भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। रविवार चौराहा कराया खाली, 24 घंटे मुस्तैद रही पुलिस भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। रविवार को थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भुता चौराहे पर विशेष अभियान चलाकर पूरे चौराहे को अतिक्रमण व वाहनों से खाली कराया, ताकि कांवड़ियों का आवागमन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से हो सके। पुलिस की मौजूदगी में चौराहे पर किसी भी वाहन या दुकानदार को खड़ा नहीं होने दिया गया। साथ ही पुर और फरीदपुर चौराहों पर भी पुलिस बल की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई। लगातार गश्त कर यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रही है और यात्रा मार्ग पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की सक्रिय व्यवस्था से कांवड़ियों ने संतोष जताया और कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने भी भुता पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से सराहनीय कदम बताया।
भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। रविवार चौराहा कराया खाली, 24 घंटे मुस्तैद रही पुलिस भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। रविवार को थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भुता चौराहे पर विशेष अभियान चलाकर पूरे चौराहे को अतिक्रमण व वाहनों से खाली कराया, ताकि कांवड़ियों का आवागमन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से हो सके। पुलिस की मौजूदगी में चौराहे पर किसी भी वाहन या दुकानदार को खड़ा नहीं होने दिया गया। साथ ही पुर और फरीदपुर चौराहों पर भी पुलिस बल की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई। लगातार गश्त कर यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रही है और यात्रा मार्ग पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की सक्रिय व्यवस्था से कांवड़ियों ने संतोष जताया और कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने भी भुता पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से सराहनीय कदम बताया।
- पीलीभीत के दियोरिया में लाखों की चोरी, सोने-चांदी के जेवरात समेत नकदी पर चोरों ने किया हाथ साफ1
- भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही।1
- उपचार का झांसा देकर आभूषण चोरी करने बाला अभियुक्त गिरफ्तार। उपचार का झांसा देकर युवक ने किए आभूषण चोरी पुलिस ने माल बरामद कर आरोपी को भेजा जेल पीलीभीत। उपचार के नाम पर झांसा देकर एक युवक लाखों के जेवरात चुराकर मौके से फरार हो गया। बिलसंडा थाना पुलिस ने जेवरात समेत आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव शीतलपुर मरोरी निवासी सुखविंदर सिंह ने थाना प्रभारी जगदीप मलिक को नामजद शिकायती पत्र देकर बताया कि पीलीभीत जनपद के थाना शेहरामऊ उत्तरी के गांव रायपुर बिचपुरी निवासी अकीलुरहमान मेरे भाई का एक महा पूर्व देसी जड़ी बूटिर्यों से इलाज करने आया इस दौरान परिजनों को झांसा देकर जेवरात कमरे में रखने को कहा और मौका पाकर जेवरात चुराकर मौके से फरार हो गया थाना प्रभारी जगदीप मलिक ने बताया कि आरोपी अकीलुर्रहमान के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर भारी मात्रा में जेवरात बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी जगदीप मलिक , उपनिरीक्षक सननी आर्य ,हेड कांस्टेबल हरेंद्र सिंह ,कांस्टेबल अभिषेक , आदि रहे।4
- पीलीभीत में डीएम एसपी ने गौरीशंकर मंदिर का किया निरीक्षण। पीलीभीत।सावन के प्रथम सोमवार को कांवड़ियों द्वारा पीलीभीत के गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक किया गया जिसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां की गई।जिसका डीएम एसपी ने जाएजा लिया।1
- बिजली विभाग की लापरवाही से छुट्टा पशु की मौत, करंट दौड़ रहे पोल से हुआ हादसा, पीलीभीत के थाना गजरौला क्षेत्र के कंजा हरैया गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते रविवार को एक छुट्टा पशु की करंट लगने से मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत पोल में लंबे समय से करंट उतर रहा था, जिसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते समस्या का समाधान नहीं कराया गया। घटना के संबंध में खेत मालिक से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उनका खेत अमनदीप सिंह को बटाई पर दिया गया है। वहीं अमनदीप सिंह ने बताया कि वह एक दिन पहले खेत में खाद डालने गए थे, उस समय उन्हें किसी प्रकार का करंट महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि छुट्टा पशु की करंट लगने से मौत की जानकारी उन्हें बाद में मिली और इससे पहले उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं थी। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सूचना दी। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और विद्युत पोल में दौड़ रहे करंट को ठीक कराया। सूचना पर ग्राम प्रशासक पति पंकज मित्रा भी मौके पर पहुंचे और बिजली विभाग के सहयोग से पोल को सुरक्षित कराया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर मृत छुट्टा पशु को दफना दिया गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि क्षेत्र के जर्जर एवं करंट प्रवाहित करने वाले विद्युत पोलों की तत्काल जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1
