केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थल सेना प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वे आगामी 30 जून को भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उप सेना प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं और उनके पास लगभग चार दशक का विशाल सैन्य अनुभव है। अपने लगभग चार दशक के सैन्य करियर में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी सीमा और रेगिस्तानी क्षेत्रों सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य मोर्चों पर नेतृत्व किया है। उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, सेना मुख्यालय और विभिन्न रणनीतिक पदों पर उनके अनुभवों को भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने NDA, IMA, DSSC, Army War College और National Defence College जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उन्हें अपनी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कई सैन्य सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।
केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थल सेना प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वे आगामी 30 जून को भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उप सेना प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं और उनके पास लगभग चार दशक का विशाल सैन्य अनुभव है। अपने लगभग चार दशक के सैन्य करियर में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी सीमा और रेगिस्तानी क्षेत्रों सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य मोर्चों पर नेतृत्व किया है। उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, सेना मुख्यालय और विभिन्न रणनीतिक पदों पर उनके अनुभवों को भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने NDA, IMA, DSSC, Army War College और National Defence College जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उन्हें अपनी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कई सैन्य सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।
- केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थल सेना प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वे आगामी 30 जून को भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उप सेना प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं और उनके पास लगभग चार दशक का विशाल सैन्य अनुभव है। अपने लगभग चार दशक के सैन्य करियर में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी सीमा और रेगिस्तानी क्षेत्रों सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य मोर्चों पर नेतृत्व किया है। उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, सेना मुख्यालय और विभिन्न रणनीतिक पदों पर उनके अनुभवों को भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने NDA, IMA, DSSC, Army War College और National Defence College जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उन्हें अपनी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कई सैन्य सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।1
- जमुई जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने झाझा प्रखंड के नगर परिषद कार्यालय में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य विषय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली की "वीर परिवार सहायता योजना-2025" रहा, जिसका उद्देश्य सेवारत एवं सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों, अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों को निःशुल्क तथा प्रभावी विधिक परामर्श और सहायता प्रदान करना है। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता श्री राकेश राज और पाराविधिक स्वयंसेवक अविनाश कुमार पांडे ने किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को योजना के उद्देश्यों और इससे मिलने वाली विस्तृत सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि यह योजना सैनिकों और उनके परिवारों को संपत्ति विवाद सहित विभिन्न प्रकार के मामलों में निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराती है, जिसमें ऑनलाइन परामर्श, मध्यस्थता और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे सैनिकों को छुट्टी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती और उनके समय की बचत होती है। पीड़ित सैनिक, अर्धसैनिक बलों के जवान या उनके परिजन नालसा की वेबसाइट, जिला सैनिक बोर्ड या राज्य सैनिक बोर्ड के सहयोग से स्थापित लीगल एड क्लीनिक में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इन आवेदनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार को अग्रसारित किया जाता है, जहाँ प्राधिकार के सचिव संज्ञान लेकर मामलों के निष्पादन के लिए पैनल अधिवक्ताओं को अधिकृत करते हैं। श्री राकेश राज ने लोगों से इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाने और अधिक से अधिक लोगों को इसके बारे में जागरूक करने की अपील की। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित मध्यस्थता कार्यक्रम और स्थायी लोक अदालत के माध्यम से मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निष्पादन की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर वार्ड संख्या-2 के वार्ड आयुक्त श्री हारो पासवान और नगर परिषद झाझा के उपाध्यक्ष श्री विपिन शाह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाई जा रही निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- जामुई में आम जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ने भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया है। यह कार्रवाई आम जनता पार्टी के स्थानीय नेतृत्व द्वारा की गई है।1
- राजद प्रमुख माननीय लालू यादव के जन्मदिन के अवसर पर संगीतकार गौतम जी ने संगीत के माध्यम से अपनी बात कही। इस मौके पर उन्होंने संगीत के जरिए क्या संदेश दिया, यह जानने की जानकारी साझा की गई है।1
- एक घटनाक्रम में, राष्ट्रगान के दौरान अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली। इस दौरान, मंच पर बैठे बड़े नेताओं की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।1
- बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने एक कथित शराब माफिया के ठिकाने पर बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस जब घर के भीतर पहुंची, तो वहां बने गुप्त तहखाने को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि पुलिस को लंबे समय से अवैध शराब कारोबार से जुड़े इनपुट मिल रहे थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घर के भीतर बने तहखाने और अन्य संदिग्ध व्यवस्थाओं की जांच की। पुलिस पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है और बरामद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- खैरा में हुए एक भीषण ट्रक हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई है। यह हृदय विदारक घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके फुटेज सामने आने के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है।1
- जमुई में टोला सेवकों ने सरकार के खिलाफ अपना शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार विरोधी नारे भी जमकर लगाए।1