बिलासपुर में लगातार बढ़ रही पेयजल समस्या को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी ने रविवार को नगर निगम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन से एकत्रित होकर नेहरू चौक स्थित नगर निगम कार्यालय तक पदयात्रा करते हुए पहुंचे और पेयजल संकट के समाधान की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में लोग गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई स्थानों पर सबमर्सिबल पंप खराब पड़े हैं, नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, और जरूरतमंद क्षेत्रों में पर्याप्त टैंकर सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार सुशासन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर पेयजल व्यवस्था सुधारने और प्रभावित वार्डों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बिलासपुर में लगातार बढ़ रही पेयजल समस्या को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी ने रविवार को नगर निगम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन से एकत्रित होकर नेहरू चौक स्थित नगर निगम कार्यालय तक पदयात्रा करते हुए पहुंचे और पेयजल संकट के समाधान की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में लोग गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई स्थानों पर सबमर्सिबल पंप खराब पड़े हैं, नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, और जरूरतमंद क्षेत्रों में पर्याप्त टैंकर सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार सुशासन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर पेयजल व्यवस्था सुधारने और प्रभावित वार्डों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
- कोरबा जिला जेल में बंद दुष्कर्म के एक आरोपी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।1
- जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अमले द्वारा अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 09 जून 2026 को नवापारा क्षेत्र में अवैध रूप से संग्रहित रेत पाए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे पुनः नदी में डलवाया। वहीं, तहसील अकलतरा अंतर्गत अवैध रूप से भंडारित रेत के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई, जहां लगभग 45 हाइवा रेत का अवैध भंडारण मिलने पर राजस्व और संबंधित विभागीय अमले ने मौके पर पहुंचकर रेत को जब्त किया और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की। कलेक्टर श्री महोबे ने जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण से संबंधित मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में मंगलवार को एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद गोदाम में रखे पटाखों तक पहुंचते ही लगातार जोरदार धमाके होने शुरू हो गए। इन धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।1
- सोमवार को बिलासपुर में कांग्रेसजनों और किसानों ने संयुक्त रूप से एक जोरदार प्रदर्शन किया। समय पर खाद, बिजली, पानी, बीज और डीजल उपलब्ध न होने से नाराज होकर, उन्होंने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कांग्रेस नेताओं और किसानों का कहना था कि सरकार किसानों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल साबित हो रही है। उन्हें न तो पर्याप्त खाद मिल पा रही है, न ही नियमित बिजली आपूर्ति हो रही है। वहीं, सिंचाई के लिए पानी की कमी और बीज की अनुपलब्धता ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है, जबकि डीजल की उपलब्धता और बढ़ती लागत को लेकर भी किसानों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन के उपरांत, कांग्रेसजनों और किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।4
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों के सामने बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में, पीड़ित युवक को हाथ में सिनेमा शो का टिकट दिखाते हुए सुना जा सकता है। उसने बताया कि वह रात 10 बजे से 1 बजे के शो के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान अर्जुनी थाने के थाना प्रभारी (SHO) चंद्रकांत साहू और उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और बिना किसी उकसावे के उसके साथ मारपीट की। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया: "आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा? बीच रोड पर हमारी गाड़ी की चाबी निकाल दी, पीछे से ट्रक आ रहा था, अगर मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता?" उसकी पत्नी भी डरी-सहमी हुई दिख रही थी और पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने देने की गुहार लगा रही थी। युवक जब पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या वे अब घर जा सकते हैं, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उन्हें जाने से मना कर दिया। वीडियो पर मौजूद टेक्स्ट के अनुसार, परिवार को रात में करीब 2 घंटे तक सड़क पर ही रोके रखा गया। इस घटना के दौरान, युवक ने सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों और पास के एक मकान में रहने वाले लोगों से भी मदद की अपील की, चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि "भैया! ये पुलिस वाले रात के समय हमें जबरन रोककर मार रहे हैं, प्लीज हमारी मदद करो।" वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में पुलिस के इस आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि अगर कानून के रखवाले आम नागरिकों, खासकर सपरिवार यात्रा कर रहे लोगों के साथ ऐसा हिंसक और असंवेदनशील व्यवहार करेंगे, तो जनता का पुलिस पर से विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवार अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।2
- कोरबा जिले में लगभग 400 साल पुरानी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर की खोज की गई है। यह खोज और संबंधित कार्य कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुए।1
- तिल्दा-नेवरा के नन्हे कियांश ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधों को पानी देकर पर्यावरण संरक्षण का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। जिस उम्र में बच्चे आमतौर पर खिलौनों से खेलते हैं और माता-पिता की गोद में समय बिताते हैं, उसी छोटी सी उम्र में कियांश ने प्रकृति के प्रति अपनी गहरी संवेदनशीलता और प्रेम का परिचय दिया। 5 जून को भीषण गर्मी और तेज धूप की परवाह किए बिना, कियांश पौधों की देखभाल में जुटा रहा। उसकी इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। नन्हे कियांश का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक बताया गया है, जो यह दर्शाता है कि यदि बच्चे बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों, तो आने वाली पीढ़ियाँ एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण का निर्माण कर सकेंगी। इस अवसर पर, कियांश ने "एक पौधा लगाएं, उसकी देखभाल करें और धरती को हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दें" का संदेश भी दिया।1