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Dhanbad अवैध खनन का दर्द सोनारडीह ओपी: अवैध खनन के कारण हुई जमीनदोज की घटना से उग्र ग्रामीणों ने NH 32 को जाम कर सोनारडीह ओपी में पत्थर फेंके । जिनके परिवार के लोग दबे हैं वो प्रशासन से उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने की फरियाद कर रहे।
Adarsh gupta
Dhanbad अवैध खनन का दर्द सोनारडीह ओपी: अवैध खनन के कारण हुई जमीनदोज की घटना से उग्र ग्रामीणों ने NH 32 को जाम कर सोनारडीह ओपी में पत्थर फेंके । जिनके परिवार के लोग दबे हैं वो प्रशासन से उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने की फरियाद कर रहे।
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- कई लोगों की बने की आशंका1
- Post by Adarsh gupta1
- अब तक की बड़ी खबर - कतरास. सोनारडीह थाना क्षेत्र के टंडा बाड़ी बस्ती में भू -धंसान की बड़ी घटना. जानकारी के अनुसार मंगलवार की संध्या यहाँ भू -धंसान से दो घर जमींदोज होने की सूचना हैं. जबकि एक ही परिवार के तीन लोगो के दबे होने की खबर है. घटना को लेकर सैकड़ों लोग सोनारडीह थाना के समक्ष जमा हैं. लोग बीच सड़क पर बैठे हैं. लोग भू -धंसान में दबे लोगो को निकालने एवं दोषी लोगो पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. लोगो के विरोध के कारण दोनों ओर रोड जाम हो गया है. लोगो ने घटना का कारण अवैध उतखनन बताया है. उक्त घटना को लेकर यहाँ काफ़ी अफरा -तफरी का माहौल है. मालूम हो की इसके पूर्व भी कई बार प्रभावित स्थल पर भू -धंसान की घटना हो चुकी है. कई बार भारी गैस निकलने की घटनाएं हो चुकी है. परन्तु बावजूद इसके अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. आज की घटना उक्त पूर्व में घटी घटनाओं को नजर अंदाज करने का नतीजा बताया जाता है. भू -धंसान स्थल पर कोयला तस्करों के द्वारा ताबड़तोड़ कोयला निकालने से बार -बार यहाँ भू -धंसान व गैस निकलने की घटनाएं हो चुकी है. घटनास्थल पर भू -धंसान से दबे लोगो को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. घटना स्थल पर उचित लाईट के अभाव में काफ़ी परेशानी हो रही है. घटना की सूचना मिलते ही धनबाद एसएसपी धनबाद एसडीएम बाघमारा एसडीपीओ समेत आसपास की थाना की पुलिस बल बीसीसीएल जीएम अन्य अधिकारी व रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची हुई है. प्रशासन द्वारा लोगो को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. घटना को लेकर यहाँ स्थिति काफ़ी तनावपूर्ण बनी हुई है.1
- Post by राम पाण्डेय पत्रकार कतरास1
- Post by Niraj Kumar1
- बलियापुर सांप्रदायिक हिंसा में पुलिस की नाकामी सामने आई है । दोषी खुलेआम घूम रहे हैं उन्हें राजनीति और प्रशासनिक समर्थन मिला हुआ है , वहीं निर्दोषों को जेल की सलाखों में कैद किया गया और उससे पहले उनकी काफी धुनाई थाने में की गई परेड कराया गया जैसे वह बहुत बड़े अपराधी हों 😳 सवाल यह उठता है कि पुलिस न्यायालय कैसे बन गई ? सजा देने का अधिकार किसने दिया बिना निष्पक्ष जांच के आनन फानन में। अगर न्यायालय द्वारा बाइज्जत रिहा किया गया तो फिर इन्हें सजा देने वालों को सजा कौन देगा ? यह एक बड़ा सवाल है 👉 मोहम्मद जहीरूद्दीन खान वरिष्ठ पत्रकार धनबाद 8789366223.1
- Post by मो० फारुख (पत्रकार)1
- Post by Adarsh gupta1