लगातार बारिश से जमुना नगर जलमग्न, पंप हटाने पर भड़के लोग; नगर निगम पर गंभीर आरोप प्रयागराज। नैनी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। चक रघुनाथ वार्ड संख्या-20 स्थित जमुना नगर गली में भारी जलभराव होने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने क्षेत्र में पानी निकालने के लिए पंपिंग मशीन लगाई थी, जिससे धीरे-धीरे पानी कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन बुधवार देर शाम नगर निगम के कर्मचारियों ने अचानक पंपिंग मशीन को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक होटल के पीछे निर्माणाधीन परिसर में लगा दिया, जहां भी बारिश का पानी भरा हुआ था। मोहल्ले के निवासी सोनू विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि जब पूरे मोहल्ले के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में आबादी क्षेत्र से पंप हटाकर निजी निर्माण स्थल पर लगा देना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि इससे लोगों में भारी नाराजगी है और ऐसा प्रतीत होता है कि आम जनता की परेशानी की बजाय अन्य स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गलियों में गंदा पानी भर जाने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर वर्ष बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जमुना नगर में तत्काल पंपिंग मशीन दोबारा लगाकर जलनिकासी कराई जाए, साथ ही जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो वे नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
लगातार बारिश से जमुना नगर जलमग्न, पंप हटाने पर भड़के लोग; नगर निगम पर गंभीर आरोप प्रयागराज। नैनी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। चक रघुनाथ वार्ड संख्या-20 स्थित जमुना नगर गली में भारी जलभराव होने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने क्षेत्र में पानी निकालने के लिए पंपिंग मशीन लगाई थी, जिससे धीरे-धीरे पानी कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन बुधवार देर शाम नगर निगम के कर्मचारियों ने अचानक पंपिंग मशीन को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक होटल के पीछे निर्माणाधीन परिसर में लगा दिया, जहां भी बारिश का पानी भरा हुआ था। मोहल्ले के निवासी सोनू विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि जब पूरे मोहल्ले के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में आबादी क्षेत्र से पंप हटाकर निजी निर्माण स्थल पर लगा देना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि इससे लोगों में भारी नाराजगी है और ऐसा प्रतीत होता है कि आम जनता की परेशानी की बजाय अन्य स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गलियों में गंदा पानी भर जाने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर वर्ष बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जमुना नगर में तत्काल पंपिंग मशीन दोबारा लगाकर जलनिकासी कराई जाए, साथ ही जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो वे नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- नरेंद्र खेड़ा सुलेम सराय व्यापार मंडल के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित। प्रयागराज । सुलेम सराय व्यापार मंडल के आज हुए नाम वापसी में अध्यक्ष पद पर नरेंद्र खेड़ा मांटू निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। बताया गया कि कुछ दिनों से व्यापार मंडल के चुनाव को लेकर बैठकों का दौर चल रहा था कमेटी ने तय किया कि चुनाव मतदान से होगा जिस पर अध्यक्ष सहित अन्य पदों के लिए 4 अगस्त को व्यापारियों ने नामांकन किया। लेकिन अध्यक्ष पद पर नरेंद्र खेड़ा मांटू ने नामांकन किया था। लेकिन गुरुवार को नाम वापसी के दिन था, किसी अन्य व्यापारी द्वारा नामांकन न किए जाने पर चुनाव अधिकारी राजकुमार केसरवानी, दिनेश केसरवानी, प्रदीप केसरवानी, धर्मचंद जयसवाल द्वारा अध्यक्ष पद पर नरेंद्र खेड़ा मांटू को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया। नरेंद्र खेड़ा के निर्विरोध निर्वाचन के बाद उन्होंने समर्थको के बीच कहा कि जिस आशा से लोगों ने मुझे इस पद पर निर्विरोध निर्वाचित किया है आने वाले समय में सूत के साथ व्यापारियों को वापस करूंगा। अन्य पदों पर महामंत्री के लिए वीरेंद्र केसरवानी एवं कोषाध्यक्ष पद के निरंकार साहू भी निर्विरोध चुने गए। व्यापारियों ने निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया। प्रयाग व्यापार मंडल अध्यक्ष राणा चावला एवं शहर पश्चिम व्यापारी महासंघ के महामंत्री धनजंय सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों बधाई दी। इस मौके पर अतुल केसरवानी, पीयूष जयसवाल, गुलशन अरोरा, सुशील केसरवानी, मुकेश साहू, अंकुर रस्तोगी, राकेश केसरवानी, अक्षय सिंह बिहारी, सुनील केसरवानी, अजय गुप्ता, सुनील कक्कू, राकेश ठुकराल, मनोज केसरवानी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।2
