नेपाल में कुदरत का ऐसा तांडव मचा कि देखते ही देखते सब कुछ तबाह हो गया ! नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक हिमनद (ग्लेशियर) के ध्वस्त होने से अचानक बाढ़ और मलबे का विशाल प्रवाह आया। इससे नेपाल के कई पहाड़ी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। बड़ी जनहानि: ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार 360 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कई विदेशी पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं। बचाव अभियान: नेपाल सेना, पुलिस और राहत एजेंसियाँ हेलीकॉप्टर, ड्रोन और ज़मीनी टीमों की मदद से लगातार खोज और बचाव कार्य चला रही हैं, लेकिन टूटी सड़कों और खराब मौसम के कारण अभियान कठिन बना हुआ है। भारत की सहायता: भारत ने नेपाल को राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेजनी शुरू कर दी है तथा प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए सहयोग का आश्वासन दिया है। सरकारी कार्रवाई: नेपाल सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए हैं तथा सभी दलों की बैठक बुलाकर आपदा से निपटने की रणनीति पर चर्चा की है। यदि आप चाहें, तो मैं नेपाल की: राजनीतिक स्थिति, आर्थिक हालात, भारत–नेपाल संबंध, या इस बाढ़ के कारण और प्रभाव के बारे में भी विस्तार से बता सकता हूँ।
नेपाल में कुदरत का ऐसा तांडव मचा कि देखते ही देखते सब कुछ तबाह हो गया ! नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक हिमनद (ग्लेशियर) के ध्वस्त होने से अचानक बाढ़ और मलबे का विशाल प्रवाह आया। इससे नेपाल के कई पहाड़ी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। बड़ी जनहानि: ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार 360 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कई विदेशी पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं। बचाव अभियान: नेपाल सेना, पुलिस और राहत एजेंसियाँ हेलीकॉप्टर, ड्रोन और ज़मीनी टीमों की मदद से लगातार खोज और बचाव कार्य चला रही हैं, लेकिन टूटी सड़कों और खराब मौसम के कारण अभियान कठिन बना हुआ है। भारत की सहायता: भारत ने नेपाल को राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेजनी शुरू कर दी है तथा प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए सहयोग का आश्वासन दिया है। सरकारी कार्रवाई: नेपाल सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए हैं तथा सभी दलों की बैठक बुलाकर आपदा से निपटने की रणनीति पर चर्चा की है। यदि आप चाहें, तो मैं नेपाल की: राजनीतिक स्थिति, आर्थिक हालात, भारत–नेपाल संबंध, या इस बाढ़ के कारण और प्रभाव के बारे में भी विस्तार से बता सकता हूँ।
- हसपुरा औरंगाबाद हसपुरा प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में आचार्या दीदियों ने रक्षाबंधन उत्सव मनाई हसपुरा प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में एकल विद्यालय के आचार्या दीदियों द्वारा बीडीओ पंकज कुमार, प्रखंड प्रमुख श्रीनिवास सिंह,उपप्रमुख सतेंद्र चौधरी, पत्रकार सत्यदेव सिंह को राखी बांधकर स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की कामना की1
- रफीगंज में प्रतिबंधित पशु के वध का आरोप, थाने में प्राथमिकी के लिए दिया आवेदन , दो बछडा़ को भेजा गया देवकुण्ड गौशाला रफीगंज थाना क्षेत्र राजा बिगहा के स्थित डॉ उदय कुमार के क्लीनिक से 100 मीटर दुर प्रतिबंधित पशु के कथित वध का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर हिंदु संगठन एवं भाजपा के नेता पहुंचे तथा पुलिस को जानकारी मिलने पर रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार, एस आई मिथलेश कुमार, ए एस आई बबनजीत कुमार, ए एस आई सुनिल सिंह, ए एस आई मृत्युंजय कुमार, ए एस आई संतोष कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच उत्पन विवाद को शांत कराया। इस संबंध में रफीगंज शहर के गौ रक्षा दल के एक सदस्य ने रफीगंज थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आवेदन के अनुसार, 27 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9 बजे आवेदक को सूचना मिली कि कुछ लोगों प्रतिबंधित पशु का वध किया जा रहा है। सूचना मिलने पर जब वहां पहुंचकर देखा गया तो पशु के अवशेष तथा खून के निशान दिखाई दिए तथा दो बछड़ा पाया गया। आवेदक ने मामले की जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। मौके पर एसडीएम गौरव कुमार सिंह, एस डीपीओ सदर 2 आदित्य कुमार पहुंचे तथा लोगों से बातचीत की। सदर एसडीपीओ 2 आदित्य कुमार ने बताया कि मामला शांतिपूर्वक है, प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस द्वारा अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। दोनों बछड़ा को देवकुंड गौशाला में सुरक्षित भेजा गया है।1
- सभी भी तूफान आ गया है चीन के तूफान नेपाल को बहुत अच्छा से बेकार कर दिया बहुत आदमी मारा चैन बहुत कोई तो बोल नहीं कि मैं पानी को रहा हूं कि पानी आ रहा है नेपाल सब डूब गया बहुत आदमी मारा धन्यवाद1
