हमीरपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए “बचपन डे-केयर सेंटर” शुरू करने की तैयारी हमीरपुर। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद में 03 से 07 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के लिए “बचपन डे-केयर सेंटर” संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस केंद्र के माध्यम से छोटे दिव्यांग बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, देखभाल और विकासात्मक गतिविधियों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए उपयुक्त भवन की तलाश की जा रही है। विभाग ने ऐसे भवन की आवश्यकता बताई है जिसमें कम से कम 07 कमरे और 02 शौचालय (जिसमें एक बाधा रहित हो) उपलब्ध हों। साथ ही भवन में 15 से 20 बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, जहां बच्चे कुर्सियों पर बैठकर पढ़ाई कर सकें। बच्चों के खेलने के लिए बाउंड्री से घिरी खुली जगह भी अनिवार्य रखी गई है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भवन ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां वैन या टैक्सी का आवागमन आसानी से हो सके, ताकि बच्चों के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा सुनिश्चित की जा सके। विशेष रूप से कुच्छेछा और सुमेरपुर के मध्य स्थित भवनों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला प्रशासन ने जनपद के ऐसे भवन स्वामियों से अपील की है जिनके पास उपरोक्त मानकों के अनुरूप भवन उपलब्ध हो, वे शीघ्र ही कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, हमीरपुर (गोल चबूतरा, कलेक्ट्रेट परिसर के पास) में संपर्क करें, ताकि इस महत्वपूर्ण योजना को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
हमीरपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए “बचपन डे-केयर सेंटर” शुरू करने की तैयारी हमीरपुर। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद में 03 से 07 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के लिए “बचपन डे-केयर सेंटर” संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस केंद्र के माध्यम से छोटे दिव्यांग बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, देखभाल और विकासात्मक गतिविधियों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए उपयुक्त भवन की तलाश की जा रही है। विभाग ने ऐसे भवन की आवश्यकता बताई है जिसमें कम से कम 07 कमरे और 02 शौचालय (जिसमें एक बाधा रहित हो) उपलब्ध हों। साथ ही भवन में 15 से 20 बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, जहां बच्चे कुर्सियों पर बैठकर
पढ़ाई कर सकें। बच्चों के खेलने के लिए बाउंड्री से घिरी खुली जगह भी अनिवार्य रखी गई है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भवन ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां वैन या टैक्सी का आवागमन आसानी से हो सके, ताकि बच्चों के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा सुनिश्चित की जा सके। विशेष रूप से कुच्छेछा और सुमेरपुर के मध्य स्थित भवनों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला प्रशासन ने जनपद के ऐसे भवन स्वामियों से अपील की है जिनके पास उपरोक्त मानकों के अनुरूप भवन उपलब्ध हो, वे शीघ्र ही कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, हमीरपुर (गोल चबूतरा, कलेक्ट्रेट परिसर के पास) में संपर्क करें, ताकि इस महत्वपूर्ण योजना को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
- हमीरपुर कुरारा। थाना क्षेत्र मे 35 वर्षीय विकलांग युवक ने बुधवार की शाम करीब 7 बजे अपने घर मे साफी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। माँ ने बताया की वो खेतो मे सीला बीनने गयी थी वही ज़ब शाम को घर पहुंची तो फंदे पर लटक रहा था। एक साल पूर्व सड़क दुर्घटना मे वो गंभीर रूप से घायल हो गया था और पैर से विकलांग हो गया था जिससे इलाज मे काफ़ी पैसा खर्च हुआ था जो कर्ज लेकर इलाज कराया था। इन्ही सब कारणों से परेशान युवक ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतार कर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक तीन भाइयो मे दूसरे नंबर का था और अविवाहित था2
