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दरभंगा के लहेरियासराय चट्टी चौक पर एक बंद सिग्नल में रुके व्यक्ति को इतनी तेज़ पेशाब आई कि वह खुद को रोक नहीं सका। भीड़ के बीच, उसने अपनी मोटरसाइकिल बंद करके, वहीं सरेआम पेशाब करना शुरू कर दिया। इस घटना को लेकर यह कहा गया है कि यह निर्लज्जता उस व्यक्ति की नहीं, बल्कि नेताओं द्वारा खुलेआम किए जा रहे भ्रष्टाचार का परिणाम है। शहर में सार्वजनिक शौचालयों की घोर कमी है, और जहाँ इक्का-दुक्का शौचालय मौजूद भी हैं, उनकी हालत इतनी ख़राब और गंदी है कि उनमें जानवर भी नहीं जा सकते। इसके विपरीत, नगर निगम प्रशासन के कागजों पर शहर में सब कुछ साफ-सफाई और व्यवस्थित दिखाया जाता है। यह भी बताया गया है कि दरभंगा शहर में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई काम होता हुआ दिखाई नहीं देता।
Janpad Bihar24
दरभंगा के लहेरियासराय चट्टी चौक पर एक बंद सिग्नल में रुके व्यक्ति को इतनी तेज़ पेशाब आई कि वह खुद को रोक नहीं सका। भीड़ के बीच, उसने अपनी मोटरसाइकिल बंद करके, वहीं सरेआम पेशाब करना शुरू कर दिया। इस घटना को लेकर यह कहा गया है कि यह निर्लज्जता उस व्यक्ति की नहीं, बल्कि नेताओं द्वारा खुलेआम किए जा रहे भ्रष्टाचार का परिणाम है। शहर में सार्वजनिक शौचालयों की घोर कमी है, और जहाँ इक्का-दुक्का शौचालय मौजूद भी हैं, उनकी हालत इतनी ख़राब और गंदी है कि उनमें जानवर भी नहीं जा सकते। इसके विपरीत, नगर निगम प्रशासन के कागजों पर शहर में सब कुछ साफ-सफाई और व्यवस्थित दिखाया जाता है। यह भी बताया गया है कि दरभंगा शहर में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई काम होता हुआ दिखाई नहीं देता।
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- मधुबनी जिला प्रशासन ने 30 जून, 2026 को सुशासन, पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल की है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की सतत निगरानी और निर्देशन में, 1700 से अधिक कर्मियों, जिनमें कार्यपालक सहायक, आई.टी. सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं, का ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से स्थानांतरण और पदस्थापन किया गया। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) के ई-एप्लीकेशन द्वारा पूरी तरह से डिजिटल, निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई यह प्रक्रिया संभवतः बिहार का पहला ऐसा उदाहरण है, जहाँ इतने बड़े पैमाने पर मानवीय हस्तक्षेप के बिना डिजिटल ऑनलाइन रैंडमाइजेशन प्रणाली का उपयोग किया गया है। पूरी प्रक्रिया का मधुबनी जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया, जिससे संबंधित कर्मियों और आम नागरिकों को वास्तविक समय में इसे देखने का अवसर मिला, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास को नई मजबूती दी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की और प्रत्येक चरण का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, जवाबदेह और प्रभावी बनती हैं, और मानवीय हस्तक्षेप की संभावनाएं समाप्त होती हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक प्रशासनिक प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, और यह पहल सुशासन की भावना को और अधिक सशक्त करेगी। ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से सभी कर्मियों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हुआ है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ई-गवर्नेंस और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग जारी रखने का संकल्प लिया है। इस स्थानांतरण में जिला मुख्यालय एवं सभी प्रखंड कार्यालयों के कुल 20 आई.टी. सहायक, आरटीपीएस के 92 कार्यपालक सहायक, जिला लोक शिकायत निवारण तथा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण के 24 कार्यपालक सहायक, वीबी-जी राम जी के 18 लेखपाल और 20 कार्यपालक सहायक, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के 21 कार्यपालक सहायक, 22 आवास पर्यवेक्षक सहित अन्य विभागों जैसे आवास सहायक, जिला आपूर्ति शाखा के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला सहकारिता कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला पशुपालन कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला कृषि कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक तकनीक प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, जिला पंचायत के प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर/आई.टी.सहायक-सह-लेखपाल/तकनीकी सहायक/पंचायत सचिव, स्वास्थ्य विभाग के बी.एम./प्रखंड लेखपाल/बी.सी.एम./बी.एच.एम./एच.एम. तथा जिला स्थापना शाखा एवं आई.सी.डी.एस. के लिपिक/राजस्व कर्मचारी/महिला पर्यवेक्षिका/कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। मधुबनी जिला प्रशासन ने 1700 से अधिक कर्मियों का पूर्णतः डिजिटल माध्यम से स्थानांतरण कर प्रशासनिक सुधार और तकनीकी नवाचार का एक नया मानक स्थापित किया है, जिसे पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी आदेश जिला प्रशासन, मधुबनी की आधिकारिक वेबसाइट तथा जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।3
- बिहार में शराबबंदी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या राज्य का प्रशासन भी तारी दारू का सेवन करता है। इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या बिहार में वास्तव में शराबबंदी प्रभावी रूप से लागू है।1
- एक व्यक्ति ने दावा किया है कि एक 'नफरती शख्स' ने उसे 65 लाख रुपये के बदले विधायक (MLA) बनाने का प्रस्ताव दिया था। इस व्यक्ति का कहना है कि वह यहां यह साबित करेगा कि यह कैसे संभव है, जिसे उसने 'सबसे मज़ेदार प्रदर्शन' बताया है।1
- बच्चों का यह कर्तव्य है कि वे अपने बुजुर्ग माता-पिता का ध्यान रखें। यदि कोई बच्चा इस कर्तव्य का पालन नहीं करता है, तो उसके लिए कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर स्थित बलिराम भगत कॉलेज से एक वीडियो बनाया गया है। इस वीडियो के माध्यम से यह जानकारी दी गई है कि इस कॉलेज में प्रैक्टिकल और परीक्षा फॉर्म से संबंधित सभी कार्य पूरे किए गए थे।1
- मुजफ्फरपुर के SKMCH अस्पताल में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सामान्य प्रसव के दौरान एक महिला की मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह आरोप लगाया जा रहा है कि अस्पताल में मौजूद नर्सें मरीज की जान बचाने को प्राथमिकता देने की बजाय, अपने घर जाने की चिंता में अधिक थीं। यह स्थिति SKMCH जैसे संस्थानों में मरीजों की देखभाल और अस्पताल कर्मचारियों की प्राथमिकताओं को लेकर गहरी चिंता पैदा करती है।1
- बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने झंझारपुर और मधुबनी के बीच यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए एक विशेष 'महिला पिंक बस सेवा' शुरू की है। बिहार सरकार के मंत्री नीतीश कुमार मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर इस बस सेवा का विधिवत शुभारंभ किया। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित करना है, जिसके तहत केवल महिलाएं ही इन बसों में यात्रा कर सकेंगी। उम्मीद है कि यह पहल छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और दैनिक यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होगी। इस शुभारंभ कार्यक्रम में हजारों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ झंझारपुर अनुमंडल के एसडीएम और एसडीपीओ सहित कई वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। यह महिला पिंक बस सेवा झंझारपुर से समिया होते हुए मधुबनी तक संचालित की जाएगी।1
- मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां में साइड लेने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक होटल संचालक सहित कई अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए हैं।1