ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर अल्फा-1 से बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ स्थानीय निवासियों ने सेक्टर की खस्ताहालत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। निवासियों के अनुसार, सेक्टर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है, बेंचें टूटी पड़ी हैं, और स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। इसके साथ ही, आवारा पशुओं का आतंक और रात के समय नशेड़ियों का जमावड़ा आम बात हो गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि सेक्टर में पिछले लगभग 15 वर्षों से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के चुनाव नहीं हुए हैं, और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। यह स्थिति सेक्टर में मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्था के अभाव का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सेक्टर के कई गणमान्य नागरिकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष RWA चुनाव आयोजित करने, सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, मूलभूत सुविधाएं बहाल करने और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।
ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर अल्फा-1 से बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ स्थानीय निवासियों ने सेक्टर की खस्ताहालत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। निवासियों के अनुसार, सेक्टर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है, बेंचें टूटी पड़ी हैं, और स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। इसके साथ ही, आवारा पशुओं का आतंक और रात के समय नशेड़ियों का जमावड़ा आम बात हो गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि सेक्टर में पिछले लगभग 15 वर्षों से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के चुनाव नहीं हुए हैं, और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। यह स्थिति सेक्टर में मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्था के अभाव का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सेक्टर के कई गणमान्य नागरिकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष RWA चुनाव आयोजित करने, सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, मूलभूत सुविधाएं बहाल करने और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।
- ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर अल्फा-1 से बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ स्थानीय निवासियों ने सेक्टर की खस्ताहालत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। निवासियों के अनुसार, सेक्टर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है, बेंचें टूटी पड़ी हैं, और स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। इसके साथ ही, आवारा पशुओं का आतंक और रात के समय नशेड़ियों का जमावड़ा आम बात हो गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि सेक्टर में पिछले लगभग 15 वर्षों से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के चुनाव नहीं हुए हैं, और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। यह स्थिति सेक्टर में मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्था के अभाव का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सेक्टर के कई गणमान्य नागरिकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष RWA चुनाव आयोजित करने, सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, मूलभूत सुविधाएं बहाल करने और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।1
- दिल्ली के द्वारका और जनकपुरी इलाकों में सड़कों पर बने गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। इन जानलेवा गड्ढों के कारण मीरा भयंदर की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, क्षेत्र की जनता ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और इस समस्या का समाधान करने की अपील की है।1
- राजपथ न्यूज़ ने आज की छ प्रमुख खबरें प्रस्तुत कीं। इनमें यह दावा शामिल है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर 'दो नहीं ग्यारह' हैं। साथ ही, अभिषेक ने कहा कि आज सनातनी बहुत दुखी हैं। खबरों में यह भी बताया गया कि योगीजी ने बंदरों की पार्टी की परिक्रमा की। वहीं, गिरी महाराज ने स्पष्ट किया कि चंपतजी स्वस्थ हैं और आक्रोशित नहीं हैं। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र में हजारों सिलेंडर बह जाने की भी जानकारी दी गई। ये सभी खबरें राजपथ न्यूज़ पर दिखाई गईं।1
- दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में वर्ष 2024 में हुई 22 वर्षीय शक्ति की बेरहमी से हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शक्ति की मां का आरोप है कि उनके बेटे की निर्मम हत्या की गई थी, जिसमें 7 से 9 युवकों ने मिलकर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस पूरी वारदात की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी थी, जिसमें आरोपी शक्ति पर लगातार चाकुओं से हमला करते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन दो आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को रोहिणी कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जिससे पीड़ित परिवार की परेशानी और बढ़ गई है। शक्ति की मां सवाल उठा रही हैं कि जब हत्या जैसे गंभीर मामले के आरोपी सीसीटीवी में साफ दिख रहे हैं, तो उन्हें जमानत कैसे मिल गई। परिवार पर लगातार जानलेवा हमले किए जा रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण वे आज भी डर के साए में जीने को मजबूर हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस ने परिवार को दो पीएसओ भी उपलब्ध कराए हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। शक्ति की मां का कहना है कि उनका एकमात्र मकसद अपने बेटे के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी, पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा कब मिलेगी, और क्या उन्हें समय पर न्याय मिल पाएगा। पीड़ित परिवार न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखता है, लेकिन उनकी असली राहत फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मुकदमे की तेज सुनवाई पर निर्भर करती है। फिलहाल, सभी की नजरें पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।1
- दिल्ली में बरसात शुरू हो गई है। इस बीच रेखा सिंह ने जानकारी दी है कि उन्होंने बारिश से बचने के लिए छाता लगा लिया है। उन्होंने अपने पास अतिरिक्त छाते उपलब्ध होने की बात कहते हुए अन्य लोगों को भी जरूरत पड़ने पर लेने की पेशकश की है। इसके साथ ही उन्होंने सभी को शुभ रात्रि कहा है।2
- आज दिल्ली के द्वारका इलाके के रामफल चौक पर दिल्ली सरकार द्वारा बारिश के पानी को निकालने की कोशिश की गई।1
- दिल्ली नगर निगम (MCD) ने मानसून के मौसम में दिल्लीवासियों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक विशेष पहल की है। निगम ने 'MCD 311' मोबाइल ऐप जारी किया है, जिसके माध्यम से नागरिक जलभराव की स्थिति देखते ही तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस ऐप का उपयोग करना सरल है: प्रभावित जगह की फोटो खींचकर ऐप पर अपलोड करनी होगी और शिकायत दर्ज करानी होगी। एमसीडी का दावा है कि ऐप के जरिए मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस डिजिटल कदम का उद्देश्य दिल्ली को सुरक्षित, स्वच्छ और जलभराव-मुक्त बनाना है, जिसमें आम जनता की भागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।2