संपत्ति विवाद में नाना की हत्या करने वाले दो सगे नातियों को उम्रकैद, मजबूत विवेचना से मिला इंसाफ रायगढ़, 6 अगस्त। खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड में रायगढ़ पुलिस की सशक्त विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। संपत्ति विवाद में अपने 62 वर्षीय नाना की टंगिया, फावड़ा और डंडे से निर्मम हत्या करने वाले दोनों सगे नातियों को अपर सत्र न्यायाधीश, खरसिया ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद का दंड दिया। यह मामला थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 का है। न्यायालय ने अभियुक्त ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू और कार्तिक डनसेना को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 427 और 449 के तहत दोषसिद्ध पाया। प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम ने की थी। अभियोजन के अनुसार, ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62) का पुश्तैनी मकान और जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। 26 दिसंबर 2022 को विवाद हिंसक हो गया। जान बचाने के लिए वृद्ध कमरे में छिप गए, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़कर अंदर घुसते हुए टंगिया, फावड़ा और डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने एक आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया, जबकि दूसरे आरोपी को अगले दिन नावापारा रोड से गिरफ्तार किया। पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार करने के बाद आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार, गैस सिलेंडर और खून से सने कपड़े बरामद किए गए। पुलिस ने भौतिक और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चालान न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों को आधार मानते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और अभियोजन के समन्वय से अपराधियों को कठोर सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से बचना संभव नहीं है।
संपत्ति विवाद में नाना की हत्या करने वाले दो सगे नातियों को उम्रकैद, मजबूत विवेचना से मिला इंसाफ रायगढ़, 6 अगस्त। खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड में रायगढ़ पुलिस की सशक्त विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। संपत्ति विवाद में अपने 62 वर्षीय नाना की टंगिया, फावड़ा और डंडे से निर्मम हत्या करने वाले दोनों सगे नातियों को अपर सत्र न्यायाधीश, खरसिया ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद का दंड दिया। यह मामला थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 का है। न्यायालय ने अभियुक्त ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू और कार्तिक डनसेना को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 427 और 449 के तहत दोषसिद्ध पाया। प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम ने की थी। अभियोजन के अनुसार, ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62) का पुश्तैनी मकान और जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। 26 दिसंबर 2022 को विवाद हिंसक हो गया। जान बचाने के लिए वृद्ध कमरे में छिप गए, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़कर अंदर घुसते हुए टंगिया, फावड़ा और डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने एक आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया, जबकि दूसरे आरोपी को अगले दिन नावापारा रोड से गिरफ्तार किया। पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार करने के बाद आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार, गैस सिलेंडर और खून से सने कपड़े बरामद किए गए। पुलिस ने भौतिक और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चालान न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों को आधार मानते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और अभियोजन के समन्वय से अपराधियों को कठोर सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से बचना संभव नहीं है।
- बिलासपुर के रिंग रोड नंबर-2 में नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई, लोगों ने जताया विरोध बिलासपुर के रिंग रोड नंबर-2 में नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत को तोड़ने पहुंची निगम की टीम का मकान मालिक और उसके परिजनों ने विरोध किया। परिजनों ने बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप लगाया और बुलडोजर के सामने खड़े होकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इसके बाद मकान को तोड़ने की कार्रवाई की गई।1
