जावर में मारपीट व जातिसूचक गालियों का मामला, तीन आरोपियों के नाम नहीं जोड़ने का आरोप; पीड़ित परिवार ने एसडीओपी को दिया आवेदन जावर/सीहोर। थाना जावर क्षेत्र में मारपीट, छेड़छाड़ और जातिसूचक गालियों के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) आष्टा को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के चलते एफआईआर में तीन आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए। आवेदन में पीड़िता अरुण,परमार पिता गणपत सिंह परमार निवासी ग्राम चामसी, तहसील जावर जिला सीहोर ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे वह घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान गांव के अनिल पिता देवनारायण अपने साथ सुनील, सचिन एवं अर्जुन के साथ घर आए। आरोप है कि अनिल और उसके साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए हाथ पकड़कर जबरन सड़क की ओर खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता बीच-बचाव करने आए तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके पिता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज की। घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उसके बताए अनुसार सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि राजनीतिक दबाव के कारण अर्जुन, सुनील और सचिन पिता देवनारायण के नाम नहीं जोड़े गए। पीड़ित परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ⚖️ दर्ज धाराएं (थाना जावर) पुलिस ने प्रकरण में निम्न धाराएं दर्ज की हैं — भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 धारा 74 – मारपीट / चोट पहुंचाना धारा 296(b) – गाली-गलौज / अशोभनीय कृत्य धारा 115(2) – चोट पहुंचाना धारा 351(3) – आपराधिक धमकी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) धारा 3(1)(द) धारा 3(1)(ध) धारा 3(1)(w)(i) धारा 3(2)(va) पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों के नाम जोड़कर सख्त कार्रवाई की मांग की
जावर में मारपीट व जातिसूचक गालियों का मामला, तीन आरोपियों के नाम नहीं जोड़ने का आरोप; पीड़ित परिवार ने एसडीओपी को दिया आवेदन जावर/सीहोर। थाना जावर क्षेत्र में मारपीट, छेड़छाड़ और जातिसूचक गालियों के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) आष्टा को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के चलते एफआईआर में तीन आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए। आवेदन में पीड़िता अरुण,परमार पिता गणपत सिंह परमार निवासी ग्राम चामसी, तहसील जावर जिला सीहोर ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे वह घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान गांव के अनिल पिता देवनारायण अपने साथ सुनील, सचिन एवं अर्जुन के साथ घर आए। आरोप है कि अनिल और उसके साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए हाथ पकड़कर जबरन सड़क की ओर खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता बीच-बचाव करने आए तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके पिता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज की। घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उसके बताए अनुसार सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि राजनीतिक दबाव के कारण अर्जुन, सुनील और सचिन पिता देवनारायण के नाम नहीं जोड़े गए। पीड़ित परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ⚖️ दर्ज धाराएं (थाना जावर) पुलिस ने प्रकरण में निम्न धाराएं दर्ज की हैं — भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 धारा 74 – मारपीट / चोट पहुंचाना धारा 296(b) – गाली-गलौज / अशोभनीय कृत्य धारा 115(2) – चोट पहुंचाना धारा 351(3) – आपराधिक धमकी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) धारा 3(1)(द) धारा 3(1)(ध) धारा 3(1)(w)(i) धारा 3(2)(va) पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों के नाम जोड़कर सख्त कार्रवाई की मांग की
