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महीने भर से बंद पंप नहर, सूखे तालाब-तलैया; पानी को तरसे पशु व किसान मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र की पंप नहर पकरी सेवार का संचालन पिछले दो माह से बंद है, जिससे तालाब और तलैया पूरी तरह सूख चुके हैं। जिन जलस्रोतों में थोड़ा बहुत पानी बचा है, वह भी कीचड़युक्त हो गया है, जो पशुओं के पीने योग्य नहीं रह गया। ऐसे में गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय ग्रामीण बनारसीलाल सोनकर, पारस नाथ सोनकर समेत अन्य लोगों ने बताया कि एक दशक पहले इसी नहर के सहारे किसान गर्मी के दिनों में हरा चारा और जायद की फसलें उगाकर अच्छा मुनाफा कमाते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। नहर में पानी न आने से खेती प्रभावित हो रही है और पशुओं के सामने भी पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। नहर की बदहाल व्यवस्था से बढ़ी दिक्कतें ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी के दिनों में पंप नहर से जुड़े इंजीनियर और कर्मचारी लापरवाह बने रहते हैं। किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। बताया कि दो माह पहले नहर की मरम्मत और विस्तारीकरण के लिए शासन से करोड़ों रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन कार्य में अनियमितता बरतते हुए धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जेई के लिए आवास तो बना दिया गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी का कोई ठिकाना नहीं रहता। पंप नहर पकरी सेवार और बेलन नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। तेज धूप के बीच हरी सब्जियों और हरे चारे की फसलों को सिंचाई की सख्त जरूरत है, लेकिन पानी के अभाव में फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।

8 hrs ago
user_राजेश कुमार
राजेश कुमार
रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

महीने भर से बंद पंप नहर, सूखे तालाब-तलैया; पानी को तरसे पशु व किसान मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र की पंप नहर पकरी सेवार का संचालन पिछले दो माह से बंद है, जिससे तालाब और तलैया पूरी तरह सूख चुके हैं। जिन जलस्रोतों में थोड़ा बहुत पानी बचा है, वह भी कीचड़युक्त हो गया है, जो पशुओं के पीने योग्य नहीं रह गया। ऐसे में गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय ग्रामीण बनारसीलाल सोनकर, पारस नाथ सोनकर समेत अन्य लोगों ने बताया कि एक दशक पहले इसी नहर के सहारे किसान गर्मी के दिनों में हरा चारा और जायद की फसलें उगाकर अच्छा मुनाफा कमाते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। नहर में पानी न आने से खेती प्रभावित हो रही है और पशुओं के सामने भी पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। नहर की बदहाल व्यवस्था से बढ़ी दिक्कतें ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी के दिनों में पंप नहर से जुड़े इंजीनियर और कर्मचारी लापरवाह बने रहते हैं। किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। बताया कि दो माह पहले नहर की मरम्मत और विस्तारीकरण के लिए शासन से करोड़ों रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन कार्य में अनियमितता बरतते हुए धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जेई के लिए आवास तो बना दिया गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी का कोई ठिकाना नहीं रहता। पंप नहर पकरी सेवार और बेलन नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। तेज धूप के बीच हरी सब्जियों और हरे चारे की फसलों को सिंचाई की सख्त जरूरत है, लेकिन पानी के अभाव में फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
