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मोनू शुक्ला
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Shiva Gautam1
- सौरिख (कन्नौज): क्षेत्र के नादेमऊ मार्ग से अलीपुर को जोड़ने वाली सीसी रोड के निर्माण में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। रविवार को घटिया निर्माण सामग्री और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने काम रुकवा कर जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक कैलाश राजपूत ने मौके पर पहुंचकर जब निर्माण कार्य का मुआयना किया, तो ग्रामीणों के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। 13-14 साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ था काम स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग की हालत पिछले 13 से 14 वर्षों से बेहद जर्जर थी। यहां से पैदल निकलना भी दूभर हो गया था। इतने लंबे वनवास के बाद जब सड़क निर्माण शुरू हुआ, तो ठेकेदार की मनमानी सामने आने लगी। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि बेस तैयार किए बिना पुरानी टूटी-फूटी सड़क के ऊपर ही सीधे मोटी गिट्टी डाल दी गई। मानक के अनुसार न तो इसमें छोटी गिट्टी या डस्ट का प्रयोग किया गया और न ही जमीन को ठोस करने के लिए कोई रोलर चलाया गया। बिना तराई और घटिया सीमेंट से बिगड़ा सड़क का लेवल ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि ठेकेदार द्वारा जो सीमेंट इस्तेमाल किया जा रहा है, वह कथित तौर पर 'डुप्लीकेट' और गुणवत्ताहीन है। लोगों के मुताबिक, निर्माण के दौरान न तो पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही ढलाई का कोई मानक तय है। इसी का नतीजा है कि सीसी रोड का कोई लेवल नहीं है; सड़क कहीं से बहुत ऊंची तो कहीं से नीची नजर आ रही है। निर्माण में सरेआम हो रही इस धांधली को देखकर मोहल्ले वालों ने आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक ने भी पाईं खामियां, कार्रवाई की उम्मीद हंगामे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक कैलाश राजपूत मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद आक्रोशित लोगों की शिकायतें सुनीं और निर्माण कार्य की बारीकी से जांच-पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने भी स्थानीय लोगों के आरोपों को सही ठहराया। विधायक के हवाले से यह बात सामने आई है कि सड़क निर्माण में वास्तव में मानकों की अनदेखी हो रही है और इस्तेमाल किया जा रहा सीमेंट कथित रूप से अमानक है। विधायक की इस पुष्टि के बाद कार्यदायी संस्था और ठेकेदार में हड़कंप मच गया है। अब क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए, सड़क का निर्माण पूरी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप कराया जाए।1
- कन्नौज इत्रोत्सव–2026 का भव्य आगाज, खुशबू और संस्कृति से महका बोर्डिंग ग्राउंड राजेन्द्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। ऐतिहासिक बोर्डिंग ग्राउंड में शनिवार को तीन दिवसीय “कन्नौज इत्रोत्सव–2026” का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री व जनपद प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी और समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर तिर्वा विधायक कैलाश सिंह राजपूत, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने इत्र स्टॉल, फूड स्टॉल और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मथुरा की राधा रानी ब्रज संस्कृति कला समिति के कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किए, जबकि लखनऊ की नृत्यांजलि फाउंडेशन ने रामायण और गंगावतरण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि कन्नौज सदियों से इत्र की राजधानी के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध रहा है। यहां के कारीगरों की मेहनत और पारंपरिक कला ने कन्नौज को विशिष्ट पहचान दिलाई है। इत्रोत्सव के माध्यम से कारीगरों और उद्यमियों को नया मंच मिलेगा तथा कन्नौज के इत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि यह आयोजन कन्नौज की संस्कृति, परंपरा और इत्र उद्योग को नई पहचान देगा तथा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि इत्रोत्सव के माध्यम से कन्नौज के इत्र उद्योग, स्थानीय कारीगरों की कला और पारंपरिक संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस महोत्सव में इत्र उद्योग, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।1
- ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ ……………………………………… सुन्नी गांव, थाना बघौली, जनपद हरदोई में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में आज प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने भोले बाबा के दिव्य श्रृंगार दर्शन किए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही लगी रही और पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला। मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। क्षेत्र का यह प्राचीन धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ दूर-दराज से भी लोग दर्शन के लिए पहुँचते हैं।1
- रियल न्यूज हरदोई सुरसा विकास खंड के मजरा खजुराहरा चोरों ने नकाब लगाकर रात में चार घरों को निशाना बनाया, चारों घरों से सामान चोरी कर कर ले गए धान की बोरियां तक नहीं छोड़ी पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी उसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा।4
- खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण, प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। तहसील क्षेत्र में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सफीपुर क्षेत्र का सामने आया है, जहां सैकड़ों वर्षों से खाली पड़े खलिहान की बेशकीमती जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश जारी है। ग्रामीणों के अनुसार गिगियानी मोहल्ला निवासी एक दबंग व्यक्ति खेत के सामने स्थित खलिहान की जमीन पर निर्माण कराकर कब्जा करने में जुटा है। लोगों का कहना है कि उक्त खलिहान की जमीन लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में रही है, लेकिन अब उस पर तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय लेखपाल और एक सभासद की कथित मिलीभगत से यह कब्जे का खेल बदस्तूर जारी है। आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से भूमाफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और पीड़ित जन अंदर ही अंदर कुढ़ते और सरकार एवं सिस्टम को कोसते जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले तैनात रहे एसडीएम ने मामले की जानकारी मिलने पर उक्त खलिहान की जमीन पर हो रहे निर्माण को रुकवा दिया था, लेकिन अब दोबारा निर्माण शुरू होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। तहसील में सरकारी संपत्तियों पर तेजी से बढ़ते कब्जे तहसील क्षेत्र में खलिहान, बंजर, चारागाह, तालाब, कुएं और यहां तक कि शत्रु संपत्तियों तक पर कब्जों की रफ्तार बढ़ने की चर्चा आम हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती न हुई तो सार्वजनिक उपयोग की अधिकांश जमीनें कब्जों की भेंट चढ़ जाएंगी। वैसे भी बहूत सी बेशकीमती जमीनों पर तहसील प्रशासन की मिलीभगत से अवैध कब्जे होने की जानकारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से कब्जाधारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। कुछ ग्रामीण दबी जुबान यह भी कहते हैं कि जब से वर्तमान एसडीएम अंकित तिवारी ने कार्यभार संभाला है, तब से जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक सख्ती पहले जैसी नहीं दिखाई दे रही। लोगों ने हर मामले में इनकी संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाए हैँ। क्षेत्र में यह चर्चा भी सुनने को मिल रही है कि पहले तैनात रही महिला एसडीएम के समय कम से कम सार्वजनिक जमीनों पर कब्जों के मामलों में कार्रवाई का डर बना रहता था और मातहतों पर भी नियंत्रण दिखाई देता था। सीमांकन में साजिशन ढिलाई से बढ़ते विवाद शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। राजस्व मामलों से जुड़े जानकारों का कहना है कि राजस्व संहिता की धारा 24 के तहत सीमांकन समय से कर दिया जाए तो अधिकांश भूमि विवाद स्वतः समाप्त हो सकते हैं। लेकिन दबंगो एवं भूमाफियायों के मामलों के अलावा लगभग सभी सीमांकन की प्रक्रियाएँ लंबित रहने से भूमाफियाओं के मनोबल बढ़ते हैं और जाहिर होता है कि ढीली कार्यवाही करते हुए दबंगों एवं भुमाफियाओं को जानबूझकर अवैध कब्जा करने या फिर जबरदस्ती कब्जा जमाए रखने का अवसर दिया जाता है। सुहागपुर, झोथपुर, आगमपुर और गिगियानी जैसे कई चर्चित मामलों में भी प्रशासन की भूमिका को लेकर लोगों ने लगातार सवाल उठाए हैं लेकिन किसी मामले में न लापरवाह राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध एसडीएम स्तर से कोई कार्यवाही की गई और एसडीएम ने स्वयं किसी मामले को गंभीरता से समझकर न्याय करने का प्रयास किया। खेवट से खतौनी तक खेल में सरकारी कार्मिक शामिल शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। तहसील क्षेत्र में जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। जानकारों का कहना है कि कुछ संगठित गिरोह राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कराने का काम करते हैं। सूत्रों के अनुसार ऐसे गिरोहों में कुछ वर्तमान व सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में माहिर लोग और जमीन के दलाल शामिल रहते हैं। बताया जाता है कि खेवट से लेकर खतौनी तक में कूटरचना कर जमीन का मालिकाना मामला बदलने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आएंगे और कमजोर तबका पीड़ितों की पैतृक एवं अपने ख़ून पसीने की कमाई से खरीदी गईं जमींनें उन्हें वापस मिल जाएंगी। जागरूक जनों द्वारा उठाए जा रहे सवाल शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। सफीपुर के खलिहान की जमीन पर निर्माण आखिर किसके संरक्षण में हो रहा है? पहले रुकवाया गया निर्माण दोबारा कैसे शुरू हो गया? क्या खलिहान की जमीन का सीमांकन कराया गया है? यदि जमीन सार्वजनिक है तो कब्जा हटाने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई? तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों की वर्तमान स्थिति का सर्वे कब हुआ था? भूमाफियाओं के खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाईयाँ की गई?