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सेंट एडम्स स्कूल के कक्षा 1 का छात्र अंग्रेजी फर्राटे से पढ़ रहा, पढ़ाई का स्तर गरुड़ के सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल में शिक्षा का स्तर देखकर कौन न वाह न कहे! एक वायरल वीडियो में कक्षा 1 का मात्र छह साल का बच्चा 'लव' अंग्रेजी को इतनी सहजता से पढ़ रहा है मानो कोई बड़ा विद्वान हो। यह दृश्य न केवल अभिभावकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को भी प्रमाणित करता है, जहां छोटे-छोटे बच्चे भाषा सीखने में इतनी आसानी हासिल कर रहे हैं।

4 hrs ago
user_Jc pandey
Jc pandey
गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
4 hrs ago

सेंट एडम्स स्कूल के कक्षा 1 का छात्र अंग्रेजी फर्राटे से पढ़ रहा, पढ़ाई का स्तर गरुड़ के सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल में शिक्षा का स्तर देखकर कौन न वाह न कहे! एक वायरल वीडियो में कक्षा 1 का मात्र छह साल का बच्चा 'लव' अंग्रेजी को इतनी सहजता से पढ़ रहा है मानो कोई बड़ा विद्वान हो। यह दृश्य न केवल अभिभावकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को भी प्रमाणित करता है, जहां छोटे-छोटे बच्चे भाषा सीखने में इतनी आसानी हासिल कर रहे हैं।

