विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन। बेगूं/चित्तौड़गढ़। बेगूं में विश्व स्वास्थय दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार संपूर्ण जिले के न्यायिक अधिकारीगण द्वारा साइबर अपराध रोकथाम की बाबत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उसी के अनुकम में तालुका विधिक सेवा समिति बेगूं के अध्यक्ष अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश नीरज कुमार द्वारा बेगूं के महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय में व अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष जैलिया के द्वारा पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पीपली चौराहा में कक्षा 9 वी से 12 वी तक के छात्र-छात्राओ को वर्तमान में समाज में तेजी से बढ रहे साइबर अपराधों से सावधान करते हुए मोबाईल पर प्राप्त होने वाले अनावश्यक ईमेल्स, लिंक, व्हाट्सप्प मैसेजेज, ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर होने वाली स्टाकिन्ग व ब्लैकमेलिंग, ऑनलाईन जुवे की लत के प्रति सचेत किया गया तथा कई साइबर अपराधों की वास्तविक घटनाओं से उन्हे रूबरू करवाते हुए साइबर अपराधों से संबंधित दंड प्रावधानों की जानकारी व विभिन्न हेल्पलाईन नंबर जैसे साईबर काईम हेतु 1930 व बाल अपराधों हेतु 1098 आदि की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अमृतलाल मीणा, अरूण व्यास, अधिवक्ता लालूराम कुमावत, तालुका कार्मिक लक्षिता पालीवाल, होमगार्ड राजकुमार शर्मा उपस्थित रहे। वही दूसरी ओर तालुका में कार्यरत अधिकार मित्र घनश्याम माली द्वारा राजकीय उपजिलाचिकित्सालय में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर अस्पताल में मौजूद ईलाजरत व्यक्तियों को यूडीआईडी कार्ड, एवं अन्य महत्वपूर्ण विधिक जानकारी से रूबरू करवाया ।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन। बेगूं/चित्तौड़गढ़। बेगूं में विश्व स्वास्थय दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार संपूर्ण जिले के न्यायिक अधिकारीगण द्वारा साइबर अपराध रोकथाम की बाबत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उसी के अनुकम में तालुका विधिक सेवा समिति बेगूं के अध्यक्ष अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश नीरज कुमार द्वारा बेगूं के महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय में व अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष जैलिया के द्वारा पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पीपली चौराहा में कक्षा 9 वी से 12 वी तक के छात्र-छात्राओ को वर्तमान में समाज में तेजी से बढ रहे साइबर अपराधों से सावधान करते हुए मोबाईल पर प्राप्त होने वाले अनावश्यक ईमेल्स, लिंक, व्हाट्सप्प मैसेजेज, ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर होने वाली स्टाकिन्ग व ब्लैकमेलिंग, ऑनलाईन जुवे की लत के प्रति सचेत किया गया तथा कई साइबर अपराधों की वास्तविक घटनाओं से उन्हे रूबरू करवाते हुए साइबर अपराधों से संबंधित दंड प्रावधानों की जानकारी व विभिन्न हेल्पलाईन नंबर जैसे साईबर काईम हेतु 1930 व बाल अपराधों हेतु 1098 आदि की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अमृतलाल मीणा, अरूण व्यास, अधिवक्ता लालूराम कुमावत, तालुका कार्मिक लक्षिता पालीवाल, होमगार्ड राजकुमार शर्मा उपस्थित रहे। वही दूसरी ओर तालुका में कार्यरत अधिकार मित्र घनश्याम माली द्वारा राजकीय उपजिलाचिकित्सालय में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर अस्पताल में मौजूद ईलाजरत व्यक्तियों को यूडीआईडी कार्ड, एवं अन्य महत्वपूर्ण विधिक जानकारी से रूबरू करवाया ।
- Debidas BairagiChittaurgarh, Chittorgarh👏11 hrs ago
- गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 90790081071
