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happy holi होली के हार्दिक शुभकामना के जनता का सच हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र

16 hrs ago
user_राम विलास वरुण जनता का सच हिंदी साप्ताहिक ख़बर पत्रकार
राम विलास वरुण जनता का सच हिंदी साप्ताहिक ख़बर पत्रकार
Shohratgarh, Siddharth Nagar•
16 hrs ago

happy holi होली के हार्दिक शुभकामना के जनता का सच हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र

More news from Siddharth Nagar and nearby areas
  • Post by राम विलास वरुण जनता का सच हिंदी साप्ताहिक ख़बर पत्रकार
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    Post by राम विलास वरुण जनता का सच हिंदी साप्ताहिक ख़बर पत्रकार
    user_राम विलास वरुण जनता का सच हिंदी साप्ताहिक ख़बर पत्रकार
    राम विलास वरुण जनता का सच हिंदी साप्ताहिक ख़बर पत्रकार
    Shohratgarh, Siddharth Nagar•
    16 hrs ago
  • लंबे समय तक एक ही स्थान पर कूड़ा-करकट (Garbage) या गंदगी का जमा होना न केवल बदबू फैलाता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर बन जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में 'लैंडफिल' या 'ओपन डंपिंग' के दुष्प्रभाव कहा जाता है। ​यहाँ इससे होने वाली मुख्य बीमारियों और हानिकारक प्रभावों का विवरण दिया गया है: ​1. गंदगी से उत्पन्न होने वाली प्रमुख बीमारियाँ ​जब कूड़ा सड़ता है, तो वह बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। (Village shishhaniya alida pur siddharth nagar pin code 272202 . )
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    लंबे समय तक एक ही स्थान पर कूड़ा-करकट (Garbage) या गंदगी का जमा होना न केवल बदबू फैलाता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर बन जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में 'लैंडफिल' या 'ओपन डंपिंग' के दुष्प्रभाव कहा जाता है।
​यहाँ इससे होने वाली मुख्य बीमारियों और हानिकारक प्रभावों का विवरण दिया गया है:
​1. गंदगी से उत्पन्न होने वाली प्रमुख बीमारियाँ
​जब कूड़ा सड़ता है, तो वह बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है।
(Village shishhaniya alida pur siddharth nagar pin code 272202 . )
    user_Akhlaq Ahmad
    Akhlaq Ahmad
    नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
  • यह नगर पंचायत विस्कोहर वार्ड नंबर 13 मैं स्थित एक सरकारी नल है जो कई कर सालों से बंद पड़ा है मेरा जल विभाग से ही आग्रह है किसको जल्द से जल्द ठीक कराया जाए इससे लोगों को काफी परेशानी होती है
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    यह नगर पंचायत विस्कोहर वार्ड नंबर 13 मैं स्थित एक सरकारी नल है जो कई कर सालों से बंद पड़ा है मेरा जल विभाग से ही आग्रह है किसको जल्द से जल्द ठीक कराया जाए इससे लोगों को काफी परेशानी होती है
    user_Mohammad Faujan
    Mohammad Faujan
    इटवा, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बेलौहा में इस वर्ष चंद्र ग्रहण के कारण होली पर्व से एक दिन पूर्व ही होलिका दहन का आयोजन किया गया। ग्राम स्थित बाबा लोकेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार की रात 8:55 बजे विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ। मंदिर अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने बताया कि चंद्र ग्रहण के चलते सूतक काल लगने की वजह से परंपरागत तिथि में बदलाव करते हुए एक दिन पहले ही होलिका दहन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ व शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण मंदिर के कपाट आज प्रातः 6:20 बजे बंद कर दिए गए, जो शाम 7:00 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। होलिका दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर राधेश्याम गुप्ता, रामबेलास वर्मा, किशनदेव मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा, अमित कुमार मिश्रा, लक्ष्मी प्रसाद मोदनवाल, बलिराम गुप्ता, कमलेश गुप्ता सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ होलिका की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। गांव में शांतिपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न होने से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है ताकि होली का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
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    बेलौहा में इस वर्ष चंद्र ग्रहण के कारण होली पर्व से एक दिन पूर्व ही होलिका दहन का आयोजन किया गया। ग्राम स्थित बाबा लोकेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार की रात 8:55 बजे विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ।
मंदिर अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने बताया कि चंद्र ग्रहण के चलते सूतक काल लगने की वजह से परंपरागत तिथि में बदलाव करते हुए एक दिन पहले ही होलिका दहन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ व शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण मंदिर के कपाट आज प्रातः 6:20 बजे बंद कर दिए गए, जो शाम 7:00 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
होलिका दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर राधेश्याम गुप्ता, रामबेलास वर्मा, किशनदेव मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा, अमित कुमार मिश्रा, लक्ष्मी प्रसाद मोदनवाल, बलिराम गुप्ता, कमलेश गुप्ता सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ होलिका की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
गांव में शांतिपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न होने से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है ताकि होली का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    Local News Reporter Bansi, Siddharth Nagar•
