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बादकपुर मे कावरियों का पुलिस से बवाल -पुलिस प्रसासन पक्ष आया सामने
भगवत सिंह लोधी पत्रकार
बादकपुर मे कावरियों का पुलिस से बवाल -पुलिस प्रसासन पक्ष आया सामने
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- बादकपुर मे कावरियों का पुलिस से बवाल -पुलिस प्रसासन पक्ष आया सामने1
- 🚨 तेजगढ़ में 18.25 लाख की लागत से बन रहा शाला भवन सवालों के घेरे में, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल सरकारी निर्माण में गुणवत्ता से समझौते के आरोप, क्या जिम्मेदार अधिकारी करेंगे मौके की जांच? मासूम बच्चों के भविष्य से जुड़ा है मामला तेजगढ़, दमोह। दमोह जिले के विकासखंड तेंदूखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत तेजगढ़ के तेजगढ़ गंज में शाला भवन निर्माण कार्य को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब ₹18.25 लाख की लागत से निर्माणाधीन इस शाला भवन में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा सरकारी राशि से कराए जा रहे निर्माण कार्य में गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों की अनदेखी की जा रही है। निर्माण स्थल पर दिखाई दे रही सामग्री और निर्माण की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि शाला भवन जैसा महत्वपूर्ण निर्माण कार्य बच्चों की सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में गंभीर समस्या का कारण बन सकती है। आरोप यह भी है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल किए जाने से सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका पैदा हो रही है। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने की जांच की मांग स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि निर्माणाधीन शाला भवन का मौके पर पहुंचकर तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता, स्वीकृत प्राक्कलन, निर्माण मापदंड और खर्च की गई राशि की जांच कराई जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भवन कोई सामान्य निर्माण नहीं होता, यहां क्षेत्र के नौनिहालों का भविष्य आकार लेगा। इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। अब जांच के बाद सामने आएगी हकीकत करीब 18.25 लाख रुपये की लागत वाले इस निर्माण कार्य को लेकर उठ रहे सवालों के बाद अब जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों का पालन हो रहा है तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट हो सकती है और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी उठ सकती है। अब देखना होगा कि बच्चों के लिए बन रहे इस शाला भवन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर जिम्मेदार विभाग कब तक संज्ञान लेता है और क्या मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जाती है।1
- आदिवासी दिवस पर युवा सरपंच की हुंकार! सुनिए क्या कहा 🔥 विश्व आदिवासी दिवस पर हजारों की भीड़ में युवा सरपंच योगेंद्र टेकाम ने आदिवासी समाज की एकता, शिक्षा और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर जोशीला संदेश दिया। सुनिए उन्होंने क्या कहा! 🔥✊1
- हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तहसील ग्राउंड से एसपी के नेतृत्व में शहर भ्रमण कर निकली वाहन रैली , देशभक्ति धुन पर नारेबाजी करते नजर आए पुलिसकर्मी दमोह हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आज सोमवार सुबह 11 बजे से एसपी आनंद कलादगी के नेतृत्व में दमोह पुलिस के द्वारा शहर भ्रमण करते हुए विशाल तिरंगा वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस यात्रा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, सीएसपी एच आर पांडे, कोतवाली TI मनीष कुमार, यातायात थाना प्रभारी दलवीर सिंह मार्को सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी शामिल हुए। वाहन रैली शहर के तहसील ग्राउंड से शुरू हुई। जो शहर के घंटाघर महाकाली चौराहा पलंदी चौराहा, बड़ापुरा, पठानी मुहल्ला, बस स्टैंड, तीन गुल्ली चौराहा, किल्लाई नाका, कलेक्ट्रेट कार्यालय होते हुए तहसील ग्राउंड पहुंची। जहां तिरंगा रैली का समापन किया गया। इस दौरान पुलिसकर्मी हेलमेट के साथ वाहनों पर सवार होकर हाथों में तिरंगा लेकर डीजे पर बज रहे देशभक्ति धुन पर नारे लगाते नजर आए। अंत में एसपी आनंद कलादगी ने मौजूद पुलिस अधिकारी कर्मचारियों एवं उम्मीद एक पहल दमोह की टीम के शामिल युवाओं का आभार व्यक्त किया। और लोगो से हंसी खुशी के साथ देश की आजादी के महापर्व को मनाने को अपील की।1
