धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। शास्त्री प्रथम वर्ष और सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समयावधि के भीतर महाविद्यालय कार्यालय में जमा करनी होगी। प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया इसी के बाद पूरी की जाएगी, और अंतिम तिथि के बाद प्राप्त कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अतः इच्छुक विद्यार्थियों से समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने संस्कृत को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में प्रवेश लेकर संस्कृत शिक्षा से जुड़ने का आह्वान किया है। महाविद्यालय का यह संदेश है कि 'संस्कृत है तो संस्कृति है, समृद्ध संस्कृति ही समृद्ध भारत का आधार है।' महाविद्यालय प्रशासन ने क्षेत्र के विद्यालयों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से इस सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा विद्यार्थी संस्कृत शिक्षा का लाभ उठाकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें।
धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। शास्त्री प्रथम वर्ष और सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समयावधि के भीतर महाविद्यालय कार्यालय में जमा करनी होगी। प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया इसी के बाद पूरी की जाएगी, और अंतिम तिथि के बाद प्राप्त कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अतः इच्छुक विद्यार्थियों से समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने संस्कृत को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में प्रवेश लेकर संस्कृत शिक्षा से जुड़ने का आह्वान किया है। महाविद्यालय का यह संदेश है कि 'संस्कृत है तो संस्कृति है, समृद्ध संस्कृति ही समृद्ध भारत का आधार है।' महाविद्यालय प्रशासन ने क्षेत्र के विद्यालयों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से इस सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा विद्यार्थी संस्कृत शिक्षा का लाभ उठाकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें।
- सरमथुरा पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। शास्त्री प्रथम वर्ष और सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समयावधि के भीतर महाविद्यालय कार्यालय में जमा करनी होगी। प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया इसी के बाद पूरी की जाएगी, और अंतिम तिथि के बाद प्राप्त कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अतः इच्छुक विद्यार्थियों से समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने संस्कृत को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में प्रवेश लेकर संस्कृत शिक्षा से जुड़ने का आह्वान किया है। महाविद्यालय का यह संदेश है कि 'संस्कृत है तो संस्कृति है, समृद्ध संस्कृति ही समृद्ध भारत का आधार है।' महाविद्यालय प्रशासन ने क्षेत्र के विद्यालयों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से इस सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा विद्यार्थी संस्कृत शिक्षा का लाभ उठाकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें।1
- बाड़ी में भारत विकास परिषद का 63वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर परिषद ने जानकारी दी कि उनका काम हर जिले में चल रहा है और देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया।2
- सबलगढ़ में सबलगढ़-विजयपुर रोड पर लगे भीषण जाम में एक एंबुलेंस एक घंटे से अधिक समय तक फंसी रही, जिसके कारण मरीज को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खबर के अनुसार, सबलगढ़-विजयपुर रोड पर जाम की स्थिति दिन-ब-दिन भयंकर होती जा रही है, जहाँ हर रोज़ सुबह, दोपहर और शाम के समय जाम लग जाता है और इसमें सैकड़ों वाहन फंसे रहते हैं। इस गंभीर समस्या की ओर शासन-प्रशासन का कतई ध्यान नहीं है, और न ही नगर पालिका या पुलिस का कोई जवान जाम की स्थिति को संभालने के लिए तैनात रहता है।1
- जौरा शहर के मुख्य बाजार में, हनुमान चौराहे से लेकर मई वाले कुएं तक, बारिश का गंदा पानी भर गया था। इस समस्या की जानकारी मिलने पर विधायक तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद पानी में खड़े होकर सफाई कर्मचारियों को पानी निकालने और बाजार क्षेत्र की सफाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में झमाझम बारिश हुई है। इस भारी बारिश से क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है।1
- करौली शहर स्थित खान एवं भू विज्ञान विभाग के जर्जर कार्यालय की छत से गुरुवार दोपहर करीब 3:00 बजे अचानक प्लास्टर और गिट्टी गिरने से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। दोपहर के समय कर्मचारी अपने काम में व्यस्त थे, तभी छत से गिरे मलबे के कुछ टुकड़े पास रखे कंप्यूटरों पर भी जा गिरे। हालांकि, कर्मचारियों ने समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुँचकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। खान एवं भू विज्ञान विभाग का यह भवन वर्ष 1992 में निर्मित हुआ था और यह लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। यहाँ छत से पानी का रिसाव होना, प्लास्टर का झड़ना और लोहे के सरियों का बाहर निकलना आम बात है। इसके साथ ही, भवन की दीवारों में भी कई स्थानों पर चौड़ी दरारें आई हुई हैं। खनिज अभियंता पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि भवन की इस जर्जर स्थिति से उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।1