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  • गरुड़ के सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल में शिक्षा का स्तर देखकर कौन न वाह न कहे! एक वायरल वीडियो में कक्षा 1 का मात्र छह साल का बच्चा 'लव' अंग्रेजी को इतनी सहजता से पढ़ रहा है मानो कोई बड़ा विद्वान हो। यह दृश्य न केवल अभिभावकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को भी प्रमाणित करता है, जहां छोटे-छोटे बच्चे भाषा सीखने में इतनी आसानी हासिल कर रहे हैं।
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    गरुड़ के सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल में शिक्षा का स्तर देखकर कौन न वाह न कहे! एक वायरल वीडियो में कक्षा 1 का मात्र छह साल का बच्चा 'लव' अंग्रेजी को इतनी सहजता से पढ़ रहा है मानो कोई बड़ा विद्वान हो। यह दृश्य न केवल अभिभावकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को भी प्रमाणित करता है, जहां छोटे-छोटे बच्चे भाषा सीखने में इतनी आसानी हासिल कर रहे हैं।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • सफलता अंक नहीं होती और असफलता घातक नहीं होती है,
    1
    सफलता अंक नहीं होती और असफलता घातक नहीं होती है,
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • Post by Surendra Kumar
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    Post by Surendra Kumar
    user_Surendra Kumar
    Surendra Kumar
    Paint Shop कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • विडियो देखें-मेरठ (उत्तर प्रदेश) डबल बेड के अंदर से बना था रास्ता, अंदर गए तो मिली हथियारों की फैक्ट्री मेरठ के एक मकान में चल रही थी असलहा फैक्ट्री, पुलिस ने छापा मारा तो डबल बेड के अंदर से एक रास्ता बना हुआ मिला, जो तहखाने तक जाता था, जहां पुलिस को हथियारों का जखीरा मिला.
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    विडियो देखें-मेरठ (उत्तर प्रदेश)
डबल बेड के अंदर से बना था रास्ता, अंदर गए तो मिली हथियारों की फैक्ट्री
मेरठ के एक मकान में चल रही थी असलहा फैक्ट्री, पुलिस ने छापा मारा तो डबल बेड के अंदर से एक रास्ता बना हुआ मिला, जो तहखाने तक जाता था, जहां पुलिस को हथियारों का जखीरा मिला.
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
  • नैनीताल एस.एस.पी.ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान लंबित जांचों पर नाराजगी जाहिर करते हुए अपने जांच अधिकारियों को आबकारी और विद्युत चोरी समेत अन्य मामलों में तीन महीनों की जगह 15 दिनों में जांच रिपोर्ट जमा करने को कहा है। उन्होंने कहा की महिला और बच्चों को पेट पर लात मारने के बाद एसएसपी कार्यालय में धरने पर बैठने वालों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। नैनीताल की पुलिस लाइन में आज अयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में जिले के सभी एस.ओ., कोतवाल, सी.ओ., एस.पी.के साथ एस.एस.पी.मंजूनाथ टीसी ने बैठक की। इस बैठक में पुलिस के आचरण, पारदर्शिता और समयबद्ध विवेचना पर विशेष ध्यान दिया गया। जिले में चल रही जांचों में अधिकारियों की विवेचना में देरी को लेकर एस.एस.पी.नाराज हुए। उन्होंने, जांच के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित करते हुए जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द जमा करने के एदेश दिए। कहा कि एस.ओ., कोतवाल और सी.ओ.को विद्युत और आबकारी एक्ट की शिकायतों की जांच जल्दी पूरी करनी है। इसके अलावा जब्त किया गया सभी माल ई-मालखाने में दाखिल होगा। उन्होंने, आगामी पर्यटन सीजन और मार्च महीने के अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में थाना प्रभारियों (SHO), फायर सर्विस, ट्रैफिक, पी.ए.सी.और होमगार्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से पुलिस के आचरण एवं व्यवहार को प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया गया कि आमजन के साथ संवाद करते समय पुलिस कर्मियों का व्यवहार शालीन एवं संवेदनशील होना चाहिए। विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार के नशे का सेवन कर जनता से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। पुलिस कप्तान ने आगामी पर्यटन सीजन के लिए पुलिस के आचरण और व्यवहार को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। पुलिस कर्मियों को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि ड्यूटी के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या या विवाद की स्थिति में पुलिस प्रशासन अपने कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। लेकिन, अनुशासनहीनता या नशे की स्थिति में दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
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    नैनीताल एस.एस.पी.ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान लंबित जांचों पर नाराजगी जाहिर करते हुए अपने जांच अधिकारियों को आबकारी और विद्युत चोरी समेत अन्य मामलों में तीन महीनों की जगह 15 दिनों में जांच रिपोर्ट जमा करने को कहा है। उन्होंने कहा की महिला और बच्चों को पेट पर लात मारने के बाद एसएसपी कार्यालय में धरने पर बैठने वालों के खिलाफ कार्यवाही की गई है।
नैनीताल की पुलिस लाइन में आज अयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में जिले के सभी एस.ओ., कोतवाल, सी.ओ., एस.पी.के साथ एस.एस.पी.मंजूनाथ टीसी ने बैठक की। इस बैठक में पुलिस के आचरण, पारदर्शिता और समयबद्ध विवेचना पर विशेष ध्यान दिया गया। जिले में चल रही जांचों में अधिकारियों की विवेचना में देरी को लेकर एस.एस.पी.नाराज हुए। उन्होंने, जांच के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित करते हुए
जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द जमा करने के एदेश दिए। कहा कि एस.ओ., कोतवाल और सी.ओ.को विद्युत और आबकारी एक्ट की शिकायतों की जांच जल्दी पूरी करनी है। इसके अलावा जब्त किया गया सभी माल ई-मालखाने में दाखिल होगा। उन्होंने, आगामी पर्यटन सीजन और मार्च महीने के अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में थाना प्रभारियों (SHO), फायर सर्विस, ट्रैफिक, पी.ए.सी.और होमगार्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य रूप से पुलिस के आचरण एवं व्यवहार को प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया गया कि आमजन के साथ संवाद करते समय पुलिस कर्मियों का व्यवहार शालीन एवं संवेदनशील होना चाहिए। विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार के नशे का सेवन कर जनता से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। पुलिस कप्तान ने आगामी पर्यटन सीजन के लिए पुलिस के आचरण और व्यवहार को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। 
पुलिस कर्मियों को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि ड्यूटी के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या या विवाद की स्थिति में पुलिस प्रशासन अपने कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। लेकिन, अनुशासनहीनता या नशे की स्थिति में दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
    user_Rajat pant
    Rajat pant
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • पिथौरागढ़: रामगंगा वा सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाई कोर्ट की रोक
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    पिथौरागढ़: रामगंगा वा सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाई कोर्ट की रोक
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    पत्रकार चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • Post by Jagdish Ballabh Sharma
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    Post by Jagdish Ballabh Sharma
    user_Jagdish Ballabh Sharma
    Jagdish Ballabh Sharma
    Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    23 hrs ago
  • काफल, वो लाल-रसीले बेरी के दाने, बस एक चखते ही जीभ पर जादू बिखेर देते हैं—खट्टा-मीठा स्वाद इतना तीखा और लुभावना कि मन भटक जाए पहाड़ी जंगलों की ओर। अप्रैल-मई में पकने वाले ये छोटे-छोटे फल, कच्चे होने पर हल्की खटास के साथ चबने में क्रंची आनंद देते हैं, जबकि पके काफल का रस गले में उतरते ही मीठी ठंडक फैला देता है, मानो हिमालय की ठंडी हवा हो मुंह में घुली हुई। स्थानीय लोकगीतों में गाए जाने वाले इस फल की महक इतनी शानदार कि बच्चे-बूढ़े पहाड़ चढ़कर इकट्ठा करने को आतुर हो जाते हैं; एक मुट्ठी काफल खाकर लगता है जैसे प्रकृति ने खुद अपना अमृत भेजा हो, जो न सिर्फ तरोताजा करता है बल्कि कुमाऊँनी संस्कृति की सजीव याद दिला देता है। #kafal #काफल #himalyanbery
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    काफल, वो लाल-रसीले बेरी के दाने, बस एक चखते ही जीभ पर जादू बिखेर देते हैं—खट्टा-मीठा स्वाद इतना तीखा और लुभावना कि मन भटक जाए पहाड़ी जंगलों की ओर। अप्रैल-मई में पकने वाले ये छोटे-छोटे फल, कच्चे होने पर हल्की खटास के साथ चबने में क्रंची आनंद देते हैं, जबकि पके काफल का रस गले में उतरते ही मीठी ठंडक फैला देता है, मानो हिमालय की ठंडी हवा हो मुंह में घुली हुई। स्थानीय लोकगीतों में गाए जाने वाले इस फल की महक इतनी शानदार कि बच्चे-बूढ़े पहाड़ चढ़कर इकट्ठा करने को आतुर हो जाते हैं; एक मुट्ठी काफल खाकर लगता है जैसे प्रकृति ने खुद अपना अमृत भेजा हो, जो न सिर्फ तरोताजा करता है बल्कि कुमाऊँनी संस्कृति की सजीव याद दिला देता है।
#kafal #काफल #himalyanbery
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
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