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एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, डीएम ने फीता काटकर किया शुभारंभ... शाहजहांपुर। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ शुक्रवार को राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, घूरन तलैया में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने अभिभावकों से 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की सभी पात्र बालिकाओं का समय पर एचपीवी टीकाकरण कराने की अपील की।
MAHARAJ SINGH
एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, डीएम ने फीता काटकर किया शुभारंभ... शाहजहांपुर। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ शुक्रवार को राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, घूरन तलैया में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने अभिभावकों से 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की सभी पात्र बालिकाओं का समय पर एचपीवी टीकाकरण कराने की अपील की।
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- स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई पर डीएम का सख्त एक्शन: खराब प्रदर्शन पर जताई नाराजगी, 10 दिन में सुधार के दिए निर्देश" शाहजहांपुर, 31 जुलाई। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण अभियान, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित बैठक में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अभियान को 31 जुलाई से बढ़ाकर 11 अगस्त तक कर दिया गया है। गांवों और सड़कों पर झाड़ियों की सफाई तथा नालों-नालियों की सफाई की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव तेज करने तथा फाइलेरिया एवं चूहों-छछूंदरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा। जनपद में मलेरिया के 161 मरीज मिलने, विशेषकर भावलखेड़ा और ददरौल विकासखंड में अधिक मामले सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। कलान, मिर्जापुर, मदनापुर, जलालाबाद और जैतीपुर ब्लॉकों का प्रदर्शन खराब मिलने पर सभी एमओआईसी को प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना के तहत मात्र 70 प्रतिशत भुगतान होने पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए इसे जल्द 100 प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एमओआईसी को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने की हिदायत दी। बैठक में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 1 से 19 वर्ष तक के 8 से 10 लाख बच्चों को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जाए। साथ ही 14 अगस्त को छूटे हुए बच्चों को भी दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, एसीएमओ तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- Post by ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल4
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- अब स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे गांव के बच्चे: विधायक निधि से बने डिजिटल शिक्षण कक्ष का भव्य लोकार्पण लोकेशन तहसील सवायजपुर पाली रिपोर्टर कृष्ण मोहन बाजपेई अब स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे गांव के बच्चे: विधायक निधि से बने डिजिटल शिक्षण कक्ष का भव्य लोकार्पण भरखनी (हरदोई), 31 जुलाई। ग्रामीण शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विकास खण्ड भरखनी के संविलयन विद्यालय कुण्डी में विधायक निधि से निर्मित अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षण कक्ष का शुक्रवार को भव्य लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा और छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विधायक सवायजपुर कुंवर माधवेन्द्र प्रताप सिंह 'रानू' ने फीता काटकर एवं डिजिटल शिक्षण कक्ष का शुभारंभ करते हुए कहा कि "आज का युग तकनीक का युग है। यदि गांव का बच्चा भी डिजिटल शिक्षा से जुड़ेगा, तो वह देश-दुनिया के विद्यार्थियों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकेगा।" उन्होंने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए विद्यालय परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। विशिष्ट अतिथि श्री धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'सेनानी' (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश ब्लॉक प्रमुख संघ), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री प्रभात मिश्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुनील कुमार ने डिजिटल शिक्षण कक्ष का अवलोकन किया और इसे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताया। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष रोहित सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष शिवम तिवारी, श्याम मोहन मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। डिजिटल शिक्षण कक्ष के शुरू होने से अब विद्यार्थियों को स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल कंटेंट और तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।1