- अटल प्रतिमा विवाद पर यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रशासन को चेतावनी जांच के लिखित भरोसे के बाद थमा आंदोलन कोरबा/कटघोरा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर यूथ कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 7 अगस्त को ग्रामीण जिलाध्यक्ष विकाश सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कटघोरा एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और मामले में निष्पक्ष जांच व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई। आरोपों को लेकर प्रदर्शन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रतिमा निर्माण से जुड़े मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नायब तहसीलदार ने की चर्चा प्रदर्शन की सूचना पर नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से लिखित पंचनामा सौंपते हुए मामले की जिला एवं संभागीय स्तर पर जांच कराने का भरोसा दिया गया। रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई प्रशासन ने कहा कि जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लिखित आश्वासन मिलने के बाद यूथ कांग्रेस ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया। फिर आंदोलन की चेतावनी ग्रामीण जिलाध्यक्ष विकाश सिंह ने कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगामी दिनों में उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया।2
- जीव-जंतु बोर्ड बना, मगर चूहों पर लगाम नहीं! लाखों का नुकसान करने वाला ‘चूहा’ पकड़ा, अब वन विभाग बताए—आगे क्या है कानूनी प्रक्रिया? जीव-जंतु बोर्ड बना, मगर चूहों पर लगाम नहीं! लाखों का नुकसान करने वाला ‘चूहा’ पकड़ा, अब वन विभाग बताए—आगे क्या है कानूनी प्रक्रिया? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश सरकार के कार्यकाल में जीव-जंतुओं के संरक्षण और उनसे जुड़े विषयों के लिए बोर्ड का गठन किया गया था। उम्मीद थी कि इससे जीव-जंतुओं की स्थिति, उनकी गणना, संरक्षण और मानव-वन्यजीव जीव जंतु संघर्ष जैसे मामलों पर प्रभावी काम होगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में इसका असर जमीन पर दिखाई दिया? कम से कम मेरे अनुभव ने तो एक अलग ही तस्वीर सामने रखी है।पिछले करीब एक वर्ष में एक चूहे ने घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कपड़े और जरूरी दस्तावेजों सहित लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा दिया। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद इस ‘लाखों का नुकसान करने वाले चूहे’ को पकड़ लिया गया। अब असली सवाल शुरू हुआ। चूहा पकड़ने के बाद उसे कहां सौंपा जाए? उसके साथ क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए? क्या उसका पंचनामा बनेगा? क्या वन विभाग उसका परीक्षण या पहचान करेगा? क्या उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा? या फिर किसी अन्य विभाग को सौंपा जाएगा? इन सवालों का स्पष्ट जवाब मुझे भी नहीं मिल पाया। वन परिक्षेत्र अधिकारी के कहने पर पकड़े गए चूहे को बलौदाबाजार वनमंडलाधिकारी कार्यालय में सुपुर्द कर दिया गया, क्योंकि जिला मुख्यालय में जीव जंतु बोर्ड का कोई कार्यालय नहीं है। लेकिन यहां भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चूहे को पकड़ने के बाद कानूनन आगे की प्रक्रिया क्या है? अगर जीव-जंतुओं के संरक्षण और प्रबंधन के लिए बोर्ड और विभागीय व्यवस्था मौजूद है, तो आम नागरिक को ऐसी स्थिति में स्पष्ट प्रक्रिया क्यों नहीं बताई जाती? एक तरफ घर में चूहा लाखों रुपये की संपत्ति बर्बाद कर दे और दूसरी तरफ उसे पकड़ने के बाद नागरिक खुद यह पूछता रहे कि अब इसे लेकर जाएं तो जाएं कहां! व्यंग्य अपनी जगह है, लेकिन सवाल गंभीर है। क्या छत्तीसगढ़ में जीव-जंतुओं की कोई व्यवस्थित गणना हुई है? क्या शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-जीव संघर्ष से होने वाले नुकसान का कोई आंकड़ा तैयार किया जाता है? आम नागरिक अपने घर में उत्पात मचा रहे जीव-जंतुओं से परेशान हो तो उसे किस विभाग से संपर्क करना चाहिए और कौन सी वैधानिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए? सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार—बोर्ड बनाने और सरकारी कार्यालयों में फाइलें चलाने से आगे बढ़कर जमीन पर स्पष्ट व्यवस्था भी दिखाई देनी चाहिए। फिलहाल मेरा चूहा तो पकड़ लिया गया है। अब गेंद वन विभाग के पाले में है। वन विभाग बताए—इस चूहे का आगे क्या होगा और इसे पकड़ने के बाद कानून के मुताबिक कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए?1
