोड़ने को विवश होना पड़ रहा है। इस बदहाली से नाराज ग्रामीणों और दुकानदारों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से नाले के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने जिम्मेदार संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाले को दुरुस्त नहीं किया गया, तो बरसात के दिनों में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
- श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सावन से पहले एक बड़ा एक्शन लेते हुए बांका के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और चाक-चौबंद बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी है।1
- झारखंड के गोड्डा में प्यार की एक ऐसी अंधी कहानी सामने आई है, जहां एक मौसी को बेटी से प्यार हो गया। इस अनोखे रिश्ते को देखकर लोग पूरी तरह हैरान रह गए, जिसके बाद दोनों ने आपस में शादी भी कर ली। मौसी और बेटी के बीच हुई यह शादी अब हर तरफ जमकर वायरल हो रही है और लोग इसे देखकर दंग हैं।1
- मुंगेर के तारापुर में शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे हुई झमाझम बारिश ने क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत दी है। कई दिनों से मानसून की बेरुखी के कारण धान का बिचड़ा सूखने लगा था, जिससे किसान बेहद चिंतित थे। इस बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है, जिससे धान के बिचड़े को नई जान मिल गई है और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का मानना है कि समय पर हुई इस बारिश से अब बिचड़े की बढ़वार अच्छी होगी और करीब 20 से 25 दिनों में वह रोपनी के लिए तैयार हो जाएगा, जिससे समय पर धान की रोपाई संभव हो सकेगी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है। किसान मनोरंजन चौधरी और अजय चौधरी ने बताया कि इस बारिश के बाद अब बिचड़े में उर्वरक एवं आवश्यक दवाओं का छिड़काव किया जाएगा ताकि पौधे स्वस्थ और मजबूत बन सकें। उनका कहना है कि यदि आगे भी समय-समय पर इसी तरह बारिश होती रही, तो इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने की पूरी संभावना है। फिलहाल, शनिवार की इस बारिश ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता को पूरी तरह से दूर कर दिया है।1
- मुंगेर जिले के तारापुर अंतर्गत दरियापुर पंचायत के तेतरिया गांव में जल जमाव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है। यह क्षेत्र CM सम्राट चौधरी का क्षेत्र है, जहां जल जमाव की विकट समस्या से तंग आकर ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया की जमकर रेलाई कर दी। ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर गहरा गुस्सा है, जिसे देखकर लोग इस बदहाली पर सोचने को मजबूर हो रहे हैं।1
- बांका जिले के कटोरिया प्रखंड में स्थित राजवाड़ा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना की धीमी गति और लंबे समय से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इस अधूरे निर्माण के कारण उन्हें आवागमन में न केवल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र में हर समय दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए, U.K.Y News द्वारा जीपीएस लोकेशन के साथ मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर जमीनी स्थिति को सामने लाया जाएगा। समाचार के माध्यम से जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से यह सवाल पूछा जाएगा कि निर्माण में देरी का वास्तविक कारण क्या है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा। फिलहाल, इस मुद्दे पर विभाग या किसी अधिकारी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से साझा किया जाएगा।1
- बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित बलिया डबल मर्डर कांड के मुख्य अभियुक्त सचिन सिंह को झारखंड के रांची से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी से हथियार बरामद करने की प्रक्रिया चल रही थी, तब उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई में सचिन सिंह के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्तौल को भी बरामद कर लिया है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच एक एसआईटी (SIT) द्वारा की जा रही है।1
- बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव में हुए डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के हाफ एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस जहाँ इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पूरा मामला 5 जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि विशेष पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सचिन ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बलिया के जंगल में छिपाने की जानकारी दी। जब पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए जंगल लेकर पहुंची, तो उसने छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब घायल सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। संजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार करने के बाद किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर उसके पैर में गोली मारी। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी सही नहीं है। हालांकि, पुलिस अपने दावे पर कायम है और उसका कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।1