सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक (SI) और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह पूरा मामला 24 जून 2026 को सामने आए एक सोशल मीडिया वीडियो से संबंधित है, जिसमें अररिया संग्राम थाना की एक महिला पुलिस पदाधिकारी वाहन के भीतर बैठकर रुपए गिनते हुए दिखाई दे रही थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने इसका अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लिया और झंझारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच का जिम्मा सौंपा। जांच और सत्यापन के अनुसार, यह वायरल वीडियो करीब दो महीने पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रही महिला पुलिस पदाधिकारी की पहचान पु०अ०नि० सोनल कुमारी के रूप में हुई है, जो अररिया संग्राम थाना में पदस्थापित हैं और फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं। गहन जांच से यह भी पता चला कि जिस वक्त का यह वीडियो है, उस दौरान वाहन पर ड्यूटी के क्रम में उनके साथ महिला सिपाही सौन्दर्या राय और सिपाही गौतम कुमार भी तैनात थे। आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑन-ड्यूटी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया इस प्रकार का आचरण न केवल अत्यंत संदेहास्पद गतिविधि को दर्शाता है, बल्कि इससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी धूमिल होती है। इस गंभीर अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण को देखते हुए, एसपी मधुबनी ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार, पु०अ०नि० सोनल कुमारी, सिपाही गौतम कुमार और महिला सिपाही सौन्दर्या राय को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर लाइन हाजिर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के इस त्वरित एक्शन से भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक (SI) और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह पूरा मामला 24 जून 2026 को सामने आए एक सोशल मीडिया वीडियो से संबंधित है, जिसमें अररिया संग्राम थाना की एक महिला पुलिस पदाधिकारी वाहन के भीतर बैठकर रुपए गिनते हुए दिखाई दे रही थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने इसका अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लिया और झंझारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच का जिम्मा सौंपा। जांच और सत्यापन के अनुसार, यह वायरल वीडियो करीब दो महीने पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रही महिला पुलिस पदाधिकारी की पहचान पु०अ०नि० सोनल कुमारी के रूप में हुई है, जो अररिया संग्राम थाना में पदस्थापित हैं और फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं। गहन जांच से यह भी पता चला कि जिस वक्त का यह वीडियो है, उस दौरान वाहन पर ड्यूटी के क्रम में उनके साथ महिला सिपाही सौन्दर्या राय और सिपाही गौतम कुमार भी तैनात थे। आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑन-ड्यूटी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया इस प्रकार का आचरण न केवल अत्यंत संदेहास्पद गतिविधि को दर्शाता है, बल्कि इससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी धूमिल होती है। इस गंभीर अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण को देखते हुए, एसपी मधुबनी ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार, पु०अ०नि० सोनल कुमारी, सिपाही गौतम कुमार और महिला सिपाही सौन्दर्या राय को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर लाइन हाजिर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के इस त्वरित एक्शन से भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक (SI) और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह पूरा मामला 24 जून 2026 को सामने आए एक सोशल मीडिया वीडियो से संबंधित है, जिसमें अररिया संग्राम थाना की एक महिला पुलिस पदाधिकारी वाहन के भीतर बैठकर रुपए गिनते हुए दिखाई दे रही थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने इसका अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लिया और झंझारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच का जिम्मा सौंपा। जांच और सत्यापन के अनुसार, यह वायरल वीडियो करीब दो महीने पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रही महिला पुलिस पदाधिकारी की पहचान पु०अ०नि० सोनल कुमारी के रूप में हुई है, जो अररिया संग्राम थाना में पदस्थापित हैं और फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं। गहन जांच से यह भी पता चला कि जिस वक्त का यह वीडियो है, उस दौरान वाहन पर ड्यूटी के क्रम में उनके साथ महिला सिपाही सौन्दर्या राय और सिपाही गौतम कुमार भी तैनात थे। आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑन-ड्यूटी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया इस प्रकार का आचरण न केवल अत्यंत संदेहास्पद गतिविधि को दर्शाता है, बल्कि इससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी धूमिल होती है। इस गंभीर अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण को देखते हुए, एसपी मधुबनी ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार, पु०अ०नि० सोनल कुमारी, सिपाही गौतम कुमार और महिला सिपाही सौन्दर्या राय को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर लाइन हाजिर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के इस त्वरित एक्शन से भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।1
