मधुबनी जिला प्रशासन ने 30 जून, 2026 को सुशासन, पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल की है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की सतत निगरानी और निर्देशन में, 1700 से अधिक कर्मियों, जिनमें कार्यपालक सहायक, आई.टी. सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं, का ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से स्थानांतरण और पदस्थापन किया गया। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) के ई-एप्लीकेशन द्वारा पूरी तरह से डिजिटल, निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई यह प्रक्रिया संभवतः बिहार का पहला ऐसा उदाहरण है, जहाँ इतने बड़े पैमाने पर मानवीय हस्तक्षेप के बिना डिजिटल ऑनलाइन रैंडमाइजेशन प्रणाली का उपयोग किया गया है। पूरी प्रक्रिया का मधुबनी जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया, जिससे संबंधित कर्मियों और आम नागरिकों को वास्तविक समय में इसे देखने का अवसर मिला, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास को नई मजबूती दी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की और प्रत्येक चरण का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, जवाबदेह और प्रभावी बनती हैं, और मानवीय हस्तक्षेप की संभावनाएं समाप्त होती हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक प्रशासनिक प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, और यह पहल सुशासन की भावना को और अधिक सशक्त करेगी। ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से सभी कर्मियों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हुआ है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ई-गवर्नेंस और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग जारी रखने का संकल्प लिया है। इस स्थानांतरण में जिला मुख्यालय एवं सभी प्रखंड कार्यालयों के कुल 20 आई.टी. सहायक, आरटीपीएस के 92 कार्यपालक सहायक, जिला लोक शिकायत निवारण तथा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण के 24 कार्यपालक सहायक, वीबी-जी राम जी के 18 लेखपाल और 20 कार्यपालक सहायक, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के 21 कार्यपालक सहायक, 22 आवास पर्यवेक्षक सहित अन्य विभागों जैसे आवास सहायक, जिला आपूर्ति शाखा के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला सहकारिता कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला पशुपालन कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला कृषि कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक तकनीक प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, जिला पंचायत के प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर/आई.टी.सहायक-सह-लेखपाल/तकनीकी सहायक/पंचायत सचिव, स्वास्थ्य विभाग के बी.एम./प्रखंड लेखपाल/बी.सी.एम./बी.एच.एम./एच.एम. तथा जिला स्थापना शाखा एवं आई.सी.डी.एस. के लिपिक/राजस्व कर्मचारी/महिला पर्यवेक्षिका/कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। मधुबनी जिला प्रशासन ने 1700 से अधिक कर्मियों का पूर्णतः डिजिटल माध्यम से स्थानांतरण कर प्रशासनिक सुधार और तकनीकी नवाचार का एक नया मानक स्थापित किया है, जिसे पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी आदेश जिला प्रशासन, मधुबनी की आधिकारिक वेबसाइट तथा जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
मधुबनी जिला प्रशासन ने 30 जून, 2026 को सुशासन, पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल की है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की सतत निगरानी और निर्देशन में, 1700 से अधिक कर्मियों, जिनमें कार्यपालक सहायक, आई.टी. सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं, का ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से स्थानांतरण और पदस्थापन किया गया। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) के ई-एप्लीकेशन द्वारा पूरी तरह से डिजिटल, निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई यह प्रक्रिया संभवतः बिहार का पहला ऐसा उदाहरण है, जहाँ इतने बड़े पैमाने पर मानवीय हस्तक्षेप के बिना डिजिटल ऑनलाइन रैंडमाइजेशन प्रणाली का उपयोग किया गया है। पूरी प्रक्रिया का मधुबनी जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया, जिससे संबंधित कर्मियों और आम नागरिकों को वास्तविक समय में इसे देखने का अवसर मिला, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास को नई मजबूती दी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की