- जावर में मारपीट व जातिसूचक गालियों का मामला, तीन आरोपियों के नाम नहीं जोड़ने का आरोप; पीड़ित परिवार ने एसडीओपी को दिया आवेदन जावर/सीहोर। थाना जावर क्षेत्र में मारपीट, छेड़छाड़ और जातिसूचक गालियों के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) आष्टा को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के चलते एफआईआर में तीन आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए। आवेदन में पीड़िता अरुण,परमार पिता गणपत सिंह परमार निवासी ग्राम चामसी, तहसील जावर जिला सीहोर ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे वह घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान गांव के अनिल पिता देवनारायण अपने साथ सुनील, सचिन एवं अर्जुन के साथ घर आए। आरोप है कि अनिल और उसके साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए हाथ पकड़कर जबरन सड़क की ओर खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता बीच-बचाव करने आए तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके पिता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज की। घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उसके बताए अनुसार सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि राजनीतिक दबाव के कारण अर्जुन, सुनील और सचिन पिता देवनारायण के नाम नहीं जोड़े गए। पीड़ित परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ⚖️ दर्ज धाराएं (थाना जावर) पुलिस ने प्रकरण में निम्न धाराएं दर्ज की हैं — भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 धारा 74 – मारपीट / चोट पहुंचाना धारा 296(b) – गाली-गलौज / अशोभनीय कृत्य धारा 115(2) – चोट पहुंचाना धारा 351(3) – आपराधिक धमकी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) धारा 3(1)(द) धारा 3(1)(ध) धारा 3(1)(w)(i) धारा 3(2)(va) पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों के नाम जोड़कर सख्त कार्रवाई की मांग की1
- जावर में मारपीट व जातिसूचक गालियों का मामला, तीन आरोपियों के नाम नहीं जोड़ने का आरोप; पीड़ित परिवार ने एसडीओपी को दिया आवेदन जावर/सीहोर। थाना जावर क्षेत्र में मारपीट, छेड़छाड़ और जातिसूचक गालियों के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) आष्टा को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के चलते एफआईआर में तीन आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए। आवेदन में पीड़िता अरुण,परमार पिता गणपत सिंह परमार निवासी ग्राम चामसी, तहसील जावर जिला सीहोर ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे वह घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान गांव के अनिल पिता देवनारायण अपने साथ सुनील, सचिन एवं अर्जुन के साथ घर आए। आरोप है कि अनिल और उसके साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए हाथ पकड़कर जबरन सड़क की ओर खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता बीच-बचाव करने आए तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके पिता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज की। घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उसके बताए अनुसार सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि राजनीतिक दबाव के कारण अर्जुन, सुनील और सचिन पिता देवनारायण के नाम नहीं जोड़े गए। पीड़ित परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ⚖️ दर्ज धाराएं (थाना जावर) पुलिस ने प्रकरण में निम्न धाराएं दर्ज की हैं — भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 धारा 74 – मारपीट / चोट पहुंचाना धारा 296(b) – गाली-गलौज / अशोभनीय कृत्य धारा 115(2) – चोट पहुंचाना धारा 351(3) – आपराधिक धमकी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) धारा 3(1)(द) धारा 3(1)(ध) धारा 3(1)(w)(i) धारा 3(2)(va) पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों के नाम जोड़कर सख्त कार्रवाई की मांग की1
- बैंक अधिकारियों ने नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा को सौंपी ट्रक की चाबी नगर विकास के बढ़ते कदम में नपा ने एक नई उपलब्धि हासिल कर विकास की नई दिशा में एक कदम औरर बढ़ाते हुए नगर को स्वच्छता कार्य हेतु एक नवीन ट्रक की सौगात दी है। यह एक सराहनीय पहल है जहाँ कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सीएसआर के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को सशक्त बनाया जा रहा है। आईडीबीआई बैंक द्वारा हमारी नगरपालिका को दिया गया एलपीटी 1416 ट्रक शहर की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगा। उक्ताशय के विचार नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा के मुख्य आतिथ्य में नपा के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने व्यक्त किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि के रूप में मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने उपस्थित नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, नपाउपाध्यक्ष सिद्दीका बी, आईडीबीआई बैंक के वरिष्ठ क्षैत्रीय महाप्रबंधक महेशचंद्र करी, उपमहाप्रबंधक राजेश ग्रेवाल, सहायक महाप्रबंधक अचल जैन, शाखा प्रबंधक शाहिद हफीज खान का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि आज हमारे नगर के लिए बहुत खुशी का दिन है। हम सभी जानते हैं एक स्वच्छ शहर ही स्वस्थ समाज की नींव होता है, लेकिन स्वच्छता बनाए रखने के लिए संकल्प के साथ-साथ सही संसाधनों का होना भी आवश्यक है। