प्रतापपुर प्रखंड की गजवा पंचायत में ग्रामीणों को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पंचायत की मुखिया पूनम कुमारी के अथक प्रयासों से चातर और पांति गांव में 25-25 केवी क्षमता के दो नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं, जिनका बुधवार को पांति गांव में फीता काटकर उद्घाटन किया गया। मुखिया पूनम कुमारी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों द्वारा बिजली न होने और बिजली आपूर्ति में हो रही लगातार परेशानियों को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों के मिलने के बाद उन्होंने बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर दोनों गांवों में ट्रांसफार्मर लगवाने की पहल की, जिससे अब ग्रामीणों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि गजवा पंचायत के सतबहिनी, कोरियाडीह, भुसिया दलित टोला और बाघाकोला जैसे गांव आजादी के बाद से अब तक बिजली सुविधा से वंचित थे। इन गांवों में भी आवश्यकतानुसार 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनें बिछाने और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। मुखिया ने उम्मीद जताई है कि अगले दस दिनों के भीतर इन सभी गांवों में भी बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। ट्रांसफार्मर के उद्घाटन कार्यक्रम में वार्ड सदस्य राजेंद्र यादव, वार्ड सदस्य कैली देवी, उपमुखिया पति धनंजय यादव, मिथलेश कुमार सहित पंचायत के कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रतापपुर प्रखंड की गजवा पंचायत में ग्रामीणों को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पंचायत की मुखिया पूनम कुमारी के अथक प्रयासों से चातर और पांति गांव में 25-25 केवी क्षमता के दो नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं, जिनका बुधवार को पांति गांव में फीता काटकर उद्घाटन किया गया। मुखिया पूनम कुमारी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों द्वारा बिजली न होने और बिजली आपूर्ति में हो रही लगातार परेशानियों को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों के मिलने के बाद उन्होंने बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर दोनों गांवों में ट्रांसफार्मर लगवाने की पहल की, जिससे अब ग्रामीणों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि गजवा पंचायत के सतबहिनी, कोरियाडीह, भुसिया दलित टोला और बाघाकोला जैसे गांव आजादी के बाद से अब तक बिजली सुविधा से वंचित थे। इन गांवों में भी आवश्यकतानुसार 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनें बिछाने और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। मुखिया ने उम्मीद जताई है कि अगले दस दिनों के भीतर इन सभी गांवों में भी बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। ट्रांसफार्मर के उद्घाटन कार्यक्रम में वार्ड सदस्य राजेंद्र यादव, वार्ड सदस्य कैली देवी, उपमुखिया पति धनंजय यादव, मिथलेश कुमार सहित पंचायत के कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
- प्रतापपुर प्रखंड की गजवा पंचायत में ग्रामीणों को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पंचायत की मुखिया पूनम कुमारी के अथक प्रयासों से चातर और पांति गांव में 25-25 केवी क्षमता के दो नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं, जिनका बुधवार को पांति गांव में फीता काटकर उद्घाटन किया गया। मुखिया पूनम कुमारी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों द्वारा बिजली न होने और बिजली आपूर्ति में हो रही लगातार परेशानियों को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों के मिलने के बाद उन्होंने बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर दोनों गांवों में ट्रांसफार्मर लगवाने की पहल की, जिससे अब ग्रामीणों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि गजवा पंचायत के सतबहिनी, कोरियाडीह, भुसिया दलित टोला और बाघाकोला जैसे गांव आजादी के बाद से अब तक बिजली सुविधा से वंचित थे। इन गांवों में भी आवश्यकतानुसार 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनें बिछाने और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। मुखिया ने उम्मीद जताई है कि अगले दस दिनों के भीतर इन सभी गांवों में भी बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। ट्रांसफार्मर के उद्घाटन कार्यक्रम में वार्ड सदस्य राजेंद्र यादव, वार्ड सदस्य कैली देवी, उपमुखिया पति धनंजय यादव, मिथलेश कुमार सहित पंचायत के कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार की पहल अब रंग ला रही है। थाना क्षेत्र से गुजरने वाले एनएच-22 पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और लोगों की लगातार शिकायतों को थाना प्रभारी ने गंभीरता से लिया था। इसी क्रम में, थाना प्रभारी ने स्वयं स्थल निरीक्षण किया और संबंधित विभाग एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से हंटरगंज पानी टंकी, बारहगंवामोड़, बाजार, डुमरी पंजाब नेशनल सहित अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों के कई संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया। इन ब्रेकरों से अब तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण होने लगा है; पहले जहां वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते थे, वहीं अब चालकों को अपनी गति धीमी करनी पड़ रही है। इस बदलाव से राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बढ़ी है। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की रक्षा करना भी है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और स्पीड ब्रेकर के पास धीमी गति से वाहन चलाने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी की इस जनहितकारी पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय ग्रामीणों, दुकानदारों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे समय की जरूरत बताते हुए कहा है कि इससे दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और बच्चों सहित आम लोगों की जान सुरक्षित रहेगी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ऐसे पुलिस अधिकारी हर क्षेत्र में होने चाहिए, और यदि पुलिस इसी तरह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देकर काम करती रही, तो पुलिस और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा। थाना प्रभारी प्रभात कुमार की इस पहल को कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनसेवा का भी एक सराहनीय उदाहरण माना जा रहा है।1
