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कोरबा जिला जेल में बंद दुष्कर्म के एक आरोपी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
Dwarika prasad Yadaw
कोरबा जिला जेल में बंद दुष्कर्म के एक आरोपी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों के सामने बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में, पीड़ित युवक को हाथ में सिनेमा शो का टिकट दिखाते हुए सुना जा सकता है। उसने बताया कि वह रात 10 बजे से 1 बजे के शो के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान अर्जुनी थाने के थाना प्रभारी (SHO) चंद्रकांत साहू और उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और बिना किसी उकसावे के उसके साथ मारपीट की। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया: "आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा? बीच रोड पर हमारी गाड़ी की चाबी निकाल दी, पीछे से ट्रक आ रहा था, अगर मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता?" उसकी पत्नी भी डरी-सहमी हुई दिख रही थी और पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने देने की गुहार लगा रही थी। युवक जब पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या वे अब घर जा सकते हैं, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उन्हें जाने से मना कर दिया। वीडियो पर मौजूद टेक्स्ट के अनुसार, परिवार को रात में करीब 2 घंटे तक सड़क पर ही रोके रखा गया। इस घटना के दौरान, युवक ने सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों और पास के एक मकान में रहने वाले लोगों से भी मदद की अपील की, चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि "भैया! ये पुलिस वाले रात के समय हमें जबरन रोककर मार रहे हैं, प्लीज हमारी मदद करो।" वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में पुलिस के इस आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि अगर कानून के रखवाले आम नागरिकों, खासकर सपरिवार यात्रा कर रहे लोगों के साथ ऐसा हिंसक और असंवेदनशील व्यवहार करेंगे, तो जनता का पुलिस पर से विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवार अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।2
- कोरबा जिले में लगभग 400 साल पुरानी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर की खोज की गई है। यह खोज और संबंधित कार्य कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुए।1
- बिलासपुर में पदस्थ तहसीलदार प्रकृति ध्रुव के खिलाफ तत्काल जाँच के आदेश दिए जाने की कड़ी माँग की जा रही है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जाँच के दौरान उन्हें दोषी पाया जाता है, तो उन्हें उनके पद से तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। यह माँग तहसीलदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देती है।1
- बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम दर्राभाटा में तसर खाद पौधरोपण क्षेत्र की भूमि पर प्रस्तावित डबरी (तालाब) निर्माण को लेकर एक विवाद गहराता नजर आ रहा है। इस मामले में शासकीय तसर केंद्र सोंठी ने चिंता व्यक्त की है। केंद्र ने जनपद पंचायत मस्तूरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक पत्र प्रेषित कर लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र में किए गए तसर पौधरोपण को सुरक्षित रखने तथा प्रस्तावित डबरी निर्माण कार्य को तुरंत निरस्त करने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित भूमि पर वर्षों से तसर विकास एवं पौधरोपण कार्य संचालित है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है। विभाग ने यह भी दावा किया है कि इस क्षेत्र में सभी कार्य शासन की स्वीकृति एवं तकनीकी अनुमोदन के तहत किए गए हैं, और प्रस्तावित डबरी निर्माण से स्थापित पौधरोपण को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। तसर केंद्र सोंठी ने अपनी पूर्व स्वीकृतियों और संबंधित दस्तावेजों का हवाला देते हुए प्रशासन से इस मुद्दे पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।1
- कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की शिकायतें सुनीं। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में, ग्राम पंचायत सेंवार के सरपंच श्री दिलहरण लाल रजक ने नगपुरा से झाला तक सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग नगपुरा, धमनी, कड़ार, सेंवार, कया और बुंदेला जैसे कई गांवों को जोड़ता है, जिसका उपयोग ग्रामीण, मजदूर और छात्र बड़ी संख्या में करते हैं। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आवागमन में भारी परेशानी और दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। श्री रजक ने पंचायत की ओर से गांव में नए पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण की भी स्वीकृति का अनुरोध किया, यह बताते हुए कि वर्तमान भवन जर्जर है और कभी भी दुर्घटना हो सकती है, जिससे पशु चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होंगी। वहीं, नगर निगम क्षेत्र के एकता नगर (लिटिल एंजेल गली), सिद्धिविनायक वार्ड क्रमांक-4 घुरू के रहवासियों ने ट्रांसफार्मर और विद्युत खंभे लगाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने की मांग की, क्योंकि क्षेत्र में पर्याप्त बिजली व्यवस्था न होने से लंबे समय से परेशानी है। उन्होंने अपने खर्च पर व्यवस्था करने की इच्छा जताते हुए शीघ्र एनओसी जारी करने का आग्रह किया। व्यक्तिगत शिकायतों में, ग्राम बरतोरी निवासी श्रीमती देवकी मानिकपुरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत अपने अपूर्ण आवास कार्य को पूरा करने की अनुमति मांगी। उन्होंने बताया कि आवास का निर्माण छत तक पहुँच गया है, लेकिन न्यायालयीन विवादों और शिकायतों के कारण काम रुक गया है, जिससे उन्हें योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। मस्तूरी तहसील के दर्राभाठा निवासी रामसरोज ने मनरेगा के तहत किए गए 32 दिनों के कार्य का भुगतान दिलाने की मांग की। उन्होंने गड्ढा खुदाई सहित विभिन्न कार्यों में मजदूरी करने के बावजूद आज तक भुगतान न मिलने की शिकायत की, जबकि रोजगार सहायक ने आश्वासन दिया था। इसके अतिरिक्त, रतनपुर क्षेत्र के रकैहापारा निवासी सखाराम ने अपनी कृषि भूमि के सही सीमांकन न होने के संबंध में ज्ञापन दिया, बताया कि पूर्व में आवेदन देने के बाद भी सही सीमांकन नहीं हुआ है और उन्होंने भूमि के पुनः सही सीमांकन की मांग की। कलेक्टर ने जनदर्शन में सभी नागरिकों की समस्याओं और मांगों को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।1
- बिलासपुर में लगातार बढ़ रही पेयजल समस्या को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी ने रविवार को नगर निगम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन से एकत्रित होकर नेहरू चौक स्थित नगर निगम कार्यालय तक पदयात्रा करते हुए पहुंचे और पेयजल संकट के समाधान की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में लोग गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई स्थानों पर सबमर्सिबल पंप खराब पड़े हैं, नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, और जरूरतमंद क्षेत्रों में पर्याप्त टैंकर सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार सुशासन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर पेयजल व्यवस्था सुधारने और प्रभावित वार्डों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- सोमवार को बिलासपुर में कांग्रेसजनों और किसानों ने संयुक्त रूप से एक जोरदार प्रदर्शन किया। समय पर खाद, बिजली, पानी, बीज और डीजल उपलब्ध न होने से नाराज होकर, उन्होंने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कांग्रेस नेताओं और किसानों का कहना था कि सरकार किसानों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल साबित हो रही है। उन्हें न तो पर्याप्त खाद मिल पा रही है, न ही नियमित बिजली आपूर्ति हो रही है। वहीं, सिंचाई के लिए पानी की कमी और बीज की अनुपलब्धता ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है, जबकि डीजल की उपलब्धता और बढ़ती लागत को लेकर भी किसानों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन के उपरांत, कांग्रेसजनों और किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।4
- जिला जेल में एक कैदी की मौत से सनसनी फैल गई है। यह घटना तब हुई जब दुष्कर्म के आरोप में बंद कैदी ने जेल के भीतर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।1