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया है। आईडीबीआई बैंक ने अपनी सीएसआर गतिविधियों के तहत नगरपालिका को 14 टन क्षमता का टाटा एलपीटी 1416 ट्रक प्रदान किया। इस वाहन के शामिल होने से शहर के कचरा संग्रहण और परिवहन कार्य में गति आएगी। आईडीबीआई बैंक के वरिष्ठ क्षैत्रीय महाप्रबंधक महेशचंद्र करी, उपमहाप्रबंधक राजेश ग्रेवाल ने कहा आईडीबीआई बैंक द्वारा सीएसआर के माध्यम से शासकीय सिविल अस्पताल, शासकीय विद्यालयों में इस तरह के सहयोग किए जाते रहे है। यह पहला अवसर है नगरीय निकाय में ट्रक जैसी सुविधा उपलब्ध करवाने का अवसर बैंक को मिला है। कचरा ट्रांसफर पाईंट होगा स्थापित - मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि सीएसआरद मद के तहत प्रत्येक कंपनी अथवा बैंक अपने वार्षिक मुनाफे का कुछ प्रतिशत सामाजिक कार्यो में व्यय करती है। उसी के चलते आईडीबीआई बैंक ने एलपीटी 1416 शक्तिशाली 14 टन क्षमता का लगभग 24 लाख 50 हजार रूपये की लागत का ट्रक प्रदान किया है जो अपने आपमें एक बड़ी सौगात है। किसी भी बैंक द्वारा इतनी बड़ी सौगात अन्य नगरपालिकाओं को अभी तक नही दी गई है। सीएमओ श्री प्रजापति ने कहा नगर का कचरा संग्रहण कर ट्रेक्टर-ट्रालियों के माध्यम से हमीदखेड़ी स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पर एकत्रित किया जाता है, जिसमें समय और आर्थिक क्षति निकाय को होती थी। ट्रक के उपलब्ध होने से नपा द्वारा कचरा ट्रांसफर पाईंट स्थापित किया जाएगा, जिसमें ट्रेक्टर-ट्रालियों की मदद से नगर का कचरा संग्रहित कर प्राप्त ट्रक के माध्यम से ट्रेचिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाएगा। मैं आईडीबीआई बैंक के प्रबंधन को नगर की जनता की ओर से हृदय से धन्यवाद देता हूँ। हम बैंक को विश्वास दिलाते हैं कि इस संसाधन का उपयोग जनहित में और शहर को नंबर-1 बनाने में किया जाएगा। इस अवसर पर नपा में नेताप्रतिपक्ष डाॅ. राजकुमार मालवीय, पार्षद डाॅ. सलीम खान, कमलेश जैन, हिफज्जुर्रहमान भैया मियां, मेहमूद अंसारी, सुभाष नामदेव, अतीक कुरैशी, शेख रईस, जाहिद गुड्डू, कालू भट्ट, तारा कटारिया, तेजसिंह राठौर, रवि शर्मा, पत्रकारगण सुशील संचेती, कमल पांचाल, ओमकार मालवीय, राज बोड़ाना के साथ ही नपा अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद थे। कार्यक्रम में उपस्थितजनों का आभार सीएमओ विनोदकुमार प्रजापति ने व्यक्त किया।4
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- इंदौर बैतूल हाईवे स्थित धनतलाब घाट पर जल्द जाम से मिल सकेगा छुटकारा, फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य घाट पर चल रहा है तेजी से मिलेगी राहत कन्नौद। राष्ट्रीय राजमार्ग इंदौर बैतूल फोर लेन का कार्य भी अब त्वरित गति से धनतालाब घाट पर भी प्रारंभ हो गया है। पुराना सिंगल रोड़ से कुछ ही दूरी यानी दतुनी नदी के किनारे किनारे बनने वाले इस रोड़ की दूरी कहीं दो सौ फीट तो कहीं सो फिट तो कहीं पचास फिट की दूरी से ही गुजर रहा है। इस रोड़ पर पहाड़ी को समतल किया जा रहा है।कहीं कहीं काफी कार्य हो चुका है।इस घाट पर जहां संकीर्ण पुलिया है वहां से कुछ दूरी यानी सो फिट की दूरी पर पीलर पर पुल बनेगा ।जबकि जहां पहाड़ी को समतल किया गया है वहां जमीन तल पर रोड़ बनेगा। श्रीजी कंपनी के अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि घाट पर जहां गहरी खाई है वहां तकरीबन 15 से 20 पीलर बनेंगे। उनकी ऊंचाई तकरीबन 20 फिट के लगभग होगी।इसकी डिजाइन भी बन चुकी है। घाट के ऊपरी हिस्सा पर कार्य शुरू हो चुका है ।इंदौर तरफ से आने पर उल्टे हाथ पर यानी उत्तर दिशा जहां घाट समाप्त होता है वहां से उक्त कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है। पहाड़ियों को समतल किया जा रहा है ।