लगातार निगरानी की और प्रत्येक चरण का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, जवाबदेह और प्रभावी बनती हैं, और मानवीय हस्तक्षेप की संभावनाएं समाप्त होती हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक प्रशासनिक प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, और यह पहल सुशासन की भावना को और अधिक सशक्त करेगी। ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से सभी कर्मियों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हुआ है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ई-गवर्नेंस और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग जारी रखने का संकल्प लिया है। इस स्थानांतरण में जिला मुख्यालय एवं सभी प्रखंड कार्यालयों के कुल 20 आई.टी. सहायक, आरटीपीएस के 92 कार्यपालक सहायक, जिला लोक शिकायत निवारण तथा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण के 24 कार्यपालक सहायक, वीबी-जी राम जी के 18 लेखपाल और 20 कार्यपालक सहायक,
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के 21 कार्यपालक सहायक, 22 आवास पर्यवेक्षक सहित अन्य विभागों जैसे आवास सहायक, जिला आपूर्ति शाखा के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला सहकारिता कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला पशुपालन कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला कृषि कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक तकनीक प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, जिला पंचायत के प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर/आई.टी.सहायक-सह-लेखपाल/तकनीकी सहायक/पंचायत सचिव, स्वास्थ्य विभाग के बी.एम./प्रखंड लेखपाल/बी.सी.एम./बी.एच.एम./एच.एम. तथा जिला स्थापना शाखा एवं आई.सी.डी.एस. के लिपिक/राजस्व कर्मचारी/महिला पर्यवेक्षिका/कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। मधुबनी जिला प्रशासन ने 1700 से अधिक कर्मियों का पूर्णतः डिजिटल माध्यम से स्थानांतरण कर प्रशासनिक सुधार और तकनीकी नवाचार का एक नया मानक स्थापित किया है, जिसे पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी आदेश जिला प्रशासन, मधुबनी की आधिकारिक वेबसाइट तथा जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
- बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार पासवान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि रैयाम और सकरी चीनी मिलों को बहुत जल्द ही चालू किया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने राजा सल्हेश जी की मूर्ति और मंदिर के उद्घाटन समारोह के अवसर पर की। मंत्री पासवान के अनुसार, इन चीनी मिलों के पुनः संचालन से क्षेत्र के किसानों और युवाओं को व्यापक स्तर पर लाभ प्राप्त होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।1
- मधुबनी जिला प्रशासन ने 30 जून, 2026 को सुशासन, पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल की है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की सतत निगरानी और निर्देशन में, 1700 से अधिक कर्मियों, जिनमें कार्यपालक सहायक, आई.टी. सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं, का ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से स्थानांतरण और पदस्थापन किया गया। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) के ई-एप्लीकेशन द्वारा पूरी तरह से डिजिटल, निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई यह प्रक्रिया संभवतः बिहार का पहला ऐसा उदाहरण है, जहाँ इतने बड़े पैमाने पर मानवीय हस्तक्षेप के बिना डिजिटल ऑनलाइन रैंडमाइजेशन प्रणाली का उपयोग किया गया है। पूरी प्रक्रिया का मधुबनी जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया, जिससे संबंधित कर्मियों और आम नागरिकों को वास्तविक समय में इसे देखने का अवसर मिला, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास को नई मजबूती दी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की और प्रत्येक चरण का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, जवाबदेह और प्रभावी बनती हैं, और मानवीय हस्तक्षेप की संभावनाएं समाप्त होती हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक प्रशासनिक प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, और यह पहल सुशासन की भावना को और अधिक सशक्त करेगी। ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से सभी कर्मियों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हुआ है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ई-गवर्नेंस और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग जारी रखने का संकल्प लिया है। इस स्थानांतरण में जिला मुख्यालय एवं सभी प्रखंड कार्यालयों के कुल 20 आई.