- 11 साल की उम्र में सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, 13 साल की उम्र में बनी मां… फिर बच्चे को वापस पाने के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई 11 साल की उम्र में सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, 13 साल की उम्र में बनी मां… फिर बच्चे को वापस पाने के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई नमस्कार आप देख रहे हैं भारत vision live बांग्लादेश से सामने आई एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनामिका अख्तर जुई नाम की किशोरी की 11 साल की उम्र में फेसबुक के जरिए 22 वर्षीय शाकिब नाम के युवक से पहचान हुई। बाद में दोनों ने कथित तौर पर शादी कर ली। रिपोर्ट्स के अनुसार, महज 13 साल की उम्र में अनामिका ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद हालात बदल गए। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकाल दिया और उसके मासूम बच्चे को अपने पास रख लिया। बताया जाता है कि अनामिका ने हार नहीं मानी। अपने बच्चे को वापस पाने के लिए उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया और लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। आखिरकार न्यायालय के फैसले के बाद वह अपने सात महीने के बच्चे को वापस पाने में सफल रही। यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस पूरी कहानी ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है। अगर रिपोर्ट्स सही हैं, तो क्या 11–12 साल जैसी कम उम्र में किसी नाबालिग की शादी होना स्वीकार्य माना जा सकता है? ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की जिम्मेदारी आखिर किसकी होनी चाहिए? आपका क्या मानना है - बाल विवाह को रोकने के लिए कानूनों का और सख्ती से पालन होना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। यह पोस्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।1
- पीएम मोदी द्वारा जंतर-मंतर पर हुड़दंग करने वालों को माफ़ी दिए जाने के निर्णय पर शहर के प्रबुद्ध और संभ्रांत जनों ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे देशहित में लिया गया एक बड़ा और उदार फैसला बताया है, तो वहीं कुछ का मानना है कि अनुशासनहीनता के प्रति ऐसी नरमी भविष्य के लिए उचित संदेश नहीं देती। इस संवेदनशील विषय पर शहर के गणमान्य नागरिकों की तीखी और गंभीर राय जानने के लिए देखें हमारी यह खास रिपोर्ट। पीएम मोदी द्वारा जंतर-मंतर पर हुड़दंग करने वालों को माफ़ी दिए जाने के निर्णय पर शहर के प्रबुद्ध और संभ्रांत जनों ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे देशहित में लिया गया एक बड़ा और उदार फैसला बताया है, तो वहीं कुछ का मानना है कि अनुशासनहीनता के प्रति ऐसी नरमी भविष्य के लिए उचित संदेश नहीं देती। इस संवेदनशील विषय पर शहर के गणमान्य नागरिकों की तीखी और गंभीर राय जानने के लिए देखें हमारी यह खास रिपोर्ट। #PMModi #JantarMantar #PoliticalNews #PublicOpinion #IndianPolitics #ब्रेकिंगनेवस1
- भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। रविवार चौराहा कराया खाली, 24 घंटे मुस्तैद रही पुलिस भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। रविवार को थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भुता चौराहे पर विशेष अभियान चलाकर पूरे चौराहे को अतिक्रमण व वाहनों से खाली कराया, ताकि कांवड़ियों का आवागमन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से हो सके। पुलिस की मौजूदगी में चौराहे पर किसी भी वाहन या दुकानदार को खड़ा नहीं होने दिया गया। साथ ही पुर और फरीदपुर चौराहों पर भी पुलिस बल की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई। लगातार गश्त कर यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रही है और यात्रा मार्ग पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की सक्रिय व्यवस्था से कांवड़ियों ने संतोष जताया और कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने भी भुता पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से सराहनीय कदम बताया।1