डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पास निर्माणाधीन पुलिया का कार्य 30 जून तक पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन 2 जुलाई तक भी यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस लेटलतीफी के कारण क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है, क्योंकि निर्माण कार्य के लंबा खिंचने से न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि वर्तमान में बनाए गए वैकल्पिक मार्ग के उपयोग से आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बेवासियों के अनुसार, वर्तमान में बीएसएनएल टावर के पास से बनाया गया बाईपास निजी बस स्टैंड से लगभग एक किलोमीटर दूर पड़ता है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यह वैकल्पिक मार्ग कच्चा और उबड़-खाबड़ होने के साथ-साथ कंटीली झाड़ियों से भरा है, जिससे सफर मुश्किल हो गया है; रात के समय इस जंगलनुमा क्षेत्र से गुजरने में लोगों को डर भी लगता है। नागरिकों का सुझाव है कि निजी बस स्टैंड, जो पुल निर्माण स्थल से लगभग 600 मीटर पहले स्थित है, वहां तक छोटे वाहनों जैसे रिक्शा, ऑटो, मोटरसाइकिल और कारों को सीधे सिमलवाड़ा बाजार तक आने-जाने की अनुमति दी जाए। वहीं, केवल भारी वाहनों को ही बाईपास मार्ग से निकाला जाए, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल सकेगी। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि बाईपास मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित विद्या निकेतन स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन आते-जाते हैं, और छोटे वाहनों को निजी बस स्टैंड तक अनुमति देने से छात्रों और अभिभावकों को भी सुविधा होगी। लोगों की मांग है कि यदि निर्माण कार्य में अभी तीन-चार दिन और लगने हैं, तो प्रशासन को तुरंत यातायात व्यवस्था में संशोधन करना चाहिए। इसके तहत छोटे वाहनों के लिए निजी बस स्टैंड तक का मार्ग खोल देना चाहिए, जबकि भारी वाहनों को बाईपास से ही निकाला जाए। साथ ही, दिन और रात दोनों समय पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करके यातायात को सुचारु बनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की भी अपील की गई है। उनका मानना है कि इन कदमों से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और सीमलवाड़ा के आमजन को काफी राहत मिल सकेगी।
डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पास निर्माणाधीन पुलिया का कार्य 30 जून तक पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन 2 जुलाई तक भी यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस लेटलतीफी के कारण क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है, क्योंकि निर्माण कार्य के लंबा खिंचने से न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि वर्तमान में बनाए गए वैकल्पिक मार्ग के उपयोग से आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बेवासियों के अनुसार, वर्तमान में बीएसएनएल टावर के
पास से बनाया गया बाईपास निजी बस स्टैंड से लगभग एक किलोमीटर दूर पड़ता है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यह वैकल्पिक मार्ग कच्चा और उबड़-खाबड़ होने के साथ-साथ कंटीली झाड़ियों से भरा है, जिससे सफर मुश्किल हो गया है; रात के समय इस जंगलनुमा क्षेत्र से गुजरने में लोगों को डर भी लगता है। नागरिकों का सुझाव है कि निजी बस स्टैंड, जो पुल निर्माण स्थल से लगभग 600 मीटर पहले स्थित है, वहां तक छोटे वाहनों जैसे रिक्शा, ऑटो, मोटरसाइकिल
और कारों को सीधे सिमलवाड़ा बाजार तक आने-जाने की अनुमति दी जाए। वहीं, केवल भारी वाहनों को ही बाईपास मार्ग से निकाला जाए, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल सकेगी। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि बाईपास मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित विद्या निकेतन स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन आते-जाते हैं, और छोटे वाहनों को निजी बस स्टैंड तक अनुमति देने से छात्रों और अभिभावकों को भी सुविधा होगी। लोगों की मांग है कि यदि निर्माण कार्य में अभी तीन-चार दिन और लगने