- मूसलाधार बारिश के बीच विनय सोनकर के नेतृत्व में पीडीए चौपाल, बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता सपा नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर किया जीत का दावा प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर चलाए जा रहे पीडीए महासम्मेलन अभियान के तहत गुरुवार को कोरांव विधानसभा क्षेत्र के सिकरो ग्राम सभा स्थित पांडेय का मड़हा में पीडीए चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला सचिव विनय सोनकर के नेतृत्व में हुआ। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल रहा। मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रणजीत सोनकर ने कहा कि प्रदेश में पीडीए की विचारधारा को व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारी बारिश के बावजूद लोगों की बड़ी उपस्थिति यह संकेत देती है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने कोरांव विधानसभा सीट पर भी पार्टी की जीत का दावा किया। विशिष्ट अतिथि एवं जिला उपाध्यक्ष राजेश पांडेय ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए विभिन्न जनसरोकारों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और आगामी चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा। कार्यक्रम को जिला उपाध्यक्ष ललन सिंह पटेल, मंगल देव कोल, अनिता कोल, सत्यप्रकाश सोनकर और शैलेंद्र सोनकर सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। आयोजक एवं जिला सचिव विनय सोनकर ने सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए विशेष रूप से सोनकर समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के बावजूद हजारों लोगों की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया है और वह समाज के मान-सम्मान के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी मजदूर सभा के प्रदेश सचिव राधेश्याम यादव ने की, जबकि संचालन जिला उपाध्यक्ष दिनेश पटेल ने किया। इस अवसर पर महिला सभा की नगर अध्यक्ष सीमा अंसारी, कमला देवी, रोजी बानो, सीमा जैसल, अधिवक्ता शिवदानी पाल, लव सोनकर, कल्टर सोनकर, संतोष सोनकर, लालचंद्र सोनकर, सुनील कुशवाहा, हरिश्चंद्र सोनकर, कामता सोनकर, कमलेश सोनकर, राजेश सोनकर, कल्लू सोनकर, दिनेश सोनकर, बृजभान सोनकर सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।3
- लगातार बारिश से जमुना नगर जलमग्न, पंप हटाने पर भड़के लोग; नगर निगम पर गंभीर आरोप प्रयागराज। नैनी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। चक रघुनाथ वार्ड संख्या-20 स्थित जमुना नगर गली में भारी जलभराव होने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने क्षेत्र में पानी निकालने के लिए पंपिंग मशीन लगाई थी, जिससे धीरे-धीरे पानी कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन बुधवार देर शाम नगर निगम के कर्मचारियों ने अचानक पंपिंग मशीन को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक होटल के पीछे निर्माणाधीन परिसर में लगा दिया, जहां भी बारिश का पानी भरा हुआ था। मोहल्ले के निवासी सोनू विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि जब पूरे मोहल्ले के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में आबादी क्षेत्र से पंप हटाकर निजी निर्माण स्थल पर लगा देना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि इससे लोगों में भारी नाराजगी है और ऐसा प्रतीत होता है कि आम जनता की परेशानी की बजाय अन्य स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गलियों में गंदा पानी भर जाने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर वर्ष बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जमुना नगर में तत्काल पंपिंग मशीन दोबारा लगाकर जलनिकासी कराई जाए, साथ ही जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो वे नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- *गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल *पहली ही बारिश में डूबा विकास! जगदीशपुर का रास्ता बना दलदल, वीडियो ने खोली ज़मीनी हकीकत* *गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल* जगदीशपुर,बारा/प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा जगदीशपुर से सामने आई तस्वीरें किसी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि विकास के उन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं जो पहली ही बरसात में पानी- पानी