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    Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • आज के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। गुरुजी ने स्मरण कराया कि उन्होंने पूर्व में ही अपने आध्यात्मिक दृष्टिकोण और गहन चिंतन के आधार पर यह संकेत दिया था कि पश्चिम बंगाल की धरती, जो सांस्कृतिक और सनातन मूल्यों की वाहक रही है, वहाँ राष्ट्रविरोधी प्रवृत्तियों और परंपराओं के ह्रास को रोकने हेतु एक सशक्त, राष्ट्रनिष्ठ और सनातन विचारधारा से प्रेरित सरकार का गठन अत्यंत आवश्यक है। गुरुजी ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भावना से प्रेरित एक शक्ति है, जो देश को सुदृढ़ दिशा देने में सक्षम है। उन्होंने आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में इस प्रकार की सरकार का आना समय की मांग थी। इसी क्रम में आचार्य ने आज उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए भी एक नए युग का उद्घोष किया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ भविष्यवाणी की कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार पुनः सशक्त रूप में स्थापित होगी। गुरुजी ने उत्तर प्रदेश की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार हिमालय से गंगा का उद्गम होता है, उसी प्रकार इस पवित्र भूमि से सदैव महापुरुष, योग्य नेतृत्वकर्ता और राष्ट्रनिर्माता उत्पन्न होते रहे हैं। अंततः उन्होंने यह घोषणा की कि आज से ही उत्तर प्रदेश में सकारात्मक राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रारंभ हो चुका है, जो भविष्य में एक सशक्त, समृद्ध और संस्कारित भारत के निर्माण की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।
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    आज के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। गुरुजी ने स्मरण कराया कि उन्होंने पूर्व में ही अपने आध्यात्मिक दृष्टिकोण और गहन चिंतन के आधार पर यह संकेत दिया था कि पश्चिम बंगाल की धरती, जो सांस्कृतिक और सनातन मूल्यों की वाहक रही है, वहाँ राष्ट्रविरोधी प्रवृत्तियों और परंपराओं के ह्रास को रोकने हेतु एक सशक्त, राष्ट्रनिष्ठ और सनातन विचारधारा से प्रेरित सरकार का गठन अत्यंत आवश्यक है।
गुरुजी ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भावना से प्रेरित एक शक्ति है, जो देश को सुदृढ़ दिशा देने में सक्षम है। उन्होंने आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में इस प्रकार की सरकार का आना समय की मांग थी।
इसी क्रम में आचार्य  ने आज उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए भी एक नए युग का उद्घोष किया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ भविष्यवाणी की कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार पुनः सशक्त रूप में स्थापित होगी। गुरुजी ने उत्तर प्रदेश की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार हिमालय से गंगा का उद्गम होता है, उसी प्रकार इस पवित्र भूमि से सदैव महापुरुष, योग्य नेतृत्वकर्ता और राष्ट्रनिर्माता उत्पन्न होते रहे हैं।
अंततः उन्होंने यह घोषणा की कि आज से ही उत्तर प्रदेश में सकारात्मक राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रारंभ हो चुका है, जो भविष्य में एक सशक्त, समृद्ध और संस्कारित भारत के निर्माण की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र की पंप नहर पकरी सेवार का संचालन पिछले दो माह से बंद है, जिससे तालाब और तलैया पूरी तरह सूख चुके हैं। जिन जलस्रोतों में थोड़ा बहुत पानी बचा है, वह भी कीचड़युक्त हो गया है, जो पशुओं के पीने योग्य नहीं रह गया। ऐसे में गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय ग्रामीण बनारसीलाल सोनकर, पारस नाथ सोनकर समेत अन्य लोगों ने बताया कि एक दशक पहले इसी नहर के सहारे किसान गर्मी के दिनों में हरा चारा और जायद की फसलें उगाकर अच्छा मुनाफा कमाते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। नहर में पानी न आने से खेती प्रभावित हो रही है और पशुओं के सामने भी पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। नहर की बदहाल व्यवस्था से बढ़ी दिक्कतें ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी के दिनों में पंप नहर से जुड़े इंजीनियर और कर्मचारी लापरवाह बने रहते हैं। किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। बताया कि दो माह पहले नहर की मरम्मत और विस्तारीकरण के लिए शासन से करोड़ों रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन कार्य में अनियमितता बरतते हुए धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जेई के लिए आवास तो बना दिया गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी का कोई ठिकाना नहीं रहता। पंप नहर पकरी सेवार और बेलन नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। तेज धूप के बीच हरी सब्जियों और हरे चारे की फसलों को सिंचाई की सख्त जरूरत है, लेकिन पानी के अभाव में फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।
