Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुरादाबाद में ईद ऊल अजहा की नमाज के संबंध में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा दिए गए बयानों को लेकर जानकारी मांगी गई है।
JAI HIND MEDIA
मुरादाबाद में ईद ऊल अजहा की नमाज के संबंध में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा दिए गए बयानों को लेकर जानकारी मांगी गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मुरादाबाद में ईद उल-अज़हा का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर, ऐतिहासिक ईदगाह में हजारों लोगों ने नमाज अदा की, जिसे नायब इमाम मुफ्ती सैयद फहद अली ने संपन्न कराया। नमाज के उपरांत, देश में अमन, तरक्की और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। इस दौरान, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। साथ ही, सांसद रुचि वीरा, पूर्व मंत्री हाजी इकराम कुरैशी और सांसद डॉ. एसटी हसन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने ईदगाह पहुंचकर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।1
- मुरादाबाद में ईद ऊल अजहा की नमाज के संबंध में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा दिए गए बयानों को लेकर जानकारी मांगी गई है।1
- मुरादाबाद जिले में ईद उल अजहा के अवसर पर नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस दौरान, जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ मिलकर मुरादाबाद शहर में स्थित ईदगाह सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का जायजा लिया।1
- Post by न्यूज़ 24 यूपी चैनल1
- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले, उन्होंने बेंगलुरु में कैबिनेट की अपनी आखिरी मीटिंग ली, जहाँ वे भावुक हो गए। सिद्धारमैया ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि पिछले 20 सालों में वे उन सब पर चिल्लाए और गुस्सा हुए हैं, लेकिन यह सब उन्होंने पार्टी और सरकार के हित में किया है, न कि व्यक्तिगत रूप से। उन्होंने अपने सहयोगियों को समर्थन देने के लिए धन्यवाद भी दिया और कहा कि वे उनकी बातों को दिल पर न लें और भूल जाएं। इस्तीफे के बाद बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा लोक भवन में गवर्नर के दफ़्तर में जमा कर दिया है, क्योंकि गवर्नर उस समय वहां नहीं थे और उन्हें बताया गया था कि वे आज रात लौटेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले ही कहा था कि जब हाईकमान उनसे इस्तीफा देने को कहेगा तो वह दे देंगे, और ठीक दो दिन पहले हाईकमान ने उन्हें पद छोड़ने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया दिल्ली जाएंगे, जहाँ वे राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। उनके साथ राज्य के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी होंगे, और राहुल गांधी के साथ उनकी एक अलग से भी बैठक होगी। इस दौरान सिद्धारमैया के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी और पार्टी नेतृत्व उनकी भूमिका तय करेगा। पहले की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी के साथ 50 मिनट की बातचीत में सिद्धारमैया को कर्नाटक से आगामी राज्यसभा सीट और 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी के दौरान केंद्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका का प्रस्ताव दिया गया था, हालांकि, सिद्धारमैया ने राज्यसभा की सीट ठुकरा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धारमैया ने सुरजेवाला से यह मांग भी की है कि कैबिनेट में उनके बेटे सहित 15 समर्थकों को जगह दी जाए और उनके समर्थकों को बोर्ड और निगमों में चेयरमैन के पद दिए जाएं।1
- Available for Sale - Bike Brand : raider 125 Model : 2025 Year of Registration : 2025 Price (₹) : 100000 City / Locality : farhedi Vehicle Type : Bike Vehicle Condition : New Fuel Type : Petrol jarurat4
- गुरुवार को संभल जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरे धार्मिक उत्साह, भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। जिले भर में कुल 828 स्थानों पर बकरीद की नमाज अदा की गई, जहाँ लोगों ने देश और प्रदेश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। इस अवसर पर, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पूरे जनपद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस तथा प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी करती रहीं, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने साफ-सफाई, यातायात और कानून व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए थे। अधिकारियों ने सभी लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांति के साथ त्योहार मनाने की अपील की।1
- राजधानी दिल्ली में ईद की नमाज़ के बाद, कुछ मुस्लिम भाइयों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग उठाई है। उन्होंने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लेकर अपनी बात रखी, जिसमें कहा गया कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इस मांग के माध्यम से उनका कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।1