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नाला निर्माण में हो रहा डस्ट का यूज क्या यह नियमावली में है? बांदा महुआ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत इटरा खुर्द मैं नगर निर्माण में हो रहा है भ्रष्टाचार जब प्रधान ललित गुप्ता से वार्ता की गई तो पहले तो मन की हां ग्राम पंचायत शिकार हो रहा है लेकिन उन्होंने कहा कि ठेकेदार से आप बात करिए क्या जिम्मेदारी नहीं बनती प्रधान की अवैध निर्माण में प्रधान सचिव की मिली भगत से हो रहा अवैध निर्माण
Amod Kumar
नाला निर्माण में हो रहा डस्ट का यूज क्या यह नियमावली में है? बांदा महुआ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत इटरा खुर्द मैं नगर निर्माण में हो रहा है भ्रष्टाचार जब प्रधान ललित गुप्ता से वार्ता की गई तो पहले तो मन की हां ग्राम पंचायत शिकार हो रहा है लेकिन उन्होंने कहा कि ठेकेदार से आप बात करिए क्या जिम्मेदारी नहीं बनती प्रधान की अवैध निर्माण में प्रधान सचिव की मिली भगत से हो रहा अवैध निर्माण
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- #Apkiawajdigital यादों के पन्नों से विशेष कवरेज...✍️ मुख्य समाचार: आस्था के शिखर 'बाबा बागेश्वरधाम सरकार' के पीठाधीश्वर पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के सानिध्य में चल रही श्री हनुमन्त कथा के चौथे दिन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा पंडाल के जीरो ग्राउंड से हमारे संवाददाता घासीराम निषाद की रिपोर्ट के अनुसार, आज की कथा में हनुमान जी के प्रसंगों को सुनकर उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। पूज्य महाराज श्री ने अपने प्रवचनों में सनातन धर्म की महिमा और हनुमान चालीसा के महत्व पर प्रकाश डाला। पूरा वातावरण 'जय श्री राम' और 'बागेश्वर धाम की जय' के नारों से गुंजायमान रहा। दूर-दराज से आए भक्तों के लिए प्रशासन और आयोजकों द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं।1
- बांदा महुआ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत इटरा खुर्द मैं नगर निर्माण में हो रहा है भ्रष्टाचार जब प्रधान ललित गुप्ता से वार्ता की गई तो पहले तो मन की हां ग्राम पंचायत शिकार हो रहा है लेकिन उन्होंने कहा कि ठेकेदार से आप बात करिए क्या जिम्मेदारी नहीं बनती प्रधान की अवैध निर्माण में प्रधान सचिव की मिली भगत से हो रहा अवैध निर्माण1
- बांदा । होली के पावन पर्व के अवसर 4 मार्च 2026, दिन बुधवार को कंचन पुरवा स्थित काली देवी मंदिर परिसर में बरसाने की तर्ज पर भव्य फूलों की होली का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी एवं भाजपा नेता श्याम मोहन धुरिया ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में आप सादर आमंत्रित हैं कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन के दौरान भगवान की भक्ति में रंगे श्रद्धालु फूलों की वर्षा के बीच होली खेलेंगे। भजन- कीर्तन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ वातावरण को भक्तिमय बनाया जाएगा। आयोजकों की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। श्याम मोहन धुरिया ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। होली के इस विशेष आयोजन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखा जा रहा है और इसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।1
- बांदा में ऑटो स्टैंड की मां रखकर रिक्शा और ऑटो चालकों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया उनकी मांग है कि उनको भी ऑटो और रिक्शा खड़ा करने की जगह मिले जिससे चलन से वह बच सके और समस्या ना हो सके आम जनमानस को1
- विधि-विधान के साथ हुआ होलिका दहन,श्रद्धालुओं ने होली की परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना की।विधि-विधान के साथ हुआ1
- “हमीरपुर के भरूवा सुमेरपुर में प्रदूषण को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। इलाके की इस्पात कंपनी पर जहरीला धुआं फैलाने और पर्यावरण नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। चिमनियों से निकलता काला धुआं और उड़ती राख अब लोगों की सेहत और किसानों की फसल दोनों पर भारी पड़ रही है। दमा, सांस की तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल — आखिर प्रशासन कब जागेगा? क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई या यूं ही चलता रहेगा प्रदूषण का खेल?1
- Post by LK Tiwari Ram G1
- #Apkiawajdigital मेरठ | मुख्य संवाददाता दिनांक: 03 मार्च, 2026 उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और मीडिया के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। जिले की डीएसपी (DSP) सौम्या अस्थाना का एक सख्त निर्देश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि कोई पत्रकार थाने के भीतर वीडियोग्राफी करता पाया गया, तो उस पर तत्काल कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी। इस बयान के बाद पत्रकार संगठनों में भारी रोष है और इसे 'प्रेस की आजादी' पर हमला बताया जा रहा है। क्या है पूरा मामला और बयान की टाइमिंग? यह विवाद 02 मार्च, 2026 की शाम को तब शुरू हुआ जब मेरठ के एक स्थानीय थाने में किसी मामले की कवरेज के लिए पहुँचे पत्रकारों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान डीएसपी सौम्या अस्थाना ने आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए कहा कि थाने के भीतर की कार्यप्रणाली को बिना अनुमति रिकॉर्ड करना कानूनन गलत है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा— "थाना एक संवेदनशील कार्यस्थल है। यदि कोई पत्रकार यहां आकर वीडियोग्राफी करता है और अनुशासन भंग करता है, तो उस पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।" सत्यता की जांच (Fact Check): विवाद के पीछे का तर्क बयान की पुष्टि: मेरठ पुलिस के सूत्रों और वायरल ऑडियो/वीडियो क्लिप्स ने इस बयान की पुष्टि की है। पुलिस का तर्क: पुलिस प्रशासन का कहना है कि थाने में पीड़ित महिलाएं और संवेदनशील मामलों के गवाह आते हैं। वीडियोग्राफी से उनकी गोपनीयता (Privacy) भंग होती है और जांच प्रभावित हो सकती है। पत्रकारों का विरोध: मीडिया जगत का तर्क है कि थानों में होने वाले भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को उजागर करने के लिए वीडियोग्राफी जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए पत्रकारों ने इस आदेश को 'तुगलकी फरमान' करार दिया है। सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग जैसे ही यह बयान सामने आया, ट्विटर (X) और फेसबुक पर 'पत्रकारिता बनाम पुलिस' की बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर थाने में सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है, तो पुलिस को कैमरे से डर कैसा? वहीं, कुछ लोग पुलिस के गोपनीयता के तर्क का समर्थन भी कर रहे हैं।1