सिद्धार्थनगर बेलौहा में चंद्र ग्रहण के चलतेः होली से एक दिन पूर्व हुआ होलिका दहन बेलौहा में इस वर्ष चंद्र ग्रहण के कारण होली पर्व से एक दिन पूर्व ही होलिका दहन का आयोजन किया गया। ग्राम स्थित बाबा लोकेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार की रात 8:55 बजे विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ। मंदिर अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने बताया कि चंद्र ग्रहण के चलते सूतक काल लगने की वजह से परंपरागत तिथि में बदलाव करते हुए एक दिन पहले ही होलिका दहन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ व शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण मंदिर के कपाट आज प्रातः 6:20 बजे बंद कर दिए गए, जो शाम 7:00 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। होलिका दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर राधेश्याम गुप्ता, रामबेलास वर्मा, किशनदेव मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा, अमित कुमार मिश्रा, लक्ष्मी प्रसाद मोदनवाल, बलिराम गुप्ता, कमलेश गुप्ता सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ होलिका की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। गांव में शांतिपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न होने से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है ताकि होली का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
सिद्धार्थनगर बेलौहा में चंद्र ग्रहण के चलतेः होली से एक दिन पूर्व हुआ होलिका दहन बेलौहा में इस वर्ष चंद्र ग्रहण के कारण होली पर्व से एक दिन पूर्व ही होलिका दहन का आयोजन किया गया। ग्राम स्थित बाबा लोकेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार की रात 8:55 बजे विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ। मंदिर अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने बताया कि चंद्र ग्रहण के चलते सूतक काल लगने की वजह से परंपरागत तिथि में बदलाव करते हुए एक दिन पहले ही होलिका दहन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ व शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण मंदिर के कपाट आज प्रातः 6:20 बजे बंद कर दिए गए, जो शाम 7:00 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। होलिका दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर राधेश्याम गुप्ता, रामबेलास वर्मा, किशनदेव मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा, अमित कुमार मिश्रा, लक्ष्मी प्रसाद मोदनवाल, बलिराम गुप्ता, कमलेश गुप्ता सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ होलिका की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। गांव में शांतिपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न होने से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है ताकि होली का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
- बेलौहा में इस वर्ष चंद्र ग्रहण के कारण होली पर्व से एक दिन पूर्व ही होलिका दहन का आयोजन किया गया। ग्राम स्थित बाबा लोकेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार की रात 8:55 बजे विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ। मंदिर अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने बताया कि चंद्र ग्रहण के चलते सूतक काल लगने की वजह से परंपरागत तिथि में बदलाव करते हुए एक दिन पहले ही होलिका दहन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ व शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण मंदिर के कपाट आज प्रातः 6:20 बजे बंद कर दिए गए, जो शाम 7:00 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। होलिका दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर राधेश्याम गुप्ता, रामबेलास वर्मा, किशनदेव मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा, अमित कुमार मिश्रा, लक्ष्मी प्रसाद मोदनवाल, बलिराम गुप्ता, कमलेश गुप्ता सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ होलिका की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। गांव में शांतिपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न होने से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है ताकि होली का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।1
- यह नगर पंचायत विस्कोहर वार्ड नंबर 13 मैं स्थित एक सरकारी नल है जो कई कर सालों से बंद पड़ा है मेरा जल विभाग से ही आग्रह है किसको जल्द से जल्द ठीक कराया जाए इससे लोगों को काफी परेशानी होती है1
- Post by राम विलास वरुण जनता का सच हिंदी साप्ताहिक ख़बर पत्रकार1
- तालाब में कूड़ा-करकट डालना न केवल जल को प्रदूषित करता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर भी बन जाता है। जब पानी ठहर जाता है और उसमें गंदगी मिल जाती है, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया और मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अच्छी जगह बन जाती है। इससे होने वाली मुख्य बीमारियों को हम तीन श्रेणियों में बाँट सकते हैं: 1. मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ (Vector-borne Diseases) रुका हुआ और गंदा पानी मच्छरों का प्रजनन केंद्र (Breeding ground) होता है। इससे निम्नलिखित बीमारियाँ फैलती हैं: मलेरिया: गंदे पानी के आसपास पनपने वाले मच्छरों से। डेंगू और चिकनगुनिया: कूड़े में फंसे टायरों, डिब्बों या प्लास्टिक में जमा हुए साफ दिखने वाले पानी से भी ये फैल सकते हैं। फाइलेरिया (Elephantiasis): प्रदूषित पानी में पनपने वाले मच्छरों के कारण। 2. पानी के संपर्क या सेवन से होने वाली बीमारियाँ (Water-borne Diseases) अगर उस तालाब के पानी का उपयोग नहाने, कपड़े धोने या किसी भी तरह से सेवन के लिए किया जाता है, तो ये बीमारियाँ हो सकती हैं: हैजा (Cholera): यह बहुत तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। टायफाइड: दूषित जल में मौजूद बैक्टीरिया के कारण। पेचिश और दस्त (Dysentery/Diarrhea): पेट से जुड़ी ये समस्याएँ बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती हैं। पीलिया (Hepatitis A/E): यह लीवर को प्रभावित करता है और दूषित पानी इसका मुख्य कारण है। 3. त्वचा और आँखों के संक्रमण प्रदूषित पानी में मौजूद रसायनों और बैक्टीरिया के संपर्क में आने से: खुजली और एक्जिमा: त्वचा पर चकत्ते और इन्फेक्शन होना। ट्रैकोमा (आंखों का संक्रमण): गंदे पानी से चेहरा धोने पर आँखों में जलन और संक्रमण होना। मुख्य बात: कूड़ा डालने से तालाब का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) खत्म हो जाता है। पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे मछलियाँ मर जाती हैं और सड़न के कारण हवा में भी बदबू और कीटाणु फैल जाते हैं।1
- महराजगंज :➡️पत्रकार की लेखनी में इतनी ताकत है कि वह निर्माणकर्ता भी है और प्रलयकर्ता भी हैं!* *➡️संयुक्त निदेशक (आईएएस)डॉ निशांत मणि त्रिपाठी ने फरेंदा के पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले पर आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान कहीं, सुनें*!1
- शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र ग्राम पंचायत एकड़ेगा भावपुर के टोला हतवा में एक मंदिर को तोड़ने का वीडियो वायरल हो रहा है वीडियो में दिखाई दे रहा है की कुछ महिलाएं मंदिर को ईंट से तोड़ रही है मामले को मंदिर बनवाने वाले ने डायल 112 पुलिस फोन जानकारी दिया मौके पर पुलिस पहुंचकर जांच कर थाने पर पूरी घटना क्रम की जानकारी दी1
- 🙏😊❤️4
- क्या सच हो गई बाबा बैंग की भविष्यवाणी ईरान - इजराइल युद्ध इस बड़ा संकेत आपको बता दे कि बाबा बैंग ने 2025 में ही भविष्यवाणी कर दी थी कि मार्च 2026 युद्ध शुरू हो और अंत दिसंबर 2026 तक होगा1