- *अवगत कराना है कि आज दिनांक 31/07/2026 को थानें पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना अरवल क्षेत्रांतर्गत कुसुमखोर पुल के निकट जनवेश पुत्र केशवराम उम्र 18 वर्ष निवासी हैदराबाद थाना अरवल जनपद हरदोई नें जामुन के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली तथा करीब 500 मीटर की दूरी पर उसी गांव की निवासी सरोजनी पत्नी खुशीराम उम्र करीब 30 वर्ष नें बगीचे में अपनी साड़ी से गुलर के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है । सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया । फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई है । स्थानीय पुलिस द्वारा दोनों शवों को कब्जे में लेकर नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया है । पुलिस टीम द्वारा घटना के समस्त बिन्दुओं पर गहनता से जांच की जा रही है । अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है । उक्त घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी हरपालपुर श्री प्रवीण कुमार यादव की बाइट ।*1
- एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, डीएम ने फीता काटकर किया शुभारंभ;..1
- अब फर्जी अल्ट्रासाउंड पर पड़ेगा ताला! डॉक्टर के फिंगरप्रिंट के बिना नहीं चलेगी मशीन शाहजहांपुर, 31 जुलाई। जनपद में बिना चिकित्सक की मौजूदगी के अल्ट्रासाउंड किए जाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की पहल पर अब जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर ऐसी आधुनिक तकनीक लागू की जाएगी, जिसके तहत डॉक्टर के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन के बिना अल्ट्रासाउंड मशीन चालू ही नहीं होगी। इस नई व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ सदर बाजार स्थित चौधरी डायग्नोस्टिक सेंटर का दौरा किया और तकनीकी प्रणाली का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई तकनीक लागू होने के बाद केवल पंजीकृत चिकित्सक के फिंगरप्रिंट से ही मशीन संचालित होगी। डॉक्टर की अनुपस्थिति में मशीन किसी भी परिस्थिति में चालू नहीं होगी, जिससे अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा अल्ट्रासाउंड किए जाने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में मशीन के संचालन का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। प्रत्येक अल्ट्रासाउंड की जानकारी दर्ज होगी, जिससे किसी भी शिकायत की जांच और सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। साथ ही, भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध और दंडनीय अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी यह तकनीक अहम भूमिका निभाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि नई प्रणाली लागू होने के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।1
- ये पैसे रख लो बेटा... और एक दिन लौटाना, जब तुम किसी की मदद कर सको दफ्तर नहीं, जैसे उम्मीदों का घर है डीएम कार्यालय शाहजहांपुर – कभी-कभी सरकारी दफ्तरों की भीड़ में, सरकारी कुर्सियों के पीछे बैठे लोग एक ऐसा काम कर जाते हैं जो सरकारी नहीं, बल्कि दिल से होता है और दिल से किए गए कामों की दस्तावेज़ों में जगह नहीं होती, वे लोगों की यादों में दर्ज हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ शाहजहांपुर में, जब जिले के मुखिया, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया।हुआ यूं कि एक साधारण से परिवार का लड़का, जो किसी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा था, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी पढ़ाई के लिए ज़रूरी किताबें खरीद सके।उसने शायद कई दरवाज़े खटखटाए होंगे लेकिन आखिर में उम्मीद की एक रौशनी लेकर वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। न कोई सिफारिश, न कोई परिचय बस एक सादा सा अनुरोध कि “सर, पढ़ाई के लिए किताबें चाहिए, लेकिन घर की हालत ऐसी नहीं है कि खरीद सकूं।” जिन अफसरों को लोग अक्सर सख्त मानते हैं, उसी अफसर का दिल उस दिन किसी पिता की तरह पिघल गया। धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बिना एक पल गंवाए, अपनी जेब से रुपए निकाले और मुस्कराकर कहा जाओ बेटे, किताबें खरीद लो। पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।" अगले दिन वही लड़का वापस आया। हाथ में किताबें थीं और साथ में वे बचे हुए रुपए भी, जो किताबें खरीदने के बाद शेष रह गए थे।ईमानदारी देखिए वो लड़का बोला सर ये पैसे बचे हैं,आप ले लीजिए।यह सुनकर जिलाधिकारी साहब मुस्कराए… एक गहरी, सच्ची मुस्कान जो शायद उस लड़के की ईमानदारी और संघर्ष को देखकर अपने आप चली आई थी।उन्होंने कहा –ये पैसे रख लो बेटा मौज करो, एक पेन और डायरी खरीद लेना तुम्हारे काम आएंगे। इस दौर में जहां अधिकतर लोग सिर्फ अपनी सुविधा, अपनी कुर्सी और अपने अधिकारों तक सीमित हो जाते हैं, वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ अफसर नहीं, राह दिखाने वाले दीपक बन जाते हैं,धर्मेंद्र प्रताप सिंह उन्हीं चंद चिरागों में से एक हैं।