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फरसगांव के पास सड़क हादसा: झपकी आने से वाहन पेड़ से टकराया, एक गंभीर घायल बस्तर क्षेत्र में एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। केशकाल की ओर से बकावंड (जगदलपुर) जाते समय फरसगांव के पास चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया।
ESHENDRA PATEL
फरसगांव के पास सड़क हादसा: झपकी आने से वाहन पेड़ से टकराया, एक गंभीर घायल बस्तर क्षेत्र में एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। केशकाल की ओर से बकावंड (जगदलपुर) जाते समय फरसगांव के पास चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया।
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- अनियन्त्रित होकर बोलेरो वाहन पेड़ से टकराई, एक युवक की हुई मौत, 7 लोग हुए घायल फरसगांव :- नेशनल हाइवे 30 मांझीआठगांव के पास रविवार की सुबह तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, रविवार सुबह करीब 6 बजे एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन अनियंत्रीय होकर पेड़ से जा टकराई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई है, वही 7 लोग घायल है। सूचना मिलते ही तत्काल फरसगांव थाना पुलिस मौके पर पहुची और घायलों को उपचार हेतु अस्प्ताल भिजवाया गया है। फरसगांव थाना से मिली जानकारी अनुसार बकावण्ड क्षेत्र के रहने वाले सभी बोलेरो वाहन क्रमांक सीजी 17 केएल 7959 में सवार होकर रायपुर से अपने घर आ रहे थे। रविवार की सुबह मांझीआठगांव-चिचाड़ी के बीच इनकी वाहन अनियन्त्रित होकर रोड किनारे पेड़ से टकराई । हादसे में वाहन में सवार सभी लोग घायल हो गए, जिनके फरसगांव थाना पुलिस ने उपचार हेतु फरसगांव अस्प्ताल भिजवाया। सभी घायल की जांच में डॉक्टरों ने घायल हेमसागर बघेल को मृत घोषित किया । और बाकी घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें जगदलपुर अस्प्ताल रिफर कर दिया । परिजनों की रिपोर्ट पर फरसगांव थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतक के शव का पोस्टमार्टम बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया है । फिलहाल फरसगांव थाना पुलिस मर्ग अपराध दर्ज कर जांच विवेचना कर रही है ।2
- फरसगांव के पास सड़क हादसा: झपकी आने से वाहन पेड़ से टकराया, एक गंभीर घायल बस्तर क्षेत्र में एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। केशकाल की ओर से बकावंड (जगदलपुर) जाते समय फरसगांव के पास चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया।1
- नारायणपुर जिले के सुदूर और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में प्रशासनिक सक्रियता की एक अहम तस्वीर सामने आई है। कलेक्टर नम्रता जैन ने लगभग 150 किलोमीटर का कठिन सफर तय कर ग्राम रेकावाया का दौरा किया और आंगनबाड़ी केंद्र सहित गांव की मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। अपने दौरे के दौरान कलेक्टर नम्रता जैन ने रेकावाया स्थित नव प्रारंभ आंगनबाड़ी केंद्र का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनके अक्षरज्ञान की जानकारी ली और उनकी सीखने की क्षमता को परखा। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और उन्हें समय पर पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने पालकों से भी संवाद करते हुए अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी भेजें, ताकि उन्हें प्रारंभिक शिक्षा और पोषण का समुचित लाभ मिल सके। उल्लेखनीय है कि यह आंगनबाड़ी केंद्र जिला प्रशासन के प्रयासों से करीब एक माह पूर्व ही शुरू हुआ है, जिससे अब क्षेत्र के बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधाएं मिल रही हैं। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने केंद्र में साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लेते हुए कार्यकर्ता को नियमित रूप से परिसर को स्वच्छ रखने और बच्चों को व्यवस्थित तरीके से पढ़ाई कराने के निर्देश दिए। बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को लेकर सरपंच द्वारा किए गए प्रयासों की उन्होंने सराहना भी की। इसके अलावा कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में लगे हैंडपंप का निरीक्षण कर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भंडार कक्ष का अवलोकन करते हुए पोषण आहार के सुरक्षित भंडारण की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल, जनपद पंचायत ओरछा के सीईओ लोकेश चतुर्वेदी, शिक्षा मिशन समन्वयक दीनबंधु रावटे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। दुर्गम अबूझमाड़ के रेकावाया जैसे अंतिम छोर तक पहुंचकर कलेक्टर का यह दौरा प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिक्षा, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर की गई पहल क्षेत्र के विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो सकती है।1
- Post by सतभक्ति संदेश1
- परतापुर थाना प्रभारी रामेश्वर चतुर्वेदी का वह वीडियो, जिसमें वे आत्मसमर्पण करने वाले हार्डकोर नक्सलियों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन कर रहे हैं, यह दृश्य एक गहरी मिसाल बन गया है। जिन हाथों में कभी बंदूक थी, आज वही हाथ थाली थामे हुए हैं… और सामने खाकी वर्दी में बैठा एक अधिकारी उन्हें अपनेपन से खाना परोस रहा है। यह दृश्य बताता है कि हर भटका हुआ इंसान लौट सकता है, बस उसे एक मौका और अपनापन चाहिए। थाना प्रभारी ने सिर्फ कानून का पालन नहीं किया, बल्कि दिल से इंसानियत निभाई। आत्मसमर्पण के तुरंत बाद जंगल में ही प्रेमपूर्वक भोजन कराना, यह दिखाता है कि पुलिस सिर्फ सख्ती का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और विश्वास की भी पहचान है। यह पहल उन युवाओं के लिए एक संदेश है जो अब भी भटकाव के रास्ते पर हैं — कि मुख्यधारा में लौटने पर उन्हें ठुकराया नहीं जाएगा, बल्कि खुले दिल से अपनाया जाएगा। यह दृश्य हमें सिखाता है कि बदलाव बंदूक से नहीं, भरोसे और प्यार से आता है। बस्तर के जंगलों में आज सिर्फ सन्नाटा नहीं, बल्कि उम्मीद की एक नई आवाज गूंज रही है — एक ऐसी आवाज, जो कहती है कि हर अंधेरे के बाद उजाला जरूर होता है।1
- कवर्धा के जनता का कानून व्यवस्था को लेकर सवाल करने से बढ़कर विजय शर्मा1
- Post by Ashish parihar Parihar1
- नारायणपुर के पुराना बस स्टैंड स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर प्रांगण में आगामी 2 अप्रैल को मनाए जाने वाले हनुमान जन्मोत्सव को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर समिति के सदस्यों ने इस वर्ष भी उत्सव को भव्य और आकर्षक तरीके से मनाने का निर्णय लिया। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने विगत वर्ष आयोजित हनुमान जन्मोत्सव की सफलता को याद करते हुए इस बार आयोजन को और अधिक भव्य बनाने पर जोर दिया। खासतौर पर पिछले वर्ष अघोरी मंडली के नृत्य ने जिलेवासियों के बीच खास उत्साह और आकर्षण पैदा किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी अघोरी मंडली को आमंत्रित कर और भी आकर्षक प्रस्तुति देने की योजना बनाई गई है। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 2 अप्रैल की सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। सबसे पहले भगवान हनुमान की मूर्ति का विधिवत स्नान कराया जाएगा, इसके बाद विशेष श्रृंगार कर उन्हें नए वस्त्र पहनाए जाएंगे। इसके पश्चात पूजा-अर्चना, सुबह की आरती, हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों के बाद दोपहर एवं शाम के समय भव्य झांकी और नगर रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अघोरी मंडली की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। इसके अलावा, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर परिसर के सामने विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही जिले के युवाओं से भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की गई है। नारायणपुर में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर इस बार विशेष उत्साह और तैयारी देखने को मिल रही है। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुति और सामाजिक सहभागिता का यह संगम एक बार फिर जिलेवासियों के लिए यादगार बनने की ओर अग्रसर है।1