दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल ने मंगलवार, 23.06.2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय दतिया में जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और विधिसंगत निराकरण सुनिश्चित करना था, जिसमें कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए। पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई के दौरान आम नागरिकों से मिली शिकायतों और समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने उनके उचित वैधानिक निराकरण के लिए संबंधित एसडीओपी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, साथ ही त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला के साथ-साथ जिले के सभी एसडीओपी और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। प्राप्त आवेदनों में भूमि संबंधी विवाद, साइबर मामले, घरेलू विवाद और मारपीट सहित विभिन्न श्रेणियों की शिकायतें शामिल थीं। दतिया पुलिस आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और उनके प्रभावी निराकरण के लिए नियमित रूप से जनसुनवाई का आयोजन करती है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।
दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल ने मंगलवार, 23.06.2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय दतिया में जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और विधिसंगत निराकरण सुनिश्चित करना था, जिसमें कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए। पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई के दौरान आम नागरिकों से मिली शिकायतों और समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने उनके उचित वैधानिक निराकरण के लिए संबंधित एसडीओपी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, साथ ही त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला के साथ-साथ जिले के सभी एसडीओपी और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। प्राप्त आवेदनों में भूमि संबंधी विवाद, साइबर मामले, घरेलू विवाद और मारपीट सहित विभिन्न श्रेणियों की शिकायतें शामिल थीं। दतिया पुलिस आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और उनके प्रभावी निराकरण के लिए नियमित रूप से जनसुनवाई का आयोजन करती है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।
- दतिया पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का भंडाफोड़ करते हुए, पीड़ित को उसकी ठगी गई ₹90,000 की रकम वापस दिला दी है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फिर गया। यह जानकारी ACN भारत न्यूज़ के संवाददाता पवन दांतरे की एक विशेष रिपोर्ट में सामने आई है।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत रामपुरा खुर्द के मलियापुरा रोड पर स्थित बंशकार समाज की बस्ती में रहने वाले लगभग 30 से 35 परिवार आज भी मूलभूत सुविधा सड़क से वंचित हैं। इन परिवारों को शासन द्वारा आवास उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन उनके घरों तक पहुँचने के लिए कोई उचित रास्ता नहीं बनाया गया है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरी में तालाब के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब तालाब में पानी भर जाने से घरों तक पहुँचना अत्यंत मुश्किल हो जाता है। कई बार रात के समय बीमार व्यक्ति को पानी के बीच से निकालकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। इस क्षेत्र में सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बना रहता है, जिससे हर समय दुर्घटना का डर सताता है। इसके अलावा, रास्ता न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और बरसात के दौरान कई घरों में पानी भर जाता है, जिससे परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बस्ती के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत रामपुरा खुर्द के सरपंच प्रतिनिधि उत्तम सिंह धाकड़, एसडीएम, क्षेत्रीय विधायक प्रदीप अग्रवाल तथा दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को आवेदन दिए हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने चार-पांच बार कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर लिखित आवेदन सौंपे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसुनवाई में उनकी शिकायतें तो सुनी जाती हैं, लेकिन उन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। बंशकार समाज के इन परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल यह मांग की है कि उनकी बस्ती तक पहुँचने के लिए शीघ्र ही सड़क अथवा कोई वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें तालाब के रास्ते आने-जाने की मजबूरी से छुटकारा मिल सके और बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले की भांडेर तहसील के ग्राम बड़ेरा सोपान से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी योजनाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम बड़ेरा सोपान का एक गरीब युवक वर्षों से पक्के मकान की आस लगाए बैठा है, लेकिन रहने के लिए सुरक्षित मकान न होने के कारण वह दर-दर भटकने को मजबूर है। युवक का आरोप है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन आज तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उसकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह स्वयं मकान बनवाने में भी सक्षम नहीं है। बरसात और गर्मी के मौसम में उसे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और आवेदन देने तथा अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसे कोई राहत नहीं मिली है। उसने प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत और तहसील स्तर तक अपील की, पर समस्या जस की तस बनी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भले ही गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कई पात्र हितग्राही आज भी ऐसी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि इस मामले में कब तक चुप्पी साधे रहेंगे। यह युवक अब अपने आशियाने की उम्मीद लगाए प्रशासन की ओर देख रहा है, और खबर प्रसारित होने के बाद यह देखना होगा कि प्रशासन उसकी समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और उसे मकान उपलब्ध कराने की दिशा में क्या कदम उठाता है। जरूरत इस बात की है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले की जांच कर पात्रता के अनुसार शीघ्र मदद सुनिश्चित करें।1
- दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल ने मंगलवार, 23.06.2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय दतिया में जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और विधिसंगत निराकरण सुनिश्चित करना था, जिसमें कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए। पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई के दौरान आम नागरिकों से मिली शिकायतों और समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने उनके उचित वैधानिक निराकरण के लिए संबंधित एसडीओपी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, साथ ही त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला के साथ-साथ जिले के सभी एसडीओपी और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। प्राप्त आवेदनों में भूमि संबंधी विवाद, साइबर मामले, घरेलू विवाद और मारपीट सहित विभिन्न श्रेणियों की शिकायतें शामिल थीं। दतिया पुलिस आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और उनके प्रभावी निराकरण के लिए नियमित रूप से जनसुनवाई का आयोजन करती है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।1
- अविमुक्तेश्वरानंद महराज ने अयोध्या में हुई चोरी की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शब्दों में कड़ा प्रहार किया है।1
- भांडेर तहसील के ग्राम ततारपुर में कलेक्टर के निर्देशानुसार और शासन की मंशा के तहत चलाए जा रहे "तहसील न्यायालय आपके द्वार" अभियान के तहत सोमवार दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। तहसीलदार सुनील भदौरिया के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे विभिन्न राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। साथ ही, किसान रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हुए किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 8 नामांतरण प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया और 7 नई फार्मर रजिस्ट्री तैयार की गईं, जिनमें कुल 150 खसरा नंबर जोड़े गए। इसके अतिरिक्त, 3 सीमांकन प्रकरणों में आदेश जारी किए गए, एक रास्ता विवाद का समाधान किया गया और अतिक्रमण से संबंधित 4 मामलों का भी मौके पर ही निराकरण किया गया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे। गांव स्तर पर राजस्व सेवाओं की उपलब्धता से ग्रामीणों ने अत्यधिक खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस अभियान को जनहित में एक प्रभावी पहल बताते हुए शासन-प्रशासन की सराहना की।1
- बबीना कैंटोनमेंट में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ वार्ड नंबर 6 न्यू पंप हाउस रोड पर पीने का पानी खुलेआम नाली में बहाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब पूरा देश पानी की किल्लत से जूझ रहा है। एक नल से सुबह-शाम आने वाला पीने का पानी सीधे नाली में जा रहा है, और बार-बार शिकायत के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने कैंटोनमेंट ऐप और सोशल मीडिया पर कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन कैंटोनमेंट विभाग और उसके कर्मचारियों ने नल को बंद करने या उसमें टोंटी लगाने के लिए समय नहीं निकाला। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नल का आज तक न तो कोई बिल जमा किया गया है और न ही इसकी रिकवरी के लिए कनेक्शन काटा गया है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि विभाग को इस व्यक्ति विशेष से कौन सा व्यक्तिगत फायदा है, जिसके कारण बार-बार शिकायत के बावजूद न तो नल बंद किया जा रहा है और न ही पानी को रोका जा रहा है। कैंटोनमेंट विभाग और उच्च अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि वे मामले की तत्काल जाँच करें और इस भारी पानी की बर्बादी को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करें।1
- दतिया जिले के पंडोखर थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है।1