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दतिया में कांग्रेस प्रभारी ने बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कड़े शब्दों में आड़े हाथों लिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रभारी ने भाजपा की आलोचना की।
MBKS डिजिटल न्यूज़
दतिया में कांग्रेस प्रभारी ने बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कड़े शब्दों में आड़े हाथों लिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रभारी ने भाजपा की आलोचना की।
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- महिला कांग्रेस मध्य प्रदेश की प्रदेश महासचिव रचना सिंह ने ग्वालियर-चंबल संभाग एवं बुंदेलखंड अंचल का मान बढ़ाया है। यह उनके पद और योगदान के माध्यम से इन क्षेत्रों के सम्मान में वृद्धि को दर्शाता है।1
- मंगलवार को भांडेर नगर की कृषि उपज मंडी में नीलामी कार्य पूरी तरह से ठप्प रहा, क्योंकि व्यापारियों ने मंडी शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में कामकाज बंद रखने का फैसला किया था। इस एक दिवसीय प्रदेशव्यापी बंद के आह्वान के तहत किसानों की उपज की खरीद-फरोख्त और नीलामी नहीं हो सकी। व्यापारियों के संगठन ने बताया कि यह सांकेतिक बंद मंडी शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में रखा गया है। इस निर्णय से पहले ही सोमवार को मंडी प्रशासन को सूचित कर दिया गया था। मंगलवार दोपहर तक मंडी परिसर में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा और कोई नीलामी प्रक्रिया नहीं हुई। नीलामी बंद रहने की जानकारी के चलते किसान भी अपनी कृषि उपज लेकर मंडी नहीं पहुँचे। व्यापारियों का कहना है कि बढ़े हुए मंडी शुल्क से न केवल व्यापारियों पर, बल्कि किसानों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि वह मंडी शुल्क वृद्धि के अपने निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करे। एक दिन के इस बंद के बाद, बुधवार से मंडी में नियमित कार्य शुरू होने की संभावना जताई गई है।1
- दतिया में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने जिलेभर से आए 170 से अधिक आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। न्यू कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस जनसुनवाई में नागरिकों ने भूमि विवाद, रास्ता अवरुद्ध होने, नाली निकासी, वृद्धावस्था पेंशन, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, बीपीएल सूची में नाम जोड़ने, सड़क निर्माण, साफ-सफाई व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण, आर्थिक सहायता और छात्रवृत्ति जैसी विभिन्न समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षय कुमार तेमवाल और अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कवचे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी भी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान, पलोथर निवासी ठाकुरदास यादव ने गांव के आम रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार दतिया को त्वरित जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह, ग्राम सनाई निवासी जसमंत सिंह ने अपने नाती की पढ़ाई के लिए जमा एफडी तुड़वाने संबंधी आवेदन दिया, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर ने लंबित आवेदनों के निराकरण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की और कुछ आवेदकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान भी किया। प्रशासन ने बताया है कि आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जनसुनवाई का यह क्रम लगातार जारी रहेगा।1
- दतिया पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का भंडाफोड़ करते हुए, पीड़ित को उसकी ठगी गई ₹90,000 की रकम वापस दिला दी है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फिर गया। यह जानकारी ACN भारत न्यूज़ के संवाददाता पवन दांतरे की एक विशेष रिपोर्ट में सामने आई है।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत रामपुरा खुर्द के मलियापुरा रोड पर स्थित बंशकार समाज की बस्ती में रहने वाले लगभग 30 से 35 परिवार आज भी मूलभूत सुविधा सड़क से वंचित हैं। इन परिवारों को शासन द्वारा आवास उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन उनके घरों तक पहुँचने के लिए कोई उचित रास्ता नहीं बनाया गया है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरी में तालाब के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब तालाब में पानी भर जाने से घरों तक पहुँचना अत्यंत मुश्किल हो जाता है। कई बार रात के समय बीमार व्यक्ति को पानी के बीच से निकालकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। इस क्षेत्र में सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बना रहता है, जिससे हर समय दुर्घटना का डर सताता है। इसके अलावा, रास्ता न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और बरसात के दौरान कई घरों में पानी भर जाता है, जिससे परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बस्ती के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत रामपुरा खुर्द के सरपंच प्रतिनिधि उत्तम सिंह धाकड़, एसडीएम, क्षेत्रीय विधायक प्रदीप अग्रवाल तथा दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को आवेदन दिए हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने चार-पांच बार कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर लिखित आवेदन सौंपे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसुनवाई में उनकी शिकायतें तो सुनी जाती हैं, लेकिन उन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। बंशकार समाज के इन परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल यह मांग की है कि उनकी बस्ती तक पहुँचने के लिए शीघ्र ही सड़क अथवा कोई वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें तालाब के रास्ते आने-जाने की मजबूरी से छुटकारा मिल सके और बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले की भांडेर तहसील के ग्राम बड़ेरा सोपान से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी योजनाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम बड़ेरा सोपान का एक गरीब युवक वर्षों से पक्के मकान की आस लगाए बैठा है, लेकिन रहने के लिए सुरक्षित मकान न होने के कारण वह दर-दर भटकने को मजबूर है। युवक का आरोप है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन आज तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उसकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह स्वयं मकान बनवाने में भी सक्षम नहीं है। बरसात और गर्मी के मौसम में उसे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और आवेदन देने तथा अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसे कोई राहत नहीं मिली है। उसने प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत और तहसील स्तर तक अपील की, पर समस्या जस की तस बनी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भले ही गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कई पात्र हितग्राही आज भी ऐसी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि इस मामले में कब तक चुप्पी साधे रहेंगे। यह युवक अब अपने आशियाने की उम्मीद लगाए प्रशासन की ओर देख रहा है, और खबर प्रसारित होने के बाद यह देखना होगा कि प्रशासन उसकी समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और उसे मकान उपलब्ध कराने की दिशा में क्या कदम उठाता है। जरूरत इस बात की है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले की जांच कर पात्रता के अनुसार शीघ्र मदद सुनिश्चित करें।1
- दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल ने मंगलवार, 23.06.2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय दतिया में जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और विधिसंगत निराकरण सुनिश्चित करना था, जिसमें कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए। पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई के दौरान आम नागरिकों से मिली शिकायतों और समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने उनके उचित वैधानिक निराकरण के लिए संबंधित एसडीओपी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, साथ ही त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला के साथ-साथ जिले के सभी एसडीओपी और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। प्राप्त आवेदनों में भूमि संबंधी विवाद, साइबर मामले, घरेलू विवाद और मारपीट सहित विभिन्न श्रेणियों की शिकायतें शामिल थीं। दतिया पुलिस आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और उनके प्रभावी निराकरण के लिए नियमित रूप से जनसुनवाई का आयोजन करती है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।1
- भांडेर नगर के रामगढ़ रोड स्थित नवीन तहसील कार्यालय के सभागार में मंगलवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक शासन की महत्वाकांक्षी जनसुनवाई योजना के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जहाँ भांडेर के एसडीएम ब्रजेन्द्र यादव ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के खंड स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें सीमांकन, बिजली बिल में गड़बड़ी, सड़क निर्माण, जलभराव और अतिक्रमण से संबंधित प्राप्त हुईं। एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और जल्द ही उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों ने जनसुनवाई में आए लोगों को नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।1