- धरसीवां खंड के20किलोमीटर अंतर्गत विभिन्न गांवों के सड़क बहुत ही जर्जर होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है शासन प्रशासन जल्द से जल्द नहीं बनाया जाएगा तो छत्तीसगढ़ क्रांतिसेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी उग्रआंदोलन करने की चेतावनी दिया । जिला रायपुर,धरसींवा खंड, रायपुर ग्रामीण के अंतर्गत 20 किलोमीटर तक सड़क बहुत ही जर्जर होने से छत्तीसगढ़ क्रांतिसेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने शासन प्रशासन को जल्द से जल्द बनाने को कहा गया नहीं तो उग्रआंदोलन किया जा सकता है। मलौद-मौहागांव-शांतिनगर-जांजगीरा-नकटी मार्ग की जर्जर स्थिति पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने जताई चिंता, शीघ्र मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी धरसींवा खंड अंतर्गत धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मलौद, मौहागांव, शांतिनगर, जांजगीरा एवं नकटी को जोड़ने वाला मुख्य सड़क मार्ग वर्तमान में अत्यंत जर्जर एवं खस्ताहाल स्थिति में पहुंच चुका है। लगभग 20 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क तथा धूल-मिट्टी के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं तथा लोगों के जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर, व्यापारी तथा छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। क्षेत्र के अनेक स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चे इसी मार्ग से रोजाना आते-जाते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूली बच्चों एवं आम नागरिकों के साथ किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। संगठन ने कहा कि धरसींवा क्षेत्र में विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों के संचालन के कारण भारी वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ा है। बड़े ट्रक, डंपर एवं अन्य मालवाहक वाहन इस मार्ग का नियमित उपयोग करते हैं, जिससे सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। इसके बावजूद अब तक सड़क के सुधार एवं चौड़ीकरण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं धरसींवा विधानसभा के विधायक से मांग की है कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सड़क की मरम्मत एवं चौड़ीकरण कार्य प्रारंभ कराएं। संगठन का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा की अनदेखी क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है और इससे विकास के दावों की वास्तविकता भी सामने आती है। संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, क्षेत्र के पदाधिकारी, सेनानी तथा सर्व छत्तीसगढ़िया समाज के लोग मिलकर व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। संगठन ने क्षेत्र के सभी गांवों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आम जनता से इस जनहित के मुद्दे पर एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी लगातार छत्तीसगढ़ की जनता, किसानों, मजदूरों, युवाओं, माताओं-बहनों तथा आम नागरिकों के हक और अधिकार की आवाज उठाते रहे हैं और भविष्य में भी जनसमस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। जारीकर्ता: छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी धरसींवा खंड, रायपुर ग्रामीण4
- ब्लैक स्पॉट वाले स्कूलों से शुरू हुई सड़क सुरक्षा की नई पहल, विद्यार्थियों को पढ़ाया यातायात का सुरक्षा पाठ ब्लैक स्पॉट वाले स्कूलों से शुरू हुई सड़क सुरक्षा की नई पहल, विद्यार्थियों को पढ़ाया यातायात का सुरक्षा पाठ बलौदाबाजार, 7 अगस्त 2026। