मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। हल्की बारिश या बूंदाबांदी होते ही बिजली सेवा बाधित होना आम बात हो गई है। महज दो दिन पहले फाल्ट की समस्या के कारण उपभोक्ताओं को 16 घंटे और 10 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा था। शुक्रवार को सुबह करीब 9 बजे से बिजली आपूर्ति ठप है, जो शाम 7 बजे तक मात्र दस मिनट के लिए ही बहाल हुई थी। दोपहर 12 बजे और शाम 5 बजे हुई हल्की बारिश के बाद 33 हजार पावर तार में फाल्ट आने की आशंका जताई जा रही है। इस बार-बार हो रही बिजली की समस्या के पीछे गुणवत्ता विहीन इंसुलेटर का इस्तेमाल मुख्य कारण बताया जा रहा है, जिसका खामियाजा क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जेई शंभू कुमार ने स्पष्ट किया कि फाल्ट को पहले ठीक कर बिजली चालू की गई थी, लेकिन बारिश होते ही दोबारा समस्या उत्पन्न हो गई। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि फाल्ट की जांच की जा रही है और जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। हल्की बारिश या बूंदाबांदी होते ही बिजली सेवा बाधित होना आम बात हो गई है। महज दो दिन पहले फाल्ट की समस्या के कारण उपभोक्ताओं को 16 घंटे और 10 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा था। शुक्रवार को सुबह करीब 9 बजे से बिजली आपूर्ति ठप है, जो शाम 7 बजे तक मात्र दस मिनट के लिए ही बहाल हुई थी। दोपहर 12 बजे और शाम 5 बजे हुई हल्की बारिश के बाद 33 हजार पावर तार में फाल्ट आने की आशंका जताई जा रही है। इस बार-बार हो रही बिजली की समस्या के पीछे गुणवत्ता विहीन इंसुलेटर का इस्तेमाल मुख्य कारण बताया जा रहा है, जिसका खामियाजा क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जेई शंभू कुमार ने स्पष्ट किया कि फाल्ट को पहले ठीक कर बिजली चालू की गई थी, लेकिन बारिश होते ही दोबारा समस्या उत्पन्न हो गई। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि फाल्ट की जांच की जा रही है और जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
- मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड में बारिश की कमी और उमस भरी गर्मी के कारण धान की रोपाई का काम बेहद सुस्त पड़ा है। अब तक क्षेत्र के मात्र 29 प्रतिशत खेतों में ही रोपाई हो पाई है, जबकि इस समय तक 50 से 60 प्रतिशत काम पूरा हो जाना चाहिए था। जलस्तर में निरंतर गिरावट के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे मजबूरन किसानों को मोटर और डीजल पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। कृषि विभाग के बीएओ दीपक कुमार और कृषि कोर्डिनेटर सुमन सौरभ के अनुसार, प्रखंड में धान रोपाई का लक्ष्य 13,999 हेक्टेयर भूमि है, लेकिन मानसून की बेरुखी ने स्थिति कठिन कर दी है। किसानों की परेशानी तब और बढ़ गई है क्योंकि सरकार ने अभी तक डीजल अनुदान की घोषणा नहीं की है। साथ ही, नहरों में पानी का अभाव है और कृषि फीडर से हर जगह बिजली की आपूर्ति न होने के कारण भी किसान सिंचाई के वैकल्पिक संसाधनों से वंचित हैं। धान उत्पादक किसान अब मानसून के बदले रुख को लेकर आशंकित हैं क्योंकि धान की बेहतर रोपाई के लिए 15 से 20 जुलाई का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस संकट को लेकर राजद अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, प्रो. वेदप्रकाश रिंकू, सीपीआईएम अंचल मंत्री ललन कुमार यादव, किसान नेता जगरनाथ झा, पन्नालाल यादव, भोला यादव, परशुराम तिवारी और जनसुराज पार्टी के नेता राजेश झा सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को पटवन के लिए राशि मुहैया कराई जाए और सरकारी नलकूपों व बिजली कनेक्शन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।1
- मधेपुरा के सिंहेश्वर बाजार का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को साझा करते हुए दर्शकों से पूछा गया है कि क्या आप लोगों को पता है कि यह वीडियो कहाँ का है, और इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सिंहेश्वर बाजार का ही है।1
- Post by Pappu Sarma1
- मधेपुरा के मुरलीगंज अंतर्गत गोपालपुर नहरपुर के वार्ड नंबर 9 में स्थिति बेहद खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क और क्षेत्र की हालत इतनी दयनीय है कि लोगों को पैदल चलने में भी भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में काफी आक्रोश है। निवासियों का आरोप है कि यहाँ के मुखिया और सरपंच स्थिति का जायजा लेने के लिए सुध लेने तक नहीं आते हैं। परेशान ग्रामीण अब अपनी राय और विरोध सार्वजनिक मंचों के जरिए साझा कर रहे हैं।1
- सुपौल के छातापुर अंतर्गत भीमपुर में खेत में मोटर बंद करने गए एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना स्थल और घर पर परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया है।1
- बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था। मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?2
- सुपौल के राघोपुर निवासी मोहम्मद यूसुफ खान को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। इस संबंध में पीड़ित ने राघोपुर थानाध्यक्ष को एक लिखित आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।1
- बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में भारी बारिश के कारण स्थानीय लोगों को खाना बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है और इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है ताकि यह जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।1