सुपौल जिले के सदर प्रखंड स्थित मोहनिया के वार्ड संख्या-13 निवासी अमित कुमार ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल कर वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। अमित कुमार स्वर्गीय योगेंद्र प्रसाद यादव और कुंती देवी के पुत्र हैं। अपने पिता के असामयिक निधन के बावजूद, उन्होंने संघर्ष और कड़ी मेहनत का रास्ता नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने चाचा और पूर्व उपसरपंच राजेंद्र प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में अपनी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। उन्होंने सैनिक स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बीएचयू से उच्च शिक्षा हासिल की। वर्तमान में, वे हाजीपुर न्यायालय में पेशकार के पद पर कार्यरत हैं। बीपीएससी में इस सफलता के बाद जब अमित कुमार अपने पैतृक गांव मोहनिया पहुँचे, तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने हजारीनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद भी लिया। अमित ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माता, स्वर्गीय पिता की प्रेरणा, चाचा, गुरुजनों और ग्रामीणों के सहयोग को दिया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अमित की यह सफलता युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और उन्होंने पूरे सुपौल जिले का गौरव बढ़ाया है।
सुपौल जिले के सदर प्रखंड स्थित मोहनिया के वार्ड संख्या-13 निवासी अमित कुमार ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल कर वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। अमित कुमार स्वर्गीय योगेंद्र प्रसाद यादव और कुंती देवी के पुत्र हैं। अपने पिता के असामयिक निधन के बावजूद, उन्होंने संघर्ष और कड़ी मेहनत का रास्ता नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने चाचा और पूर्व उपसरपंच राजेंद्र प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में अपनी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। उन्होंने सैनिक स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बीएचयू से उच्च शिक्षा हासिल की। वर्तमान में, वे हाजीपुर न्यायालय में पेशकार के पद पर कार्यरत हैं। बीपीएससी में इस सफलता के बाद जब अमित कुमार अपने पैतृक गांव मोहनिया पहुँचे, तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने हजारीनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद भी लिया। अमित ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माता, स्वर्गीय पिता की प्रेरणा, चाचा, गुरुजनों और ग्रामीणों के सहयोग को दिया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अमित की यह सफलता युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और उन्होंने पूरे सुपौल जिले का गौरव बढ़ाया है।
- सुपौल जिले के पिपरा थाना पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक स्मैक कारोबारी, लोकेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने उसके पास से 85 ग्राम स्मैक, 47 हजार 7 सौ 80 रुपये नगद, एक कार समेत कई अन्य सामान बरामद किए हैं। थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। उन्हें पता चला था कि थाना क्षेत्र के विशनपुर वार्ड 13 में लोकेश कुमार स्मैक का अवैध कारोबार चलाता है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने लोकेश के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 85 ग्राम स्मैक, 47,780 रुपये नगद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक मोबाइल, दो स्कैनर और एक चार चक्का वाहन जब्त किया। पुलिस ने लोकेश कुमार के खिलाफ थाना कांड संख्या 223/26 दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।2
- बिहार के मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के चिकनी फुलका गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो विधवा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। दो छोटे बच्चों की मां पूजा रानी ने अपने सौतेले भैंसुर विकास यादव और उसके समर्थकों पर उनकी जमीन हड़पने, लगातार प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पूजा रानी का कहना है कि उनके पति नितेश कुमार उर्फ नीतीश की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पूजा रानी के अनुसार, उनके पति के निधन के बाद से ही उनके सौतेले भैंसुर और उनके समर्थक लगातार उनकी जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2024 में, जब उन्होंने अपनी जमीन पर फसल लगाई, तब कथित तौर पर आरोपियों ने ट्रैक्टर चलाकर पूरी फसल बर्बाद कर दी थी। इतना ही नहीं, जुलाई-अगस्त 2024 में पति के नाम का गलत इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश भी की गई। पीड़िता ने इस मामले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। पूजा रानी का आरोप है कि स्थानीय थाने और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ खड़े हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अदालत की तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हो रहा। पूजा रानी ने बताया कि वह पिछले एक साल से थाना, एसडीओ कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं और हाल ही में उन्होंने डीएम कार्यालय में भी सभी दस्तावेज जमा कर कार्रवाई की मांग की है। डर और असुरक्षा के कारण उन्होंने अपने दोनों बच्चों को मायके भेज दिया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर एक विधवा महिला को न्याय पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई क्या है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।4