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    मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र की पंप नहर पकरी सेवार का संचालन पिछले दो माह से बंद है, जिससे तालाब और तलैया पूरी तरह सूख चुके हैं। जिन जलस्रोतों में थोड़ा बहुत पानी बचा है, वह भी कीचड़युक्त हो गया है, जो पशुओं के पीने योग्य नहीं रह गया। ऐसे में गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
स्थानीय ग्रामीण बनारसीलाल सोनकर, पारस नाथ सोनकर समेत अन्य लोगों ने बताया कि एक दशक पहले इसी नहर के सहारे किसान गर्मी के दिनों में हरा चारा और जायद की फसलें उगाकर अच्छा मुनाफा कमाते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। नहर में पानी न आने से खेती प्रभावित हो रही है और पशुओं के सामने भी पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।
नहर की बदहाल व्यवस्था से बढ़ी दिक्कतें
ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी के दिनों में पंप नहर से जुड़े इंजीनियर और कर्मचारी लापरवाह बने रहते हैं। किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। बताया कि दो माह पहले नहर की मरम्मत और विस्तारीकरण के लिए शासन से करोड़ों रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन कार्य में अनियमितता बरतते हुए धन का दुरुपयोग किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जेई के लिए आवास तो बना दिया गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी का कोई ठिकाना नहीं रहता। पंप नहर पकरी सेवार और बेलन नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। तेज धूप के बीच हरी सब्जियों और हरे चारे की फसलों को सिंचाई की सख्त जरूरत है, लेकिन पानी के अभाव में फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मेजा प्रयागराज। प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से खींचा हाई वोल्टेज तार बड़ी अनहोनी को दावत दे रहा है। मामला पकरी सेवार स्थित प्राथमिक विद्यालय का है जहां विद्यालय भवन के उपर से 11000 हाई वोल्टेज का तार गुजारा है कभी भी अनहोनी घटना को अंजाम दे सकता है। विभाग की लापरवाही व शिक्षकों द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है। जबकि देखा जाए तो महज छत से 1 मीटर की दूरी पर से गुजर रहे तार की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बिजली विभाग के अधिकारियों से की जानी चाहिए। इस लापरवाही का खामियाजा कभी न कभी किसी के साथ अप्रिय घटना में बदल सकती है साफ तौर पर इस वीडियो में देखा जा सकता है।
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    मेजा प्रयागराज। प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से खींचा हाई वोल्टेज तार बड़ी अनहोनी को दावत दे रहा है। मामला पकरी सेवार स्थित प्राथमिक विद्यालय का है जहां विद्यालय भवन के उपर से 11000 हाई वोल्टेज का तार गुजारा है कभी भी अनहोनी घटना को अंजाम दे सकता है। विभाग की लापरवाही व शिक्षकों द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है। जबकि देखा जाए तो महज छत से 1 मीटर की दूरी पर से गुजर रहे तार की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बिजली विभाग के अधिकारियों से की जानी चाहिए। इस लापरवाही का खामियाजा कभी न कभी किसी के साथ अप्रिय घटना में बदल सकती है साफ तौर पर इस वीडियो में देखा जा सकता है।
    user_Dhananjay Prajapati
    Dhananjay Prajapati
    Artist Meja, Prayagraj•
    22 hrs ago
  • करछना में धूल भरी तेज आंधी, अचानक बदला मौसम का मिजाज
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    करछना में धूल भरी तेज आंधी, अचानक बदला मौसम का मिजाज
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • आज प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर जहाँ तकनीक और शौर्य मिलते हैं इस वर्ष की संगोष्ठी का विषय 'रक्षा त्रिवेणी संगम - जहाँ प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है' रखा गया है। