सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक युवक की कथित पुलिस पिटाई से मौत का आरोप लगा। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि राजगाँव निवासी इस युवक को बीती रात पुलिस ने हिरासत में लेकर जदिया थाना लाया था, जहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। आरोप है कि इसी पिटाई के कारण युवक की आज सुबह मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण जदिया थाना पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। क्षेत्र में व्याप्त तनाव को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, हालांकि, इन वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले पर किसी भी आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, और घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह पूरी खबर स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि होने तक इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक युवक की कथित पुलिस पिटाई से मौत का आरोप लगा। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि राजगाँव निवासी इस युवक को बीती रात पुलिस ने हिरासत में लेकर जदिया थाना लाया था, जहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। आरोप है कि इसी पिटाई के कारण युवक की आज सुबह मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण जदिया थाना पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। क्षेत्र में व्याप्त तनाव को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, हालांकि, इन वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले पर किसी भी आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, और घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह पूरी खबर स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि होने तक इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
- सुपौल जिले के निर्मली सखुआ वार्ड नंबर 7 में कच्ची सड़क की हालत बेहद खराब है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क बारिश के मौसम में पूरी तरह से कीचड़ से भर जाती है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि सड़क पर नाले का पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। साथ ही, नदी किनारे तक जाने के लिए भी कोई पक्की सड़क नहीं बनी है। शिकायत है कि इस गंभीर समस्या पर कोई भी नेता ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके कारण लोगों में आक्रोश है। नदि थाना क्षेत्र और ललमुनिया पंचायत के अंतर्गत आने वाले इस वार्ड के लोगों ने जनप्रतिनिधियों से इस सड़क की समस्या का शीघ्र समाधान निकालने की अपील की है।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा में एक डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर अब 'आर-पार की लड़ाई' शुरू हो गई है। इस मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का भी आगाज हो चुका है।1
- नवहट्टा मुख्यालय में एक डिग्री कॉलेज की मान्यता के संबंध में छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से अपील की है। यह अपील नवहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को लेकर की गई है।1
- मधेपुरा व्यवहार न्यायालय से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्याय की पैरवी करने वाले 11 अधिवक्ता अचानक कोर्ट की लिफ्ट में करीब डेढ़ घंटे तक फंसे रहे, जब लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के बीच अटक गई। हालात इतने बिगड़ गए कि फंसे लोगों को निकालने के लिए आखिरकार लिफ्ट को तोड़ना पड़ा। यह घटना आज मधेपुरा व्यवहार न्यायालय के नवनिर्मित भवन में हुई, जब 11 अधिवक्ता एक साथ लिफ्ट में सवार होकर ऊपर जा रहे थे। कुछ ही सेकंड में लिफ्ट ने काम करना बंद कर दिया और क्षमता से अधिक भार के कारण बीच मंजिल में ही अटक गई, जिससे सभी लोग अंदर फंस गए। लिफ्ट के भीतर मौजूद लोगों ने बाहर संपर्क किया, जिसके बाद न्यायालय परिसर में अफरातफरी मच गई। न्यायिक पदाधिकारी, कोर्ट कर्मी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तत्काल तकनीशियन उपलब्ध न होने से राहत कार्य में देरी हुई, जिससे अंदर फंसे लोगों की बेचैनी लगातार बढ़ती रही। लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तकनीकी कर्मियों ने लिफ्ट का दरवाजा खोलकर सभी अधिवक्ताओं को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। बाहर निकलने पर अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली, लेकिन उन्होंने व्यवस्था को लेकर कड़ी नाराजगी भी जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि लिफ्ट की क्षमता केवल छह लोगों की है, जबकि अक्सर इससे अधिक लोग इसमें सवार हो जाते हैं। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की कमी और निगरानी के अभाव का परिणाम है, और ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई और न ही क्षमता के अनुसार लोगों के प्रवेश को सुनिश्चित किया गया। फिलहाल सभी अधिवक्ता सुरक्षित हैं, लेकिन इस पूरी घटना ने न्यायालय भवन की तकनीकी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट प्रशासन इस घटना से सबक लेगा और लिफ्ट संचालन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।4
- मधेपुरा जिले में अवैध संबंध का राज खुलने के डर से एक यूकेजी छात्र की ह*त्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने एक शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल स्कूल संचालक की पत्नी घटना के बाद से फरार बताई जा रही है।1
- मधेपुरा जिले के सिंगेश्वर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 106 (NH 106) पर मौजूद व्यापारियों को 'वैसे ही' हटाया जा रहा है। इस जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर से व्यापारियों का विस्थापन बिना किसी विशेष प्रक्रिया के हो रहा है।1
- मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र स्थित जेडी पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में रह रहे छह वर्षीय छात्र आनंद प्रेम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है, जिसमें यह मामला हत्या का निकला। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह जानकारी बुधवार को सदर थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने दी। उन्होंने बताया कि 7 जून को प्रशिक्षु डीएसपी सह मुरलीगंज थानाध्यक्ष नूरुल हक को रामानंद यादव के पुत्र आनंद प्रेम (6) की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर मृतक की मां गुंजन देवी के फर्द बयान के आधार पर मुरलीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) नेसार अहमद खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त आरोपी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी अंकित कुमार ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसका हॉस्टल संचालक सुनील कुमार की पत्नी अंजली कुमारी के साथ अवैध संबंध था। 6 जून की रात आनंद प्रेम ने उन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और शोर मचाने लगा। इसके बाद अंजली कुमारी के कहने पर अंकित कुमार ने बच्चे का मुंह और नाक दबाकर उसे चुप कराने का प्रयास किया, जिससे बच्चा बेहोश होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने की भी कोशिश की। पुलिस के अनुसार, सुनील कुमार के सहयोग से शव को छिपाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफल न होने पर हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए बच्चे के शव को रस्सी के सहारे लटका दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अंकित कुमार के साथ-साथ हॉस्टल संचालक सुनील कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र के कजरा निवासी अंकित कुमार और मधेपुरा के भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत मरूआहा वार्ड-4 निवासी सुनील कुमार शामिल हैं, जिन्हें आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।4
- सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक युवक की कथित पुलिस पिटाई से मौत का आरोप लगा। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि राजगाँव निवासी इस युवक को बीती रात पुलिस ने हिरासत में लेकर जदिया थाना लाया था, जहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। आरोप है कि इसी पिटाई के कारण युवक की आज सुबह मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण जदिया थाना पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। क्षेत्र में व्याप्त तनाव को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, हालांकि, इन वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले पर किसी भी आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, और घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह पूरी खबर स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि होने तक इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।1