Shuru
Apke Nagar Ki App…
Dinesh Kumar
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- हमीरपुर मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में 30 महिलाओं को मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिविर के समापन अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न टीकाकरण अभियानों, टीबी मुक्त अभियान और एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही जीवन में आगे बढ़ सकता है। इसलिए, हमें दैनिक कार्यों के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को एचआईवी-एड्स और टीबी इत्यादि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले, संस्थान के निदेशक अजय कतना ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को उद्यमिता से संबंधित भी कई महत्वूपर्ण जानकारियां प्रदान की। कार्यक्रम में शिविर के मूल्यांकनकर्ता रणजीत कलोत्रा और लीला देवी, फैकल्टी मैंबर विनय चौहान, ट्रेनर कंचन और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।1
- Post by Dinesh Kumar1
- कुटलैहड़ की सड़कों की हालत खस्ता, विभाग मिट्टी डलवाने में भी असमर्थ : पूर्व विधायक दविंद्र कुमार भुट्टो1
- घुमारवी वैश्विक तनाव के दौर में आम जनता को राहत, पेट्रोल पर सीमा शुल्क घटा और डीजल से पूरी तरह समाप्त; घुमारवीं। पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव से उत्पन्न वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार के फैसले को ऐतिहासिक और दूरदर्शी करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, ऐसे समय में भारत सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर सीमा शुल्क 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दिया है, जबकि डीजल पर लगने वाला 10 रुपये का सीमा शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सीधे तौर पर देश के करोड़ों लोगों को राहत देने वाला है और महंगाई पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल आपूर्ति को लेकर भी ठोस रणनीति बनाई है, जिससे यदि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति और गंभीर होती है, तब भी भारत में तेल की कोई कमी नहीं होगी। यह सरकार की दूरदर्शिता और मजबूत आर्थिक प्रबंधन का उदाहरण है। गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए फैसले लिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल केवल आलोचना की राजनीति में लगे रहते हैं, जबकि ऐसे ठोस निर्णय यह साबित करते हैं कि वास्तविक नेतृत्व वही होता है जो कठिन परिस्थितियों में देशहित में निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि सभी दल राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में लिए गए फैसलों का समर्थन करें, ताकि वैश्विक संकट के इस दौर में देश मजबूती से आगे बढ़ सके।1
- सुजानपुर सुजानपुर के वार्ड नंबर 4 में LPG की काफी किल्लत चल रही हैं! स्थानीय लोगों ने बताया कि गैस एजेंसी की गाड़ी आने के बावजूद भी और गैस बुकिंग करने के बाद भी गैस सिलेंडर मुहैया नहीं करवाए जा रहे हैं जिसको चलते स्थानीय लोगों में काफी रोज पनप रहा है स्थानीय लोगों ने सिलेंडर ब्लैक करने के आरोप भी लगाए हैं!1
- 🥹🥹🥹1
- शुक्रवार को गगरेट क्षेत्र की अंबोटा पंचायत के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मिन्नी सचिवालय पहुंचा और पंचायत विभाजन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज करवाया। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे सतीश कुमार गोगी ने बताया कि पहले पंचायत को तीन हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव था, जिसका विरोध होने के बाद अब इसे दो भागों में विभाजित किया जा रहा है, लेकिन यह नया फार्मूला भी लोगों को स्वीकार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान विभाजन जातीय आधार पर किया गया है, जिसमें स्वर्ण वर्ग और दलित वर्ग को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का विभाजन सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नए परिसीमन में एक पंचायत में लगभग 5000 मतदाता रह जाएंगे, जबकि दूसरी पंचायत में मात्र 1000 मतदाता होंगे, जो पूरी तरह असंतुलित है। ग्रामीणों ने पंचायत के नाम में बदलाव पर भी आपत्ति जताई। प्रशासन द्वारा एक हिस्से का नाम अंबोटा से बदलकर चतेहर किए जाने को उन्होंने अव्यवहारिक करार दिया। उनका कहना है कि कई युवा विदेशों में कार्यरत हैं और उनके दस्तावेजों में स्थायी पता अंबोटा दर्ज है, ऐसे में नाम परिवर्तन से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि पंचायत का विभाजन आवश्यक होने पर अपार और लोअर अंबोटा के रूप में किया जा सकता था, जिससे संतुलन और सामाजिक समरसता बनी रहती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।2
- हमीरपुर नगर निगम हमीरपुर के तहत आने वाले परिवार हाउस टैक्स जमा करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। यही कारण है कि मार्च महीने की शुरूआत तक नगर निगम को लगभग 50 लाख के करीब हाउस टैक्स प्राप्त हुआ है। हालांकि यदि हम सालाना आंकड़े की बात करें तो यह एक करोड़ 47 लाख रुपए है। यानि की नगर निगम को हाउस टैक्स के रूप में वार्षिक इतनी राशि प्राप्त होती है। इस कारण काफी कम परिवारों ने गृहकर जमा करवाया है। नगर निगम हमीरपुर के तहत 4300 परिवार आते हैं जिनसे हाउस टैक्स लिया जाता है। इस बार इनमें से बहुत कम परिवारों ने अपना गृहकर जमा करवाया है। गृहकर की वसूली के लिए नगर निगम ने अब 10 फीसदी छूट का प्रावधान किया है। 31 मार्च 2026 तक यह छूट गृहकर जमा करवाने वालों को दी जाएगी। सभी गृहकरदाता अपना हाउस टैक्स जमा करवाएं इसके लिए यह छूट प्रदान की गई है। यदि 31 मार्च को समय निकल गया तो फिर छूट नहीं मिलेगी तथा जितना गृहकर बनता है उतना चुकाना पड़ेगा। फिलहाल नगर निगम सभी परिवारों से गृहकर जमा करवाने की अपील कर रहा है। नगर निगम के अधिकारियों की माने तो समय पर गृहकर की अदायगी होनी चाहिए। अधिक समय बीत जाने से जहां परिवारों को अधिक टैक्स चुकाना पड़ता है तो वही नगर निगम की कलेक्शन में भी कमी आती है। नगर निगम हमीरपुर में कमिशनर राकेश शर्मा ने बताया कि अब तक लगभग5 50 लाख हाउस टैक्स जमा हुआ है। वार्षिक एक करोड़ 47 लाख के करीब गृहकर जमा होता है। उन्होंने नगर निगम के तहत आने वाले परिवारों से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द अपना गृहकर जमा करवाएं। 31 मार्च तक गृहकर जमा करवाने वालों को दस फीसदी छूट का प्रावधान रखा गया है। निर्धारित समयावधि के उपरांत यह छूट नहीं मिलेगी।2