- अघोषित बिजली कटौती और खराब ट्रांसफार्मरों से बढ़ी परेशानी, कृषि एवं घरेलू बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग विद्युत मंडल की लापरवाही से किसान परेशान, भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन कटनी/स्लीमनाबाद। तहसील क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था की बदहाली को लेकर किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। भारतीय किसान संघ स्लीमनाबाद तहसील इकाई ने विद्युत मंडल की कथित लापरवाही के विरोध में मुख्यमंत्री एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपकर विद्युत व्यवस्था में शीघ्र सुधार कराने की मांग की है। ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने बताया कि स्लीमनाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों में बिजली की स्थिति खराब बनी हुई है। कई गांवों में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने के साथ ही एक घंटे में कई बार बिजली कटौती की जा रही है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान संघ के अनुसार क्षेत्र में कई पंप जल चुके हैं और अनेक ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं, जिन्हें समय पर बदला नहीं जा रहा है। वहीं विद्युत पोलों में फ्यूज और केबल लाइन में फॉल्ट की समस्या भी बनी हुई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई स्थानों पर पेट्रोलिंग तक नहीं की जाती, जबकि खराब ट्रांसफार्मरों का लोड भी लंबे समय से नहीं बदला गया है। किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, वहीं बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण सिंचाई करना भी मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद किसानों से विद्युत बिल की जबरन वसूली किए जाने का आरोप भी ज्ञापन में लगाया गया है। भारतीय किसान संघ के स्लीमनाबाद तहसील अध्यक्ष प्रकाश पुरी ने प्रशासन से कृषि एवं घरेलू विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार कराने, खराब ट्रांसफार्मर बदलने, बिजली कटौती पर रोक लगाने तथा विद्युत लाइनों की नियमित पेट्रोलिंग कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो किसानों की समस्याओं को लेकर आगे आंदोलन किया जा सकता है। इस दौरान संगठन के विभिन्न पदाधिकारी और किसान संघ से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।2
- दो सूत्रीय मांगों को लेकर जिला लिपिकों का भोपाल में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन दो सूत्रीय मांगों को लेकर जिला लिपिकों का भोपाल में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन दमोह - दो सूत्रीय मांगों के समर्थन में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लिपिक कर्मचारियों ने राजधानी भोपाल स्थित वल्लभ भवन मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें हजारों की संख्या में लिपिक कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला लिपिक वर्गीय अध्यक्ष श्री राजीव बड़कुल द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि लिपिक वर्ग की प्रमुख मांगों में अनुकंपा नियुक्ति में CPCT की अनिवार्यता समाप्त करना तथा मंत्रालय के लिपिक कर्मचारियों के समान वेतनमान लागू करना शामिल है। इस प्रदर्शन में दमोह जिले के शिक्षा, वन, लोक निर्माण विभाग (PWD), आईटीआई एवं स्वास्थ्य विभाग के अनेक लिपिकों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की उपस्थिति ने शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अंत में जिला लिपिक संघ के अध्यक्ष ने अपने अवकाश लेकर आंदोलन में शामिल हुए सभी लिपिक कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि मांगों के निराकरण तक संघर्ष जारी रहेगा।1
- #दमोहmp भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कुम्हारी थाना प्रभारी के विरोध में विशाल ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया गया की थाना प्रभारी द्वारा संगठन के कार्यकर्ताओं पर झूठी एफआईआर की गई एवं शराब पकड़ने पर संगठन के कार्यकर्ताओं पर एफआईआर की जाती है।शराब माफियाओं को छोड़ दिया जाता है।संगठन का कहना है कुम्हारी थाना प्रभारी को वहां से हटाया जाए। संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा बताया गया कि यदि हमारी मांग पूरी नहीं होती तो संगठन द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदार शासन प्रशासन होगी। #Bmks #Bscp #दमोहmp भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कुम्हारी थाना प्रभारी के विरोध में विशाल ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया गया की थाना प्रभारी द्वारा संगठन के कार्यकर्ताओं पर झूठी एफआईआर की गई एवं शराब पकड़ने पर संगठन के कार्यकर्ताओं पर एफआईआर की जाती है।शराब माफियाओं को छोड़ दिया जाता है।संगठन का कहना है कुम्हारी थाना प्रभारी को वहां से हटाया जाए। संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा बताया गया कि यदि हमारी मांग पूरी नहीं होती तो संगठन द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदार शासन प्रशासन होगी। #Bmks #Bscp1
- दमोह के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र में कांवड़ियों से मारपीट का आरोप, पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल दमोह। सावन माह में भगवान शिव की भक्ति में कांवड़ लेकर तीर्थ क्षेत्र बादकपुर पहुंचे कांवड़ियों के साथ कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद कांवड़ियों और श्रद्धालुओं में नाराजगी का माहौल है। कांवड़ियों ने आरोप लगाया है कि धार्मिक यात्रा के दौरान उनके साथ मारपीट की गई तथा पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद उन्हें उचित सुरक्षा और सहायता नहीं मिली। घटना को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को विशेष इंतजाम करने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस द्वारा घटना की जांच और आरोपों की पुष्टि के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।1