प्रयास यह होगा कि जल्दी रोड़ समतल हो जायेगा तो घाट पर जब जाम लगेगा तो नवीन फोर लेन वाले कच्चे रोड़ से वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है।यह प्रयास किया जा रहा है।पीलर जब तक खड़े नहीं हो जाते तब तक साईड वाले वैकल्पिक रोड़ से जाम के समय में वाहनों को निकाला जा सकता है।वैसे इसमें कुछ समय लगेगा। क्योंकि कंपनी के वाहनों को भी कार्य करने के लिए वैकल्पिक रोड़ की आवश्यकता है।अभी तक धनतालाब घाट से लेकर ननासा तक 28 छोटी बड़ी पुल पुलिया बनकर तैयार हो चुकी है । पांच किलोमीटर का बेस बनकर तैयार हो चुका है जिसमें बहुत जल्दी डामरीकरण किया जाएगा। धनतालाब घाट पर चार पांच फीट की सीमेंट की मोटी दीवार बनेगी जो दातूनी नदी की किनारे किनारे बनेगी जिससे रोड़ की मजबूती की जायेगी। एक बड़ा पुलिया भी घाट की कुछ दूरी पर बन रहा है जिसमें दतुनी नदी को एक जगह से नीचे से निकाला जाएगा । पानीगांव बिजवाड़ रोड़ को जोड़ने वाला बड़ा अंडरपास पुलिया का निर्माण कार्य काफी हो चुका है उसमें अब छत डलने वाली है। वैसे इस रोड़ को पूर्ण होने में अभी एक से डेढ़ साल लगेगा।1
- कालापीपल विधानसभा की ग्राम पंचायत काकाडखेड़ा दुबड़ी के अंतर्गत सुने मकान चोरी की वारदात एक मामला सामने आया है जिसमें मकान मालिक सौरभ भाई पुत्र कमल जिनके मकान में चोरी की वारदात हुई है जब हमने आकर हमारी टीम ने यहां पर सर्च किया तो चोर ने चोरी तो की है लेकिन कुछ सबूत छोड़ गया है 112 डायल को सूचना दी मौका पर पुलिस पहुंची और सर्च किया मेंन रोड के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था और पीछे के दरवाजे से चोर ने दावा बोला जिसमें एलसीडी टीवी और रकम 2 किलो बताई जा रही है मंगलसूत्र दो पांच कुंतल गेहूं चोरी हुए हैं1
- देवस्थान बाराखंबा में भारतीय किसान संघ की बैठक सम्पन्न, मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी इछावर (सीहोर), 6 अप्रैल 2026। भारतीय किसान संघ, तहसील इछावर द्वारा आज देवस्थान बाराखंबा में मासिक बैठक एवं एकदिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के किसानों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में मध्य भारत प्रांत संगठन मंत्री श्री भारत सिंह जी, प्रांत संगठन उपाध्यक्ष श्री भीम सिंह जी ठाकुर, जिला अध्यक्ष श्री राकेश वर्मा, जिला मंत्री श्री कमल सिंह पटेल, जिला प्रभारी श्री सूरज सिंह ठाकुर, जिला जैविक प्रमुख श्री मोहन सिंह पाटीदार, जिला मीडिया प्रभारी श्री प्रेम सिंह दांगी, जैविक प्रमुख श्री जीवन सिंह काका, तहसील अध्यक्ष श्री राजमल नागर, तहसील मंत्री श्री श्रवण कुमार नागर, तहसील मीडिया प्रभारी श्री देवेंद्र वर्मा, आष्टा तहसील अध्यक्ष श्री जितेंद्र आर्य, तहसील कार्यकारिणी सदस्य श्री किशोर वर्मा एवं युवा वाहिनी के श्री सचिन पटेल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में जिले की समस्त तहसीलों—श्यामपुर, आष्टा, भेरूंडा, सीहोर, इछावर, दोहरा आदि—से आए तहसील अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। बैठक में उपस्थित किसानों ने एक स्वर में अपनी समस्याओं को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में विलंब, सहकारी बैंकों की कठोर नीतियां, पराली जलाने पर किसानों के विरुद्ध दर्ज हो रहे प्रकरण, बिजली कटौती एवं जर्जर विद्युत व्यवस्था, मंडियों में अधिक हम्माली तथा नर्मदा पाइपलाइन योजना से वंचित गांवों की समस्या लंबे समय से अनसुलझी बनी हुई है। देवस्थान बाराखंबा की इस बैठक से किसानों ने शासन-प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी जायज मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो वे व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ होगा और आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन रूप भी ले सकता है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। भारतीय किसान संघ द्वारा निर्णय लिया गया कि किसानों की उक्त समस्याओं के समाधान हेतु माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन के नाम ज्ञापन दिनांक 10 अप्रैल तक जिले की सभी तहसीलों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। संघ ने शासन से मांग की कि किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल प्रभाव से ठोस एवं व्यावहारिक निर्णय लिए जाएं, अन्यथा किसान आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। बैठक के अंत में संगठन की नीतियों एवं आगामी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।4
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