- कोटा | राजस्थान का शिक्षा शहर, कोटा, एक बार फिर अपनी पुरानी लय में लौट आया है। देश के कोने-कोने से इंजीनियरिंग (IIT-JEE) और मेडिकल (NEET) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों ने एक बार फिर एलन करियर इंस्टीट्यूट (Allen Career Institute) पर अपना सबसे बड़ा भरोसा जताया है। नए सत्र के आगाज़ के साथ ही एलन के विभिन्न सेंटर्स पर एडमिशन के लिए छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। परिणामों ने साबित की श्रेष्ठता विशेषज्ञों का मानना है कि एलन में दाखिले की इस बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा कारण संस्थान का कंसिस्टेंट रिजल्ट (Consistent Result) है। पिछले कई वर्षों से टॉप रैंक्स में एलन के दबदबे ने यह साबित कर दिया है कि यहाँ की कोचिंग पद्धति और मेंटरशिप का कोई सानी नहीं है। "जब बात भविष्य की और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की हो, तो हम किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। एलन का ट्रैक रिकॉर्ड खुद अपनी कहानी कहता है।" — एक अभिभावक (बिहार से) कोटा की इकोनॉमी को भी मिली रफ़्तार छात्रों की इस 'घर वापसी' से न केवल शिक्षा क्षेत्र, बल्कि कोटा के स्थानीय व्यापारियों, हॉस्टल संचालकों और मेस विक्रेताओं के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। एलन में बढ़ते एडमिशन्स इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन के लिए छात्र कोटा और विशेषकर एलन को ही अपनी पहली पसंद मानते हैं। एडमिशन में भारी उछाल: सत्र 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण। ट्रस्ट फैक्टर: बेहतरीन फैकल्टी और स्टडी मटेरियल के कारण छात्र उत्साहित। सफलता का पर्याय: IIT और NEET के पिछले परिणामों ने बढ़ाया संस्थान का मान।1
- कोटा | राजस्थान का शिक्षा शहर, कोटा, एक बार फिर अपनी पुरानी लय में लौट आया है। देश के कोने-कोने से इंजीनियरिंग (IIT-JEE) और मेडिकल (NEET) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों ने एक बार फिर एलन करियर इंस्टीट्यूट (Allen Career Institute) पर अपना सबसे बड़ा भरोसा जताया है। नए सत्र के आगाज़ के साथ ही एलन के विभिन्न सेंटर्स पर एडमिशन के लिए छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। परिणामों ने साबित की श्रेष्ठता विशेषज्ञों का मानना है कि एलन में दाखिले की इस बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा कारण संस्थान का कंसिस्टेंट रिजल्ट (Consistent Result) है। पिछले कई वर्षों से टॉप रैंक्स में एलन के दबदबे ने यह साबित कर दिया है कि यहाँ की कोचिंग पद्धति और मेंटरशिप का कोई सानी नहीं है। "जब बात भविष्य की और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की हो, तो हम किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। एलन का ट्रैक रिकॉर्ड खुद अपनी कहानी कहता है।" — एक अभिभावक (बिहार से) कोटा की इकोनॉमी को भी मिली रफ़्तार छात्रों की इस 'घर वापसी' से न केवल शिक्षा क्षेत्र, बल्कि कोटा के स्थानीय व्यापारियों, हॉस्टल संचालकों और मेस विक्रेताओं के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। एलन में बढ़ते एडमिशन्स इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन के लिए छात्र कोटा और विशेषकर एलन को ही अपनी पहली पसंद मानते हैं। एडमिशन में भारी उछाल: सत्र 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण। ट्रस्ट फैक्टर: बेहतरीन फैकल्टी और स्टडी मटेरियल के कारण छात्र उत्साहित। सफलता का पर्याय: IIT और NEET के पिछले परिणामों ने बढ़ाया संस्थान का मान।1
- बूंदी राजस्थान परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को मिलेगा पर्याप्त जल प्रदेश की 40 प्रतिशत आबादी होगी लाभांवित परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयावधि में हो पूर्ण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा/जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील स्थित गुहाटा गांव पहुंचकर राम जल सेतु लिंक परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोेजना राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस परियोजना के माध्यम से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा तथा प्रदेश की लगभग 40 फीसदी आबादी इससे लाभांवित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो। श्री शर्मा ने कहा कि चम्बल एक्वाडक्ट राम जल सेतु लिंक परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है, ऐसे में अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने परियोजना की प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चम्बल एक्वाडक्ट कोटा के पीपल्दा समेल गांव तथा बूंदी के गुहाटा गांव के मध्य चम्बल नदी पर बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई 2 हजार 280 मीटर है। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि एक्वाडक्ट का निर्माण 5060 पाइलों एवं 77 पाइल कैपों पर किया जाएगा। एक्वाडक्ट में औसतन 384 गोलाकार पीयरों का निर्माण होगा। साथ ही, इसके जरिए चम्बल नदी के ऊपर जल का प्रवाह किया जाकर चम्बल नदी को क्रॉस किया जाएगा जिससे आमजन के लिए आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर श्री शर्मा ने एक्वाडक्ट पीयर का पूजन किया। उन्होंने प्रोजेक्ट साइट पर राम जल सेतु लिंक परियोजना के निर्माण कार्यों को लेकर तैयार की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इससे पहले श्री शर्मा ने पौधारोपण कर पर्यावरण का संदेश दिया। इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, संभागीय आयुक्त कोटा अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर कोटा पीयूष समारिया, राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य अभियंता श्री रवि सोलंकी सहित परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद रहे।2
- सीजफायर का आज पहला दिन: लेबनान पर इजरायल की बमबारी में 100 आमजन हताहत:1000 घायल: सीज़फ़ायर के बावजूद इजरायल की आक्रामकता जारी है...1
- #वायरल @वायरल🔹 उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा बैराज पर सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई। 🔹 यह पहल राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 90790081071
- राजस्थान में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, 20 अप्रैल तक बीच-बीच में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई जा रही है, वीडियो जयपुर का है कल का, बीकानेर में भी अब तक की सबसे भारी ओलावृष्टि की खबर है...1
- कोटा राजस्थान बोटिंग, रंगारंग परेड और ड्रोन शो ने रोमांच से भर दी यादगार शाम रियल टेम्पल्स ऑफ इंडिया के विशेष आयोजन बच्चो के चहरे पर खिली मुस्कान मैजिक शो, फेसबुक पेंटिंग, ब्लॉक पेंटिंग तक बच्चों ने दिखाया उत्साह कोटा। समाज में संवेदनशीलता और करुणा के भाव को जीवंत रूप देते हुए रियल टेम्पल्स ऑफ इंडिया द्वारा सिटी पार्क में आयोजित “अनंत उत्सव –” विशेष बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बना। संस्थापक प्रांजल अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में बच्चों की मासूम खुशियाँ, उत्साह और भावनाएँ हर पल में झलकती नजर आईं। अनंत युवा प्रतिष्ठान से प्रेरित इस आयोजन मे शहर के विभिन्न संस्थानों—बाधित बाल विकास केंद्र, श्री करणी नगर विकास समिति, गंगा विज़न, घुमंतू छात्रावास,तेजस्वनि बालिका छात्रावास,एलबीएस दिव्यांग विद्यार्थियों,शिवालिका व मधुस्मृति सहित अन्य संगठनों से जुड़े 472 से अधिक विशेष बच्चे एवं बालिकाएँ शामिल हुईं। सिमरन बब्बर ने बताया कि सायं 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक चले इस आयोजन में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को एक सुरक्षित, आनंदमय और आत्मीय वातावरण प्रदान किया गया। सिटी पार्क के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच जब बच्चों ने बोटिंग का आनंद लिया, तो उनकी आंखों में उत्सुकता और चेहरे पर खिलखिलाहट साफ दिखाई दी। कई बच्चों के लिए यह अनुभव पहली बार था, जिसने उनके मन में रोमांच और आत्मविश्वास दोनों का संचार किया। मंजुल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में कलाकारों के साथ निकली रंगारंग परेड बच्चों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रही। रंग-बिरंगे परिधानों और संगीत की धुनों के बीच बच्चे स्वयं को इस उत्सव का केंद्र महसूस करते नजर आए। वहीं रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों ने बच्चों को अपनी प्रतिभा व्यक्त करने का अवसर दिया, जिससे उनके भीतर छिपी अभिव्यक्ति को नई उड़ान मिली। शाम ढलते ही आयोजित ड्रोन शो और आतिशबाजी ने वातावरण को आलोकित कर दिया। आसमान में सजे रंगीन दृश्यों को देखकर बच्चों के चेहरे आश्चर्य और खुशी से दमक उठे। यह दृश्य उनके लिए एक सपने के साकार होने जैसा था।4