टी. सहायक, आरटीपीएस के 92 कार्यपालक सहायक, जिला लोक शिकायत निवारण तथा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण के 24 कार्यपालक सहायक, वीबी-जी राम जी के 18 लेखपाल और 20 कार्यपालक सहायक, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के 21 कार्यपालक सहायक, 22 आवास पर्यवेक्षक सहित अन्य विभागों जैसे आवास सहायक, जिला आपूर्ति शाखा के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला सहकारिता कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला पशुपालन कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला कृषि कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक तकनीक प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, जिला पंचायत के प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर/आई.टी.सहायक-सह-लेखपाल/तकनीकी सहायक/पंचायत सचिव, स्वास्थ्य विभाग के बी.एम./प्रखंड लेखपाल/बी.सी.एम./बी.एच.एम./एच.एम. तथा जिला स्थापना शाखा एवं आई.सी.डी.एस. के लिपिक/राजस्व कर्मचारी/महिला पर्यवेक्षिका/कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। मधुबनी जिला प्रशासन ने 1700 से अधिक कर्मियों का पूर्णतः डिजिटल माध्यम से स्थानांतरण कर प्रशासनिक सुधार और तकनीकी नवाचार का एक नया मानक स्थापित किया है, जिसे पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी आदेश जिला प्रशासन, मधुबनी की आधिकारिक वेबसाइट तथा जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।3
- बच्चों का यह कर्तव्य है कि वे अपने बुजुर्ग माता-पिता का ध्यान रखें। यदि कोई बच्चा इस कर्तव्य का पालन नहीं करता है, तो उसके लिए कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।1
- बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने झंझारपुर और मधुबनी के बीच यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए एक विशेष 'महिला पिंक बस सेवा' शुरू की है। बिहार सरकार के मंत्री नीतीश कुमार मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर इस बस सेवा का विधिवत शुभारंभ किया। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित करना है, जिसके तहत केवल महिलाएं ही इन बसों में यात्रा कर सकेंगी। उम्मीद है कि यह पहल छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और दैनिक यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होगी। इस शुभारंभ कार्यक्रम में हजारों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ झंझारपुर अनुमंडल के एसडीएम और एसडीपीओ सहित कई वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। यह महिला पिंक बस सेवा झंझारपुर से समिया होते हुए मधुबनी तक संचालित की जाएगी।1
- दरभंगा में मक्का प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में भर्ती की घोषणा की गई है, जिसमें नौकरी के कई अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पदों के लिए 1350 से 1500 रियाल तक का आकर्षक वेतन दिया जाएगा। यह भर्ती उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो रोजगार की तलाश में हैं और इस परियोजना का हिस्सा बनना चाहते हैं।1
- जयनगर के स्टेशन चौक पर सोमवार को कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के विरुद्ध विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व प्रखंड कांग्रेस कमेटी, जयनगर के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार महतो ने किया। वहीं, मधुबनी पश्चिम जिला कांग्रेस अध्यक्ष मीना देवी कुशवाहा की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और युवाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष दर्ज कराया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है, और सरकार को जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना विरोध व्यक्त किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी देखने को मिली। प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में मीना देवी कुशवाहा, सुरेंद्र कुमार महतो, नवेंदु झा, सुजीत कुमार यादव, शिव शंकर चौधरी, अजय झा, अयोधी पासवान, मोहम्मद आरिफ, धनुष लाल महतो, प्रदीप पंजियार, संजय कुमार सिंह, सत्यनारायण यादव, संतोष कुमार यादव, कपिल देव शाह, धीरेंद्र कुमार सिंह, मुकेश सिंह कुशवाहा एवं राजकमल सिंह कुशवाहा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।4
- जानकीनगर सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके तहत भारी मात्रा में विदेशी और देशी शराब बरामद की गई। इस अभियान के दौरान, एसएसबी ने 70.350 लीटर विदेशी शराब के साथ-साथ 7 लीटर देशी शराब भी जब्त की। कुल मिलाकर, मौके से 77.350 लीटर शराब बरामद की गई है। इसके अतिरिक्त, कार्रवाई में शामिल तस्करों की तीन बाइक भी जब्त कर ली गईं। हालांकि, एसएसबी की इस कार्रवाई के दौरान सभी तस्कर फरार होने में सफल रहे।1
- बिहार में शराबबंदी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या राज्य का प्रशासन भी तारी दारू का सेवन करता है। इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या बिहार में वास्तव में शराबबंदी प्रभावी रूप से लागू है।1