हंटरगंज के लोग पिछले कई महीनों से सड़क पर उड़ रही धूल से बेहद परेशान हैं। क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य सड़क और क्रैशर से जुड़े संपर्क मार्गों पर दिन-रात दौड़ते ओवरलोडेड हाईवा वाहनों के कारण यहां हर समय धूल का गुबार उठता रहता है। ये हाईवा बिना ढके और ओवरलोड होकर बालू, पत्थर और कोयला ढोकर गुजरते हैं, जिससे गांव के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। तेज रफ्तार वाहनों और सड़क पर गिरे मलबे से उड़ने वाली धूल सीधे घरों, आंगन, खेतों और स्कूलों में घुस जाती है। घरों की छतें, कपड़े, बर्तन और खाने-पीने की चीजें तक धूल से सनी रहती हैं। महिलाओं को दिन में कई बार सफाई करनी पड़ती है, फिर भी कोई राहत नहीं मिलती। इस स्थिति से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि धूल की वजह से आंखों में जलन, खांसी, अस्थमा और एलर्जी की शिकायतें बढ़ गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे मुंह ढककर जाते हैं, फिर भी बीमार पड़ रहे हैं, और रात को सोते समय भी धूल नाक-मुंह में चली जाती है। धूल का बुरा असर खेतों में लगी फसलों पर भी पड़ रहा है। सब्जी, धान और मक्का की फसल पर धूल की मोटी परत जम जाने से उत्पादन आधा रह गया है, और पत्ते धूल से ढक जाने के कारण फसल पीली पड़ रही है। पशुओं के चारे में भी धूल मिल रही है, जिससे उनके दूध उत्पादन में कमी आई है। हाईवा के लगातार आवागमन से सड़क की हालत भी जर्जर हो गई है और जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल लोगों के लिए नई मुसीबत बन जाती है। कई बार हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार और पैदल लोग घायल भी हुए हैं। इन सभी समस्याओं के बावजूद प्रशासन मौन है। अब इस स्थिति से तंग आकर एक राजद नेता ने उपायुक्त से गुहार लगाई है, यह कहते हुए कि सांस, आंख और फसल सब बर्बाद हो चुके हैं।
हंटरगंज के लोग पिछले कई महीनों से सड़क पर उड़ रही धूल से बेहद परेशान हैं। क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य सड़क और क्रैशर से जुड़े संपर्क मार्गों पर दिन-रात दौड़ते ओवरलोडेड हाईवा वाहनों के कारण यहां हर समय धूल का गुबार उठता रहता है। ये हाईवा बिना ढके और ओवरलोड होकर बालू, पत्थर और कोयला ढोकर गुजरते हैं, जिससे गांव के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। तेज रफ्तार वाहनों और सड़क पर गिरे मलबे से उड़ने वाली धूल सीधे घरों, आंगन, खेतों और स्कूलों में घुस जाती है। घरों की छतें, कपड़े, बर्तन और खाने-पीने की चीजें तक धूल से सनी रहती हैं। महिलाओं को दिन में कई बार सफाई करनी पड़ती है, फिर भी कोई राहत नहीं मिलती। इस स्थिति से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि धूल की वजह से आंखों में जलन, खांसी, अस्थमा और एलर्जी की शिकायतें बढ़ गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे मुंह ढककर जाते हैं, फिर भी बीमार पड़ रहे हैं, और रात को सोते समय भी धूल नाक-मुंह में चली जाती है। धूल का बुरा असर खेतों में लगी फसलों पर भी पड़ रहा है। सब्जी, धान और मक्का की फसल पर धूल की मोटी परत जम जाने से उत्पादन आधा रह गया है, और पत्ते धूल से ढक जाने के कारण फसल पीली पड़ रही है। पशुओं के चारे में भी धूल मिल रही है, जिससे उनके दूध उत्पादन में कमी आई है। हाईवा के लगातार आवागमन से सड़क की हालत भी जर्जर हो गई है और जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल लोगों के लिए नई मुसीबत बन जाती है। कई बार हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार और पैदल लोग घायल भी हुए हैं। इन सभी समस्याओं के बावजूद प्रशासन मौन है। अब इस स्थिति से तंग आकर एक राजद नेता ने उपायुक्त से गुहार लगाई है, यह कहते हुए कि सांस, आंख और फसल सब बर्बाद हो चुके हैं।
- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार की पहल अब रंग ला रही है। थाना क्षेत्र से गुजरने वाले एनएच-22 पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और लोगों की लगातार शिकायतों को थाना प्रभारी ने गंभीरता से लिया था। इसी क्रम में, थाना प्रभारी ने स्वयं स्थल निरीक्षण किया और संबंधित विभाग एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से हंटरगंज पानी टंकी, बारहगंवामोड़, बाजार, डुमरी पंजाब नेशनल सहित अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों के कई संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया। इन ब्रेकरों से अब तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण होने लगा है; पहले जहां वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते थे, वहीं अब चालकों को अपनी गति धीमी करनी पड़ रही है। इस बदलाव से राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बढ़ी है। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की रक्षा करना भी है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और स्पीड ब्रेकर के पास धीमी गति से वाहन चलाने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी की इस जनहितकारी पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय ग्रामीणों, दुकानदारों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे समय की जरूरत बताते हुए कहा है कि इससे दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और बच्चों सहित आम लोगों की जान सुरक्षित रहेगी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ऐसे पुलिस अधिकारी हर क्षेत्र में होने चाहिए, और यदि पुलिस इसी तरह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देकर काम करती रही, तो पुलिस और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा। थाना प्रभारी प्रभात कुमार की इस पहल को कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनसेवा का भी एक सराहनीय उदाहरण माना जा रहा है।1
- पुलिस ने कोयरियाडीह इलाके में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने अवैध बालू खनन में इस्तेमाल हो रहे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है।1
- प्रतापपुर प्रखंड की गजवा पंचायत में ग्रामीणों को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पंचायत की मुखिया पूनम कुमारी के अथक प्रयासों से चातर और पांति गांव में 25-25 केवी क्षमता के दो नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं, जिनका बुधवार को पांति गांव में फीता काटकर उद्घाटन किया गया। मुखिया पूनम कुमारी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों द्वारा बिजली न होने और बिजली आपूर्ति में हो रही लगातार परेशानियों को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों के मिलने के बाद उन्होंने बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर दोनों गांवों में ट्रांसफार्मर लगवाने की पहल की, जिससे अब ग्रामीणों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि गजवा पंचायत के सतबहिनी, कोरियाडीह, भुसिया दलित टोला और बाघाकोला जैसे गांव आजादी के बाद से अब तक बिजली सुविधा से वंचित थे। इन गांवों में भी आवश्यकतानुसार 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनें बिछाने और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। मुखिया ने उम्मीद जताई है कि अगले दस दिनों के भीतर इन सभी गांवों में भी बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। ट्रांसफार्मर के उद्घाटन कार्यक्रम में वार्ड सदस्य राजेंद्र यादव, वार्ड सदस्य कैली देवी, उपमुखिया पति धनंजय यादव, मिथलेश कुमार सहित पंचायत के कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- गया शहर के माडनपुर ब्रह्मयोनि स्थित सावित्री मंदिर के प्रांगण में सावित्री कुंड की सफाई का कार्य श्रमदान के जरिए किया जा रहा है। यह कुंड धार्मिक महत्व रखता है और सालभर देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय स्तर पर लोग इस पवित्र कुंड की स्वच्छता सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं।1
- गया टाउन ब्लॉक के चंदौती वार्ड नंबर 01 में अभी तक कोई विकास कार्य नहीं हो पाया है। आरोप है कि बेलगंज़ विधानसभा की मंत्री मनोरमा देवी ने इस समस्या पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है, जिसके चलते वार्ड में कोई भी काम शुरू नहीं हो सका है।1