- ब्लॉक रोड़ में गो ग्रीन स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटी एंड सोलर लाइफ प्रतिष्ठान का भव्य उद्घाटन। रफीगंज शहर के ब्लॉक रोड ओवरब्रिज के समीप इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर उपकरणों की सुविधा को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल के तहत गो ग्रीन स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटी एंड सोलर लाइफ प्रतिष्ठान का गुरुवार दोपहर क़रीब एक बजे भव्य उद्घाटन किया गया। गुरुवार को मो जमशेद आलम, डॉ अब्दुल रशीद, तबरेज़ आलम,परवेज आलम, सदाम आलम ,विधायक प्रतिनिधि भोला चौधरी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मधुकर लाल कुशवाहा , मो सुहैल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं ग्राहक मौजूद रहे। प्रतिष्ठान के संचालक एम. एस. हुसैन एवं शम्स परवेज ने बताया कि यहां ग्राहकों को इलेक्ट्रिक स्कूटी के साथ-साथ स्कूटी एक्सेसरीज एवं सर्विस सेंटर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा सोलर सिस्टम, इन्वर्टर, बैटरी, सोलर स्ट्रक्चर, सोलर इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और अन्य सोलर उपकरण भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्राहकों के लिए आसान ईएमआई सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। संचालकों ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक स्कूटी एवं सौर ऊर्जा से जुड़े उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमे इरफान आलम, पूर्व मुखिया आलमगीर आलम सहित अन्य शामिल हुए ।1
- मा मंत्री सूक्ष्म लघु मध्यम भारत सरकार जीतन राम मांझी द्वारा अपने विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार एवं वर्कशॉप आनंद पैलेस टिकारी में आगमन के समय का दृश्य l1
- भीषण त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए- डा मनीष पंकज मिश्रा तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आई बाढ़ और तेज जलप्रवाह के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कई भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि लापता भारतीयों में कुछ श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, जो अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए और उनके संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस हृदयविदारक घटना ने देशभर के लोगों को गहरे शोक और चिंता में डाल दिया है।इस भीषण प्राकृतिक आपदा में लोगों के लापता होने और कई लोगों के जान गंवाने की सूचना से हर कोई दुखी है। संकट की इस घड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने लापता भारतीय नागरिकों तथा उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपनों के लापता होने का दर्द अत्यंत पीड़ादायक और असहनीय है। इस कठिन समय में हम सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि लापता सभी भारतीय श्रद्धालुओं की शीघ्र सकुशल वापसी हो। डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने इस भीषण त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में अपनों को खोने वाले परिवारों का दुःख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में मानवता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने भगवान विष्णु से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रभु इस कठिन घड़ी में शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख और कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।1
- नेपाल और तिब्बत में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, आपदा में अब तक 175 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,500 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें लगभग 300 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल और तिब्बत में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, आपदा में अब तक 175 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,500 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें लगभग 300 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार अभी आपदा से हुए नुकसान का पूरा आकलन करने में जुटी है। लापता लोगों में करीब 800 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। हजारों परिवारों के घर तबाह हो गए हैं और कई लोग अब तक लापता1
- नेपाल में कुदरत का ऐसा तांडव मचा कि देखते ही देखते सब कुछ तबाह हो गया ! नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक हिमनद (ग्लेशियर) के ध्वस्त होने से अचानक बाढ़ और मलबे का विशाल प्रवाह आया। इससे नेपाल के कई पहाड़ी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। बड़ी जनहानि: ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार 360 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कई विदेशी पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं। बचाव अभियान: नेपाल सेना, पुलिस और राहत एजेंसियाँ हेलीकॉप्टर, ड्रोन और ज़मीनी टीमों की मदद से लगातार खोज और बचाव कार्य चला रही हैं, लेकिन टूटी सड़कों और खराब मौसम के कारण अभियान कठिन बना हुआ है। भारत की सहायता: भारत ने नेपाल को राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेजनी शुरू कर दी है तथा प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए सहयोग का आश्वासन दिया है। सरकारी कार्रवाई: नेपाल सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए हैं तथा सभी दलों की बैठक बुलाकर आपदा से निपटने की रणनीति पर चर्चा की है। यदि आप चाहें, तो मैं नेपाल की: राजनीतिक स्थिति, आर्थिक हालात, भारत–नेपाल संबंध, या इस बाढ़ के कारण और प्रभाव के बारे में भी विस्तार से बता सकता हूँ।1