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लंबे समय तक एक ही स्थान पर कूड़ा-करकट (Garbage) या गंदगी का जमा होना न केवल बदबू फैलाता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर बन जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में 'लैंडफिल' या 'ओपन डंपिंग' के दुष्प्रभाव कहा जाता है। यहाँ इससे होने वाली मुख्य बीमारियों और हानिकारक प्रभावों का विवरण दिया गया है: 1. गंदगी से उत्पन्न होने वाली प्रमुख बीमारियाँ जब कूड़ा सड़ता है, तो वह बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। (Village shishhaniya alida pur siddharth nagar pin code 272202 . )
Akhlaq Ahmad
लंबे समय तक एक ही स्थान पर कूड़ा-करकट (Garbage) या गंदगी का जमा होना न केवल बदबू फैलाता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर बन जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में 'लैंडफिल' या 'ओपन डंपिंग' के दुष्प्रभाव कहा जाता है। यहाँ इससे होने वाली मुख्य बीमारियों और हानिकारक प्रभावों का विवरण दिया गया है: 1. गंदगी से उत्पन्न होने वाली प्रमुख बीमारियाँ जब कूड़ा सड़ता है, तो वह बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। (Village shishhaniya alida pur siddharth nagar pin code 272202 . )
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- तालाब में कूड़ा-करकट डालना न केवल जल को प्रदूषित करता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का घर भी बन जाता है। जब पानी ठहर जाता है और उसमें गंदगी मिल जाती है, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया और मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अच्छी जगह बन जाती है। इससे होने वाली मुख्य बीमारियों को हम तीन श्रेणियों में बाँट सकते हैं: 1. मच्छरों से होने वाली बीमारियाँ (Vector-borne Diseases) रुका हुआ और गंदा पानी मच्छरों का प्रजनन केंद्र (Breeding ground) होता है। इससे निम्नलिखित बीमारियाँ फैलती हैं: मलेरिया: गंदे पानी के आसपास पनपने वाले मच्छरों से। डेंगू और चिकनगुनिया: कूड़े में फंसे टायरों, डिब्बों या प्लास्टिक में जमा हुए साफ दिखने वाले पानी से भी ये फैल सकते हैं। फाइलेरिया (Elephantiasis): प्रदूषित पानी में पनपने वाले मच्छरों के कारण। 2. पानी के संपर्क या सेवन से होने वाली बीमारियाँ (Water-borne Diseases) अगर उस तालाब के पानी का उपयोग नहाने, कपड़े धोने या किसी भी तरह से सेवन के लिए किया जाता है, तो ये बीमारियाँ हो सकती हैं: हैजा (Cholera): यह बहुत तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। टायफाइड: दूषित जल में मौजूद बैक्टीरिया के कारण। पेचिश और दस्त (Dysentery/Diarrhea): पेट से जुड़ी ये समस्याएँ बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती हैं। पीलिया (Hepatitis A/E): यह लीवर को प्रभावित करता है और दूषित पानी इसका मुख्य कारण है। 3. त्वचा और आँखों के संक्रमण प्रदूषित पानी में मौजूद रसायनों और बैक्टीरिया के संपर्क में आने से: खुजली और एक्जिमा: त्वचा पर चकत्ते और इन्फेक्शन होना। ट्रैकोमा (आंखों का संक्रमण): गंदे पानी से चेहरा धोने पर आँखों में जलन और संक्रमण होना। मुख्य बात: कूड़ा डालने से तालाब का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) खत्म हो जाता है। पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे मछलियाँ मर जाती हैं और सड़न के कारण हवा में भी बदबू और कीटाणु फैल जाते हैं।1