- मधुबनी प्रशासन मुहर्रम-2026 के मद्देनजर पूरी तरह से सतर्क है। जिले के झंझारपुर, कलुआही, आरएस और लदनियां-मिर्जापुर समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं, जहाँ प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, बिना लाइसेंस के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। साथ ही, डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा और जुलूसों में किसी भी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। पुलिस सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रख रही है। कुल मिलाकर, इस वर्ष मुहर्रम पर प्रशासन ने डीजे, हथियार और तलवारबाजी पर पूरी तरह रोक लगाने का सख्त रुख अपनाया है।1
- दरभंगा के पुतई गाँव के वार्ड-01 में लगातार शिकायतों और जनआवाज़ उठाने के लगभग दो सप्ताह बाद अंततः एक नया मोटर लगाया गया, जिसके फलस्वरूप जलापूर्ति फिर से शुरू हो गई। इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग काफी समय से अपनी बात उठा रहे थे। हालांकि, यह उपलब्धि केवल महथौर पंचायत के वार्ड-01 तक ही सीमित है। पंचायत के कई अन्य वार्ड आज भी पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक हर वार्ड तक आवश्यक सुविधाएँ नहीं पहुँच जातीं, तब तक उनकी आवाज़ उठती रहेगी और वे सभी वंचित वार्डों के लिए अपने हकों का संघर्ष जारी रखेंगे।1
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा विधायक दल के नेता और मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री माधव आनंद ने 24 जून को पटना में बिहार सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मधुबनी मुख्यालय में 'मिथिला हाट' की स्थापना संबंधी एक विस्तृत प्रस्ताव पर चर्चा की। श्री आनंद ने मंत्री को अवगत कराया कि मिथिला क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, लोककला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। उन्होंने तर्क दिया कि मधुबनी में 'मिथिला हाट' की स्थापना से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। श्री आनंद ने 'मिथिला हाट' को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि मिथिला की कला, संस्कृति, परंपरा और आर्थिक स्वावलंबन का एक सशक्त केंद्र बताया, जिससे मधुबनी और समूचे मिथिलांचल को पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान मिलेगी। माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यकता पड़ने पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से भी आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने बैठक के दौरान ही पर्यटन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे आवश्यक कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करें और प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री माधव आनंद ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से यह जनभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र के विकास एवं सांस्कृतिक उत्थान का नया अध्याय लिखेगी।4
- मधुबनी के बारा बाजार में लक्ष्मी साह राधा कृष्ण ज्वेलर्स स्थित है।1
- भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बार फिर जोरदार आवाज उठाई गई है। मैथिल परशुराम सेना के बैनर तले कई प्रमुख व्यक्तियों, जिनमें समाजसेवी इंद्र शेखर झा, नलिनी रंजन झा, विजय श्री टुन्ना, राजेश कुमार झा उर्फ मोहन और राजू झा शामिल हैं, साथ ही डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान और मनोज मिश्रा जैसे नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इन सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान यह भी साफ तौर पर कहा गया कि 'न्याय के बिना लोकतंत्र अधूरा है, सत्य सामने आना चाहिए', जो इस मामले में न्याय और सच्चाई को सामने लाने की प्रबल इच्छा को दर्शाता है।1
- बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस की कार्रवाई ने विवाद बढ़ा दिया है, जहाँ देर रात कथित तौर पर गेट तोड़कर गिरफ्तारियाँ की गईं। पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को एक भीषण अग्निकांड से दहल उठी, जब अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं। यह व्यावसायिक भवन एक कोचिंग सेंटर के रूप में भी संचालित हो रहा था, जो घटना के दौरान छात्रों के लिए 'मौत का जाल' बन गया। जान बचाने के प्रयास में कई छात्रों को खिड़कियों से कूदने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप 15 छात्रों की मौत हुई। इस अग्निकांड में कई अन्य घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।1