मंडला नेहरू पार्क नर्मदा तट पर आपदा प्रबंधन कार्यशाला नर्मदा में एसडीईआरएफ नगरपालिका के समन्वय से दिखाया लाइव डेमो स्थानीय नेहरू पार्क में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में एसडीईआरएफ और नगरपालिका की टीम द्वारा आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला और मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आपदा के समय त्वरित बचाव और सुरक्षा के विभिन्न तरीकों का सजीव प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला के दौरान एसडीईआरएफ के जवानों ने नर्मदा नदी में लाइव डेमो दिया। टीम ने बताया कि यदि रेस्क्यू के दौरान नाव अनियंत्रित होकर पलट जाए, तो उस स्थिति को कैसे संभालें। डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए रिंग के अलावा सामान्य बोतलों, रस्सी और साड़ी जैसी घरेलू वस्तुओं के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। टीम के जवानों ने 'चिन पुलिंग' और 'हेड पुलिंग' जैसी तकनीकों के माध्यम से पानी से सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके साझा किए। अग्नि और रासायनिक दुर्घटनाओं पर केंद्रित मॉकड्रिल आगामी गर्मियों के मौसम को देखते हुए अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए विशेष अभ्यास किया गया। जिसमे आग पर काबू पाने के लिए पानी, बालू (रेत) और अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग का तरीका बताया गया। इसी प्रकार रासायनिक या औद्योगिक दुर्घटना होने पर किए जाने वाले प्राथमिक बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। जवानों ने बाढ़ के दौरान उपयोग होने वाले पेशेवर उपकरणों जैसे लाईफ बाय, लाईफ जैकेट और फेंडरफ्लोटीन बॉल का प्रदर्शन किया। साथ ही सीमित संसाधनों में खाली प्लास्टिक बोतलों से बनाई गई 'लाइफ सेविंग' सामग्रियों के बारे में भी बताया गया।
मंडला नेहरू पार्क नर्मदा तट पर आपदा प्रबंधन कार्यशाला नर्मदा में एसडीईआरएफ नगरपालिका के समन्वय से दिखाया लाइव डेमो स्थानीय नेहरू पार्क में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में एसडीईआरएफ और नगरपालिका की टीम द्वारा आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला और मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आपदा के समय त्वरित बचाव और सुरक्षा के विभिन्न तरीकों का सजीव प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला के दौरान एसडीईआरएफ के जवानों ने नर्मदा नदी में लाइव डेमो दिया। टीम ने बताया कि यदि रेस्क्यू के दौरान नाव अनियंत्रित होकर पलट जाए, तो उस स्थिति को कैसे संभालें। डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए रिंग के अलावा सामान्य बोतलों, रस्सी और साड़ी जैसी घरेलू वस्तुओं के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। टीम के जवानों ने 'चिन पुलिंग' और 'हेड पुलिंग' जैसी तकनीकों के माध्यम से पानी से सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके साझा किए। अग्नि और रासायनिक दुर्घटनाओं पर केंद्रित मॉकड्रिल आगामी गर्मियों के मौसम को देखते हुए अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए विशेष अभ्यास किया गया। जिसमे आग पर काबू पाने के लिए पानी, बालू (रेत) और अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग का तरीका बताया गया। इसी प्रकार रासायनिक या औद्योगिक दुर्घटना होने पर किए जाने वाले प्राथमिक बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। जवानों ने बाढ़ के दौरान उपयोग होने वाले पेशेवर उपकरणों जैसे लाईफ बाय, लाईफ जैकेट और फेंडरफ्लोटीन बॉल का प्रदर्शन किया। साथ ही सीमित संसाधनों में खाली प्लास्टिक बोतलों से बनाई गई 'लाइफ सेविंग' सामग्रियों के बारे में भी बताया गया।
- मंडला जिले के हिरनाही टोला नरैनी में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गाय को काटे जाने की सूचना सामने आई। शनिवार को दोपहर 3:00 घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने संदिग्ध गतिविधि देखी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अंजनिया और हिरदेनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है। पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है।1
- मोहगांव के बोध सिंह मरकाम का प्रशासन पर सीधा हमला — कड़े शब्दों में उठाई आवाज1
- Post by Neelesh THAKUR1
- Post by Salim khan1
- महंगाई, बिजली दर वृद्धि व ईंधन संकट के विरोध में निवास में कांग्रेस का धरना1
- मध्यप्रदेश के मंडला जिले में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री सोमेश मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में निजी नलकूप (बोरवेल) खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के कई विकासखंडों, मंडला, बिछिया, मवई, घुघरी, नैनपुर, बीजाडांडी, नारायणगंज और निवास में जल स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई गई है। पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है, निजी एवं अशासकीय नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, बिना अनुमति कोई भी बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगी, नियमों का उल्लंघन करने पर मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी, आपात स्थिति में ही संबंधित अधिकारी की अनुमति से खनन की अनुमति दी जा सकेगी। यह प्रतिबंध शासकीय योजनाओं के तहत किए जाने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा स्वीकृत कार्यों को जारी रखने की अनुमति दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान शामिल है। यह आदेश 1 अप्रैल से 15 जुलाई तक प्रभावी रहेगा।1
- *नागौद में नो एंट्री की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां, मेन बाजार से गुजर रहे भारी वाहन*1
- जिले में लगातार सड़क दुर्घटनाओं की खबरें प्रतिदिन सामने आ रही हैं। मंडला जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 30 बीज दांडी में एक तेज रफ्तार ट्रक जबलपुर से रायपुर की तरफ जा रहा था इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर शनिवार को शाम 4 बजे पलट गया। यह हादसा राधा कृष्ण मंदिर एवं लोक सेवा केंद्र के बीच हुआ है जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में लगातार लोगों की भीड़ रहती है लेकिन गनीमत रही कि जब यह हादसा हुआ तब कोई भी बड़ा हादसा नहीं हो पाया वहीं घटना की जानकारी वीजा दांडी पुलिस को दे दी गई है और पुलिस मामले की जांच करने में जुड़ गई है।1