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जौरा शहर के वरिष्ठ समाजसेवी सचिन श्रीवास जखोदा ने अपना जन्मदिन गरीब और दलितों के साथ खुशियां बांटकर एक अनोखे अंदाज में मनाया। इस अवसर पर उन्होंने गरीब बच्चों को भोजन कराया और उनके बीच केक काटकर जन्मदिन की खुशियां साझा कीं।
Mahesh singh
जौरा शहर के वरिष्ठ समाजसेवी सचिन श्रीवास जखोदा ने अपना जन्मदिन गरीब और दलितों के साथ खुशियां बांटकर एक अनोखे अंदाज में मनाया। इस अवसर पर उन्होंने गरीब बच्चों को भोजन कराया और उनके बीच केक काटकर जन्मदिन की खुशियां साझा कीं।
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- धौलपुर जिले के जगदीशपुर में भरत तिवारी की मौत को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार पर 1,400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। कहा जा रहा है कि भरत तिवारी ने जब इस कथित घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई, तो उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे 'गुंडई राज' करार दिया गया है। आरोप है कि इस व्यवस्था में सच की आवाज उठाने वालों का एनकाउंटर करवा दिया जाता है। इस मामले के संदर्भ में यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि यदि कोई भी व्यक्ति सच के साथ खड़ा होगा, तो उसे मिटाने का प्रयास किया जाएगा।2
- धौलपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित कोटला मोहल्ले में 7 जुलाई को हुई फायरिंग और पथराव की घटना के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और वृत्ताधिकारी कृष्णराज जांगिड के पर्यवेक्षण में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक वीरेन्द्र मीना ने यह कार्रवाई की, जिसके बाद मामले में आगे की पूछताछ और अनुसंधान जारी है। यह घटना 8 जुलाई को अब्दुल हमीद कॉलोनी, कोटला मोहल्ला निवासी रहीसा पत्नी कल्ला कुरैशी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर सामने आई। रहीसा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 7 जुलाई की सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच, सोहिल, अबरार, मुन्ना, अलीम, सलीम, अनीस, शाहरुख, रिजवान, आस मोहम्मद, इमरान और चांदबाबू सहित कई अन्य लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर और गली में घुस आए। आरोप के अनुसार, सोहिल और उसके एक साथी ने अकरम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। इसके अतिरिक्त, शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने घर पर पथराव भी किया, जिससे निशा नामक महिला की हाथ की उंगली में चोट आई। उन्होंने घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो कार का पिछला शीशा भी तोड़ दिया और वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। मोहल्ले के लोगों के इकट्ठा होने पर, सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सोहिल, अलीम, आस मोहम्मद, रिजवान और सोहिब नामक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुरुवार को इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार, अलीम, आस मोहम्मद और सोहिल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि रिजवान और सोहिब को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश एवं अनुसंधान जारी है।2
- ग्वालियर स्थित ज्योति ज्ञान पीठ स्कूल में प्लेग्रुप से एडमिशन शुरू हो गए हैं। स्कूल बच्चों के लिए बेहतरीन और सुविधाजनक व्यवस्थाएँ प्रदान करता है, जहाँ छोटे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विस्तृत जानकारी के लिए सरस्वती सदन न्यू नरसिंह नगर चार शहर का नाका ग्वालियर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- ग्वालियर जिले के बिजौली थाना क्षेत्र की रतवाई ग्राम पंचायत के ग्राम हसनपुरा में ग्रामीणों को रास्ते से निकलने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीण इस मार्ग के कारण अत्यधिक परेशानी से गुजर रहे हैं, जिससे उनके दैनिक जीवन में दिक्कतें आ रही हैं।4
- सरमथुरा पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।1
- धौलपुर जिले में गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के सदस्य सचिव महोदय के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) संजीव मागो के मार्गदर्शन में सचिव एडीजे रेखा यादव द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान, सचिव यादव ने सेंटर में महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रकरणों के निष्पादन की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर में संधारित विभिन्न अभिलेखों, जिनमें आगंतुक पंजी, केस रजिस्टर, परामर्श रजिस्टर और चिकित्सा सहायता से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं, की गहनता से जांच की। इसके अतिरिक्त, सचिव ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय और एफआईआर सहायता जैसी उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए, सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और पीड़ित महिला/बालिका को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सेंटर में स्वच्छता, सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। काउंसलिंग कक्ष और अस्थायी निवास कक्ष का अवलोकन करते हुए, उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की गरिमा और निजता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। निरीक्षण के समय सेंटर में उपस्थित चार बालिकाओं और एक महिला से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया। उनसे उनके प्रकरणों के बारे में जानकारी ली गई और उन्हें गलत कार्य न करने तथा अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, उन्हें अपने घरवालों से मिलकर रहने की सीख दी गई तथा उनके विधिक अधिकारों के साथ-साथ नालसा और रालसा योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक शिप्रा पचौरी और प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया भी उपस्थित रहे।3
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) धौलपुर के अध्यक्ष संजीव मागो के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और एडीजे रेखा यादव ने गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सचिव ने केंद्र में महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आगंतुक पंजी, केस रजिस्टर, परामर्श रजिस्टर और चिकित्सा सहायता से संबंधित अभिलेखों की जांच कर लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा की, साथ ही यह निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए। रेखा यादव ने केंद्र में उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, निःशुल्क अधिवक्ता, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय एवं एफआईआर सहायता जैसी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़िताओं की गरिमा एवं निजता का हर हाल में संरक्षण किया जाए। निरीक्षण के समय केंद्र में चार बालिकाएं एवं एक महिला मौजूद मिलीं, जिनसे सचिव ने व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने उन्हें सकारात्मक जीवन अपनाने, परिवार के साथ समन्वय बनाकर रहने और किसी भी प्रकार के गलत कार्य से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, उन्हें उनके विधिक अधिकारों तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक शिप्रा पचौरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। शास्त्री प्रथम वर्ष और सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समयावधि के भीतर महाविद्यालय कार्यालय में जमा करनी होगी। प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया इसी के बाद पूरी की जाएगी, और अंतिम तिथि के बाद प्राप्त कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अतः इच्छुक विद्यार्थियों से समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने संस्कृत को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में प्रवेश लेकर संस्कृत शिक्षा से जुड़ने का आह्वान किया है। महाविद्यालय का यह संदेश है कि 'संस्कृत है तो संस्कृति है, समृद्ध संस्कृति ही समृद्ध भारत का आधार है।' महाविद्यालय प्रशासन ने क्षेत्र के विद्यालयों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से इस सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा विद्यार्थी संस्कृत शिक्षा का लाभ उठाकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें।1
- भरत तिवारी के एनकाउंटर की खबर सामने आने के बाद गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है। इस घटना को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से यह पूछा गया है कि भरत तिवारी का मोबाइल फोन पुलिस ने अपने कब्जे में क्यों रखा है। इसके अतिरिक्त, इस बात पर चिंता जताई गई है कि जब उनके घर पर मुलाकात के लिए कई लोग और विपक्षी नेता भी आ रहे हैं, तो सुरक्षा के लिए वहां पुलिसकर्मी क्यों तैनात नहीं किए गए हैं। इसी बीच, भरत तिवारी एनकाउंटर की खबर सुनकर दरोगा मिश्रा को 1200 किलोमीटर दूर से शाहपुर (आरा) लाकर रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान सोशल मीडिया नेटवर्क के 60 हजार सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार करने की जानकारी भी दी गई है।4