- पुलिस ने कोयरियाडीह इलाके में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने अवैध बालू खनन में इस्तेमाल हो रहे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है।1
- लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की सभी पंचायतों में 29 जुलाई से 4 अगस्त तक ड्राइविंग लाइसेंस कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप मनिका के हर पंचायत में लगाया जाएगा।1
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड की चंपा पंचायत में स्थित ग्वालखाड़ गाँव मूलभूत सुविधाओं और भोजन के अभाव से जूझ रहा है। चंपा पंचायत की मुखिया सुषमा कुजूर ने बुधवार शाम 4 बजे बताया कि प्राकृतिक की गोद में बसे इस गाँव की इतनी दयनीय स्थिति है कि नक्सलियों ने भी कभी यहाँ पनाह नहीं ली। उन्होंने यह भी बताया कि ग्वालखाड़ गाँव तक पहुँचने के लिए न तो कोई सुगम रास्ता है और न ही यहाँ किसी भी विकास कार्य की आधारशिला रखी गई है।1
- प्रतापपुर प्रखंड के रामपुर स्थित बबन खान बगिचा मैदान में मंगलवार की रात रजा प्रीमियर लीग एक दिवसीय नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया गया। रामपुर मुखिया के पुत्र काशिफ रजा द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में झारखंड और बिहार से कुल 24 टीमों ने भाग लिया। टूर्नामेंट का उद्घाटन प्रमुख पति कपिल पासवान, रामपुर मुखिया महजबी प्रवीन, काशिफ रजा, कांग्रेस अध्यक्ष रकीबुल इमाम, कोठी मुखिया पिंटू खान, जफीर खान, रामस्वरूप यादव और अन्य उपस्थित अतिथियों ने फीता काटकर धूमधाम से किया। उद्घाटन मैच प्रतापपुर रिटायर्ड जीरो सेवन और रामपुर के बीच रोमांचक रहा, जिसके बाद सिलदाहा और घोरीघाट की टीमों ने कई अन्य टीमों को पराजित करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में सिलदाहा की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए घोरीघाट को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा किया। विजेता टीम सिलदाहा को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी के साथ 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, वहीं उपविजेता घोरीघाट को ट्रॉफी और 8 हजार रुपये का नकद पुरस्कार मिला। टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को शील्ड और मेडल से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया गया कि क्रिकेट क्षेत्र का एक लोकप्रिय खेल बन गया है और इस रजा प्रीमियर लीग नाइट मैच का आयोजन युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने, अपनी प्रतिभा को निखारने और जिला व राज्य स्तर पर अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने के उद्देश्य से किया गया है। आयोजक काशिफ रजा को इस तरह के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया गया। यह नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट दूधिया रोशनी में खेला गया था और प्रत्येक टीम को 6 ओवर का मैच सर्कल खेलना था। इस मौके पर प्रतापपुर मुखिया पुत्र रविंद्र कुमार राबो, डॉ. रामाकांत शर्मा, विनोद गुप्ता, ताबिश पठान, वीरेंद्र प्रसाद, खुर्शीद खान, बिक्कू, आकाश गुप्ता, नाहिद, जुबैर, सिरताज, शहबाज, छोटू सहित हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद थे।1
- हंटरगंज के लोग पिछले कई महीनों से सड़क पर उड़ रही धूल से बेहद परेशान हैं। क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य सड़क और क्रैशर से जुड़े संपर्क मार्गों पर दिन-रात दौड़ते ओवरलोडेड हाईवा वाहनों के कारण यहां हर समय धूल का गुबार उठता रहता है। ये हाईवा बिना ढके और ओवरलोड होकर बालू, पत्थर और कोयला ढोकर गुजरते हैं, जिससे गांव के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। तेज रफ्तार वाहनों और सड़क पर गिरे मलबे से उड़ने वाली धूल सीधे घरों, आंगन, खेतों और स्कूलों में घुस जाती है। घरों की छतें, कपड़े, बर्तन और खाने-पीने की चीजें तक धूल से सनी रहती हैं। महिलाओं को दिन में कई बार सफाई करनी पड़ती है, फिर भी कोई राहत नहीं मिलती। इस स्थिति से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि धूल की वजह से आंखों में जलन, खांसी, अस्थमा और एलर्जी की शिकायतें बढ़ गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे मुंह ढककर जाते हैं, फिर भी बीमार पड़ रहे हैं, और रात को सोते समय भी धूल नाक-मुंह में चली जाती है। धूल का बुरा असर खेतों में लगी फसलों पर भी पड़ रहा है। सब्जी, धान और मक्का की फसल पर धूल की मोटी परत जम जाने से उत्पादन आधा रह गया है, और पत्ते धूल से ढक जाने के कारण फसल पीली पड़ रही है। पशुओं के चारे में भी धूल मिल रही है, जिससे उनके दूध उत्पादन में कमी आई है। हाईवा के लगातार आवागमन से सड़क की हालत भी जर्जर हो गई है और जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल लोगों के लिए नई मुसीबत बन जाती है। कई बार हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार और पैदल लोग घायल भी हुए हैं। इन सभी समस्याओं के बावजूद प्रशासन मौन है। अब इस स्थिति से तंग आकर एक राजद नेता ने उपायुक्त से गुहार लगाई है, यह कहते हुए कि सांस, आंख और फसल सब बर्बाद हो चुके हैं।1