होते दिखाई दे रहे हैं। हल्की बारिश के बाद गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया। सड़क की पहचान तक मिट गई। चारों ओर कीचड़, पानी और फिसलन का ऐसा आलम है कि पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं। बच्चे स्कूल जाएं तो कैसे, बुजुर्ग निकलें तो किस सहारे और रोजमर्रा के कामकाज के लिए ग्रामीण आखिर किस रास्ते से जाएं? यह सवाल अब पूरे गांव की जुबान पर है। मौके से सामने आया वीडियो स्वयं इस बात की गवाही दे रहा है कि बरसात की शुरुआत में ही हालात इतने भयावह हैं तो यदि लगातार मूसलाधार वर्षा हुई, तब इस गांव की तस्वीर कैसी होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रास्ता जलभराव की चपेट में है और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है। यह केवल पानी भरने की घटना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्या की जीवंत तस्वीर है, जो हर बारिश में गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा देती है। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उपजिलाधिकारी बारा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी कारणवश उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद तहसीलदार बारा से वार्ता की गई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार को स्वयं मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी। इससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर भी समाधान की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्राम पंचायत व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है तो क्या ग्राम प्रधान ने समय रहते इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई? यदि किसी स्तर पर चूक हुई तो ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों नहीं किया। क्या विकास योजनाओं की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित रह गई? आखिर वह कौन-सी कड़ी है जहां से व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है और उसका खामियाजा हर साल ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है? अब गांव के लोगों की निगाहें शुक्रवार पर टिकी हैं। सभी को इंतजार है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें, जिम्मेदारी तय करें और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। मीडिया भी इस पूरे प्रकरण की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को मौके पर जो दिखाई देगा, जो सुना जाएगा और जिस स्तर पर कार्रवाई होगी, वही बिना किसी लाग-लपेट के जनता के सामने रखा जाएगा। क्योंकि कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता और पहली ही बरसात में सामने आई यह तस्वीरें अपने आप में बहुत कुछ कह रही हैं।1
- डीएम साहब! कोराव नगर पंचायत पर भी डालिए एक नजर, जलनिकासी बाधित होने से सड़कें बनीं तालाब लोहे की जाली व झील से रुका पानी का बहाव, शास्त्री नगर समेत कई मोहल्लों में जलभराव; लोगों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की प्रयागराज (06 अगस्त 2026)। नगर पंचायत कोराव में जलनिकासी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। मोती नगर (नहर) की ओर से अटल सरोवर तालाब होकर निकलने वाले पानी का बहाव लोहे की जाली एवं झील लगाए जाने के कारण बाधित हो गया है। इसके चलते शास्त्री नगर सहित कई मोहल्लों में सड़कों और घरों के आसपास पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों को हो रही है। उन्हें पीठ पर बैग और हाथ में जूते-मोजे लेकर जलभराव से होकर विद्यालय आना-जाना पड़ रहा है। शास्त्री नगर में मुर्तुजा हुसैन के घर से लेकर केशव कुशवाहा के घर तक सड़क पर पानी बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, 5 अगस्त को सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर शरद पांडे नगर पंचायत के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और नहर की सफाई कराई। जलनिकासी सुचारु करने के लिए लोहे की जाली एवं झील हटाने का सुझाव भी दिया, लेकिन कर्मचारियों द्वारा इसे हटाने से इंकार कर दिया गया। इसके बाद जेई ने पूरे मामले से अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। कुछ समय के लिए पानी की निकासी हुई, लेकिन अवरोध बने रहने से समस्या फिर जस की तस हो गई। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन समस्या के स्थायी समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी प्रयागराज से हस्तक्षेप कर लोहे की जाली एवं झील हटवाने, नहर की समुचित सफाई कराने तथा जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि नगरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।3