सीमांकन के लंबित मामलों को निपटाने की क्या समय सीमा विधिक व्यवस्था की बजाय एसडीएम स्तर पर तय है? राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़े की शिकायतों की जांच कौन कर रहा है? क्या तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों को बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा? क्या सफीपुर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी? एसडीएम शाहाबाद ने दिया आश्चर्यजनक जबाब शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। एसडीएम अंकित तिवारी ने बताया कि सफीपुर में खलिहान की जमीन पर कब्जे की शिकायत की जानकारी मिली तो तत्काल निर्माण कार्य रुकवा दिया। मामले की जांच राजस्व टीम से कराई जा रही है। यदि जांच में जमीन सरकारी या सार्वजनिक पाई जाती है और अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई कर कब्जा हटवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पेशकार उमेश तिवारी का जबाब शाहाबाद(हरदोई) 16 मार्च। एसडीएम न्यायालय में तैनात पेशकार उमेश बाजपेयी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनका किसी भी प्रकार के भूमाफिया या जमीन विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। न्यायालय से जुड़े मामलों में जो भी कार्रवाई होती है, वह पूरी तरह नियमों के अनुसार और सक्षम अधिकारी के आदेश पर ही होती है।3
- सौरिख (कन्नौज): क्षेत्र के नादेमऊ मार्ग से अलीपुर को जोड़ने वाली सीसी रोड के निर्माण में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। रविवार को घटिया निर्माण सामग्री और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने काम रुकवा कर जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक कैलाश राजपूत ने मौके पर पहुंचकर जब निर्माण कार्य का मुआयना किया, तो ग्रामीणों के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। 13-14 साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ था काम स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग की हालत पिछले 13 से 14 वर्षों से बेहद जर्जर थी। यहां से पैदल निकलना भी दूभर हो गया था। इतने लंबे वनवास के बाद जब सड़क निर्माण शुरू हुआ, तो ठेकेदार की मनमानी सामने आने लगी। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि बेस तैयार किए बिना पुरानी टूटी-फूटी सड़क के ऊपर ही सीधे मोटी गिट्टी डाल दी गई। मानक के अनुसार न तो इसमें छोटी गिट्टी या डस्ट का प्रयोग किया गया और न ही जमीन को ठोस करने के लिए कोई रोलर चलाया गया। बिना तराई और घटिया सीमेंट से बिगड़ा सड़क का लेवल ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि ठेकेदार द्वारा जो सीमेंट इस्तेमाल किया जा रहा है, वह कथित तौर पर 'डुप्लीकेट' और गुणवत्ताहीन है। लोगों के मुताबिक, निर्माण के दौरान न तो पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही ढलाई का कोई मानक तय है। इसी का नतीजा है कि सीसी रोड का कोई लेवल नहीं है; सड़क कहीं से बहुत ऊंची तो कहीं से नीची नजर आ रही है। निर्माण में सरेआम हो रही इस धांधली को देखकर मोहल्ले वालों ने आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक ने भी पाईं खामियां, कार्रवाई की उम्मीद हंगामे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक कैलाश राजपूत मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद आक्रोशित लोगों की शिकायतें सुनीं और निर्माण कार्य की बारीकी से जांच-पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने भी स्थानीय लोगों के आरोपों को सही ठहराया। विधायक के हवाले से यह बात सामने आई है कि सड़क निर्माण में वास्तव में मानकों की अनदेखी हो रही है और इस्तेमाल किया जा रहा सीमेंट कथित रूप से अमानक है। विधायक की इस पुष्टि के बाद कार्यदायी संस्था और ठेकेदार में हड़कंप मच गया है। अब क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए, सड़क का निर्माण पूरी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप कराया जाए।3
- संडीला बना मिर्जापुर,पूर्व विधायक राजकुमार अग्रवाल के पंप पर तांडव,रॉड से फोड़ा मैनेजर का सिर, 50 हजार पार,आधी रात रिलायंस पेट्रोल पंप पर गुंडों की खून की होली,वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप....... #HardoiCrime #SandilaGundaRaj #UPPolice #LawAndOrderUP #ReliancePetrolPump #CrimeNews #YogiAdityanath #HardoiPolice #SuheldevBhartiyaSamajParty #BreakingNewsHindi #Dabanggai1
- शाहाबाद/हरदोई। घरेलू गैस सिलेंडर लेते समय उसकी एक्सपायरी (री-टेस्टिंग) डेट अवश्य जांचें। कई उपभोक्ता बिना जांचे सिलेंडर ले लेते हैं, जबकि एक्सपायरी सिलेंडर का उपयोग सुरक्षा के लिहाज से खतरे का कारण बन सकता है। गैस सिलेंडर के ऊपरी हिस्से की लोहे की पट्टी पर A, B, C, D के साथ वर्ष लिखा होता है, जैसे B-28 या D-28। यही सिलेंडर की री-टेस्टिंग तिथि होती है। इन अक्षरों का मतलब तिमाही से होता है— A: जनवरी-मार्च B: अप्रैल-जून C: जुलाई-सितंबर D: अक्टूबर-दिसंबर उदाहरण के लिए यदि सिलेंडर पर D-28 लिखा है तो इसका अर्थ है कि उस सिलेंडर की री-टेस्टिंग अक्टूबर-दिसंबर 2028 तक होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उपभोक्ता को एक्सपायरी या संदिग्ध सिलेंडर मिले तो सील न खोलें और तुरंत डिलीवरी बॉय को वापस कर दें तथा दूसरा सिलेंडर देने की मांग करें। यदि गैस एजेंसी सिलेंडर बदलने में आनाकानी करे तो उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही संदेह होने पर सिलेंडर की पट्टी की फोटो भी सुरक्षित रखनी चाहिए ताकि शिकायत के समय साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सके। सुरक्षा की दृष्टि से उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि सिलेंडर लेते समय उसकी सील के साथ-साथ एक्सपायरी कोड भी अवश्य जांच लें।1