- हमीरपुर। स्मार्ट विद्युत मीटरों से परेशान महिलाओं ने सुमेरपुर पावर हाउस पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उपखंड अधिकारी (SDO) के न मिलने पर नाराज महिलाओं ने अवर अभियंता (JE) का घेराव कर विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिससे काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। कस्बे के वार्ड नंबर छह की महिलाएं अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण को संबोधित प्रार्थना पत्र देने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से गरीब और मजदूर वर्ग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोज कमाने-खाने वाले परिवार समय पर रिचार्ज नहीं करा पाते, जिससे बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली कट जाती है और उन्हें अंधेरे में रहना पड़ता है। महिलाओं ने मांग की कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त कर पोस्टपेड प्रणाली लागू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अवर अभियंता ने उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और मीटरों को पोस्टपेड में बदलवाने की बात कही, जिसके बाद महिलाएं शांत होकर वापस लौट गईं।1
- मौदहा (हमीरपुर)। नारी सशक्तिकरण के समर्थन में बुधवार को मौदहा नगर की सड़कों पर जोश और उत्साह का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब भाजपा जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद के नेतृत्व में भव्य नारी शक्ति स्कूटी रैली निकाली गई। रामलीला मैदान से शुरू हुई इस रैली में करीब 300 महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे नगर में जागरूकता का संदेश दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ निकली इस रैली ने शहर का माहौल जोशपूर्ण बना दिया। रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए स्टेशन रोड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क पहुंचकर संपन्न हुई, जहां प्रतिभागियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद ने जनसमूह को संबोधित करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख लालाराम निषाद, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद वर्मा, उत्तम सिंह, बसंत सोनी, उमा दीक्षित, हिना परवीन, रेनू अनुरागी, ज्योत्सना सिंह, अनूप सिंह, मनोज धुरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। रैली के जरिए महिलाओं की भागीदारी और जागरूकता ने यह साबित कर दिया कि अब नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है।1
- हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के स्टेशन मार्ग में भाजपा ने नारी शक्ति वंदन का विधानसभा स्तरीय सम्मेलन जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद की अध्यक्षता में आयोजित किया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि माताओं, बहनों, महिलाओं के लिए आजादी के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक साबित होगा क्योंकि भाजपा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के लिए संसद में विधेयक लाने जा रहे हैं। जल शक्ति राज्य मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के लिए किसी भी दल ने कोई कार्य नहीं किया है। भाजपा के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक कार्य देश के अंदर होने जा रहा है। इससे देश की आधी आबादी को बराबरी का दर्जा प्राप्त होगा। सदर विधायक डा. मनोज कुमार प्रजापति ने कहा कि नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए लोकसभा में बिल लाया जा रहा है। यह गर्व की बात है। राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि यह देश की दिशा बदलने वाला कदम है। लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण मिलने पर आधी आबादी को बहुत बड़ा सम्मान और अधिकार मिलेगा। यह नारी शक्ति को सशक्त बनाने में अहम साबित होगा। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, ब्लॉक प्रमुख जयनरायन सिंह यादव, जिला अध्यक्ष शकुंतला निषाद ने संबोधित करते हुए भाजपा के इस कदम को ऐतिहासिक बताया। सम्मेलन का संचालन भाजपा नेत्री साधना सिंह ने किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लालाराम निषाद, हिना परवीन, उत्तम सिंह, अरिमर्दन सिंह, राखी शिवहरे, उषा सिंह, गीता वर्मा, रोशनी राठौर, शशिकांत शुक्ला, ध्रुव लाल यादव, ज्योत्सना सिंह, दया तिवारी, कामिनी पाल, एम खान, अरविंद श्रीवास्तव, रणवीर सिंह, लक्ष्मी रतन साहू सहित सैकड़ो महिलाएं मौजूद रहीं।2
- 4 हजार मुर्गी और चूजों की मुर्गी फार्म में जलकर हुई मौत, शार्ट सर्किट के चलते दो मुर्गी फार्मों में लगी भीषण आग, आग से दोनों मुर्गी फार्म जलकर हुए राख, आग लगने से हुआ लाखों का नुकसान, आग की लपटे उठती देख आसपास मौजूद लोग आग बुझाने का कर रहे प्रयास, मामला कुरारा थाना क्षेत्र के कुसमरा इलाके का ।।2