हैं, तो प्रशासन को तुरंत यातायात व्यवस्था में संशोधन करना चाहिए। इसके तहत छोटे वाहनों के लिए निजी बस स्टैंड तक का मार्ग खोल देना चाहिए, जबकि भारी वाहनों को बाईपास से ही निकाला जाए। साथ ही, दिन और रात दोनों समय पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करके यातायात को सुचारु बनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की भी अपील की गई है। उनका मानना है कि इन कदमों से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और सीमलवाड़ा के आमजन को काफी राहत मिल सकेगी।
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पास निर्माणाधीन पुलिया का कार्य 30 जून तक पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन 2 जुलाई तक भी यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस लेटलतीफी के कारण क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है, क्योंकि निर्माण कार्य के लंबा खिंचने से न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि वर्तमान में बनाए गए वैकल्पिक मार्ग के उपयोग से आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बेवासियों के अनुसार, वर्तमान में बीएसएनएल टावर के पास से बनाया गया बाईपास निजी बस स्टैंड से लगभग एक किलोमीटर दूर पड़ता है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यह वैकल्पिक मार्ग कच्चा और उबड़-खाबड़ होने के साथ-साथ कंटीली झाड़ियों से भरा है, जिससे सफर मुश्किल हो गया है; रात के समय इस जंगलनुमा क्षेत्र से गुजरने में लोगों को डर भी लगता है। नागरिकों का सुझाव है कि निजी बस स्टैंड, जो पुल निर्माण स्थल से लगभग 600 मीटर पहले स्थित है, वहां तक छोटे वाहनों जैसे रिक्शा, ऑटो, मोटरसाइकिल और कारों को सीधे सिमलवाड़ा बाजार तक आने-जाने की अनुमति दी जाए। वहीं, केवल भारी वाहनों को ही बाईपास मार्ग से निकाला जाए, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल सकेगी। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि बाईपास मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित विद्या निकेतन स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन आते-जाते हैं, और छोटे वाहनों को निजी बस स्टैंड तक अनुमति देने से छात्रों और अभिभावकों को भी सुविधा होगी। लोगों की मांग है कि यदि निर्माण कार्य में अभी तीन-चार दिन और लगने हैं, तो प्रशासन को तुरंत यातायात व्यवस्था में संशोधन करना चाहिए। इसके तहत छोटे वाहनों के लिए निजी बस स्टैंड तक का मार्ग खोल देना चाहिए, जबकि भारी वाहनों को बाईपास से ही निकाला जाए। साथ ही, दिन और रात दोनों समय पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करके यातायात को सुचारु बनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की भी अपील की गई है। उनका मानना है कि इन कदमों से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और सीमलवाड़ा के आमजन को काफी राहत मिल सकेगी।4
- राज्य सरकार द्वारा आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर पहुंचाने के उद्देश्य से जन कल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भंडारी, भचड़िया खास और बेड़ा में शिविर लगाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। ग्राम पंचायत भंडारी में आयोजित शिविर में भाजपा जिला महामंत्री ईश्वर लाल लबाना मुख्य अतिथि रहे, जबकि भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में मंडल उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राठौड़, मंडल महामंत्री रतन सिंह चौहान एवं जगदीश पंड्या, और स्थानीय पीईईओ रेखा पुरोहित शामिल थे। स्थानीय सरपंच अरविंद डामोर ने स्वागत उद्बोधन दिया। मुख्य अतिथि लबाना ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और जन कल्याण शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे, क्योंकि सभी विभागों की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। उन्होंने सरकार द्वारा ग्रामीण अंचल के विकास और आमजन की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। अध्यक्ष कलाल ने इन शिविरों को ग्रामीण जनता के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ये पारदर्शिता बढ़ाते हैं और प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास जगाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या एवं तहसीलदार राजेश मीणा ने भी शिविरों की महत्ता बताते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और सरल प्रक्रिया से लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा दोहराई और पंजीकरण के लिए प्रेरित किया। शिविरों में ग्राम पंचायत की ओर से आबादी पट्टों का वितरण किया गया, कृषि विभाग ने किसानों को निशुल्क उन्नत मक्का बीज उपलब्ध कराए, पशुपालन विभाग ने मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों को लाभान्वित किया, और चिकित्सा एवं आयुर्वेद विभाग की टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म भी संपन्न कराई गई। भंडारी के सरपंच ने शिविर प्रभारी को एक पत्र सौंपकर रातेबेड़ी से भंडारी वाया जीवन लाल के घर से शंकर पूजा के घर होते हुए डामर सड़क निर्माण कराने की मांग रखी, बताया कि पूर्व में भी मुख्यमंत्री को यह पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक स्वीकृति जारी नहीं हुई है। इस दौरान डॉ. सतपाल सिंह चौहान, कृषि विभाग के विक्रम सिंह चौहान, सीडीपीओ मीना भट्ट, आयुर्वेद विभाग की डॉ. रीता कटारा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे। वहीं, भचड़िया खास में आयोजित जन कल्याण शिविर में भाजपा जिला प्रवक्ता राजेश पाटीदार मुख्य अतिथि रहे और मंडल अध्यक्ष अनंत डामोर ने अध्यक्षता की। पूर्व प्रधान मणिलाल अहारी एवं सरपंच देवेंद्र डामोर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उपखंड अधिकारी महावीर जैन, तहसीलदार अविनाश और चिराग पंड्या ने ग्रामीणों को शिविर की उपयोगिता समझाते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और प्रशासन को गांव स्तर तक सुलभ बनाना है। उन्होंने बताया कि ये शिविर ग्रामीणों का समय और धन दोनों बचाते हैं। मुख्य अतिथि पाटीदार ने सरकार द्वारा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात दोहराई, और शिविरों को प्रशासन व आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बताया। इसी प्रकार, बेड़ा ग्राम पंचायत के शिविर में मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा, मंडल महामंत्री मोहनलाल यादव, सुखलाल पाटीदार एवं सरपंच दिलीप रोत सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। तहसीलदार नितेश पंचोली एवं विकास अधिकारी दौलतराम मीणा ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी परेशानी के सभी विभागों की सेवाएं और योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों का लाभ लेने और पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने की अपील की। तीनों ग्राम पंचायतों में आयोजित जन कल्याण शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर पहुंचकर जानकारी प्राप्त की और मौके पर ही कई योजनाओं का लाभ उठाया। ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- डूंगरपुर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के निर्देशन में जिला विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान, टीम ने लगभग ₹2.5 लाख की अनुमानित कीमत की 31 कार्टन अंग्रेजी शराब जब्त की, जिसे एक ईको गाड़ी से अवैध रूप से गुजरात तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। जिला विशेष टीम को पुलिस थाना बिछीवाड़ा क्षेत्र से गुजरात में अवैध शराब तस्करी की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही, टीम तुरंत पालीसोडा रोड पर रवाना हुई और नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान, सूचना के अनुसार एक ईको गाड़ी (नंबर जीजे 01 आरएन 2906) आती हुई दिखी। गाड़ी के चालक ने नाकाबंदी देख तुरंत गाड़ी मोड़ी और भागने लगा। इस पर, बैकअप टीम ने टायर ब्रेकर का उपयोग कर गाड़ी के टायर पंचर कर दिए। बावजूद इसके, चालक ने पंचर गाड़ी को लगभग 1 किलोमीटर तक भगाया और मुख्य मार्ग से अंदर ले जाकर एक मकान के पास छोड़कर फरार हो गया। बाद में टीम ने गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें विभिन्न ब्रांड की कुल 31 कार्टन अंग्रेजी शराब पाई गई। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच में जुटी हुई है।1
- डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कागजात के खेल का पर्दाफाश किया है और अवैध क्वार्ट्ज खनिज से भरे एक डम्पर को जब्त किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के आदेशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह तथा पुलिस उपाधीक्षक प्रभुलालजी के निर्देशन में अंजाम दी गई। जिला विशेष टीम को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर, आसपुर थानाधिकारी मदनलाल मय जाप्ता ने आसपुर सर्कल के मौझा कतिसौर में धर्मकाटा के पास नाकेबंदी की, जहां जी जे 03 बी जेड 8001 नंबर का एक डम्पर खड़ा मिला, जो पूरी तरह से अवैध क्वार्ट्ज खनिज पत्थर से भरा हुआ था। पुलिस ने डम्पर चालक से खनिज के वैध दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की, जिस पर उसने बोडिगामा साबला की एक रवानगी पर्ची दिखाई। आसपुर पुलिस और जिला विशेष टीम ने जब इस पर्ची की गहनता से पड़ताल की, तो यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि यह क्वार्ट्ज खनिज रंगथौर गांव से बिना किसी स्वीकृत लीज के, अवैध रूप से खनन कर चुराया गया था। इस गंभीर धोखाधड़ी और खनिज चोरी के मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डम्पर को मौके पर ही जब्त कर लिया। इसके साथ ही डम्पर चालक हितेश मीणा (उम्र 28 वर्ष), निवासी बटिकडा, थाना दोवडा को गिरफ्तार कर लिया गया है और आरोपी के पास से साक्ष्य के तौर पर एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 318(4), 338, 61(2) और MMDR एक्ट की धारा 4/21 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी गई है।2
- डूंगरपुर जिला विशेष टीम (DST) ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात तस्करी की जा रही 31 कार्टन अंग्रेजी शराब जब्त की है। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के सुपरविजन में हुई इस कार्रवाई में जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र से एक इको गाड़ी में अवैध अंग्रेजी शराब भरकर गुजरात तस्करी के लिए ले जाई जा रही है। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए DST टीम तुरंत सक्रिय हुई और पालीसोडा रोड पर मजबूत नाकाबंदी की। कुछ ही देर में एक संदिग्ध इको कार आती दिखाई दी, जिसे देखकर तस्कर ने गाड़ी को मोड़कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद बैकअप टीम ने तुरंत 'टायर ब्रेकर' का इस्तेमाल कर गाड़ी के टायर पंक्चर कर दिए। इसके बावजूद चालक पंक्चर गाड़ी को लगभग एक किलोमीटर तक दौड़ाते हुए मुख्य मार्ग से अंदर एक मकान के पास छोड़कर फरार हो गया। पुलिस टीम ने लावारिस हालत में मिली गाड़ी की सघन तलाशी ली, जिसमें से विभिन्न ब्रांड की कुल 31 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई।1
- श्रद्धालुओं के आस्था के केंद्र बेणेश्वरधाम के चहुंमुखी विकास के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बोर्ड के अध्यक्ष व पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने जिला कलक्टर देशलदान के साथ बोर्ड के पदाधिकारियों, सदस्यों और अधिकारियों के साथ यह बैठक की। इस दौरान संभागीय आयुक्त ने धाम पर पूर्व में हुए विकास कार्यों की समीक्षा की और उपस्थित सदस्यों से नए कार्यों के लिए प्रस्ताव लिए। बैठक में शिवालय ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने सुझाव दिया कि धाम पर केवल मेले से पहले ही साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, जबकि इसके बाद न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही सुरक्षा की कोई व्यवस्था रहती है। उन्होंने एक अस्थायी पुलिस चौकी में पुलिस जवानों की तैनाती का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गौशाला के लिए जमीन आवंटन, घाटों और मिट्टी कटाव की रिंगवाल, हाई-लेवल पुल के तीसरे पिलर की ऊंचाई चौक के लेवल तक आने से पार्किंग जाम होने की आशंका को लेकर चिंता व्यक्त की। अन्य सुझावों में वाल्मीकि मंदिर के लिए सीढ़ियों के साथ कैमरे, पेयजल के लिए अलग टंकी, वन विभाग द्वारा छायादार पौधरोपण, बिना टेंडर के करोड़ों के कार्य को नए सिरे से करने और वालाई मार्ग पर बाईपास बनाने की बात शामिल थी। वहीं, दौलपुरा प्रशासक के प्रतिनिधि देवीलाल मीणा ने धाम पर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने की मांग की। प्रदेश सरकार ने अपने वित्तीय बजट में बेणेश्वरधाम के विकास के लिए ₹130 करोड़ का बजट जारी किया है, जिससे धाम पर व्यापक विकास कार्य होंगे। इस बजट के तहत धर्मशाला, वाहन पार्किंग, भोजनशाला (जिसमें 10 रसोई घर होंगे), ₹2 लाख की लागत से 21 फीट ऊंची संत मावजी की प्रतिमा, और संत मावजी महाराज की जीवनशैली से जुड़ी 15 से 20 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी। इसके