    19 hrs ago
  • स्वच्छता का संकल्प लेकर मनाएं, होली - डीएम #Maharajganj
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    स्वच्छता का संकल्प लेकर मनाएं, होली - डीएम 
#Maharajganj
    user_R K SINGH Y
    R K SINGH Y
    News Anchor फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    7 min ago
  • बृजेश मणि त्रिपाठी नगर पालिका अध्यक्ष ने दी होली की बधाई
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    बृजेश मणि त्रिपाठी नगर पालिका अध्यक्ष ने दी होली की बधाई
    user_VIJAY CHAURASIYA
    VIJAY CHAURASIYA
    नौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • महराजगंज में बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सोमवार को 836 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। जानिए क्या बरतें सावधानियां।
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    महराजगंज में बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
सोमवार को 836 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। 
जानिए क्या बरतें सावधानियां।
    user_Aapan Maharajganj
    Aapan Maharajganj
    Newspaper publisher नौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • तालाब में कूड़ा-करकट डालना न केवल जल को प्रदूषित करता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर भी बन जाता है। जब पानी ठहर जाता है और उसमें गंदगी मिल जाती है, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया और मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अच्छी जगह बन जाती है। ​इससे होने वाली मुख्य बीमारियों को हम तीन श्रेणियों में बाँट सकते हैं: ​1. मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ (Vector-borne Diseases) ​रुका हुआ और गंदा पानी मच्छरों का प्रजनन केंद्र (Breeding ground) होता है। इससे निम्नलिखित बीमारियाँ फैलती हैं: ​मलेरिया: गंदे पानी के आसपास पनपने वाले मच्छरों से। ​डेंगू और चिकनगुनिया: कूड़े में फंसे टायरों, डिब्बों या प्लास्टिक में जमा हुए साफ दिखने वाले पानी से भी ये फैल सकते हैं। ​फाइलेरिया (Elephantiasis): प्रदूषित पानी में पनपने वाले मच्छरों के कारण। ​2. पानी के संपर्क या सेवन से होने वाली बीमारियाँ (Water-borne Diseases) ​अगर उस तालाब के पानी का उपयोग नहाने, कपड़े धोने या किसी भी तरह से सेवन के लिए किया जाता है, तो ये बीमारियाँ हो सकती हैं: ​हैजा (Cholera): यह बहुत तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। ​टायफाइड: दूषित जल में मौजूद बैक्टीरिया के कारण। ​पेचिश और दस्त (Dysentery/Diarrhea): पेट से जुड़ी ये समस्याएँ बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती हैं। ​पीलिया (Hepatitis A/E): यह लीवर को प्रभावित करता है और दूषित पानी इसका मुख्य कारण है। ​3. त्वचा और आँखों के संक्रमण ​प्रदूषित पानी में मौजूद रसायनों और बैक्टीरिया के संपर्क में आने से: ​खुजली और एक्जिमा: त्वचा पर चकत्ते और इन्फेक्शन होना। ​ट्रैकोमा (आंखों का संक्रमण): गंदे पानी से चेहरा धोने पर आँखों में जलन और संक्रमण होना। ​मुख्य बात: कूड़ा डालने से तालाब का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) खत्म हो जाता है। पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे मछलियाँ मर जाती हैं और सड़न के कारण हवा में भी बदबू और कीटाणु फैल जाते हैं।
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    तालाब में कूड़ा-करकट डालना न केवल जल को प्रदूषित करता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर भी बन जाता है। जब पानी ठहर जाता है और उसमें गंदगी मिल जाती है, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया और मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अच्छी जगह बन जाती है।
​इससे होने वाली मुख्य बीमारियों को हम तीन श्रेणियों में बाँट सकते हैं:
​1. मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ (Vector-borne Diseases)
​रुका हुआ और गंदा पानी मच्छरों का प्रजनन केंद्र (Breeding ground) होता है। इससे निम्नलिखित बीमारियाँ फैलती हैं:
​मलेरिया: गंदे पानी के आसपास पनपने वाले मच्छरों से।
​डेंगू और चिकनगुनिया: कूड़े में फंसे टायरों, डिब्बों या प्लास्टिक में जमा हुए साफ दिखने वाले पानी से भी ये फैल सकते हैं।
​फाइलेरिया (Elephantiasis): प्रदूषित पानी में पनपने वाले मच्छरों के कारण।
​2. पानी के संपर्क या सेवन से होने वाली बीमारियाँ (Water-borne Diseases)
​अगर उस तालाब के पानी का उपयोग नहाने, कपड़े धोने या किसी भी तरह से सेवन के लिए किया जाता है, तो ये बीमारियाँ हो सकती हैं:
​हैजा (Cholera): यह बहुत तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारी है।
​टायफाइड: दूषित जल में मौजूद बैक्टीरिया के कारण।
​पेचिश और दस्त (Dysentery/Diarrhea): पेट से जुड़ी ये समस्याएँ बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती हैं।
​पीलिया (Hepatitis A/E): यह लीवर को प्रभावित करता है और दूषित पानी इसका मुख्य कारण है।
​3. त्वचा और आँखों के संक्रमण
​प्रदूषित पानी में मौजूद रसायनों और बैक्टीरिया के संपर्क में आने से:
​खुजली और एक्जिमा: त्वचा पर चकत्ते और इन्फेक्शन होना।
​ट्रैकोमा (आंखों का संक्रमण): गंदे पानी से चेहरा धोने पर आँखों में जलन और संक्रमण होना।
​मुख्य बात: कूड़ा डालने से तालाब का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) खत्म हो जाता है। पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे मछलियाँ मर जाती हैं और सड़न के कारण हवा में भी बदबू और कीटाणु फैल जाते हैं।
    user_Akhlaq Ahmad
    Akhlaq Ahmad
    नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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