- #Apkiawajdigital झाँसी/बाँदा | लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार और महिला अस्मिता से खिलवाड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाँदा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मियों द्वारा महिला पत्रकार सहित तीन पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता ने अब तूल पकड़ लिया है। स्थानीय स्तर पर जांच के नाम पर 'क्लीन चिट' की लीपापोती के बाद, अब झाँसी में शुरू हुई जांच ने शासन-प्रशासन के गलियारों में खलबली मचा दी है। आधी रात को वर्दी की धौंस: मोबाइल छीना, मर्यादा तार-तार की घटना 22/23 मार्च 2026 की काली रात की है, जब फर्ज की राह पर निकले पत्रकारों को खाकी की हनक का सामना करना पड़ा। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने न केवल महिला पत्रकार और उनके साथियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि महिला पत्रकार का हाथ पकड़कर मोबाइल छीन लिया और उसे मेज पर पटक दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि: * पत्रकारों के साथ अमर्यादित और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया। महिला पत्रकार की गरिमा को ठेस पहुँचाते हुए उनके चरित्र पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पत्रकारिता की स्वतंत्रता को कुचलने का सीधा प्रयास किया गया। जांच या रस्म अदायगी ? स्थानीय स्तर पर 'क्लीन चिट' का संदिग्ध खेल पीड़ितों ने 23 मार्च की सुबह ही बाँदा आरपीएफ इंस्पेक्टर सुरुचि द्विवेदी को लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। इसके बाद जांच महोबा आरपीएफ को सौंपी गई, जहाँ से आरोपियों को 'क्लीन चिट' थमा दी गई। यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी तंत्र अपने कर्मियों के गुनाहों पर पर्दा डालने का माध्यम बन गया है? झाँसी में गूंजी न्याय की आवाज: सीओ सलीम खान ने दर्ज किए बयान स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने के बाद पीड़ितों ने उच्चाधिकारियों का द्वार खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए झाँसी जीआरपी सीओ सलीम खान ने कमान संभाली। 15 अप्रैल 2026 को पीड़ित पत्रकार रूपा गोयल (ब्यूरो, तेजस टुडे), ललित कुमार (उम्मीद ऑफ पब्लिक) और नीरज निगम (संस्कार उजाला) के बयान दर्ज किए गए। "दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — सलीम खान, सीओ, जीआरपी झाँसी पत्रकार जगत में आक्रोश, शासन की चुप्पी पर सवाल इस मामले में झाँसी के वरिष्ठ पत्रकारों—अरविंद भार्गव, अंसार, नवीन, रामकुमार साहू और मुकेश तिवारी—ने एकजुट होकर पीड़ितों का समर्थन किया है। पत्रकार जगत का कहना है कि यदि 'समाज के रक्षक' ही रक्षक की भूमिका छोड़कर भक्षक बन जाएंगे, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं: सीसीटीवी फुटेज: क्या 22/23 मार्च की रात की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित है या उसे 'तकनीकी खराबी' बताकर गायब कर दिया गया? महोबा जांच की साख: जिस जांच में सीधे तौर पर क्लीन चिट दी गई, उसका आधार क्या था? महिला सुरक्षा: क्या वर्दीधारियों को महिला पत्रकार की गरिमा से खिलवाड़ करने की छूट है? निष्कर्ष: अब सबकी निगाहें झाँसी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने वालों को सजा मिलेगी या एक बार फिर सरकारी रसूख के आगे सच दम तोड़ देगा? यह मामला केवल तीन पत्रकारों का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और महिला सम्मान की लड़ाई बन चुका है।3
- राम-राम भाइयों और बहनों, मैं शाहपुर सानी का रहने वाला हूँ। मैं एक नया क्रिएटर हूँ और आप सबके लिए अच्छे वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा हूँ। मेरा और मेरी फेसबुक आईडी का नाम 'मंजू यादव' है। मेरी आप सबसे विनती है कि कृपया मुझे सपोर्ट करें, मुझे फॉलो करें और मेरे वीडियो जाकर ज़रूर देखें। दोस्तों, वीडियो को लाइक और शेयर करने से किसी का पैसा नहीं लगता, लेकिन इससे मुझे बहुत हिम्मत मिलेगी। हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और सबका भला सोचना चाहिए। जो भी मेरे इस वीडियो को लाइक और शेयर करेगा, भगवान उसका भला करेगा। थैंक यू, धन्यवाद!"1
- मौदहा हमीरपुर, बीते एक पखवाड़ा पहले अधिवक्ता और उपजिलाधिकारी के पेशकार के बीच तू तू मैं मैं से शुरू हुआ विवाद आंदोलन में बदल गया जिसके चलते गुरूवार को वकीलों ने तहसील में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर सभी न्यायलय का बहिष्कार शुरू कर दिया है हालांकि इसके पहले अपर जिलाधिकारी की पहल पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत का प्रस्ताव आया था जिसे वकीलों ने ठुकरा दिया था।1