कोटा,22 फरवरी 2026/ 370 वे दिन भी बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं द्वारा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी करते हुए सरकार से भुगतान करवाने को लेकर प्रदर्शन किया इस दौरान धरने व प्रदर्शन में कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड मदन मोहन शर्मा, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी कामरेड हनुमान सिंह कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड सीताराम कामरेड शिशुपाल कामरेड पुष्पा खींची, कामरेड मंगल सिंह कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड गिरजाशंकर पांडे कामरेड गोपाल शर्मा कामरेड छीतर लाल, रहीसा बानो रेशमा देवी कैलाशी बाई राजकुमारी राजू वर्मा निर्मला बाई आदि सैकड़ों महिला पुरुष मजदूर धरने व प्रदर्शन में शामिल रहे। धरने का संचालन कामरेड अशोकसिंह ने किया।
कोटा,22 फरवरी 2026/ 370 वे दिन भी बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं द्वारा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी करते हुए सरकार से भुगतान करवाने को लेकर प्रदर्शन किया इस दौरान धरने व प्रदर्शन में कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर,
कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड मदन मोहन शर्मा, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी कामरेड हनुमान सिंह कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड सीताराम कामरेड शिशुपाल कामरेड पुष्पा खींची, कामरेड मंगल सिंह कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड गिरजाशंकर पांडे कामरेड गोपाल शर्मा कामरेड छीतर लाल, रहीसा बानो रेशमा देवी कैलाशी बाई राजकुमारी राजू वर्मा निर्मला बाई आदि सैकड़ों महिला पुरुष मजदूर धरने व प्रदर्शन में शामिल रहे। धरने का संचालन कामरेड अशोकसिंह ने किया।
- कोटा,22 फरवरी 2026/ 370 वे दिन भी बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं द्वारा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी करते हुए सरकार से भुगतान करवाने को लेकर प्रदर्शन किया इस दौरान धरने व प्रदर्शन में कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड मदन मोहन शर्मा, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी कामरेड हनुमान सिंह कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड सीताराम कामरेड शिशुपाल कामरेड पुष्पा खींची, कामरेड मंगल सिंह कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड गिरजाशंकर पांडे कामरेड गोपाल शर्मा कामरेड छीतर लाल, रहीसा बानो रेशमा देवी कैलाशी बाई राजकुमारी राजू वर्मा निर्मला बाई आदि सैकड़ों महिला पुरुष मजदूर धरने व प्रदर्शन में शामिल रहे। धरने का संचालन कामरेड अशोकसिंह ने किया।2
- Jaye bhim ki Jaye shvidan2
- बारां में रविवार को एक बार फिर गाय के बछड़े का क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया। बछड़े का शव शहर के पीजी कॉलेज के सामने मिला, सूचना मिलते ही गो-सेवक और पुलिस मौके पर पहुंची। शव को जिला पशु चिकित्सालय लाया गया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। गो-सेवकों ने अज्ञात लोगों पर धारदार हथियार से हमला करने की आशंका जताई है। हालांकि प्रथम दृष्टया जानवरों द्वारा शव को नोचने की संभावना भी सामने आ रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एक माह में दूसरी घटना से प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा।1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- Post by ओम प्रकाश बेरवा1
- भानु प्रताप सहित मंडोला वासियों की पुलिस प्रशासन से मांग सख्त कार्यवाही हो1
- सवाई माधोपुर। पेड़ बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में आज पुष्प के बालाजी परिसर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण, शहर में हो रही अवैध वृक्ष कटाई और उसके दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय “पेड़ बचाओ संघर्ष समिति” का गठन किया गया। संघर्ष समिति में संरक्षक, सलाहकार, समन्वयक, लीगल, सोशल मीडिया एवं प्रचार-प्रसार, सूचना एवं संपर्क जैसे विभिन्न प्रकोष्ठ बनाए गए हैं तथा सभी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि आंदोलन को संगठित एवं प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सके। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बड़ी बेरहमी और अति-संवेदनहीनता के साथ बिना वैधानिक अनुमति (एनओसी) के पेड़ों की कटाई की गई है, जो एक घोर पर्यावरणीय अपराध है। यह कटाई न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि शहर के पर्यावरण, जलवायु संतुलन और भविष्य के लिए गंभीर खतरा भी है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संघर्ष समिति इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई के साथ-साथ लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन भी करेगी। अभी जो पेड़ बचे हुए हैं, उन्हें हर हाल में बचाने के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा। साथ ही जिन पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया है, उनके पुनः रोपण (री-प्लांटेशन) के लिए भी प्रशासन से मांग की जाएगी। संगोष्ठी में यह भी आरोप लगाया गया कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ी का लदान, परिवहन और बिक्री एक संगठित अपराध के रूप में सामने आ रही है। संघर्ष समिति दोषी व्यक्तियों, ठेकेदारों तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों और न्यायिक लड़ाई लड़ेगी। समिति में समिति में साहित्यकार प्रभाशंकर उपाध्याय, वरिष्ठ नागरिक एडवोकेट जगन्नाथ चौधरी, एडवोकेट भोलाशंकर,एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी,एडवोकेट राजेश मीणा, शंकर लाल ,सोहन सिंह नरूका, राजेश पहाड़िया, अशोक जैन, अवधेश शर्मा, यशवंत भूप्रेमी, के.पी. सिंह, अजय शर्मा, राजकुमार दोसाया, राजीव जैन, हमदम मुकेश, महेश सोनी, डेविड, हेमराज रावल, प्रेमराज मीणा, चंद्रकांत जैन सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल है । वहीं सभी संगोष्ठी में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि “विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश स्वीकार नहीं किया जाएगा” और पेड़ों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इसी प्रकार आंदोलन संघर्ष समिति के लोगों ने आज भी दिनभर कटे हुए तथा बचे हुए पेड़ों का जिओ ट्रैकिंग फोटोग्राफी और सूची तैयार की है तथा स्थानीय लोगों के वक्तव्य भी लिए हैं ।1
- अटरू कस्बे के हाट बाजार स्थित मुख्य चौराहे पर एक कपड़े की दुकान पर काम करने वाले युवक द्वारा कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद माहौल गरमा गया।पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को शांति भंग में गिरफ्तार कर हिदायत दी। बाद में 15–20 युवकों ने एकराय होकर दुकान पर हमला करने की कोशिश की। बीच-बचाव में दुकान घटना की जानकारी फैलते ही कस्बे में भीड़ जमा हो गई। मौके पर डिप्टी रामानंद यादव, थाना अधिकारी अशोक कुमार सहित भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा।एहतियात के तौर पर बारां पुलिस लाइन, कवाई और मोठपुर से भी पुलिस बल बुलाया गया। कुछ युवकों को पूछताछ के लिए थाने में बैठाया गया है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।1