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और नई पीढ़ी में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा व्यापक यातायात जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय (आईपीएस) के निर्देशन एवं उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संजय कुमार साहू के मार्गदर्शन में ब्लैक स्पॉट से लगे स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विश्रामपुर एवं कौशलपुर के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि नाबालिगों को वाहन नहीं चलाना चाहिए तथा दोपहिया वाहन चलाते समय गुणवत्तापूर्ण हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। यातायात संकेतों का पालन करने, ट्रिपल राइडिंग से बचने, बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन नहीं चलाने तथा स्टंटबाजी जैसी खतरनाक गतिविधियों से दूर रहने की सीख भी दी गई। साथ ही ई-चालान व्यवस्था और शहर में लगे आधुनिक सिटी सर्विलांस कैमरों के माध्यम से नियम तोड़ने वालों पर लगातार निगरानी रखे जाने की जानकारी देकर कानून का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से भी अवगत कराया और संदेश दिया कि सुरक्षित भविष्य के लिए किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि पीएम राहत योजना के तहत गंभीर रूप से घायल सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। वहीं राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले गुड सेमेरिटन (राहवीर) को सरकार द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और सम्मान पत्र प्रदान किया जाता है। इसके अलावा हिट एंड रन योजना के तहत अज्ञात वाहन की टक्कर से मृत्यु होने पर परिजनों को दो लाख रुपये तथा घायल होने पर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलने की जानकारी भी साझा की गई। यातायात पुलिस के इस अभियान को विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने सराहा। अभियान के माध्यम से अब तक जिले के लगभग चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी दी जा चुकी है। पुलिस ने बताया कि यह जागरूकता अभियान जिले के सभी ब्लॉकों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने आम नागरिकों और विद्यार्थियों से अपील की कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने से कभी पीछे न हटें। समय पर की गई एक छोटी-सी मदद किसी की अमूल्य जान बचा सकती है।1
- बिल्हा पुलिस की अवैध शराब ब्रिकी व परिवहन पर कार्यवाह 90 नग देशी अवैध शराब रखने बिल्हा पुलिस की अवैध शराब ब्रिकी व परिवहन पर कार्यवाह 90 नग देशी अवैध शराब रखने पर कार्यवाही शुक्रवार की साम 5:00 बजे बिल्हा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार ◾ नाम आरोपी - 1. राजेन्द्र यादव पिता मुन्ना यादव उम्र 25 वर्ष निवासी पत्थरखान भाठा थाना बिल्हा जिला बिलासपुर (छ.ग.) 2. अपचारी बालक। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि उमनि एवं वपुअ महोदय श्री रजनेश सिंह बिलासपुर (भा.पु.से.) द्वारा जिले के सभी थाना/चौकी की प्रभारीयों को अवैध शराब ब्रिकी/शराब परिवहन करने वाले व्यक्तियों पर अंकुश लगाने हेतु निर्देशित किया गया था, आदेश के परिपालन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्री राजेश जोशी के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर सिविल टीम गठित कर बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणो से सम्पर्क कर अवैध शराब ब्रिकी एवं परिवहन करने वाले व्यक्तियों के बारे मे जानकारी प्राप्त कर विश्वस्त मुखबीर के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी इसी क्रम मे दिनांक 06.08.2026 कोे मुखबीर सूचना मिला कि दगौरी शराब भट्ठी से भारी मात्रा मे शराब खरीद कर स्कूटी क्रमांक सीजी10सीडी 4775 मे दो व्यक्ति बैठकर जिसमे पीछे बैठा व्यक्ति काले रंग के बैग रखा हुआ है सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी बिल्हा द्वारा सिविल टीम गठित कर उडगन रेल्वे फाटक के पास घेराबंदी कर स्कूटी क्रमांक सीजी10सीडी 4775 को रूकवाकर पूछताछ किया जो चालक राजेन्द्र यादव पिता मुन्ना यादव उम्र 25 वर्ष निवासी पत्थरखानभाठा व पीछे बैठा व्यक्ति अपचारी बालक जो काले रंग के बैग मे 60 नग देशी प्लेन व स्कूटी के डिक्की अंदर देशी मसाला 30 नग कुल शराब मात्रा 16.200 लीटर कीमती 9000 रूपये रखा मिला जिसे जप्त कर आरोपी राजेन्द्र यादव व अपचारी बालक को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। आगे भी अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्यवाही जारी रहेगी। उक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उप निरीक्षक जी.एल. चन्द्राकर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश बंजारे, प्रीति पैकरा, करण राज बघेल, आरक्षक 1390 संतोष मरकाम, 1062 संजय निर्मलकर का विशेष योगदान रहा।1