- हंटरगंज में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने के लिए थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। एनएच 22 पर हाई स्पीड वाहनों की तेज रफ्तार और आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। यह कदम स्थानीय लोगों की लगातार मांग और दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। ग्रामीणों और दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से कई बार ब्रेकर लगाने की मांग की थी, क्योंकि वाहन चालक हंटरगंज-शेरघाटी मुख्य मार्ग, हंटरगंज बाजार, डुमरी और स्कूल-कॉलेज के आसपास घनी आबादी वाले क्षेत्रों से 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते थे, जिससे पैदल चलने वालों और बच्चों के लिए खतरा बना रहता था। थाना प्रभारी ने स्वयं स्थिति का निरीक्षण करने के बाद सड़क विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इन ब्रेकरों का निर्माण करवाया है। हंटरगंज बाजार, डुमरी के समीप, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास और जजलो मोड़ सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर ये ब्रेकर लगाए गए हैं। रात के समय भी चालकों को आसानी से दिख सकें, इसके लिए ब्रेकरों पर सफेद रंग के निशान भी बनाए गए हैं। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि स्पीड ब्रेकर लगाने का मुख्य उद्देश्य लोगों की जान की रक्षा करना और हाई स्पीड वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे ब्रेकर के पास धीमी गति से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें। पुलिस ने यह चेतावनी भी दी है कि ब्रेकर लगने के बाद भी यदि कोई वाहन चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाता हुआ पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। दुकानदारों और अभिभावकों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अब बच्चों का स्कूल जाते समय सड़क पार करना थोड़ा सुरक्षित हो गया है। उनका मानना है कि ब्रेकर लगने से वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण होगा और दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी।1
- हंटरगंज के लोग पिछले कई महीनों से सड़क पर उड़ रही धूल से बेहद परेशान हैं। क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य सड़क और क्रैशर से जुड़े संपर्क मार्गों पर दिन-रात दौड़ते ओवरलोडेड हाईवा वाहनों के कारण यहां हर समय धूल का गुबार उठता रहता है। ये हाईवा बिना ढके और ओवरलोड होकर बालू, पत्थर और कोयला ढोकर गुजरते हैं, जिससे गांव के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। तेज रफ्तार वाहनों और सड़क पर गिरे मलबे से उड़ने वाली धूल सीधे घरों, आंगन, खेतों और स्कूलों में घुस जाती है। घरों की छतें, कपड़े, बर्तन और खाने-पीने की चीजें तक धूल से सनी रहती हैं। महिलाओं को दिन में कई बार सफाई करनी पड़ती है, फिर भी कोई राहत नहीं मिलती। इस स्थिति से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि धूल की वजह से आंखों में जलन, खांसी, अस्थमा और एलर्जी की शिकायतें बढ़ गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे मुंह ढककर जाते हैं, फिर भी बीमार पड़ रहे हैं, और रात को सोते समय भी धूल नाक-मुंह में चली जाती है। धूल का बुरा असर खेतों में लगी फसलों पर भी पड़ रहा है। सब्जी, धान और मक्का की फसल पर धूल की मोटी परत जम जाने से उत्पादन आधा रह गया है, और पत्ते धूल से ढक जाने के कारण फसल पीली पड़ रही है। पशुओं के चारे में भी धूल मिल रही है, जिससे उनके दूध उत्पादन में कमी आई है। हाईवा के लगातार आवागमन से सड़क की हालत भी जर्जर हो गई है और जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल लोगों के लिए नई मुसीबत बन जाती है। कई बार हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार और पैदल लोग घायल भी हुए हैं। इन सभी समस्याओं के बावजूद प्रशासन मौन है। अब इस स्थिति से तंग आकर एक राजद नेता ने उपायुक्त से गुहार लगाई है, यह कहते हुए कि सांस, आंख और फसल सब बर्बाद हो चुके हैं।1