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अलविदा पेंच की 'राजकुमारी'! 18 साल तक जंगल पर राज करने वाली 'लंगड़ी बाघिन' का सफर थमा
BS News Network
अलविदा पेंच की 'राजकुमारी'! 18 साल तक जंगल पर राज करने वाली 'लंगड़ी बाघिन' का सफर थमा
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- *पेंच पार्क की लंगड़ी बाघिन नहीं रही* T20पेंच टाइगर रिजर्व की लंगडी बाघिन रानी ने सबसे लंबा जीवनकाल का रिकॉर्ड बनाया इन्होंने 18 वर्ष का लंबा संघर्ष के बाद आज 7 मार्च दिन को अंतिम सांस टुरिया गेट पर दोपहर 12बजे बजे ली जिसका अंतिम संस्कार आज वरिष्ठ अधिकारीयों एवं कर्मचारीयों की उपस्थिति में किया गया।1
- जनपद पंचायत कटंगी ने मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना के लिए चयनित 200 जोड़ों (वर-वधु) की सूची जारी कर दी है। इस सूची के जारी होते ही इस योजना का लाभ लेने के लिए पहले आओ-पहले पाओ का जो दावा किया जा रहा था। वह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हो गया है। इस सूची को देखने के बाद जिन आवेदकों ने दिन भर धूप में कतार में खड़े रहकर अपना आवेदन जमा करवाया था और उसके बाद भी सूची में नाम नहीं आया ऐसे आवेदकों में भयंकर आक्रोश दिखाई दिया।1
- जीवित समाधि स्थल सिंगोड़ी पर उमड़ेगा लोगों का विशाल जनसैलाब ग्राम सिंगोड़ी में स्थित मेन रोड कबीरवाडा में होली पर्व के पावन अवसर पर रंग पंचमी के मौके पर विशाल मेला नगर के जीवित समाधि स्थल पंथ श्री हुजूर सुरुति सनेही नाम साहेब के जीवित समाधि स्थल प्रांगण में आज होली के दूसरे दिन से 5 दिवसीय विशाल भंडारा प्रारंभ हो गया है। यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित होता है जिसके चलते इस जीवित - दरबार में लगातार 5 दिन तक प्रतिदिन भंडारा का आयोजन समिति के द्वारा होता है। समिति के सदस्यों ने बताया की यह रंग पंचमी का मेला सम्पूर्ण भारत वर्ष में प्रसिद्ध है। जंहा छिंदवाड़ा जिले सहित आसपास के अनेक जिलो और प्रदेशो से श्रद्धालुभक्तगण ग्राम सिंगोड़ी के इस जीवित समाधि स्थल सातवे वंशाचार्य के इस प्रांगण में पंथ श्री सुरुतिसनेही नाम साहेब के स्थल पर दर्शनार्थ हेतु पहुँचते है। ग्राम मे 4 मार्च से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया हैं जिसमें 8 मार्च को भक्तो की विशाल भीड़ इस समाधि स्थल पर उमड़ेगी। पांच दिन तक नगर में चलता रहता हैं विशाल भंडारा पंथ श्री हुजूर सुरुति सनेही नाम साहेब के जीवित समाधि स्थल कबीरवाड़ा प्रांगण में पांच दिवसीय भंडारा का आयोजन कबीरबाडा में कबीर समिति के द्वारा आयोजित किया जाता है जिसमें समिति के द्वारा सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के साथ जीवित समाधि स्थल पर सर्वधर्म समभाव की भावना को लेकर रात्रि के समय लगातार पांच दिनो तक भंडारा का आयोजन यंहा किया जाता है साथ ही भंडारा का आयोजन हर वर्ष यंहा किया जाता है। जिसमे सभी धर्म संप्रदाय के लोग इस कार्यक्रम में अपना सहयोग प्रदान करते है भंडारा और मेले के आयोजन में लगातार समिति के लोग इसमें सहयोग प्रदान कर पांच दिवसीय विशाल भंडारा में योगदान दिया जाता है। इस विशाल रंगपंचमी मेला कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सहित नागपुर महाराष्ट्र वर्धा छत्तीसगढ़ राजस्थान गुजरात यू पी आंध्रप्रदेश कर्नाटक दिल्ली बिहार सहित अनेक प्रदेशों से श्रद्धालु भक्तगण इस जीवित समाधि स्थल पर अपनी मनोकामनाओ को पूर्ण करने हेतु मत्था टेकने यंहा पहुंचते है।1
- Post by INDRAJEET SINGH DASHMER1
- Post by Samarpit sahu1
- घंसौर में अटल नमो विचार मंच का होली मिलन एवं स्वागत समारोह आयोजित घंसौर। अटल नमो विचार मंच के तत्वाधान में शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को घंसौर नगर स्थित गुरु कृपा लॉन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रंगों के पर्व होली के अवसर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लखनादौन विधानसभा क्षेत्र से नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष अनिल गोल्हानी, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती राजेश्वरी तथा संयोजक बिन्नू तिवारी सहित अन्य जिला पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अटल नमो विचार मंच के कई सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे व संगठन की मजबूती का संदेश दिया। समारोह में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।1
- अलविदा पेंच की 'राजकुमारी'! 18 साल तक जंगल पर राज करने वाली 'लंगड़ी बाघिन' का सफर थमा1
- NH44 स्थित कुरई घाटी की हाईवे पर लगाया गया साउंड प्रूफ सड़क सड़क की बनाई गई दीवारें जहां-जहां से टूट गई जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान जबकि वन्य जीव की सुरक्षा हेतु साउंड प्रूफ रोड बनाई गई थी एवं जगह सीमेंट रोड पर भी दरारे देखी जा सकती है।1
- तहसील मुख्यालय कटंगी से करीब 05 किमी. दूर ग्राम खोलापुर के हनुमान मंदिर में सकल समाज और ग्रामीणों के सहयोग से शिवलिंग की स्थापना की गई। 07 मार्च की दोपहर 12 बजे शिवलिंग की स्थापना से पहले गांव में भक्तों ने बैंड-बाजे, झांकियों और ध्वज के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का उद्देश्य पूरे समाज को इस पवित्र कार्य में सहभागी बनाना और वातावरण को धार्मिक उत्साह से भर देना था। शोभायात्रा में भक्तजन गाजे-बाजे और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ चल रहे थे। जिससे पूरे गांव का वातावरण धर्ममय हो गया था।1