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मझौली में भीषण टक्कर! ऑटो और ई-रिक्शा की भिड़ंत में दर्जनों घायल...
Sumit Singh Chandel
मझौली में भीषण टक्कर! ऑटो और ई-रिक्शा की भिड़ंत में दर्जनों घायल...
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- टिकरी इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार बलकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के तुरंत बाद वाहन में भीषण आग भड़क उठी, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। आग की लपटों में चालक फंस गया, जिसे बचाने के लिए मौके पर मौजूद लोग जान जोखिम में डालकर जुट गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और मड़वास तहसीलदार को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और तहसीलदार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य तेज कर दिया गया। ड्राइवर को सुरक्षित निकालने की कोशिश लगातार जारी है। 👉 हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। 👉 आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। 📌 फिलहाल स्थिति गंभीर, प्रशासन अलर्ट—हर पल की अपडेट पर नजर1
- Post by पार्षद सिल्लू रजक3
- शहडोल: चंगेरा में अवैध कोयला खदान पर खनिज विभाग का बड़ा एक्शन, ट्रैक्टर समेत कोयला जब्त1
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- Post by JIYAUDDIN ANSARI1
- उमरिया में किराए के लाइसेंस पर चल रहे मेडिकल स्टोर, नियमों की खुली अनदेखी मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही की खबर सामने आई है। यहां मेडिकल स्टोरों के संचालन में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि जिले में कई मेडिकल स्टोर किराए के फार्मासिस्ट लाइसेंस पर चल रहे हैं, जहां न तो पंजीकृत फार्मासिस्ट मौजूद रहते हैं और न ही दवा वितरण के नियमों का पालन किया जा रहा है। उमरिया जिले के बिलासपुर बस स्टैंड क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर शासकीय भूमि पर संचालित बताया जा रहा है, जहां फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों का खुलेआम वितरण किया जा रहा है। वहीं निगहरी स्थित शिव मेडिकल भी कथित रूप से किराए के लाइसेंस पर संचालित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन मेडिकल स्टोरों में सिर्फ दवाइयों की बिक्री ही नहीं, बल्कि इंजेक्शन और ड्रिप लगाकर मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध है। सबसे गंभीर बात यह है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के ही लोगों को दवाइयां दी जा रही हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से इन अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक कार्रवाई करता है।4
- Post by पत्रकारिता1
- Post by Sumit Singh Chandel1