उन्होंने न केवल एक छात्र की मदद की, बल्कि उस बच्चे के आत्मविश्वास को भी रोशनी दी। उसे यह यकीन दिलाया कि इस दुनिया में मदद के लिए हाथ भी बढ़ते हैं, मुस्कराहटें भी मिलती हैं और पढ़ाई की राह में कोई अकेला नहीं होता। शाहजहांपुर ने एक बार फिर देखा एक जिलाधिकारी, जो सिर्फ आदेश नहीं देता, बल्कि जरूरतमंद की आँखों में उम्मीद पढ़ता है।एक अफ़सर, जो किताबें नहीं… सपनों की कुंजी देता है।ये पैसे रख लो बेटा... और एक दिन लौटाना, जब तुम किसी की मदद कर सको दफ्तर नहीं, जैसे उम्मीदों का घर है डीएम कार्यालय शाहजहांपुर – कभी-कभी सरकारी दफ्तरों की भीड़ में, सरकारी कुर्सियों के पीछे बैठे लोग एक ऐसा काम कर जाते हैं जो सरकारी नहीं, बल्कि दिल से होता है और दिल से किए गए कामों की दस्तावेज़ों में जगह नहीं होती, वे लोगों की यादों में दर्ज हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ शाहजहांपुर में, जब जिले के मुखिया, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया।हुआ यूं कि एक साधारण से परिवार का लड़का, जो किसी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा था, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी पढ़ाई के लिए ज़रूरी किताबें खरीद सके।उसने शायद कई दरवाज़े खटखटाए होंगे लेकिन आखिर में उम्मीद की एक रौशनी लेकर वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। न कोई सिफारिश, न कोई परिचय बस एक सादा सा अनुरोध कि “सर, पढ़ाई के लिए किताबें चाहिए, लेकिन घर की हालत ऐसी नहीं है कि खरीद सकूं।” जिन अफसरों को लोग अक्सर सख्त मानते हैं, उसी अफसर का दिल उस दिन किसी पिता की तरह पिघल गया। धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बिना एक पल गंवाए, अपनी जेब से रुपए निकाले और मुस्कराकर कहा जाओ बेटे, किताबें खरीद लो। पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।" अगले दिन वही लड़का वापस आया। हाथ में किताबें थीं और साथ में वे बचे हुए रुपए भी, जो किताबें खरीदने के बाद शेष रह गए थे।ईमानदारी देखिए वो लड़का बोला सर ये पैसे बचे हैं,आप ले लीजिए।यह सुनकर जिलाधिकारी साहब मुस्कराए… एक गहरी, सच्ची मुस्कान जो शायद उस लड़के की ईमानदारी और संघर्ष को देखकर अपने आप चली आई थी।उन्होंने कहा –ये पैसे रख लो बेटा मौज करो, एक पेन और डायरी खरीद लेना तुम्हारे काम आएंगे। इस दौर में जहां अधिकतर लोग सिर्फ अपनी सुविधा, अपनी कुर्सी और अपने अधिकारों तक सीमित हो जाते हैं, वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ अफसर नहीं, राह दिखाने वाले दीपक बन जाते हैं,धर्मेंद्र प्रताप सिंह उन्हीं चंद चिरागों में से एक हैं।उन्होंने न केवल एक छात्र की मदद की, बल्कि उस बच्चे के आत्मविश्वास को भी रोशनी दी। उसे यह यकीन दिलाया कि इस दुनिया में मदद के लिए हाथ भी बढ़ते हैं, मुस्कराहटें भी मिलती हैं और पढ़ाई की राह में कोई अकेला नहीं होता। शाहजहांपुर ने एक बार फिर देखा एक जिलाधिकारी, जो सिर्फ आदेश नहीं देता, बल्कि जरूरतमंद की आँखों में उम्मीद पढ़ता है।एक अफ़सर, जो किताबें नहीं… सपनों की कुंजी देता है।1
- *थाना कलान पुलिस टीम को बडी सफलता प्राप्त हुई है* जिला संवाददाता आशीष अवस्थी दिनांक 03.07.2026 को थाना कलान, जनपद शाहजहाँपुर पर वादी मुकदमा मोरपाल पुत्र शिवराज निवासी गोविन्द नगला थाना उसहैत जिला बदायूं के प्रा0 पत्र बावत अभियुक्तगण 1. जयवीर पुत्र छत्तर 2.अरविन्द पुत्र जयवीर 3. गोविन्द पुत्र जयवीर 4. लक्ष्मी पत्नी जयवीर निवासीगण ग्राम बिरिया थाना कलान जिला शाहजहाँपुर 5. विपिन पुत्र गिरीश निवासी ग्राम वाराकलां थाना कलान जनपद शाहजहांपुर 6. बैंक मैनेजर बैंक ऑफ बढौदा वाराकलां द्वारा वादी की भूमि गाटा सं0 418 रक्वा 0.898 हे0 मे से 0.298 हे0 का बैनामाशुदा भूमि पर पुनः फर्जी तरीके से 1,09,500 रु0 ऋण लेकर दोवारा बंधक करवा देने तथा सुनियोजित तरीके से वादी की भूमि हडपने की नियत से भूमि को एक लॉख रुपये मे सौदा कर देने तथा 80,000 रु0 लेकर विपिन उपरोक्त के नाम इकरारनामा करा देने एवं दोवारा लोन निकाल लेने तथा अभियुक्तगण द्वारा गाली गलौज कर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के संबंध मे प्राप्त हुआ। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कलान पर मु0अ0सं0 210/26 धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/115(2)/352/351(3)BNS पंजीकृत किया गया । विवेचना मे साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुये अभियुक्त जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया थाना कलान जनपद शाहजहाँपुर को आज दिनांक 31.07.2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया थाना कलान जनपद शाहजहाँपुर उम्र करीब 65 वर्ष आँधीदेई मोड पर समय करीब 10.37 बजे गिरफ्तार किया गया अभियुक्त जयवीर उपरोक्त को नियमानुसार मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की रही है *गिरफ्तार करने वाली टीम का विवरणः-* 1. उ0नि0 मनोज कुमार उपाध्याय 2. रि0का0 हिमांशु भाटी 3. रि0का0 पुष्पेन्द्र2