अलावा, बेणेश्वर प्रवेशद्वार (बांसवाड़ा मार्ग पर), कॉबन स्टोन की सड़क, फ़ूड कोर्ट, शिवजी का व्यू पॉइंट, शॉपिंग एरिया, विश्राम स्थल और सुविधा घर जैसी तमाम सुविधाएं आने वाले श्रद्धालुओं और मेलार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक के बाद संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलक्टर देशलदान, सीईओ हनुमान सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने महंत अच्युतानंद महाराज के सानिध्य में व्यू पॉइंट का निरीक्षण किया। इस दौरान पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज ने बेणेश्वरधाम के आबर्दरा घाट की महिमा के साथ-साथ सोम, माही और जाखम नदियों तथा भगवान निष्कलंक के अवतार को लेकर जानकारी दी।1
- राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (आरएसआरडीसी) द्वारा डूंगरपुर जिले के धम्बोला पावरहाउस जीएसएस के समीप लगाया गया एक मार्ग दिशा सूचक बोर्ड इन दिनों वाहन चालकों के लिए सुविधा के बजाय गंभीर भ्रम का कारण बन गया है। इस बोर्ड पर अहमदाबाद, उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सागवाड़ा, गलियाकोट और घाटागांव जैसी जगहों की दूरियां अंकित हैं। हालांकि, इसे ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया है जहां से सागवाड़ा-बाँसवाड़ा का मार्ग पहले ही अलग हो चुका होता है। धम्बोला के तीन रास्ता (तिराहे) से करीब 200 मीटर डूंगरपुर की ओर लगे इस बोर्ड के कारण सीमलवाड़ा, बड़ौदा और मोडासा से आने वाले कई वाहन चालक अक्सर सीधे आगे बढ़ जाते हैं। उन्हें बाद में पता चलता है कि सागवाड़ा और बाँसवाड़ा का रास्ता तो तिराहे से ही निकल चुका था, जिसके बाद उन्हें वापस लौटकर सही मार्ग पकड़ना पड़ता है। इससे उनका समय और ईंधन दोनों अनावश्यक रूप से बर्बाद होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग संकेतक के लिए तिराहा या चौराहा ही सबसे उपयुक्त स्थान होता है, ताकि चालक समय रहते सही दिशा का चुनाव कर सकें। उन्होंने सुझाव दिया है कि यदि बोर्ड तिराहे से पहले या उसके दोनों ओर लगाया जाए, तो बाहर से आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी और वे भटकने से बचेंगे। क्षेत्रवासियों ने राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड से तुरंत मांग की है कि वर्तमान दिशा सूचक बोर्ड को तिराहे के समीप स्थानांतरित किया जाए और तीनों दिशाओं के लिए अलग-अलग संकेतक लगाए जाएं। उनका तर्क है कि करोड़ों रुपये की सड़कों के निर्माण के साथ यदि संकेत व्यवस्था भी वैज्ञानिक तरीके से हो, तो ही यात्रियों को वास्तविक सुविधा मिल पाएगी और अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।3
- डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला विशेष टीम (डीएसटी) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीएसटी टीम ने बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में नाकेबंदी कर गुजरात ले जाई जा रही लगभग ₹2.5 लाख रुपये कीमत की अवैध अंग्रेजी शराब के 31 कार्टन और एक ईको गाड़ी जब्त की है। डीएसटी टीम को मुखबिर के जरिए विश्वसनीय सूचना मिली थी कि बिछीवाड़ा क्षेत्र से एक ईको गाड़ी में अवैध शराब भरकर गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने पालीसोडा रोड पर आपातकालीन नाकेबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध ईको गाड़ी आती हुई दिखाई दी, जिसके चालक ने पुलिस की नाकेबंदी को देखकर गाड़ी को मोड़कर भगाने का प्रयास किया। मुस्तैद बैकअप टीम ने तुरंत टायर ब्रेकर का उपयोग कर गाड़ी के टायरों को पंचर कर दिया। टायर पंचर होने के बावजूद चालक गाड़ी को करीब एक किलोमीटर तक मुख्य मार्ग से अंदर की तरफ सुनसान इलाके में भगा ले गया और एक मकान के पास गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस टीम द्वारा लावारिस हालत में मिली ईको गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें से विभिन्न नामी ब्रांड्स के कुल 31 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। टीम ने वाहन और शराब को जब्त कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए बिछीवाड़ा थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। इस कार्यवाही के दौरान टीम में कांस्टेबल मगन लाल, जितेन्द्र, आशीष और जितेन्द्र शामिल रहे। पुलिस अब फरार चालक की तलाश में जुटी है।1