- कांग्रेस पार्टी ने रामकुमार पासवान को अपना प्रखंड अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी इस नई जिम्मेदारी के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के हनुमान नगर में इस बार भी मोहर्रम का त्योहार मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत मोहर्रम जंगी से हुई है। मोहर्रम जंगी के दिन इमाम बाड़ा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह पर्व शहादत का प्रतीक है।1
- मधुबनी से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ टाउन थाना पुलिस ने शराब माफिया और रंगदारी (एक्सटॉर्शन) से जुड़े दो आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों की पहचान अर्जुन मंडल और किशन राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्जुन मंडल के खिलाफ शराब तस्करी, रंगदारी और जुआ अधिनियम से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। इसी तरह, किशन राम पर भी रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले पहले से दर्ज बताए जा रहे हैं। इन दोनों आरोपियों पर पुलिस टीम पर हमला करने का भी आरोप है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक (SI) और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह पूरा मामला 24 जून 2026 को सामने आए एक सोशल मीडिया वीडियो से संबंधित है, जिसमें अररिया संग्राम थाना की एक महिला पुलिस पदाधिकारी वाहन के भीतर बैठकर रुपए गिनते हुए दिखाई दे रही थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने इसका अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लिया और झंझारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच का जिम्मा सौंपा। जांच और सत्यापन के अनुसार, यह वायरल वीडियो करीब दो महीने पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रही महिला पुलिस पदाधिकारी की पहचान पु०अ०नि० सोनल कुमारी के रूप में हुई है, जो अररिया संग्राम थाना में पदस्थापित हैं और फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं। गहन जांच से यह भी पता चला कि जिस वक्त का यह वीडियो है, उस दौरान वाहन पर ड्यूटी के क्रम में उनके साथ महिला सिपाही सौन्दर्या राय और सिपाही गौतम कुमार भी तैनात थे। आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑन-ड्यूटी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया इस प्रकार का आचरण न केवल अत्यंत संदेहास्पद गतिविधि को दर्शाता है, बल्कि इससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी धूमिल होती है। इस गंभीर अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण को देखते हुए, एसपी मधुबनी ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार, पु०अ०नि० सोनल कुमारी, सिपाही गौतम कुमार और महिला सिपाही सौन्दर्या राय को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर लाइन हाजिर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के इस त्वरित एक्शन से भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।1
- कोसी नदी में जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों का जीवन बहुत मुश्किल हो गया है। इस वृद्धि ने क्षेत्र की फसलों को भी बर्बाद कर दिया है।1
- छातापुर में मोहर्रम पर्व को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी क्रम में, ज़िलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। प्रशासन ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिना उचित लाइसेंस के कोई भी जुलूस निकालने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।1
- अररिया जिले के नरपतगंज थाना अंतर्गत करमगंज पंचायत निवासी बॉबी लाल ने शिकायत की है कि उनका नाम बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) सूची से हटा दिया गया है, जिससे उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बॉबी लाल के अनुसार, प्रखंड विकास पदाधिकारी ने उनका नाम बीपीएल सूची से काट दिया है, जबकि उन्हें हृदय रोग है और डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि जब वे स्मार्ट कार्ड से इलाज कराने के लिए गए तो उन्हें पता चला कि उनका नाम बीपीएल सूची में नहीं है। बॉबी लाल ने मांग की है कि उनका नाम बीपीएल सूची में दोबारा जोड़ा जाए ताकि वे स्मार्ट कार्ड के माध्यम से अपना इलाज करा सकें। उन्होंने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए पूछा कि यदि इलाज के अभाव में उन्हें कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।1