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इसे 'ज्ञान और शक्ति का महाकुंभ' करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रयागराज में तीन नदियों का मिलन होता है, उसी तरह यह आयोजन सेना, उद्योग जगत और वैज्ञानिकों के बीच एक सेतु का काम करेगा। रक्षा मंत्री ने वैश्विक परिदृश्य और युद्ध के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं: रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रोन और सेंसर गेम चेंजर बनकर उभरे हैं। आज के दौर में किसी भी चीज़ को हथियार (Weaponize) बनाया जा सकता है। *AI और साइबर स्पेस:* राजनाथ सिंह ने कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के युग में हैं, जहाँ युद्ध अब साइबर स्पेस में भी लड़े जा रहे हैं। *प्रो-एक्टिव सेना का आह्वान:* उन्होंने सेना से 'एक्टिव' के बजाय 'प्रो-एक्टिव' रहने और 'सरप्राइज एलिमेंट' विकसित करने की अपील की, ताकि दुश्मन सोच भी न सके। उन्होंने चेतावनी दी कि चिकित्सा या शिक्षा में देरी चल सकती है, लेकिन रक्षा तकनीक में पिछड़ना भारी पड़ सकता है। यह तीन दिवसीय आयोजन (4 से 6 मई) भारतीय सेना की उत्तरी और मध्य कमान तथा सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चररर्स (SIDM) के सहयोग से किया जा रहा है। 284 कंपनियां: प्रदर्शनी में देश भर के स्टार्टअप्स, MSMEs और निजी रक्षा फर्मों ने हिस्सा लिया राजनाथ सिंह ने यूपी के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण सेना को मजबूती दे रहा है। उन्होंने हाल ही में लोकार्पित गंगा एक्सप्रेसवे को भी रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों से 'डिफेंस कॉरिडोर' की तर्ज पर 'नॉलेज कॉरिडोर' बनाने की भी अपील की।
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    आज प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर 
जहाँ तकनीक और शौर्य मिलते हैं इस वर्ष की संगोष्ठी का विषय 'रक्षा त्रिवेणी संगम - जहाँ प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है' रखा गया है। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इसे 'ज्ञान और शक्ति का महाकुंभ' करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रयागराज में तीन नदियों का मिलन होता है, उसी तरह यह आयोजन सेना, उद्योग जगत और वैज्ञानिकों के बीच एक सेतु का काम करेगा।
रक्षा मंत्री ने वैश्विक परिदृश्य और युद्ध के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं: रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रोन और सेंसर गेम चेंजर बनकर उभरे हैं। आज के दौर में किसी भी चीज़ को हथियार (Weaponize) बनाया जा सकता है।
*AI और साइबर स्पेस:* 
राजनाथ सिंह ने कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के युग में हैं, जहाँ युद्ध अब साइबर स्पेस में भी लड़े जा रहे हैं।
*प्रो-एक्टिव सेना का आह्वान:* 
उन्होंने सेना से 'एक्टिव' के बजाय 'प्रो-एक्टिव' रहने और 'सरप्राइज एलिमेंट' विकसित करने की अपील की, ताकि दुश्मन सोच भी न सके। उन्होंने चेतावनी दी कि चिकित्सा या शिक्षा में देरी चल सकती है, लेकिन रक्षा तकनीक में पिछड़ना भारी पड़ सकता है।
यह तीन दिवसीय आयोजन (4 से 6 मई) भारतीय सेना की उत्तरी और मध्य कमान तथा सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चररर्स (SIDM) के सहयोग से किया जा रहा है। 284 कंपनियां: प्रदर्शनी में देश भर के स्टार्टअप्स, MSMEs और निजी रक्षा फर्मों ने हिस्सा लिया 
राजनाथ सिंह ने यूपी के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण सेना को मजबूती दे रहा है। उन्होंने हाल ही में लोकार्पित गंगा एक्सप्रेसवे को भी रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों से 'डिफेंस कॉरिडोर' की तर्ज पर 'नॉलेज कॉरिडोर' बनाने की भी अपील की।
    user_राम सिंह कबीर
    राम सिंह कबीर
    पत्रकार बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by AMAN KUMAR
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    Post by AMAN KUMAR
    user_AMAN KUMAR
    AMAN KUMAR
    Student union करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • कौंधियारा थाना क्षेत्र के गढवा कला गांव मे पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में पति-पत्नी ने खुद से मौत, पुलिस शव को कब्जे में लेकर पुलिस जांच में जुटी
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    कौंधियारा थाना क्षेत्र के गढवा कला गांव मे पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में  पति-पत्नी ने  खुद से  मौत, पुलिस शव को कब्जे में लेकर पुलिस जांच में जुटी
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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